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जोड़ों से लेकर कमर तक, हर दर्द से मिलेगा आराम, बस अपनाएं ये एक आसान घरेलू उपाय

जोड़ों से लेकर कमर तक, हर दर्द से मिलेगा आराम, बस अपनाएं ये एक आसान घरेलू उपाय

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Back pain home remedies in Hindi – क्या आप भी कमर दर्द से परेशान हैं? क्या आप दवाईयां खा खा कर थक गए हैं? कमर दर्द कोई रोग नहीं है. यह आज की तेज रफ़्तार ज़िंदगी की देन है. इस का सब से महत्वपूर्ण कारण मानसिक दबाव है. क्योंकि हम सदा हर काम जल्दबाज़ी में ख़त्म करना चाहते हैं, जिस कारण शरीर और दिमाग़ जल्दी थक जाते हैं. कसरत की अनुपस्थिति कारण गलत ढंग के साथ उठने-बैठने और चलने साथ कमर दर्द होता है.

जोड़ों से लेकर कमर तक, हर दर्द से मिलेगा आराम, बस अपनाएं ये एक आसान घरेलू उपाय

45-50 साल के उम्र में अक्सर आपको जोड़ों और कमर दर्द की परेशानी होती है। इसके साथ-साथ कई बार एड़ी, कोहनी और रीढ़ की हड्डियों में भी दर्द की समस्या सुनने मिलती है। इस उम्र में आपके शरीर में कैल्शियम, विटामिन डी और आयरन की कमी हो जाती है। इससे आपकी हड्डियां भी कमजोर पड़ जाती है। इन सभी की वजह से आपको दर्द का सामना करना पड़ता है।

इससे बचने के लिए जरूरी होता है कि आप अपने डाइट में कैल्शियम और आयरन वाली चीजों को शामिल करें। इसमें आप अपने खाने में दूध, मछली, ब्रोकली, अखरोट, आंवला और खजूर जैसी चीजों को नाश्ते में खाएं। इसके अलावा इससे राहत पाने के लिए आप एक छोटा सा घरेलू उपाय भी करें। इससे आपको इन सभी दर्द से आराम मिलेगा। जानिए क्या है वो तरीका।

चूना को करें खाने में शामिल
चौकिए मत! ये उपाय आपको जोड़ों के दर्द के साथ-साथ रीढ़ और कोहनी के दर्द के साथ ही अर्थाराइटिस जैसी बीमारी से भी राहत दिलाएगा। बस इसे सही तरीके से इस्तेमाल करने की जरूरत है। आप एक गेहूं के दाने के बराबर चूना लें। इसे आप आधा कप दाल, दही, मठ्ठे या पानी के साथ मिलाकर पिएं। कुछ वक्त तक इसके इस्तेमाल से आपको दर्द से आराम मिलेगा। हां, इसके इस्तेमाल के वक्त क्वांटिटी का पूरा ख्याल रखें। चूने की जितनी क्वांटिटी बताई गई है उतना ही रखें।

ये घरेलू उपाय भी आएंगे काम
इसके अलावा आप चाहे तो मेथी दाने की भी मदद ले सकते हैं। इसके लिए हर रोज सोने से पहले एक छोटा चम्मच मेथी दाना एक कप पानी में भिगो दें। सुबह उठकर पानी छानकर मेथी दाने अलग कर लें। अब इन दोनों को अच्छी तरह चबा चबाकर खाएं। साथ ही इससे बने पेस्ट का भी इस्तेमाल करें। इसके दाने को पीसकर पेस्ट बना लें और दर्द वाले हिस्से पर इसे लेप की तरह लगाएं। सूखने पर इसे हटा लें। इसके अलावा रेग्युलर एक्सरसाइज भी करें।

ये अयुर्वेदिक नुस्खे आप की कमर दर्द के लिए रामबाण साबित हो सकते हैं. हम आप को कमर दर्द के लिए कुछ घरेलू नुस्खे बता रहे हैं, जिस का इस्तेमाल कर, पुराने से पुराना कमर दर्द भी ठीक हो जायेगा.

गेहूं और खसखस
Back pain home remedies in Hindi – 60 ग्राम गेहूं के दाने ले लीजिये और रात भर के लिए इन्हें पानी में भिगो दीजिये। अगली सुबह, 30 ग्राम खसखस और 30 ग्राम धनिया की गिरी ले कर, गेहूं के दाने के साथ मिक्सर में इसका मिश्रण बना लें। अब इस मिश्रण को दूध में पका कर इसकी खीर बना लें। एक हफ्ते में इस चटनी का एक से दो बार सेवन करें। इस से आप की कमर का दर्द ठीक हो जायेगा और ताकत भी बढ़ेगी। यह आप के पाचन तंत्र को स्ट्रांग बना देगा। (ये भी देखें क्या आप अजवायन के ये फायदे जानते हैं?)

मिश्री और खसखस
Back pain home remedies in Hindi – मिश्री और खसखस को गर्म दूध के साथ लेने से भी कमर दर्द ठीक हो जाता है। कमर दर्द (back pain) में चावल, माह, Oily Food और मैदे की चीजों का सेवन न करें। कमर दर्द में ठंडा पानी न पिएं।

तुलसी
Back pain home remedies in Hindi – तुलसी के पत्ते और एक छोटी या बड़ी इलायची को पानी में उबाल लें। ये पानी ठंडा होने के बाद इसका सेवन करने से कमर दर्द से राहत मिलती है। सुबह चाय का सेवन न करें। चाय की बजाए आप गुनगुने पानी में शहद का सेवन कर सकते हैं।

अखरोट गिरी
Back pain home remedies in Hindi – जोड़ों के दर्द, गठिया या कमर दर्द (back pain) में अगर नियमित रूप से रोज़ सुबह आप खाली पेट अखरोट की 3-4 गिरियों का सेवन करते हैं तो आप को दर्द से रहत मिल सकती है। एक से दो हफ्ते इस का सेवन कर के देखें आप राहत महसूस करेंगे। (जरुर पढ़ें मोटापा कम करने के तरीके)

पीठ (कमर) के दर्द से छुटकारा पाने के 16 घरेलू उपाय

पीठ में दर्द के कारण

  • भारी वज़न उठाना
  • गलत मुद्रा
  • नींद में परेशानी
  • बुखार आदि समायें
  • गठिया
  • गर्भावस्था
  • धूम्रपान
  • उम्र

पीठ में दर्द के लक्षण

  • शरीर का बढ़ा हुआ तापमान
  • पीठ में सूजन
  • असीमित पीठ दर्द
  • पीठ का सुन्न पड़ जाना
  • अत्यधिक बैठने पर ये दर्द बढ़ जाता है

आइये आपको बताते हैं कि इस दर्द से निजात पाने के घरेलू उपाय क्या हैं?

1. हल्दी

हल्दी में कर्कुमिन नामक योगक पाया जाता है जिसमें एंटीइंफ्लेमेटरी गुण होते हैं और दर्द से निजात पाने की क्षमता भी होती है। हल्दी के ये गुण उसे दर्द का निवारण करने में अत्यधिक कारगार बनाते हैं। (पढ़ें: हल्दी के प्राकृतिक गुण)

सामग्री:
  • 1 चम्मच हल्दी
  • 1 गिलास गर्म दूध
कैसे इस्तेमाल करें?
  • हल्दी को दूध के गिलास में मिला लें।
  • इस मिश्रण को पी लें।

इसे दिन में कम से कम दो बार लें। (पढ़ें: हल्दी दूध पीने के फायदे)

2. बर्फ पैक

बर्फ में एंटीइंफ्लेमेटरी और एनलजेसिक गुण पाए जाते हैं जो इसे अच्छा दर्द निवारक बनाते हैं।

सामग्री:
  • आइस पैक
कैसे इस्तेमाल करें?
  • आइस पैक को पीठ के निचले हिस्से में लगायें और 15-20 मिनट तक लगा रहने दें।

इसे दिन में एक से दो बार लगायें। यदि आपके पीठ के ऊपरी हिस्से में दर्द है, या पीठ और कधें में दर्द है, तो आप बर्फ का यहाँ इस्तेमाल कर सकते हैं।

3. गर्म गद्दी (हीटिंग पैड)

गर्म गद्दी (हीटिंग पैड) में एनलजेसिक गुण पाये जाते हैं जो इसे दर्द और मोंच से छुटकारा पाने में अत्यधिक उपयोगी बनाते हैं।

सामग्री:
  • गर्म गद्दी
कैसे इस्तेमाल करें?
  • गर्म गद्दी को पीठ के निचले हिस्से पर लगायें और 25-30 मिनट तक लगा रहने दें।

इसे दिन में कम से कम एक बार लगायें।

4. अदरक

जिंजरोल अदरक के सक्रिय घटकों में से एक है। इसके एंटीइंफ्लेमेटरी और दर्द निवारक प्रभाव के कारण इसे प्रयोग किया जाता है।

सामग्री:
  • 1-2 इंच अदरक
  • 1 कप गर्म पानी
  • शहद(ऐच्छिक)
कैसे इस्तेमाल करें?
  • अदरक को गर्म पानी में 5-10 मिनट के लिए गर्म कर लें।
  • स्वाद के लिए शहद डालें और ठंडा होने से पहले इसका सेवन कर लें।
  • आप अदरक के तेल से मालिश भी कर सकते हैं।

इसे दिन दो बार प्रयोग करें। हालाँकि यहाँ ध्यान रहे कि आप इसका सेवन नियंत्रण में करें वरना अदरक के नुकसान भी हो सकते हैं।

5. तुलसी की पत्तियां

तुलसी के अनेक औषधीय गुण हैं, जो कमर दर्द में राहत देने का काम करता है।

सामग्री:
  • 1-2 चम्मच तुलसी की पत्तियां
  • 1 कप गर्म पानी
  • शहद(ऐच्छिक)
कैसे इस्तेमाल करें?
  • तुलसी की पत्तियों को गर्म पानी में 10 मिनट के लिए गर्म कर लें।
  • स्वाद के लिए शहद डालें और ठंडा होने से पहले इसका सेवन कर लें।
  • आप तुलसी की पत्तियों के तेल से मालिश भी कर सकते हैं।

आप इस चाय को दिन में 2-3 बार पी सकते हैं।

6. लहसुन

लहसुन में सेलेनियम और कैप्सैसिन के कारण एंटीइंफ्लेमेटरी और एनलजेसिक गुण होते हैं जो दर्द से राहत पाने में उपयोगी होते हैं।

सामग्री:
  • 8-10 लहसुन की कलियाँ
  • 1 साफ़ तौलिया
कैसे इस्तेमाल करें?
  • लहसुन की कलियों को पीसकर पेस्ट तैयार कर लें।
  • इस पेस्ट को प्रभावित स्थान पर लगा लें और साफ़ तौलिये से ढक लें।
  • इसे 25-30 मिनट तक लगा रहने दें और फिर गीले कपडे से पोंछ लें।
  • इसके स्थान पर आप 2-3 लहसुन की कलियों को सुबह चबा भी सकते हैं।

इसे प्रक्रिया को दिन में कम से कम 2 बार करें।

7. आवश्यक तेल

लैवेंडर का तेल

लैवेन्डर तेल के एंटीस्पास्मोडिक और एनाल्जेसिक गुणों से दर्द और मांसपेशियों की ऐंठन से राहत में मदद मिलती है, जबकि इसके एंटीइंफ्लेमेटरी गुण सूजन को कम करने में मदद कर सकते हैं।

सामग्री:
  • लैवेंडर के तेल की 3-4 बूँदें
कैसे इस्तेमाल करें?
  • लैवेंडर के तेल को प्रभावित स्थान पर लगायें।
  • हलके से मालिश करें।

इसे दिन में दो बार दोहराएं।

पुदीने का तेल

पुदीने का तेल भी एंटीस्पास्मोडिक गुण प्रदर्शित करता है, जो मांसपेशियों की ऐंठन से राहत में मदद कर सकता है।

सामग्री:
  • पुदीने के तेल की 5-6 बूँदें
  • 1 बड़ा चम्मच नारियल का तेल या ओलिव ओइल
कैसे इस्तेमाल करें?
  • पुदीने के तेल की कुछ बूंदों को नारियल के तेल या ओलिव ओइल के साथ मिला लें।
  • इस मिश्रण को प्रभावित स्थान पर लगायें।

इसे दिन में दो बार दोहराएं।

8. अन्य तेल

अरंडी का तेल

अरंडी के तेल में रिकिनोलिक एसिड होता है जो एंटीइंफ्लेमेटरी और एनाल्जेसिक गुण प्रदर्शित करता है। यह न केवल पीड़ा के साथ आने वाली सूजन का इलाज करता है, बल्कि रिकवरी भी तेज़ी से करता है।

सामग्री:
  • 1 बड़ा चम्मच अरंडी का तेल
कैसे इस्तेमाल करें?
  • अरंडी के तेल को हल्का गर्म करके इससे प्रभावित स्थान पर मालिश करें।
  • इसे रात भर लगा रहने दें।

इसे दिन में एक बार लगायें।

ओलिव ओइल

ओलिव ओइल में एंटीइंफ्लेमेटरी और एनलजेसिक गुण पाए जाते हैं जो दर्द निवारण में अत्यधिक उपयोगी होते हैं।

सामग्री:
  • 1 बड़ा चम्मच ओलिव ओइल
कैसे इस्तेमाल करें?
  • ओलिव ओइल को गर्म करके अपनी पीठ पर लगा लें।
  • इसे रात भर लगा रहने दें।

इसे दिन में कम से कम एक बार करें।

9. सेंधा नमक

सेंधा नमक, जिसे मैग्नीशियम सल्फेट भी कहा जाता है, इसमें मौजूद मैग्नीशियम की उच्च मात्रा के कारण एंटीइंफ्लेमेटरी गुण दिखाती है। मैग्नीशियम भी दर्द से राहत में सहायक हो पाया।

सामग्री:
  • 1-2 कप सेंधा नमक
  • 1 बाल्टी पानी
कैसे इस्तेमाल करें?
  • सेंध नमक पानी की बाल्टी में डाल लें।
  • इस पानी में 15-20 मिनट अपने शरीर को डाल लें।

इसे प्रक्रिया हफ्ते में 3 बार दोहराएं।

10. मेथी

मेथी अपने प्राकृतिक एंटीइंफ्लेमेटरी गुणों के कारण जाना जाती है। कुछ शोध में दर्द निवारक के रूप में भी सफल पाया गया है।

सामग्री:
  • 1 चम्मच पीसी हुई मेथी
  • 1 गिलास गर्म पानी
  • शहद (ऐच्छिक)
कैसे इस्तेमाल करें?
  • मेथी के चूर्ण को गर्म पानी में डाल लें।
  • इसे पी लें।
  • आप इसमें स्वाद के लिए शहद भी डाल सकते हैं।

इसे प्रक्रिया को हर रात दोहराना लाभदायक होगा।

11. गर्म पानी से स्नान

गर्म पानी का स्नान न सिर्फ आपको आराम देता है अपितु पीठ का दर्द ठीक करने में भी लाभदायक होता है। गर्म पानी से स्नान के परिणाम गर्म गद्दी से होने वाले परिणामों के सामान ही होते हैं। 

गर्मी का एनलजेसिक प्रभाव जब पानी के चिकित्सीय गुणों के साथ मिल जाता है तो इससे आपका दर्द और सूजन दोनों ही कम हो जाता है।

12. कैमोमाइल चाय

कैमोमाइल चाय को इसके एंटीइंफ्लेमेटरी और दर्द निवारक गुणों के कारण हर्बल एस्पिरिन भी कहा जाता है। इन गुणों से ये दर्द, सूजन आदि की समस्याओं को दूर कर देता है। 

सामग्री:
  • 1 चम्मच सूखी हुई कैमोमाइल
  • 1 कप गर्म पानी
  • शहद (ऐच्छिक)
कैसे इस्तेमाल करें?
  • सूखी हुई कैमोमाइल को 5-10 मिनट तक 1 कप पानी में गर्म कर लें। 
  • स्वाद के लिए शहद डालें और इसके ठंडा होने से पहले इसे पी लें। 

इसे प्रतिदिन में कम से कम दो बार पीयें। 

13. दूध

दूध में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जिसके कारण ये दर्द निवारक की तरह काम करता है। इसमें कैल्शियम भी होता है जिसके कारण ये हड्डियों को मज़बूत कर देता है ताकि उनमें दोबारा दर्द न उभरे। (पढ़ें: दूध पीने के फायदे)

सामग्री:
  • 1 गिलास दूध
कैसे इस्तेमाल करें?
  • रोज़ एक गिलास दूध गर्म करके उसे पी लें। 

इसे प्रतिदिन एक से दो बार पीयें। आप दूध में शहद डालकर भी पी सकते हैं।

14. अनानास

अनानास में ब्रोमेलैन नामक पदार्थ प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। इस पदार्थ में एंटीइंफ्लेमेटरी और एनलजेसिक गुण होते हैं जो इसे दर्द निवारक क्षमता प्रदान करते हैं। 

सामग्री:
  • 1/2 कप अनानास
  • 1 कप पानी
कैसे इस्तेमाल करें?
  • अनानास को पानी के साथ पीस लें।
  • इसे रोज़ पीयें। 
  • इसके स्थान पर आधा कप अनानास भी खा सकते हैं।  

इसे प्रतिदिन एक बार लें। 

15. एलो वेरा का रस

एलो वेरा एक औषधीय पौधा होता है जिसमें दर्द निवारक क्षमता होती है और वह पीठ के दर्द में राहत देता है। 

सामग्री:
  • 1/4-1/2 एलो वेरा का रस
कैसे इस्तेमाल करें?
  • एलो वेरा के रस को रोज़ पीयें।
  • इसके स्थान पर आप एलो वेरा का जेल अपनी पीठ पर लगा भी सकते हैं।  

16. विटामिन्स

कई विटामिन पीठ के दर्द के निवारण में उपयोगी पाए गये हैं। विटामिन बी12 अपने एंटीइंफ्लेमेटरी और एनलजेसिक गुणों के कारण आपकी पीठ को आराम देकर आपके दर्द को कम कर देता है।

विटामिन सी, डी और ई अपने एंटीओक्सीडैन्ट और एंटीइंफ्लेमेटरी गुणों के कारण पीठ के दर्द के कई लक्षणों को दूर करते हैं और आपके सम्पूर्ण स्वास्थ्य बनांये रखते हैं। 

इन विटामिन्स को लेने का सबसे उचित तरीका इन्हें अपने आहार में शामिल करना होता है लेकिन यदि आप सप्लीमेंट का प्रयोग कर रहे हैं तो उससे पहले अपने चिकित्सक से परामर्श अवश्य ले लें।

कमर दर्द में आपको मानसिक परेशानी से बचना चाहिए. खुद को खुश रखने का प्रयास करें. कुर्सी पर अधिक समय तक बैठ कर काम करना हो, तो अपने पैरों के नीचे फुट-रैस्ट रखना ना भूलें. कम एड़ी वाले जुत्ते या चप्पल का प्रयोग करनी चाहिए. संतुलित पौशटिक आहार पर और ज्यादा ज़ोर देना चाहिए. कमर दर्द के दिनों में किसी भी तरह की कसरत या व्यायाम डॉक्टर की सलाह लेकर ही करें.

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