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चूना खाने के आश्चर्यजनक फायदे, जो शायद आप न जानते हों

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चुना खाने के फायदे और स्वास्थ्य लाभ

श्री राजीव दीक्षित जी के एक व्याख्यान में चूने के गुणों और सेवन के लाभ का वर्णन किया है . चूना जो पान में लगा के खाया जाता है , उसकी एक डिब्बी ला कर घर में रखे . चूना नपुंसकता की सबसे अच्छी दवा है – अगर किसी के शुक्राणु नही बनता उसको अगर गन्ने के रस के साथ चूना पिलाया जाये तो साल डेढ़ साल में भरपूर शुक्राणु बनने लगेंगे . जिन माताओं के शरीर में अन्डे नही बनते उन्हें भी इस चूने का सेवन करना चाहिए . विद्यार्थीओ के लिए चूना बहुत अच्छा है जो लम्बाई बढाता है – गेहूँ के दाने के बराबर चूना रोज दही में मिला के खाना चाहिए, दही नही है तो दाल में मिला के या पानी में मिला के लिया जा सकता है – इससे लम्बाई बढने के साथ साथ स्मरण शक्ति भी बहुत अच्छी होती है ।

चूना यानी लाइमवाटर का आमतौर पर पान के साथ इस्तेमाल किया जाता है। उन कई शहरों में, जहां पानी में कैल्शियम की कमी है, लोग चूना खाकर इसक पूर्ति करते हैं। भोपाल ऐसे शहरों में से एक है। चूना खाने के कई लाभ हैं। यह कई शारीरिक और मानसिक विकारों को दूर करता है। चूना हड्डियों, मेमोरी, गर्भधारण और नपुंसकता संबंधी विकारों में काफी लाभ देता है। आइए जानते हैं चूने के लाभ, जो आप शायद न जानते हों।

सफेद रंग का वो चूना जिसका उपयोग पान में किया जाता है। यह शारीरिक और मानसिक विकारों को दूर करने में सक्षम है, साथ ही चूना खाने के फायदे कई स्वास्थ्य लाभ भी है। चूने को यूँ ही अमृत नहीं कहाँ जाता!! इस एक चूने से 70 बीमारियों का इलाज आज भी संभव है। यह कैल्शियम का सबसे बड़ा स्त्रोत है। अगर इसका उपयोग सही मात्रा व सही तरीके से किया जाए तो यह कठिन से कठिन बीमारियों को दूर करने में आज भी सक्षम है। भोपाल जैसे कई शहरों में जहाँ पानी में कैल्शियम की कमी है वहाँ चूने के द्वारा इसकी पूर्ति की जाती है। यह अपने कठोर गुण के कारण सदियों से विभिन्न कार्यो में प्रयोग किया जा रहा है। आयुर्वेद में भी इसके गुणों की अनेकानेक चर्चा मिलती है।

तो आइये जानते है चूना खाने के फायदे-

1. पीलिया – गेहूँ के दाने के समान चूने की मात्रा को एक गिलास गन्ने के रस में मिलाकर नियमित रूप से पिलाने पर पीलिया ठीक हो जाता है। इसी उपाय से नपुंसकता और गर्भधारण ना कर पाने की समस्या भी दूर होती है। लेकिन इस उपाय को आपको साल से डेढ़ साल तक नियमित करना पड़ेगा।

2. लंबाई व स्मरण शक्ति – दही, दूध, दाल या पानी में गेहूँ के एक दाने के बराबर चूना खाने से लंबाई तो बढ़ती ही है साथ की पढ़ाई में कड़ी मेहनत करने की शक्ति भी मिलती है। इसके प्रयोग से रक्त की कमी दूर होती है और बुद्धि का विकास होता है जिससे स्मरण शक्ति तुलनात्मक रूप से बहुत अच्छी हो जाती है।

3. एनिमिया – सुबह खाली पेट अनार के जूस के साथ चुटकीभर चूने को मिलाकर पीने से रोगी जल्द ही रोगमुक्त हो जाता है। अनार का जूस उपलब्ध ना होने की स्थिति में किसी भी जूस या पानी में भी इसे लिया जा सकता है। इस मिश्रण से बुद्धिबल बढ़ता है और शरीर में अतिरिक्त ऊर्जा का संचार होता है।

4. हड्डियों को दे मजबूती – हमारी हड्डियाँ और दाँत कैल्शियम से निर्मित है अगर कैल्शियम की कमी तो इनमें भी कमजोरी। इस कमी की पूर्ति चूने से सरलता से की जा सकती है। यहाँ तक की टूटी हुई हड्डी को जोड़ने की सबसे अधिक क्षमता चूने में है। आपको याद हो तो आज से 20-25 सालों पहले चूने से ही प्लास्टर किया जाता था। सुबह खाली पेट चूने के सेवन से हड्डियाँ मजबूत होती है, कमर दर्द, पीठ दर्द, कंधे का दर्द, घुटने का दर्द, रीढ़ की हड्डी की सभी समस्या यहाँ तक की सबसे खतरनाक बीमारी स्पॉन्डिलाइटिस की समस्या भी चूने से दूर हो जाती है।

5. पीरियड्स की समस्या – इस दौरान महिलाओं को काफी शारीरिक पीड़ा से गुजरना पड़ता है। चूने के सेवन से मेनोपॉस, गर्भावस्था आदि के समय होने वाली शारीरिक समस्या का भी इलाज है। 40 के बाद महिलाओं को कैल्शियम कार्बोनेट की कमी होने लगती है जो चूने से पूरी की जा सकती है। गेहूँ के दाने के बराबर चूने को भोजन, दाल, लस्सी या पानी में घोलकर लेने से ओस्टीओपोरोसिस होने की संभावना भी खत्म हो जाती है। गर्भवती माँ को कैल्शियम की सबसे ज्यादा जरूरत पड़ती है इसलिए गर्भवती महिलाओं को नौ माह तक एक कप अनार के जूस के साथ गेहूँ दाने के बराबर चूना मिलाकर खिलाने से कुछ इस तरह के फायदे होते है।

  • बच्चे के जन्म के समय माँ को प्रसव पीड़ा कम होगी और नॉर्मल डीलिवरी रहेगी।
  • नवजात शिशु हृष्ट पुष्ट और तंदुरुस्त होगा।
  • बच्चे की रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी यानी बच्चा अपने जीवन में जल्दी-जल्दी बीमार नहीं पड़ेगा।
  • ऐसा बच्चा बचपन से बड़े होने तक अपनी होशियारी और बुद्धिमानी का परिचय देगा।
  • शरीर में कोई कमजोरी या कमी नहीं रहेगी।
  • उसका IQ बहुत अच्छा होगा।

6. कील मुंहासों की समस्या – गेहूँ के दाने के बराबर चूने में जरा सा शहद मिलाकर कील-मुँहासों पर लगाए, जल्द आराम मिलेगा। पोटाश, कॉपर, सल्फेट और सुहागा (सभी पाउडर) में चूना पाउडर मिलाकर लगातार मस्से वाली जगह पर लगाने से जल्द ही मस्सा गायब हो जाता है।

7. दिमागी कमजोरी – जिन बच्चों में उम्र के हिसाब से बुद्धि का विकास नहीं होता या माइंड बराबर काम नहीं करता या सोचने-समझने की शक्ति धीरे काम करती है या उनका हर काम बहुत स्लो है या ऐसे मंदबुद्धि बच्चे जिनमें स्वयं का विकास ना के बराबर है तो चिंता ना करे। चूना ऐसे बच्चों के लिए रामबाण ही नहीं बल्कि अमृत का काम करेगा। ऐसे बच्चे को किसी भी रूप में गेहूँ दाने के बराबर चूना खिलाए, बहुत जल्द अच्छे हो जाएँगे।

8. छाले – मुँह में छाले की समस्या में चूने का पानी पीने से समस्या तुरंत दूर होती है। अगर मुँह में ठंडा-गर्म या झंझनाहट की समस्या है तो चूने का सेवन करे और राहत पाए।

कितनी मात्रा में और कैसे करे चूने का सेवन – गेहूँ के एक दाने के बराबर ही प्रतिदिन चूने का सेवन करे इससे ज्यादा नहीं। खाली पेट इसका सेवन अति उत्तम है। गन्ने के रस में, संतरे के रस में नहीं तो सबसे उत्तम अनार के रस में इसका सेवन किया जा सकता है। किसी भी रस की उपलब्धि ना हो तो दही, लस्सी, दाल, भोजन, दूध,फल या सबसे सरल पानी के साथ इसका सेवन कर सकते है। अगर आपमें खून की बहुत कमी है तो एक कप अनार के जूस में चूना मिलाकर खाली पेट कुछ दिन सेवन करे इससे शरीर में बहुत जल्द खून बनता है। जो भारतीय सिर्फ चूना लगा पान खाते है वे सच में बहुत चतुर है ऐसे लोग महर्षि वाग्भट के अनुयायी है। पान बिना तंबाकू, सुपारी और कत्थे के खाना चाहिए। तंबाकू जहर है तो चूना अमृत और कत्था कैंसर देता है जबकि चूना रोगमुक्ति। अगर पान खाना आपका शौक है तो पान में केसर, लौंग, सौंठ, इलायची, चुटकीभर चुना, गुलकंद, पीपरमेंट, कसा नारियल, सौंफ आदि डालकर खाए।

रक्त की कमी को करता है पूरा
चूना खाना वयस्कों के अलावा बढ़ते बच्चों के लिए भी लाभदायक है। दाल या पानी के साथ चूने के पाउडर का इस्तेमाल करें। अनार के रस के साथ इसका मिश्रण बुद्धिबल बढ़ाता है और शरीर में अतिरिक्त उर्जा का संचार करता है। यह रक्त की कमी को भी पूरा करता है, इसलिए एनिमिक व्यक्ति भी इससे लाभ ले सकते हैं। एनिमिया से पीड़ित व्यक्ति को सुबह खाली पेट, अनार के जूस के साथ चूने के पाउडर का सेवन करना चाहिए। अनार के जूस की अनुपस्थिति में किसी भी रस या पानी से भी इसे खा सकते हैं।

नपुंसकता में फायदेमंद
पुरुषों में नपुंसकता का प्रमुख कारण शुक्राणुओं की कमी माना जाता है। ऐसे पुरुष, चूने के पाउडर का सेवन गन्ने के रस के साथ करें, फायदा होगा। दैनिक रूप से इस्तेमाल करने से धीरे-धीरे शुक्राणुओं की संख्या में बढ़ोतरी होने लगेगी। इसके अलावा, जो महिलाएं भी प्रजनन नहीं कर पा रही हैं और जिसका प्रमुख कारण अंडों की कमी है, भी गन्ने के रस के साथ चूना लें, उन्हें भी इससे लाभ होगा और अंडों की संख्या में वृद्धि होगी।

मासिक धर्म के दौरान लाभ
महिलाओं को माहवारी के दौरान कई तरह की शारीरिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। चूने का सेवन उन्हें इन समस्याओं से मुक्त कर सकता है। साथ ही चूने का सेवन मेनोपॉस, गर्भावस्था आदि के दौरान होने वाली शारीरिक समस्याओं का भी इलाज है। जब महिलाओं, 50 की उम्र पार करती हैं, तो उन्हें कैल्शियम कार्बोनेट की अधिक मात्रा की आवश्यकता होती है और चूने में यह भरपूर है। गर्भवती महिलाओं को भी अनार के रस के साथ चूने के पाउडर के सेवन की सलाह दी जाती है। यह न केवल महिला बल्कि होने वाले बच्चे को लिए भी लाभदायक होता है। होने वाले बच्चे का दिमाग तेज होता है, और डिलीवरी भी आराम से होती है। न केवल गर्भावस्था, बल्कि इसके बाद भी शिशु और मां, दोनों स्वस्थ रहते हैं।

हड्डियों की समस्या का निवारण
हमारे दांत और हड्डियां मूलतः कैल्शियम से बने हुए हैं और इनमें कैल्शियम की कमी, चूने के माध्यम से पूरी हो सकती है। रीढ़ की हड्डी, कंधे, पैरदर्द आदि भी चूने के सेवन से ठीक हो सकते हैं। इसके लिए आप दाल, फल, दही या अन्य खाने वाले पदार्थों के साथ चूने का उपयोग कर सकते हैं।

चूना है बेहतर फेसपैक
चूने का उपयोग चेहरे की चमक बढ़ाने के लिए भी किया जाता है। शहद और चूने ते पाउडर सहित घर में एक फैसपैक बना लें। इसले लिए एक छोटे चम्मच शहद में बड़ा चम्मच चूना पाउडर मिलाएं और अच्छे से मिला लें। इस मिश्रण को फिर चेहरे पर लगाएं। इसे 10 मिनिट तक सूखने दें और फिर ताजा पानी से धो लें। आपकी त्वचा चमकदार और स्वस्थ होगी।

बच्चों की बढ़ाए लंबाई
चूना बच्चों की लंबाई बढ़ाने में भी सहायक है। बच्चों को दही या दाल में गेहूं के आकार का चूना मिलाकर, उन्हें दें, जिससे उन्हें लाभ होगा। चूना बच्चों और वयस्कों के दांतों के लिए भी फायदेमंद है। युवा बच्चों की कील मुंहासों की समस्या में भी यह कारगर है। गेहूं के बराबर दाने वाले चूने को लेकर, इसमें छोड़ा सा शहद मिलाएं और इसे कील मुंहासों वाले स्थान पर लगा लें। लाभ होगा। चूने से आप मस्सा भी ठीक कर सकते हैं। पोटाश, कॉपर सल्फेट और सुहागा (सभी पाउडर) में चूना पाउडर मिलाकर, इसे मस्से वाले स्थान पर लगाएं। लगातार कुछ दिन ऐसा करें, मस्सा बहुत जल्दी गायब हो जाएगा।

पीलिया में फायदेमंद
चूना पीलिया की बीमारी में भी लाभ देता है। लीवर की कार्यप्रणाली खराब होने से पीलिया होता है। गन्ने के रस में चूना पाउडर मिलाएं और रोगी को पिलाएं। ऐसा नियमित कुछ दिन करें, रोगी जल्दी ठीक होगा। फोड़े-फुंसी के इलाज के लिए भी चूने का उपयोग करें। हल्दी पाउडर में एक चम्मच चूना मिलाकर, उसे गर्म कर लें और जब यह हल्का ठंडा हो जाए, तो इसे फोड़े वाले स्थान पर रख दें, जिसके उपर पान का पत्ता बांध लें। समस्या से निजात मिलेगी।

सावधानियां
चूने का उपयोग, कभी भी गेहूं के दाने के बराबर ही करें, इससे अधिक नहीं। सुबह खाली पेट लेने से अधिक लाभ देता है, जिसे आप किसी भी जूस या फिर दही, पानी आदि के साथ ले सकते हैं। इसके अलावा यदि आपको पथरी है तो भी चूने का उपयोग न करें। यह ऐसे रोगियों के लिए हानिकारक है।

 जिन बच्चों की बुद्धि कम है ऐसे मतिमंद बच्चों के लिए सबसे अच्छी दवा है चूना . जो बच्चे बुद्धि से कम है, दिमाग देर में काम करता है, देर में सोचते है हर चीज उनकी स्लो है उन सभी बच्चे को चूना खिलाने से अच्छे हो जायेंगे ।

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बहनों को अपने मासिक धर्म के समय अगर कुछ भी तकलीफ होती हो तो उसका सबसे अच्छी दवा है चूना । मेनोपौज़ की सभी समस्याओं के लिए गेहूँ के दाने के बराबर चूना हर दिन खाना दाल में, लस्सी में, नही तो पानी में घोल के पीना चाहिए . इससे ओस्टीओपोरोसिस होने की संभावना भी नहीं रहती .

जब कोई माँ गर्भावस्था में है तो चूना रोज खाना चाहिए क्योंकि गर्भवती माँ को सबसे ज्यादा केल्शियम की जरुरत होती है और चूना केल्शियम का सबसे बड़ा भंडार है . गर्भवती माँ को चूना खिलाना चाहिए अनार के रस में – अनार का रस एक कप और चूना गेहूँ के दाने के बराबर ये मिलाके रोज पिलाइए नौ महीने तक लगातार दीजिये तो चार फायदे होंगे – पहला फायदा होगा के माँ को बच्चे के जनम के समय कोई तकलीफ नही होगी और नॉर्मल डीलिवरी होगी , दूसरा बच्चा जो पैदा होगा वो बहुत हृष्ट पुष्ट और तंदुरुस्त होगा , तीसरा फ़ायदा वो बच्चा जिन्दगी में जल्दी बीमार नही पड़ता जिसकी माँ ने चूना खाया , और चौथा सबसे बड़ा लाभ है वो बच्चा बहुत होशियार होता है बहुत इंटेलीजेंट और ब्रिलियंट होता है उसका एक बहुत अच्छा होता है .

चूना घुटने का दर्द ठीक करता है , कमर का दर्द ठीक करता है , कंधे का दर्द ठीक करता है, एक खतरनाक बीमारी है स्पॉन्डिलाइटिस वो चुने से ठीक होता है . कई बार हमारे रीढ़ की हड्डी में जो मनके होते है उसमे दूरी बढ़ जाती है गैप आ जाता है जिसे ये चूना ही ठीक करता है . रीढ़ की हड्डी की सब बीमारिया चूने से ठीक होती है . अगर हड्डी टूट जाये तो टूटी हुई हड्डी को जोड़ने की ताकत सबसे ज्यादा चूने में है . इसके लिए चूने का सेवन सुबह खाली पेट करे .

अगर मुंह में ठंडा गरम पानी लगता है तो चूना खाने से बिलकुल ठीक हो जाता है , मुंह में अगर छाले हो गए है तो चूने का पानी पिने से तुरन्त ठीक हो जाता है । शरीर में जब खून कम हो जाये तो चूना जरुर लेना चाहिए , एनीमिया है खून की कमी है उसकी सबसे अच्छी दवा है ये चूना . गन्ने के रस में , या संतरे के रस में , नही तो सबसे अच्छा है अनार के रस में डाल कर चूना ले . अनार के रस में चूना पिने से खून बहुत बढता है , बहुत जल्दी खून बनता है – एक कप अनार का रस गेहूँ के दाने के बराबर चूना सुबह खाली पेट ले .

भारत के जो लोग चूने से पान खाते है, बहुत होशियार है और वे महर्षि वाग्भट के अनुयायी है . पर पान बिना तम्बाखू , सुपारी और कत्थे के ले . तम्बाखू ज़हर है और चूना अमृत है . कत्था केन्सर करता है, पान में सौंठ , इलायची , लौंग , केसर , सौंफ , गुलकंद , चूना , कसा हुआ नारियल आदि डाल के खाए .

अगर घुटने में घिसाव आ गया हो और डॉक्टर कहे के घुटना बदल दो तो भी जरुरत नही चूना खाते रहिये और हरसिंगार ( पारिजातक या प्राजक्ता ) के पत्ते का काढ़ा पीजिये , घुटने बहुत अच्छे काम करेंगे । राजीव भाई कहते है चूना खाइए पर चूना लगाइए मत किसको भी .ये चूना लगाने के लिए नही है खाने के लिए है ; आजकल हमारे देश में चूना लगाने वाले बहुत है पर ये भगवान ने खाने के लिए दिया है ।

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जब कोई माँ गर्भावस्था में है तो चूना रोज खाना चाहिए क्योंकि गर्भवती माँ को सबसे ज्यादा केल्शियम की जरुरत होती है और चूना केल्शियम का सबसे बड़ा भंडार है . गर्भवती माँ को चूना खिलाना चाहिए अनार के रस में – अनार का रस एक कप और चूना गेहूँ के दाने के बराबर ये मिलाके रोज पिलाइए नौ महीने तक लगातार दीजिये तो चार फायदे होंगे – पहला फायदा होगा के माँ को बच्चे के जनम के समय कोई तकलीफ नही होगी और नॉर्मल डीलिवरी होगी , दूसरा बच्चा जो पैदा होगा वो बहुत हृष्ट पुष्ट और तंदुरुस्त होगा , तीसरा फ़ायदा वो बच्चा जिन्दगी में जल्दी बीमार नही पड़ता जिसकी माँ ने चूना खाया , और चौथा सबसे बड़ा लाभ है वो बच्चा बहुत होशियार होता है बहुत इंटेलीजेंट और ब्रिलियंट होता है उसका एक बहुत अच्छा होता है .

सावधानी – अगर आप पथरी की समस्या से पीड़ित है तो चूना किसी भी रूप में ना ले। ऐसे रोगियों के लिए यह नुकसानदायक है।

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