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धतूरे के फायदे !!

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1. जो लोग अनिद्रा की समस्‍या से परेशान हैं वे धतूरा के लाभ प्राप्‍त कर सकते हैं। धतूरा में मौजूद शामक गुण (sedative qualities of datura) अच्‍छी नींद लेने में सहायक होते हैं। इसके अलावा यह हमारी आंतरिक नसों को आराम दिलाने, हार्मोनल रिलीज को प्रेरित करने, सूजन और दर्द को कम करने में भी सहायक होते हैं। धतूरा प्रभावी रूप से अनिद्रा या अन्य नींद की गड़बड़ी से पीड़ित लोगों के लिए आरामदायक नींद दे सकता है। यदि आपको भी पर्याप्‍त नींद लेने में परेशानी हो रही है तो आप भी धतूरा का सेवन कर लाभ प्राप्‍त कर सकते हैं।

2. आप अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ानें के लिए धतूरे का इस्‍तेमाल कर सकते हैं। धतूरा में एस्‍कॉर्बिक एसिड (ascorbic acid) की अच्‍छी मात्रा होती है। इसके अलावा इनमें एंटीऑक्‍सीडेंट (antioxidants) भी उच्‍च मात्रा में होते हैं जिसके कारण यह रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में सहायक होते हैं। इसमें मौजूद औषधीय गुण और घटक रक्‍त की श्‍वेत रक्‍त कोशिकाओं के उत्‍पादन को उत्‍तेजित करता है और शरीर के विभिन्‍न प्रणालियों में मौजूद मुक्‍त कणों को बेअसर करते है। जिससे संक्रमण से लड़ने की शक्ति को बढ़या जा सकता है। इस प्रकार धतूरा का सेवन करने से आप अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा सकते हैं।

3. गर्भावस्‍था या गर्भवती महिला के लिए भी धतूरा के फायदे होते हैं। यदि आप एक विशेष रूप से दर्दनाक गर्भावस्था या प्रसव से पीड़ित हैं, तो एक सामयिक तरीके से धतूरा का उपयोग बहुत उपयोगी हो सकता है। विशेष रूप से यह प्रसव पीड़ा को कम करने में मदद कर सकता है। इस दौरान सामयिक तरीके से धतूरा का उपयोग बहुत ही उपयोगी होता है। प्रसव के बाद जब बच्‍चा मां के शरीर पर सीधे तौर पर निर्भर नहीं होता है तब इस फल का बहुत ही कम मात्रा में सेवन किया जाना चाहिए। इसके अलावा इस दौरान दर्द और मानसिक तनाव से राहत पाने के लिए धतूरा के फल का धुंआ भी लिया जा सकता है।

4. यदि आप बाल झड़ने से परेशान हैं तो धतूरा के बीज का तेल उपयोग कर सकते हैं। यदि आपके पास धतूरे का तेल उपलब्‍ध नहीं है तो सबसे अच्‍छा है कि आप धतूरे के बीजों को पीस कर पाउडर बना लें। फिर इस पाउडर को पानी के साथ मिलाकर एक पेस्‍ट तैयार करें और अपने सिर पर लगाएं। इस मिश्रण को बालों में लगाने से यह बालों के स्‍वास्‍थ्‍य को बढ़ावा देता है और नए बालों को उगने में मदद करता है। लेकिन आपको सलाह दी जाती है कि यदि आप बालों के लिए धतूरा उपयोग करना चाहते हैं तो इसका सेवन न करें बल्कि इसके बीजों को पीसकर अपने बालों में लगाएं।

5. प्रजनन क्षमता को बढ़ाने के लिए पारंपरिक रूप से धतूरा के बीजों का उपयोग प्राचीन समय से किया जा रहा है। पारंपरिक चिकित्‍सा में धतूरा के सबसे लोकप्रिय उपयोगों में से एक यौन ऊर्जा, कामेच्‍छा और प्रजनन क्षमता को बढ़ावा देना है। हालांकि इसके वैज्ञानिक सबूत नहीं हैं। लेकिन ऐसा माना जाता है कि धतूरा का उपयोग धूम्रपान के रूप में करने से यह प्रजनन क्षमता को बढ़ा सकता है। इसके अलावा धतूरा के बीजों को दूध या पानी के साथ सेवन करने प्रजनन आंगों में रक्‍त संचार को भी बढ़ाया जा सकता है। जिससे यौन शक्ति में वृद्धि होती है। यदि आप भी अपनी यौन क्षमता को बढ़ाना चाहते हैं तो धतूरा का उपयोग कर सकते हैं। लेकिन आपको सलाह दी जाती है किसी अनुभवी व्‍यक्ति या आयुर्वेदिक सलाहकार से परामर्श लेकर ही इसका उपयोग करें।

6. शरीर और मन को शांत करने के लिए धतूरा के फायदे जाने जाते हैं। शरीर और मन को शांत करके, यह हृदय प्रणाली को भी आराम दे सकता है। धतूरे के बीज के फायदे दिल के लिए भी होते हैं। यह हृदय प्रणाली को भी आराम दिलाने में सहायक होते हैं। धतूरा उन लोगों के लिए अधिक फायदेमंद होता है जो दिल की अनियंत्रित धड़कन से ग्रसित हैं। जिन लोगों की हृदय गति अचानक तेज या धीमी हो जाती है उनके लिए यह एक प्रभावी औषधी माना जाता है। इसका सेवन करने से रक्तचाप को कम करने (reducing blood pressure) में और एथेरोस्‍क्‍लेरोसिस (atherosclerosis), दिल के दौरे और स्‍ट्रोक (heart attacks, and strokes) की संभावना को भी कम करने में मदद मिलती है। इस तरह से हृदय रोगियों के लिए धतूरा फायदेमंद होता है। लेकिन फिर भी इसका अधिक मात्रा में सेवन करने से बचना चाहिए।

7. आयुर्वेद में बुखार के लक्षणों को कम करने के लिए धतूरा के फल का उपयोग किया जाता है। ऐसा माना जाता है कि धतूरा के औषधीय गुण बुखार के लक्षणों को कम कर सकते हैं। परंपरागत रूप से यह मलेरिया के प्रभाव को कम करने में उपयोग किया जाता है। मलेरिया का उपचार करने के लिए आप धतूरे के फल को आग में जलाएं और इसके बाद इसकी बहुत ही कम मात्रा का सेवन करें। चूंकि धतूरा एक विषैला फल है इसलिए इसका सेवन करने से पहले किसी अनुभवी व्‍यक्ति या आयुर्वेद जानकार से सलाह लेकर ही इसका सेवन करें।

8. जो लोग नियमित रूप से तनाव से ग्रस्त हैं, उनके लिए शरीर में हार्मोन का निर्माण खतरनाक हो सकता है। धतूरा की छोटी मात्रा में धूम्रपान पारंपरिक रूप से मूड में सुधार और अवसाद के लक्षणों से राहत के लिए किया जाता है। इस तरह के लाभ प्राप्‍त करने के लिए धतूरा की बहुत ही कम मात्रा को धूम्रपान के रूप में उपयोग किया जाना चाहिए। क्‍योंकि अधिक मात्रा में इसका उपयोग करने पर यह नुकसानदायक हो सकता है।

9. अब तक के ज्ञात धतूरा के लाभों में यह प्रमुख लाभ है जो मूड को सुधारने (improve mood) और तनाव (stress) को कम करने में प्रभावी होता है। धतूरा का सेवन करने से शरीर में ऐसे हार्मोनों को उत्‍तेजित करने में मदद मिलती है जो तनाव को कम करने और मन को शांत करने में सहायक होते हैं।

10. श्वसन संबंधी समस्‍याओं के लिए धतूरा के लाभ होते हैं। इस समस्‍या के उपाय में धतूरा का उपयोग गांजा (cannabis) के समान धूम्रपान के रूप में किया जाता है। धतूरा में एंटीस्‍पास्‍मोडिक (antispasmodic) प्रभाव होते हैं। जिसके कारण यह अस्‍थमा (asthma) के उपचार में प्रभावी होता है। धतूरा का उपयोग करने पर यह श्वसन पथ को शांत करने और उन्‍हें बंद होने और खांसी आने से रोकता है। धतूरा के एंटीस्‍पास्‍मोडिक प्रभाव शरीर के अन्‍य हिस्‍सों पर भी अपना प्रभाव डालते हैं। जिनमें मांसपेशियों को आराम दिलाना शामिल है।

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