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पत्थरचट्टा के 2 पत्ते खालो, 100 साल बुढ़ापा, कमजोरी, थकान, शुगर कोलेस्ट्रॉल, मोटापा, दिल की बीमारियाँ नहीं होंगी

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पत्थरचट्टा

औषधीय गुणों से भरपूर पत्थरचट्टा (Patharchatta) का पौधा शरीर को अनेक रोगों से मुक्त करने में मददगार है। बरसों से पत्थरचट्टा का उपयोग किडनी से और मूत्र विकारों से जुड़ी समस्याओं को दूर करने में किया जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं यह केवल पथरी के इलाज या पेट से विषाक्त पदार्थों को बाहर नहीं निकलता बल्कि ये शरीर को कई तरीकों से लाभ पहुंचा सकता है। आज हम इस लेख में उन्हीं लाभों का वर्णन करेंगे। आज हम आपको इस लेख के माध्यम से आपको बताएंगे कि पत्थरचट्टा किन तरीकों से सेहत के लिए फायदेमंद (Patharchatta Benefits) हैं। साथ ही हम जानेंगे इसके सेवन से शरीर को किन नुकसानों ((Patharchatta Side effects) का सामना करना पड़ सकता है। 

पत्थरचट्टा से होने वाले फायदे (health benefits of pattharchatta)

पत्थरचट्टा के सेवन से सेहत को अनेक फायदे मिल सकते हैं। जानते हैं इन फायदों के बारे में…

1 – सिर दर्द को दूर करें पत्थरचट्टा (patharchatta for headache)

जो लोग सिरदर्द से परेशान रहते हैं वे पत्थरचट्टा के माध्यम से अपने इस दर्द को दूर कर सकते हैं। पत्थरचट्टा का बना लेप ना केवल सिर दर्द को कम करता है बल्कि माइग्रेन की समस्या को भी दूर करता है। इसके लिए आपको पत्थरचट्टा के पत्ते को पीसना होगा और उसका लेप अपने माथे पर लगाना होगा। ऐसा करने से सर दर्द दूर हो जाएगा।

2 – घाव को भरने में मददगार है पत्थरचट्टा (patharchatta for wounds)

अगर शरीर पर कोई घाव लग जाए या कोई निशान हो, जिसके चलते आपको शर्मिंदगी का सामना करना पड़ता है तो उसे दूर करने में पत्थरचट्टा का उपयोग किया जा सकता है। इसके अंदर ना केवल घाव भरने के गुण पाए जाते हैं बल्कि यह निशान की समस्या से भी निजात दिलाता है। इसके लिए सबसे पहले पत्थरचट्टा के पत्तियों को गर्म करके उन्हें हाथों से मसलना होगा। अब अपने घाव पर बने लेप को लगाएं, ऐसा करने से न केवल घाव जल्दी भरते हैं बल्कि निशान भी दिखने बंद हो जाते हैं। यह फोड़े, लालिमा, सूजन को ठीक करने में बेहद मददगार है।

3 – योनि संक्रमण से बचाने में मददगार है पत्थरचट्टा (patharchatta for vaginal discharge)

वेजाइनल डिसचार्ज होने के कारण महिलाओं को कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसके कारण अकसर योनि के संक्रमित होने की आशंका भी बढ़ जाती है। लेकिन इस समस्या को दूर करने में पत्थर चट की मदद ली जा सकती है। पत्थरचट्टा से बना काढ़ा इस समस्या यानी योनि स्राव कम करने में बेहद मददगार है। काढ़ा बनाने के लिए आपको पत्थरचट्टा के पत्ते में 2 ग्राम शहद को मिलाना होगा। इसका सेवन आप 1 दिन में एक या दो बार करना होगा। ऐसा करने से योनि स्राव कम हो जाएगा। साथ ही योनि संक्रमण का खतरा भी कम हो जाएगा।

4 – खूनी दस्त से राहत दिलाए पत्थरचट्टा (patharchatta for Bleeding diarrhoea)

बता दें कि पत्थरचट्टा के पत्ते रक्त को रोकने में बेहद मददगार है। वहीं खूनी दस्त में राहत भी पत्थरचट्ट के पत्ते से मिल सकती है। इसके लिए आपको पत्थरचट्टा की पत्तियों का रस निकालना होगा और रस में जीरा और घी को मिलाकर उसका सेवन करना। होगा ऐसा करने से खूनी दस्त में राहत मिलेगी।

5 – रक्तचाप को नियंत्रित रखें पत्थरचट्टा (pattharchatta for hypertension)

उच्च रक्तचाप यानी हाइपरटेंशन। जो लोग हाई बीपी से परेशान रहते हैं उन्हें बता दें कि पत्थरचट्टा के सेवन से वे अपनी समस्या को दूर कर सकते हैं। इसके लिए पत्थरचट्टा की पत्तियों से बने रस का सेवन 1 दिन में दो से तीन बार करें। ऐसा करने से हाइपरटेंशन में राहत मिलेगी।

6 – किडनी स्टोन से बचाए पत्थरचट्टा (patharchatta for kidney stone)

पथरी को दूर करने के लिए पत्थरचट्टा का उपयोग काफी पुराना और प्रसिद्ध है। इसके लिए आपको पत्थरचट्टा का काढ़ा तैयार कर उसमें शहद और शिलाजीत को मिलाना होगा और फिर मिश्रण का सेवन थोड़े थोड़े समय में करना होगा। ऐसा करने से पथरी की समस्या दूर हो जाएगी।

7 – फोड़े के इलाज के लिए अच्छा है (patharchatta for boils)

शरीर पर लालिमा, उभर आना या फोड़े से परेशान लोग पत्थरचट्टा के उपयोग से इस समस्या को दूर कर सकते हैं। इसके लिए पत्थरचट्टा के पत्ते का अर्क निकालें और उसे उससे फोड़े या लालिमा पर लगाएं। ऐसा कम से कम दिन में दो या तीन बार करें। बता दें कि इस लेप को प्रभावित जगह पर लगाने से ना केवल फोड़े की समस्या दूर होती है बल्कि इसकी लालिमा भी दूर होती है। बता दें कि जलन और सूजन को कम करने में ये बेहद लाभकारी है।

8 – आंखों के लिए लाभकारी (patharchatta for eye problem)

आंखों में दर्द रहने की समस्या से अक्सर लोग परेशान रहते हैं। ऐसे में बता दें कि यदि आप भी इन लोगों में से एक है तो पत्थरचट्टा के माध्यम से इस समस्या को दूर किया जा सकता है। इसके लिए आपको पत्थरचट्टा के पत्तों का रस निकालकर अपनी आंखों के चारों ओर लगाना होगा। ऐसा करने से आंखों के सफेद हिस्से में जो दर्द हो रहा है वह दूर हो जाएगा।

9 – दांतो के दर्द को करें दूर पत्थरचट्टा (patharchatta for toothache)

बता दें कि पत्थरचट्टा के अंदर एंटीवायरस और एंटीबैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं जो मुंह को साफ रखने के साथ-साथ दांतो के दर्द को भी दूर करने के लिए उपयोगी हैं। बरसों से पत्थरचट्टा का उपयोग दांत के दर्द को दूर करने की पारंपरिक दवाई के रूप में किया जा रहा है।

अगर आपको पथरी की समस्या है तो पत्थरचिट्टा आपकी सेहत के लिए रामबाण औषधि है। इसके लिए आपको पत्थरचट्टा के पत्तों का गुनगुने पानी के साथ सेवन करना है। ऐसा रोज करने से आपको पथरी की समस्या से राहत मिलेगी। अच्छे परिणाम के लिए इसके 2 पत्तों का खाली पेट सेवन करें। अगर आप पत्थरचिट्टा के रस में सौंठ का चूर्ण मिलाकर सेवन करते हैं तो पेट दर्द से भी राहत पा सकते हैं। ये पेट से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने के लिए भी प्रयोग में लाया जाता है।

किडनी की समस्या को दूर करता है पत्थरचट्टा

मूत्र विकारों (urinary disorders) को दूर करने के लिए आयुर्वेद में सदियों से पत्थरचट्टा का इस्तेमाल हो रहा है। अगर आप इसका काढ़ा पीते हैं तो पेशाब में जलन, रुक-रुक पेशाब आने जैसी परेशानियां दूर हो सकती हैं। इसके अलावा पत्थरचट्टा बवासीर की समस्या को दूर करने के लिए भी उपयोगी माना जाता है।

​घाव और सूजन के लिए मरहम

स्किन पर हुए किसी भी तरह की सूजन, घाव और या मुंदी चोट का इलाज भी आप पत्थरचट्टा के जरिए कर सकते हैं। इसके लिए आपको पत्थरचिट्टा के 4-5 पत्तों को पीसकर लेप बनाना है और संक्रमित वाली जगह पर लगाना है जिससे आपका घाव और सूजन को कम करने में राहत मिलेगी। इस लेप से आप शरीर पर हुए रैशेज या खुजली की समस्या को भी ठीक कर सकते हैं।

​वेजाइनल इंफेक्शन को ठीक करता है

महिलाएं आमतौर पर वजाइनल इंफेक्शन की समस्या से जूझती हैं। इसमें उनके जेनिटल या कहें प्राइवेट एरिया में खुजली, जलन के साथ-साथ वेजाइनल डिस्चार्ज होता है। इस परेशान को दूर करने के लिए पत्थरचट्टा उपयोगी हो सकता है। इसके लिए आपको इसके पत्तों को उबालकर काढ़ा पीना है और स्वाद के लिए आप इसमें शहद मिला सकते हैं।

​खूनी दस्त और हाई BP वालों के लिए लाभकारी

पत्थरचट्टा उन लोगों के लिए भी लाभकारी है जो खूनी दस्त की समस्या से परेशान हैं। इसके लिए आप इसके पत्तों से रस निकालें। फिर उसमें चुटकी भर पीसा हुआ जीरा पाउडर और आधा चम्मच देशी घी मिलाएं। इस मिश्रण का दिन में दो बार सेवन करने से आप खूनी दस्त से राहत पा सकते हैं। इसके अलावा हाई ब्‍लड प्रेशर को कंट्रोल करने में भी पत्थरचट्टा का रस फायदेमंद है।

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