You are currently viewing छाछ है धरती का अमृत, कैसे ??

छाछ है धरती का अमृत, कैसे ??

Spread the love

१० काली मिर्च को पीसकर १ गिलास छाछ में मिलाकर रोजाना १ बार जब तक पीलिया का रोग रहे, पिलाते रहने से आराम आता है।

छाछ में अजवाइन का चूर्ण मिलाकर पीने से पेट के कीड़े मर जाते हैं।

रोजाना सुबह-शाम २००-२०० मिलीलीटर छाछ पीने से निम्नरक्तचाप सामान्य हो जाता है।

छाछ में शक्कर और कालीमिर्च को मिलाकर पीने से पित्त के कारण होने वाला पेट का दर्द शांत हो जाता है।

छाछ में ग्वारपाठे के बीजों को मिलाकर दाद पर लगाने से दाद ठीक हो जाता है।

छाछ में गुड़ मिलाकर पीने से मूत्रकृच्छ का रोग मिट जाता है।

खाली पेट होने के कारण होने वाले पेट के दर्द में छाछ पीने से लाभ होता है।

१२५ मि.ली. छाछ में  १२ मि.ली. शहद को मिलाकर १ दिन में सुबह, दोपहर और शाम को पीने से दस्त का लगातार आना रुक जाता है।

२४० मिलीग्राम से ३६० मिलीग्राम जायफल को छाछ में मिलाकर पीने से सर का दर्द खत्म हो जाता है।

सफ़ेद दाग के रोग में रोजाना २ बार छाछ पीने से बहुत ही लाभ मिलता है।

ताजी छाछ में बेल के गूदे को मिलाकर पीने से दस्त और खूनी दस्त बंद हो जाते हैं।

Leave a Reply