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बाजरा के फायदे !!

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मां के दूध को बढ़ाने के लिए बाजरा का उपयोग पारंपरिक रूप से किया जाता है। लेंकिन इसके अभी तक कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं मिले हैं कि यह मां के दूध में वृद्धि कर सकता है। कई उपयोगकर्ता यह मानते हैं कि इसमें उपस्थित लैक्टोजेनिक  गुणों के कारण यह महिलाओं में दूध उत्पादन को बढ़ाता है।

आप अपने घावों का उपचार करने के लिए बाजरा और पानी के मिश्रण का उपयोग कर सकते हैं। बाजरा कोलेजन की वृद्धि करने के लिए जाना जाता है जो घाव का उपचार करने में मदद करता है। एक अध्यन से पता चलता है कि कुछ दिन तक नियमित रूप से बाजरा का उपयोग करने से चूहों के घाव को जल्दी ठीक करने में सफलता मिली है।

एंटीऑक्सीडेंट और फिनोलिक्‍स जो बाजरा में अच्‍छी मात्रा में होते हैं जो बढ़ती उम्र के प्रभाव को रोकने के लिए जाने जाते हैं। बाजरा में एंटीमाइक्रोबायल और एंटी-इन्फ्लामेट्री गुण भी होते हैं जो उम्र बढने के कारण कोशिकाओं की क्षति को कम करते हैं। अध्ययनों से पता चला है कि बाजरा में पाए गए पॉलीफेनॉल, कोलेजन के उत्पादन को बढ़ाते हैं और आपकी त्वचा को स्वस्थ व युवा बनाए रखने में मदद करते हैं। इसके साथ ही बाजरा आपके पाचन तंत्र को ठीक करने के साथ ही यह आपकी नींद की गुणवत्ता को भी सुधारता है।

फाइबर की अच्‍छी मात्रा होने के कारण बाजरा को वजन कम करने वाले आहारों की सूची में शामिल किया जाता है। बाजरा का सेवन करने से आपको ऊर्जा मिलती है और यह लंबे समय तक आपकी भूख नियंत्रित करता है। इसके अलावा बाजरा में कोलेस्ट्रॉल को कम करने और इंसुलिन संवेदनशीलता बढ़ाने की क्षमता के कारण यह आपके वजन को कम करने में मदद करता है।

दूध के मुकाबले बाजरा में कैल्शियम की मात्रा अधिक होती है जो आपके शरीर की हड्डियों के निर्माण में बहुत ही सहायक होता है। कैल्शियम के बिना आपकी हड्डियां भंगुर और कमजोर हो सकती हैं। चूंकि आपका शरीर कैल्शियम नहीं बना सकता है, इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि आप इस तरह के खनिज पदार्थों की पूर्ति अपने आहार के माध्यम से करें। बाजरा में मैग्‍नीशियम भी अच्छी मात्रा में होता है जो आपकी हड्डियों को स्वस्थ रखने में मदद करता है। इसके अलावा कुछ अध्ययन से पता चलता है कि मैग्‍नीशियम फ्रैक्चर और ऑस्टियोपोरोसिस के खतरे को कम करने में आपकी मदद करता है।

कुछ अध्ययन बताते हैं कि पित्ताशय की पथरी के गठन को रोकने में अघुलनशील फाइबर बहुत ही उपयोगी होता है। ऐसे बहुत से मामले हैं जो यह बताते हैं कि बाजरा और अन्य फाइबर से युक्त खाद्य पदार्थ का सेवन करने से गैल्‍स्‍टोन का खतरा कम होता है। फाइबर की उचित मात्रा में सेवन करने से आंतों के पारगमन समय मे कमी आती है जिसके कारण यह पित्त एसिड के स्राव को भी कम करता है जो गैल्‍स्‍टोन को बनने से रोकने में मदद करता है।

महिलाओं के लिए एनीमिया  रोग बहुत ही घातक होता है और यह उनकी मृत्यु का कारण भी बन सकता है। बाजरा का सेवन कर एनीमिया के प्रभाव को कम किया जा सकता है। बाजारा मे मौजूद फौलिक एसिड, फोलेट और आयरन लाल रक्तकोशिकाओं के निर्माण के महत्त्वपूर्ण घटक होते हैं और हीमोग्‍लोबिन को पर्याप्त स्तर पर बनाए रखने में मदद करते हैं। बाजरा में तांबा भी अच्छी मात्रा में होता है जो खून में लाल रक्त कोशिकाओं को बढ़ाने में मदद करता है।

मुक्त कण  ऑक्‍सीडेटिव क्षति के लिये जिम्‍मेदार होते हैं और ऑक्‍सीडेटिव क्षति कैंसर जैसी कई बीमारियों का कारण होता है। बाजारा एक एंटीऑक्‍सीडेंट समृद्ध खाद्य पदार्थ है जिसमें कार्सेटिन, सेलेनियम और पैंटोथेनिक एसिड होता है जो शरीर में कैंसर कोशिकाओं की वृद्धि को रोकने का काम करते हैं।

कई बीमारियों का कारण मधुमेह (diabetes) होता है, पिछले कुछ वर्षो में मधुमेह आम बीमारी का रूप ले चुका है। ऐसा माना जाता है कि जो लोग बाजरा को अपने आहार में शामिल करते हैं उन्हें डायिबिटीज होने का खतरा बहुत ही कम होता है। बाजरा में मैग्‍नीशियम बहुत ही अच्‍छी मात्रा में पाया जाता है जो शरीर को इंसुलिन (insulin) का अच्छी तरह से उपयोग करने में मदद करता है और मधुमेह के प्रभाव को कम करता है। बाजरा का नियमित सेवन कर आप अपने शरीर में बढ़ते शुगर की मात्रा को नियंत्रित कर सकते हैं। फाइबर कई बिमारियों के लिए एक फायदेमंद तत्व है जो हमारे शरीर मे कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने और धमनियों को अवरुद्ध होने से रोकने का सबसे अच्छा तरीका है। बाजरा में उपस्थित फाइबर शरीर की सफाई करने और खराब कोलेस्ट्रॉल  से छुटकारा दिलाने में मदद करता है। यह आपके शरीर को विभिन्न बिमारियों से बचाने का काम भी करता है। कोलेस्ट्रॉल को कम करने के लिए बाजरा का सेवन फायदेमंद होता है।

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