All Ayurvedic

फूड पॉइजनिंग के लक्षण और घरेलू उपचार

फूड पॉइजनिंग के लक्षण और घरेलू उपचार

Spread the love
फूड पॉइजनिंग

अभी तक तो आप समझ ही गए होंगे कि खाना या पेय दोनों पदार्थ गंदा या संक्रमित हो तो फूड पॉइजनिंग होने की संभावना होती है। वैसे तो फूड पॉइजनिंग के अधिकांश मामले कुछ ही दिनों में ठीक हो जाते हैं, लेकिन शिशुओं, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों में फूडप्वाइजनिंग होने से रोकने की कोशिश करनी चाहिए, क्योंकि इससे इनके सेहत को काफी नुकसान पहुँचता है। ये ऐसी बीमारी है जिसका इलाज आप एक-दो दिन में या फिर हफ्ते में खुद ही कर सकते हैं।

फूड पॉइजनिंग के लक्षण

–पेट में तेज दर्द होने लगता है।

-हर 15 से 20 मिनट के अंतराल में उल्टी होने लगती है।

–दस्त होने लगते हैं।

-खाना पचता नहीं है, कुछ भी खाने से वह तुरंत उल्टी के रूप में बाहर निकल जाता है।

–सिर दर्द होने लगता है।

-शरीर बहुत ज्यादा थका हुआ और कमजोर महसूस होने लगता है। जिससे शरीर बेजान -सा लगने लगता है।

-शरीर का तापमान बढ़ने लगता है अर्थात् बुखार हो जाता है।

फूड पॉइजनिंग से बचने के उपाय

फूड प्वाइजनिंग से बचने के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना ज़रूरी होता है, जैसे-

-खाना बनाने से पहले अपने हाथों को साबुन से गुनगुने पानी में अच्छे से धो लें।

-भोजन के बर्तन, बोर्ड व अन्य सतहों को साबुन से गर्म पानी में धोएं।

-बाजार से खरीददारी करते समय कच्चे मांस, चिकन और मछली आदि को अन्य खाद्य पदार्थों से दूर रखें क्योंकि इससे क्रॉस कोन्टामिनेशन होता है।

-कच्ची हरी साग-सब्जियों को पकाने से पहले या फिर खाने से पहले जरूर धोएं।

-भोजन को तब तक पकाएं जब तक उसके विषैले तत्व बाहर न निकल जाएं।

-खाना को हमेशा साफ कंटेनर में ही रखें।

-भोजन करने के तुरंत बाद भोजन को फ्रिज में रखें।

-ऐसा खाना न खाए जो कहीं देर से खुले में रखा हुआ हो और उसमें से महक आने लग गई हो। इसके अलावा अगर पैकेट पर डेट एक्सपायर हो गई हो तब भी उसे न खाएं।

-टॉयलेट से आने के बाद अपने हाथों को साबुन से जरूर धोयें।

-अगर आपको घर में पालतू जानवर है तो भी उसे छूने के बाद हाथों को धोएं।

-ट्रैवल के दौरान अपने साथ घर का बना गरम खाना ही ले जाएं। ठंडा और कच्चा खानां तब तक न रखें जब तक वह छिलके वाला न हो।

फूड प्वाइजनिंग से राहत पाने के घरेलू उपचार

आम तौर पर फूड प्वाइजनिंग से निजात पाने के लिए लोग सबसे पहले घरेलू नुस्ख़ों को ही आजमाते हैं।  यहां हम पतंजली के विशेषज्ञों द्वारा पारित कुछ ऐसे घरेलू उपायों के बारे में बात करेंगे जिनके प्रयोग से फूड पॉइजनिंग के कष्ट से आराम पाया जा सकता है।

फूड प्वाइजनिंग के उपचार में ज्यादा से ज्यादा ध्यान इस बात पर दिया जाना चाहिए कि मरीज के शरीर में पानी की कमी न हो। इसलिए इससे लक्षण नजर आने पर ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं, साथ ही सूप, पतली खिचड़ी, नारियल पानी, चावल का पानी, इलेक्ट्रॉल पाउडर का घोल आदि देने से शरीर हाइड्रेटेड रहता है।

फूड प्वाइजनिंग में जीरे का इस्तेमाल भी बहुत फायदेमंद होता है। जीरे का इस्तेमाल पेट की सूजन और पीड़ा को कम करने का बहुत ही गुणकारी घरेलू उपाय है। इसके लिए एक चम्मच जीरे को भूनकर पीस लें और अपने सूप में मिलाकर इस्तेमाल करें।

कुछ तुलसी के पत्तों के रस में एक चम्मच शहद मिला लें। इसके इस्तेमाल के मरीज के अवस्था के अनुसार कुछ घंटों के भीतर ही कष्ट से राहत मिलने की संभावना रहती है।

केला पोटेशियम का स्रोत है। केला फूड प्वाइजनिंग से जल्दी ठीक होने और उसके प्रभाव को कम करने का बहुत ही प्रभावशाली उपाय है। इसके लिए केले को दही में मैश करके खाना चाहिए।

नींबू के रस की एसिडिटी फूड प्वाइजनिंग के बैक्टीरिया को समाप्त करता है। इसलिए इसे  फूड प्वाइजनिंग में लाभकारी मानते हैं। इसके लिए एक नींबू का रस निचोड़कर उसमें एक चुटकी चीनी मिलाकर इसका सेवन दवा की तरह करने से परिणाम बेहतर मिलता है। इसके अलावा नींबू को आप अपनी चाय में भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

अपने क्षारीय गुण के कारण सिरका, विशेष रूप से एप्पल साइडर विनेगार पेट में बैक्टीरिया पनपने से रोकता है। इससे  फूड प्वाइजनिंग के प्रभाव को तेजी से कम किया जा सकता है।

पुदीना चाय सिर्फ अरोमाथैरेपी नहीं है बल्कि पेपरमिंट तेल अपने सुखदायक प्रभाव के लिए बेहद फायदेमंद होता है। जब कभी पेट में दर्द के साथ ऐंठन हो तो, चाय में इसकी कुछ बूंदे डालकर पीने से जल्द आराम मिलता है।

फूड प्वाइजनिंग में हमें डॉक्टर से जल्द से जल्द सम्पर्क करना चाहिए। निम्नलिखित लक्षण दिखने पर डॉक्टर से तुरंत सम्पर्क करना बेहतर होता है-

Please Like and Share Our Facebook Page
Herbal Medicines

Find US On Instagram
Herbal Medicines

Find US On Twitter
Herbal Medicines

50 से ज्यादा बिमारियों का इलाज है हरसिंगार (पारिजात)

गहरी और अच्छी नींद लेने के लिए घरेलू उपाय !!

गेंहू जवारे का रस, 300 रोगों की अकेले करता है छुट्टी

मात्र 16 घंटे में kidney की सारी गंदगी को बाहर निकाले

किसी भी नस में ब्लॉकेज नहीं रहने देगा यह रामबाण उपाय

गुर्दे की पथरी निकालने के 10 घरेलू इलाज

दाद खाज खुजली को ठीक करने के घरेलू इलाज

मिर्गी का आयुर्वेदिक इलाज – Mirgi (Epilepsy) Ka Ayurvedic ilaj

पेशाब का रंग बताता है शरीर की दिक्कत, ध्यान देने की जरूरत

This Post Has 30 Comments

Leave a Reply