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भूटान ने नहीं रोका था भारत के गांव का पानी, भूटान ने सफाई दी

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भूटान ने नहीं रोका

भूटान ने नहीं रोका था भारत के गांव का पानी। चीन और नेपाल के बाद भूटान से जो टेंशन देने वाली खबर आई थी उसकी हवा निकल गई है। पता चला है कि भूटान पर जो भारतीय गांव का पानी रोकने के आरोप लग रहे थे वे सिर्फ एक गलतफहमी का हिस्सा थे, जिसे अब दूर कर लिया गया है। भूटान ने खुद इसपर सफाई दी, जिसपर असम के अधिकारी ने भी मुहर लगाई। भूटान ने ये अलग-अलग तस्वीरें जारी की हैं और बताया कि पानी रोका नहीं गया था बल्कि मिट्टी और कंकरों से रुक गया था, जिसे साफ किया गया है।

भूटान को लेकर खबरें थीं कि उसने भारत के गांव का पानी रोका है। यह गांव असम में पड़ता है। लेकिन अब भूटान ने सफाई जारी की है और ऐसी खबरों को गलत बताया। असम के चीफ सेक्रटरी संजय कृष्णा ने भी कहा कि भूटान के पानी रोकने जैसा कुछ नहीं है। भूटान ने तस्वीरें जारी कर बताया है कि जिस गंदगी की वजह से पानी रुका था उसे साफ कर दिया गया है।

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भूटान पर लगा था असम का पानी रोकने का आरोप

दरअसल, खबरें थीं कि भूटान ने असम के बक्सा जिले के किसानों का पानी रोक दिया है। वहां तो किसानों ने सड़क उतरकर विरोध तक करना शुरू कर दिया था।

​भूटान ने अपनी सफाई में क्या कहा

भूटान के पानी रोकने की खबरें आने के बाद उसने सफाई दी। भूटान के विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर एक बयान जारी किया। लिखा था कि उन्होंने पानी नहीं रोका और ऐसी खबरें गलत हैं। बताया गया कि पानी में मिट्टी, कंकर की वजह से फ्लो रुका था, जिसे ठीक किया गया। इसके साथ तस्वीरें भी जारी की गईं।

दूर हो गई गलतफहमी

भूटान की तरफ से बयान आने के बीच ही असम के चीफ सेक्रटरी संजय कृष्णा का बयान भी आ गया। कहा गया कि पानी भूटान ने नहीं रोका था, वह मिट्टी, कंकर की वजह से रुक गया था। कृष्णा ने बताया कि भूटान को इस बारे में जैसे ही बताया गया उन्होंने इसे तुरंत साफ करवाया।

​सिंचाई के लिए इस्तेमाल होता है पानी

असम के बक्सा जिले में किसान 1953 के बाद से ही अपने धान के खेतों की सिंचाई भूटान से निकलने वाली नदियों के पानी से करते रहे हैं।

उठने लगे थे सवाल

भूटान से जुड़ी ऐसी खबरें आने के बाद भारत सरकार पर सवाल उठने लगे थे। कर्नाटक कांग्रेस ने मोदी की विदेश नीति पर निशाना साधा था। बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी तक ने सवाल उठाए थे।

भूटान के वित्त मंत्री बोले- हमने नहीं रोका भारत का पानी, भारत के किसान हमारे मित्र

भूटान द्वारा भारतीय सीमा पर असम में सिंचाई के लिए पानी छोड़ना बंद करने की खबरों में कोई सच्‍चाई नहीं है। इस मुद्दे पर भूटान सरकार की ओर से सफाई दी गई है कि उनके देश से असम की ओर जाने वाले पानी की सप्‍लाई को रोका नहीं गया है, वो पहले की तरह ही जारी है।

भूटान के वित्त मंत्री ने फेसबुक पोस्ट में कहा, ‘भूटान से भारतीय राज्य असम तक पानी रोका नहीं गया है। पानी का प्रवाह स्थानीय लोगों के साथ जारी है, ताकि सुनिश्चित किया जा सके कि सिंचाई के साधन उपलब्ध हैं। भारत के हमारे किसान मित्रों को दैफाम-उदलगुरी, समरंग-भंगातर, मोटोंगा-बोकाजुले और समद्रपोंगखार से पानी की निरंतर आपूर्ति की जा रही है।’

असम के मुख्‍य सचिव कुमार संजय कृष्‍णा ने भी भूटान द्वारा पानी रोके जाने की खबरों का खंडन किया। उन्‍होंने बताया, ‘भूटान के साथ असम के जिले का बॉर्डर है। भूटान के पहाड़ से जो नॉर्दन चैनल है, वहां पानी आता है खेतों के लिए। लेकिन लॉकडाउन होने के कारण वो जो चैनल साफ नहीं हो पाया था। वहां काफी पत्‍थर जमा हो गए थे, जिसकी वजह से पानी रुक गया था।

ऐसे में जब हमारे भूटान से बात की, तो इसके तुरंत बाद चैनल को साफ किया गया है। अब पानी खेतों में आना शुरू हो गया है। भूटान और भारत के बीच कोई समस्‍या नहीं है। इसलिए, उन खबरों में कोई सच्‍चाई नहीं है जिनमें यह दावा किया जा रहा है कि भूटान ने भारतीय किसानों के खेतों में आने वाले पानी को रोक दिया है।

इससे पहले सूत्रों के हवाले से खबर आई कि भूटान की ओर से मरम्‍मत का काम चल रहा है, इसलिए पानी का सुचारू प्रवाह नहीं हो रहा है। सूत्रों ने बताया कि भूटानी पक्ष की ओर से इस मुद्दे पर कहा गया है कि उनकी ओर से पानी नहीं रोका गया है। दरअसल, असम में पानी के सुचारू प्रवाह को सुनिश्चित करने के लिए चैनलों में मरम्मत का काम किया जा रहा है।

क्‍या है मामला ?

गुरुवार को खबर आई कि चीन के दबाव में असम के करीब भूटान ने भारतीय सीमा पर सिंचाई के लिए पानी छोड़ना बंद कर दिया है। इससे सीमावर्ती 25 गांवों के हजारों किसानों पर संकट आ गया है। गुवाहाटी में सूत्रों के अनुसार, धान की रोपाई के लिए मानव निर्मित सिंचाई प्रणाली ‘डोंग’ को बाधित किए जाने के खिलाफ किसानों ने विरोध प्रदर्शन किया है। सीमावर्ती क्षेत्र में भूटान और भारत के किसान इस सिंचाई प्रणाली का उपयोग वर्ष 1953 से करते आ रहे हैं।

लेकिन थिंपू में भूटान सरकार के अखबार के संपादक तेंजिंग लांगसांग ने विवादित बयान देते हुए कहा कि भूटान ने भारत की ओर जाने वाले सिंचाई के सारे पानी को रोक लिया है। उन्होंने कई ट्वीट करते हुए कहा कि हर साल भूटान असम के किसानों को पानी का रुख मोड़ने देता था, ताकि वह सिंचाई के लिए कुछ पानी जुटा सकें। लेकिन अब सीमाएं सील कर दी गई हैं। इससे सीमावर्ती किसान घबरा गए, लेकिन अब बात साफ हो गई है।

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