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चूना खाने के जबरजस्त फायदे और स्वस्थ्य लाभ !!

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30 ग्राम चूने को 70 ग्राम मिश्री के साथ खरल करके आधा किलो पानी में मिलाकर कार्कदार शीशी में भरकर कार्क बंद कर दें ! जब पानी निथर निथर जाए तो 15 – 20 बूंद उस पानी में थोड़ा दूध मिलाकर बच्चे को पिलाने से उदर रोग नष्ट हो जाते हैं !

कली के 10 – 12 ग्राम चूने में 30 एम.एल. गोमूत्र मिला – फिर उसमें पिघला मोम डालकर मलहम बनाएं, इसे खाज़-खुज़ली और घावों पर लगाने से बहुत लाभ होता है !

अगर चाकू आदि से गहरा घाव पड़ गया हो तो चूने को मक्खन और सोंठ के साथ मिलाकर घाव में भरने से खून का बहना बंद हो जाता है और घाव ठीक हो जाता है !

अजीर्ण के कारण पेशाब रुक गया हो या पीला पड़ गया हो – खट्टी डकारें आती हों और वमन हो – तो दूध में चूने का पानी मिलाकर पिलाने से लाभ होता है !

रुई के फाहे को चूने के पानी में भिगोकर चेचक के व्रण पर रखने से चेचक के गहरे घाव नहीं पड़ते !

कली के 2 रत्ती चूने का सेवन तुलसी के पत्तों के रस – प्याज अथवा लहसुन के रस के साथ करने से अमाशय के विजातीय द्रव्य मल द्वारा बाहर निकल जाते हैं !

नीम के पत्तों के रस में 1 रत्ती चूना मिलाकर उसकी 1-2 बूंदें कान में डालने और डंक पर बार – बार लगाने से बिच्छू का विष उतर जाता है !

चूने को शहद के साथ पीसकर तिल्ली पर लेप करके ऊपर से अंजीर के पत्ते बांधने से तिल्ली की वृद्धि नष्ट हो जाती  है !

चूने के 20 ग्राम पानी में 100 ग्राम साफ पानी मिलाकर वेजीना को पिचकारी से वाश करने पर श्वेत प्रदर दूर हो जाता है !

जरा से चूने में अलसी का तेल मिलाकर आग से जले हुए स्थान पर लगाएं ! जलन और पीड़ा दूर हो जाएगी !

चूने और नौसादर को मिलाकर सुंघाने से कफ़ एवं वात का सिर दर्द और हर तरह की बेहोशी दूर हो जाती है !

चूना – क्षार – तूतिया और सुहागे को पानी में पीसकर शरीर के मस्से पर लगाएं,  मस्से कुछ ही दिनों में दूर हो  जाएंगे !

This Post Has One Comment

  1. Khushbu

    useful

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