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फिटकरी के रामबाण उपाय – 200 से ज्यादा बिमारियों का इलाज

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फिटकरी के रामबाण उपाय

फिटकरी के रामबाण उपाय सालों से हमारे-आपके घर में फिटकरी का इस्तेमाल होता आ रहा है. फिटकरी में एंटी-बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं. फिटकरी लाल व सफेद दो प्रकार की होती है। दोनों के गुण लगभग समान ही होते हैं। सफेद फिटकरी का ही अधिकतर प्रयोग किया जाता है। यह संकोचक अर्थात सिकुड़न पैदा करने वाली होती है। शरीर की त्वचा, नाक, आंखे, मूत्रांग और मलद्वार पर इसका स्थानिक (बाहृय) प्रयोग किया जाता है। रक्तस्राव (खून बहना), दस्त, कुकरखांसी तथादमा में इसके आंतरिक सेवन से लाभ मिलता है।

दाढ़ी बनाने, बाल काटने के बाद फिटकरी रगडे़ या पानी में गीला कर दाढ़ी पर लगायें। इससे दाढ़ी की त्वचा सुन्दर और स्वस्थ होती है। जहां पर चींटिया व दीमक हो वहां पर सरसों का तेल लगाकर फिटकरी को डालने से चींटियां व दीमक वहां नहीं आती है। कुछ घरों में इसे आफ्टर शेव की तरह इस्तेमाल करते हैं तो कुछ घरों में इसका प्रयोग पानी साफ करने के लिए. आयुर्वेद में भी इसके कई फायदों का उल्लेख किया गया है. ऐसा माना जाता है कि फिटकरी से 200 तरह की समस्याओं को दूर किया जा सकता है.

फिटकरी के रामबाण उपाय जिन्हें जानकर दूर हो जाएंगी आपकी कई परेशानी

फिटकरी देसी इलाज है. सालों से लोग इसका प्रयोग करते आए हैं. इसका कारण है इसमें पाए जाने वाल औषधीय गुण. एक छोटी सी फिटकरी कई तरह से फायदेमंद हो सकती है. फिटकरी कई तरह के इंफेक्शन और घावों को काफी तेजी से ठीक कर सकती है.

फिटकरी के कुछ बेहतरीन फायदे: फिटकरी के रामबाण उपाय

1. चोट लग जाने पर
अगर आपको कोई चोट लग गई हो या फिर घाव हो गया हो और उससे लगातार खून आ रहा हो तो फिटकरी के पानी से घाव को धो लें. इससे खून बहना बंद हो जाएगा. फिटकरी के पानी की जगह आप फिटकरी को महीन पीसकर भी प्रयोग में ला सकते हैं.

2. चेहरे की झुर्रियों को दूर करने में मददगार
अगर आपके चेहरे पर भी झुर्रियां आ गई हैं तो फिटकरी के पानी का इस्तेमाल करना आपके लिए बहुत फायदेमंद रहेगा. आप चाहें तो फिटकरी के एक बड़े टुकड़े को पानी में डुबोकर चेहरे पर हल्के हाथों से मलें. कुछ देर बाद साफ पानी से चेहरा धो लें.

3. पसीने की बदबू दूर करने के लिए
अगर आपको भी बहुत पसीना आता है और आपके पसीने से बदबू भी आती है तो फिटकरी का इस्तेमाल आपके लिए खासतौर पर फायदेमंद रहेगा. फिटकरी का एक महीन चूर्ण बना लें. नहाने से पहले फिटकरी के इस चूर्ण की कुछ मात्रा पानी में डाल दें. इस पानी से नहाने से आपकी ये समस्या दूर हो जाएगी.

4. दांतों की समस्या का कारगर समाधान (फिटकरी के रामबाण उपाय)
फिटकरी में एंटी-बैक्टीरियल गुण होता है. दांत में दर्द और मुंह की बदबू को दूर करने के लिए भी फिटकरी का इस्तेमाल किया जाता है. ये एक नेचुरल माउथवॉश है. दांत दर्द होने पर फिटकरी के पानी से गार्गल करना फायदेमंद रहता है.

5. दमा, खांसी और बलगम की समस्या का समाधान
अगर आपको दमा की शि‍कायत है तो फिटकरी आपकी इस समस्या का रामबाण इलाज है. फिटकरी के चूर्ण को शहद के साथ मिलाकर चाटने से दमा और खांसी में फायदा होता है.

6. सिर की गंदगी और जुंओं को मारने का घरेलू उपाय
अगर आपके सिर में जुंएं पड़ गई हैं तो फिटकरी के पानी से बाल धोना फायदेमंद रहेगा. इसके एंटी-बैक्टीरियल गुण के चलते जुंएं मर जाते हैं और सिर की दूसरी गंदगी भी धुल जाती है.

7. यूरीन इंफेक्शन होने पर
यूरीन इंफेक्शन हो जाने पर भी फिटकरी का इस्तेमाल करना बहुत फायदेमंद होता है. प्रतिदिन फिटकरी के पानी से प्राइवेट पार्ट की सफाई करने से इंफेक्शन का खतरा दूर हो जाता है. इसके अलावा पानी में घुलनशील अशुद्धि को दूर करने के लिए भी फिटकरी का इस्तेमाल किया जाता है.

फिटकरी के विभिन्न उपयोग :

संकोचन: फिटकरी सिकुड़न पैदा करने वाली होती है। त्वचा, नाक, आंख, मूत्रांग और मलदार पर इसका स्थानीय प्रयोग किया जाता है। रक्तस्राव (खून बहना), दस्त, कुकरखांसी तथा दमा में आंतरिक सेवन से लाभ मिलता है।

शराब का नशा: यदि किसी व्यक्ति ने शराब ज्यादा पी ली हो तो 6-ग्राम फिटकरी को पानी में घोलकर पिला दें। इससे शराब का नशा कम हो जाएगा।

बच्चों के रोग: लगभग 800 मिलीग्राम भुनी हुई फिटकरी, 800 मिलीग्राम भुना हुआ सुहागा, 800 मिलीग्राम तूतिया, 800 मिलीग्राम कचिया और 10 ग्राम मिश्री को एक साथ अच्छी तरह से पीसकर शीशी में भरकर रख लें। इस चूर्ण को थोड़ी सा लेकर सलाई से आंखों में लगाने से आंख का माड़ा-फूली और आंखों से धुंधला दिखाई देना दूर हो जाता है।

गले के रोग: खाने का सोडा और खाने का नमक बराबर मात्रा में और थोड़ी सी पिसी हुई फिटकरी मिलाकर शीशी में रख लेते हैं। इस मिश्रण की एक चम्मच मात्रा एक गिलास गर्म पानी में घोल लेते हैं। इस पानी से सुबह उठते और रात को सोते समय अच्छी तरह गरारे करने चाहिए। इससे गले की खराश, टॉन्सिल की सूजन, मसूढ़ों की के रोग और गले में जमा कफ, गले की व्याधि व खांसी नहीं होती है।

जननांगों की खुजली: फिटकरी को गर्म पानी में मिलाकर जननांगों को धोने से जननांगों की खुजली में लाभ होता है।

टांसिल का बढ़ना: टांसिल के बढ़ने पर गर्म पानी में चुटकी भर फिटकरी और इतनी ही मात्रा में नमक डालकर गरारे करें।

किसी भी तरह का खूनी बवासीर होगा ठीक फिटकरी के रामबाण उपाय —

खूनी बवासीर हो और गुदा बाहर आती हो तो फिटकरी को पानी में घोलकर गुदा में पिचकारी देने से लाभ प्राप्त होता है। एक गिलास पानी में आधा चम्मच पिसी हुई फिटकरी मिलाकर प्रतिदिन गुदा को धोयें तथा साफ कपड़े को फिटकरी के पानी में भिगोकर गुदे पर रखें।

10 ग्राम फिटकरी को बारीक पीसकर इसके चूर्ण को 20 ग्राम मक्खन के साथ मिलाकर बवासीर के मस्सों पर लगाने से मस्से सूखकर गिर जाते हैं। फिटकरी को पानी में घोलकर उस पानी से गुदा को धोने खूनी बवासीर में लाभ होता है।

भूनी फिटकरी और नीलाथोथा 10-10 ग्राम को पीसकर 80 ग्राम गाय के घी में मिलाकर प्रतिदिन सुबह-शाम बवासीर के मस्सों पर लगायें। इससे मस्से सूखकर गिर जाते हैं।

सफेद फिटकरी 1 ग्राम की मात्रा में लेकर दही की मलाई के साथ 5 से 7 सप्ताह खाने से रक्तार्श (खूनी बवासीर) में खून का अधिक गिरना कम हो जाता है।

भूनी फिटकरी 10 ग्राम, रसोत 10 ग्राम और 20 ग्राम गेरू को पीस-कूट व छान लें। इसे लगभग 3-3 ग्राम की मात्रा में प्रतिदिन सुबह-शाम खाने से खूनी तथा बादी बवासीर में लाभ मिलता है।

किसी भी तरह का घाव होगा ठीक (फिटकरी के रामबाण उपाय)

फिटकरी को तवे पर डालकर गर्म करके राख बना लें। इसे पीसकर घावों पर बुरकाएं इससे घाव ठीक हो जाएंगे। घावों को फिटकरी के घोल से धोएं व साफ करें।

2 ग्राम भुनी हुई फिटकरी, 2 ग्राम सिन्दूर और 4 ग्राम मुर्दासंग लेकर चूर्ण बना लें। 120 मिलीग्राम मोम और 30 ग्राम घी को मिलाकर धीमी आग पर पका लें। फिर नीचे उतारकर उसमें अन्य वस्तुओं का पिसा हुआ चूर्ण अच्छी तरह से मिला लें। इस तैयार मलहम को घाव पर लगाने से सभी प्रकार के घाव ठीक हो जाते हैं।

फिटकरी, सज्जीक्षार और मदार का दूध इन सबको मिलाकर और पीसकर लेप बना लें। इस लेप को घाव पर लगाने से जलन और दर्द दूर होता है।

भुनी हुई फिटकरी को छानकर घाव पर छिड़कने से घाव से सड़ा हुआ मांस बाहर निकल आता है और दर्द में आराम रहता है।
आग से जलने के कारण उत्पन्न हुए घाव को ठीक करने के लिए पुरानी फिटकरी को पीसकर दही में मिलाकर लेप करना चाहिए।

5 ग्राम फूली फिटकिरी का चूर्ण बनाकर देशी घी में मिला दें, फिर उसे घाव पर लगायें। इससे घाव ठीक हो जाता है।

घावों में रक्तस्राव (घाव से खून बहना):

घाव ताजा हो, चोट, खरोंच लगकर घाव हो गया हो, उससे रक्तस्राव हो। ऐसे घाव को फिटकरी के पानी से धोएं तथा घाव पर फिटकरी को पीसकर इसका पावडर छिड़कने, लगाने व बुरकने से रक्तस्राव (खून का बहना) बंद हो जाता है।

शरीर में कहीं से भी खून बह रहा हो तो एक ग्राम फिटकरी पीसकर 125 ग्राम दही और 250 मिलीलीटर पानी मिलाकर लस्सी बनाकर सेवन करना बहुत ही लाभकारी होता है।

किसी भी अंग से खून बहना: एक ग्राम फिटकरी पीसकर 125 ग्राम दही और 250 मिलीलीटर पानी मिलाकर लस्सी बनाकर पीने से कहीं से भी रक्तस्राव हो, बंद हो जाता है।

नकसीर (नाक से खून बहना):
गाय के कच्चे दूध में फिटकरी घोलकर सूंघने से नकसीर (नाक से खून आना) ठीक हो जाती है। यदि नकसीर बंद न हो तो फिटकरी को पानी में घोलकर उसमें कपड़ा भिगोकर मस्तक पर रखते हैं। 5-10 मिनट में रक्तबंद हो जाएगा। चौथाई चाय की चम्मच फिटकरी पानी में घोलकर प्रतिदिन तीन बार पीना चाहिए।

अगर नाक से लगातार खून बह रहा हो तो 30 ग्राम फिटकरी को 100 मिलीलीटर पानी में मिलाकर उस पानी में कोई कपड़ा भिगोकर माथे और नाक पर रखने से नाक से खून बहना रुक जाता है।

गाय के कच्चे दूध के अन्दर फिटकरी को मिलाकर सूंघने से नाक से खून बहना बंद हो जाता है।

मुंह का लिबलिबापन: काला नमक और फिटकरी समान मात्रा में मिलाकर पीसकर इसके पाउडर से मंजन करने से दांतों और मुंह का लिबलिबापन दूर हो जाता है।

आंखों में दर्द: एक ग्राम फिटकरी, 40 ग्राम गुलाब जल में भिगोकर शीशी में भर लें। इसकी दो-दो बूंद आंखों में प्रतिदिन डालें। इससे आंखों का दर्द, कीचड़ तथा लाली आदि दूर जाएगी। रात को सोते समय आंखों में डालने से तरावट रहती है। इसे रोजाना डाल सकते हैं।

उंगुलियों की सूजन: पानी में ज्यादा काम करने से जाड़ों में उंगुलियों में सूजन या खाज हो जाए तो पानी में फिटकरी उबालकर इससे उंगुलियों को धोने से लाभ होता है।

पायरिया, मसूढ़ों में दर्द, सूजन, रक्त आना: एक भाग नमक, दो भाग फिटकरी बारीक पीसकर मसूढ़ों पर प्रतिदिन तीन बार लगायें। फिर एक गिलास गर्म पानी में पांच ग्राम फिटकरी डालकर हिलाकर कुल्ले करें। इससे मसूढ़े व दांत मजबूत होंगे। इससे रक्त आना और मवाद का आना बंद हो जाएगा।

दांतों का दर्द:

भुनी फिटकरी, सरसों का तेल, सेंधानमक, नौसादर, सांभर नमक 10-10 ग्राम तथा तूतिया 6 ग्राम को मिलाकर बारीक पीसकर कपड़े से छान लें। इससे दांतों को मलने से दांतों का दर्द, हिलना, टीस मारना, मसूढ़ों का फूलना, मसूढ़ों से पीव का निकलना तथा पायरिया रोग ठीक होता है।

फिटकरी को बारीक पीसकर पॉउडर बना लें। इससे प्रतिदिन मंजन करने से दांतों का दर्द जल्द ठीक होता है।

फिटकरी को गर्म पानी में घोलकर लगातार कुल्ला करने से दांत में हो रहे तेज दर्द से जल्द आराम मिलता है।

भुनी फिटकरी 1 ग्राम, कत्था 1.5 ग्राम तथा भुना तूतिया 240 मिलीग्राम इन सबको बारीक पीस छानकर मंजन की तरह बना लें। इसे प्रतिदिन सुबह-शाम इस मंजन से दांतों को मलें। इससे दांत मजबूत होते हैं।

दांत में छेद हो, दर्द हो तो फिटकरी रूई में रखकर छेद में दबा दें और लार टपकाएं दांत दर्द ठीक हो जाएगा।

मलेरिया बुखार में फिटकरी के रामबाण उपाय

एक ग्राम फिटकरी, दो ग्राम चीनी में मिलाकर मलेरिया बुखार आने से पहले दो-दो घंटे से दो बार दें। मलेरिया नहीं आएगा और आएगा तो भी कम। फिर जब दूसरी बार भी मलेरिया आने वाला हो तब इसी प्रकार से दे देते हैं। इस प्रयोग के दौरान रोगी को कब्ज नहीं होनी चाहिए। यदि कब्ज हो तो पहले कब्ज को दूर करें।

लगभग 1 ग्राम फिटकरी को फूले बताशे में डालकर उसे बुखार आने से 2 घंटे पहले रोगी को खिलाने से बुखार कम चढ़ता है।

लगभग 1 ग्राम फिटकरी में 2 ग्राम चीनी मिलाकर मलेरिया बुखार आने से पहले 2-2 घण्टे के अंतराल में 2-2 बार दें। इससे मलेरिया बुखार कम होकर उतर जाता है।

फूली हुई फिटकरी के चूर्ण में 4 गुना पिसी हुई चीनी अच्छी तरह मिला लें। इसे 2 ग्राम की मात्रा में गुनगुने पानी के साथ 2-2 घंटे के अंतर पर 3 बार लें। इससे मलेरिया बुखार में लाभ होता है।

दस्त और पेचिश में फिटकरी के रामबाण उपाय:

फिटकरी 20 ग्राम और अफीम 3 ग्राम को पीसकर मिला लें। सुबह-शाम इस चूर्ण को दाल के बराबर पानी के साथ रोगी को पिलाएं इससे दस्तों में लाभ होगा। फिर तीन घंटे बाद ईसबगोल की भूसी के साथ दें तो पेचिश बंद हो जाएगी और खून का आना भी बंद हो जाएगा।

120 मिलीग्राम फिटकरी को जलाकर शहद के साथ एक दिन में 4 बार पीने से खूनी दस्त और पतले दस्त का आना बंद हो जाता है। खाने में साबूदाने की खीर या जौ का दलिया लें।

1 ग्राम फिटकरी को 1 कप छाछ के साथ एक दिन में 3 बार पीने से गर्मी के कारण आने वाले खूनी दस्तों में लाभ मिलता है।

20 ग्राम फिटकरी और 3 ग्राम अफीम को मिलाकर पीसकर चूर्ण बनाकर रख दें, फिर इस बने चूर्ण को थोड़े से पानी के साथ पीने से दस्त में लाभ मिलता है।

फिटकरी को भूनकर लगभग 2 ग्राम बेल के रस में मिलाकर पीने से लाभ मिलता है।

भुनी हुई फिटकरी को गुलाब के जल के साथ मिलाकर पीने से खूनी दस्त आना बंद हो जाता है।

आंतरिक चोट: चार ग्राम फिटकरी को पीसकर आधा किलो गाय के दूध में मिलाकर पिलाने से लाभ प्राप्त होता है।

सूजाक: सूजाक में पेशाब करते समय जलन होती है। इसमें पेशाब बूंद-बूंद करके बहुत कष्ट से आता है। इतना अधिक कष्ट होता है कि रोगी मरना पसन्द करता है। इसमें 6 ग्राम पिसी हुई फिटकरी एक गिलास पानी में घोलकर पिलाएं। कुछ दिन पिलाने से सूजाक ठीक हो जाता है।

साफ पानी में पांच प्रतिशत फिटकिरी का घोल बनाकर लिंग धोना चाहिए।

फिटकरी, पीला गेरू, नीलाथोथा, हराकसीस, सेंधानमक, लोध्र, रसौत, हरताल, मैनसिल, रेणुका और इलायची इन्हें बराबर लेकर बारीक कूट पीस छान लें। इस चूर्ण को शहद में मिलाकर लेप करने से उपदंश के घाव ठीक हो जाते हैं।

हाथ-पैरों में पसीना आना: यदि पसीना आए तो फिटकरी को पानी में घोलकर इससे हाथ-पैरों को धोएं। इससे पसीना आना बंद हो जाता है।

सूखी खांसी में फिटकरी के रामबाण उपाय :

लगभग 10 ग्राम भुनी हुई हुई फिटकरी तथा 100 ग्राम चीनी को बारीक पीसकर आपस में मिला लें और बराबर मात्रा में चौदह पुड़िया बना लेते हैं। सूखी खांसी में एक पुड़िया रोजाना 125 मिलीलीटर गर्म दूध के साथ सोते समय लेना चाहिए। इससे सूखी में बहुत लाभ मिलता है।

गीली खांसी में फिटकरी के रामबाण उपाय :

10 ग्राम भुनी हुई फिटकरी और 100 ग्राम चीनी को बारीक पीसकर आपस में मिला लें और बराबर मात्रा में 14 पुड़िया बना लें। सूखी खांसी में 125 ग्राम गर्म दूध के साथ एक पुड़िया प्रतिदिन सोते समय लेना चाहिए तथा गीली खांसी में 125 मिलीलीटर गर्म पानी के साथ एक पुड़िया रोजाना लेने से गीली खांसी लाभ होता है।

फिटकरी को पीसकर लोहे की कड़ाही में या तवे पर रखकर भून लें। इससे फिटकरी फूलकर शुद्ध हो जाती है। इस भुनी हुई फिटकरी का कई रोगों में सफलतापूर्वक बिना किसी हानि के उपयोग किया जाता है। इससे पुरानी से पुरानी खांसी दो सप्ताह के अन्दर ही नष्ट हो जाती है। साधारण दमा भी दूर हो जाता है। गर्मियों की खांसी के लिए यह बहुत ही लाभकारी है।

श्वास, दमा में फिटकरी के रामबाण उपाय :

आधा ग्राम पिसी हुई फिटकरी शहद में मिलाकर चाटने से दमा, खांसी में आराम आता है। एक चम्मच पिसी हुई फिटकरी आधा कप गुलाब जल में मिलाकर सुबह-शाम सेवन करने से दमा ठीक हो जाता है।

एक गांठ सोंठ, सफेद फिटकरी का फूला दो ग्राम, हल्दी एक गांठ, 5 कालीमिर्च को चीनी में मिलाकर खाने से श्वास और खांसी दूर हो जाती है।

बारहसिंगा की भस्म 2 ग्राम, भुनी हुई फिटकरी एक ग्राम, मिश्री 3 ग्राम मिलाकर पानी से सुबह के समय पांच दिनों तक लगातार सेवन करना चाहिए। इससे श्वास रोग नष्ट हो जाता है।

आग पर फुलाई हुई फिटकरी 20 ग्राम तथा मिश्री 20 ग्राम इन दोनों को पीसकर रख लें। इस चूर्ण को 1 या 2 ग्राम की मात्रा में प्रतिदिन सुबह के समय सेवन करने से श्वास रोग नष्ट हो जाता है।

फूली हुई फिटकरी 120 मिलीग्राम की मात्रा में मुंह में डाल लें और चूसते रहें। इससे न कफ बनता है और न ही दमा रोग होता है।

फूली हुई फिटकरी और मिश्री 10-10 ग्राम पीसकर रख लेते हैं। इसे दिन में एक-दो बार डेढ़ ग्राम की फंकी ताजा पानी के साथ लेना चाहिए। इससे पुराना दमा भी ठीक हो जाता है। दूध, घी, मक्खन, तेल, खटाई, तेज मिर्च मसालों से परहेज रखना चाहिए। मक्खन निकला हुआ मट्ठा तथा सब्जियों के सूप (रस) आदि लेना चाहिए।

पिसी हुई फिटकरी एक चम्मच, आधा कप गुलाबजल में मिलाकर सुबह-शाम पीने से दमा ठीक हो जाता है।

गर्भपात में फिटकरी के रामबाण उपाय :
पिसी हुई फिटकरी चौथाई चम्मच एक कप कच्चे दूध में डालकर लस्सी बनाकर पिलाने से गर्भपात रुक जाता है। गर्भपात के समय दर्द, रक्तस्राव हो रहा हो तो हर दो-दो घंटे से एक-एक खुराक दें।

बांझपन में फिटकरी के रामबाण उपाय:

मासिक-धर्म ठीक होने पर भी यदि सन्तान न होती हो तो रूई के फाये में फिटकरी लपेटकर पानी में भिगोकर रात को सोते समय योनि में रखें। सुबह निकालने पर रूई में दूध की खुर्चन सी जमा होगी। फोया तब तक रखें, जब तक खुर्चन आती रहे। जब खुर्चन आना बंद हो जाए तो समझना चाहिए कि बांझपन रोग समाप्त हो गया है।

योनि संकोचन में फिटकरी के रामबाण उपाय :

बांझपन की तरह योनि में रूई का फाया रखें तथा फिटकरी पानी में घोलकर योनि को दिन में तीन बार धोएं। इससे योनि सिकुड़कर सख्त हो जाएगी और योनि का ढीलापन समाप्त हो जाएगा।

फिटकरी 30 ग्राम और 10 ग्राम माजूफल को लेकर अच्छी तरह पीसकर चूर्ण बना लें, फिर इस चूर्ण को मलमल के कपड़े में डालकर पोटली बनाकर सोने से पहले रात को योनि में रखने से योनि का ढीलापन दूर होकर सिकुड़ जाती है।

2 ग्राम फिटकरी को 80 मिलीलीटर पानी में घोलकर योनि को धोने से योनि की आकृति कम यानी योनि सिकुड़ने लगती है।

खांसी में फिटकरी के रामबाण उपाय :

आधा ग्राम पिसी हुई फिटकरी को शहद में मिलाकर चाटने से दमा और खांसी में बहुत लाभ मिलता है।

लगभग 60 ग्राम लाल फिटकरी को पीसकर आक (मदार) के दूध में घोंटकर सुखा लें। इसके बाद इसकी भस्म तैयार कर लें। फिर इसे धतूरे के रस में घोंटकर सुखा लें। इसे फिर भस्म करते हैं। इसके बाद इसमें लगभग डेढ़ ग्राम अफीम मिलाकर फिर भस्म करते हैं। यह स्फटिक भस्म खांसी और श्वास (सांस के रोग) को ठीक करती है। इसे पान के रस, अदरक के रस या शहद के साथ खाना चाहिए।

फिटकरी को दरादरा (मोटा-मोटा) पीसकर तवे पर भूनते समय केले के पेड़ के गूदे का पानी 100 ग्राम थोड़ा-2 कर गेरते जाएं फिर इसे उतारकर ठण्डा करके पीस लेते हैं। इसे 1 साल के बच्चे को एक 3 मिलीग्राम तथा 2 साल के बच्चे को 6 मिलीग्राम और 3 साल के बच्चे को 12 मिलीग्राम की मात्रा में सुबह-शाम चटाएं। इससे काली खांसी दूर हो जाती है।

लगभग 120 मिलीग्राम भुनी हुई फिटकरी तथा 120 मिलीग्राम चीनी को मिलाकर सुबह-शाम रोगी को खिलाने से पांच दिनों में ही कालीखांसी दूर हो जाती है। वयस्कों (बालिग व्यक्तियों) को काली (कुकुर) खांसी होने पर उन्हें दुगुनी मात्रा में देना चाहिए। यदि बिना पानी के निगल न सके तो एक-दो घूंट गर्म पानी ऊपर से पिलाना चाहिए।

12 मिलीग्राम भुनी हुई फिटकरी लेकर इसमें 12 मिलीग्राम शक्कर मिलाकर दिन में 3 बार खाने से 5 दिन में ही खांसी ठीक हो जाती है।

120 मिलीग्राम फिटकरी की भस्म को सुबह और शाम लगभग 240 मिलीग्राम काकड़ासिंगी चूर्ण और शहद के साथ सेवन करने से खांसी में बहुत अच्छा लाभ मिलता है।

चने की दाल के बराबर पिसी हुई फिटकरी को गर्म पानी से रोजाना 3 बार लेने से कुकुर खांसी ठीक हो जाती है।

कान में चींटी चली जाने पर: कान में चींटी चली जाने पर कान में सुरसरी हो तो फिटकरी को पानी में घोलकर पीने से लाभ मिलता है।

बिच्छू के काटने पर: बिच्छू के काटने पर फिटकरी को पानी में पीसकर लेप करने से बिच्छू का विष उतर जाता है।

हैजा: आधा गिलास पानी में 5-ग्राम फिटकरी घोलकर सेवन करने से हैजा रोग में लाभ मिलता है।

मुंह के छाले:

फिटकरी को पानी में घोलकर कुल्ले करने से मुंह के छाले ठीक हो जाते हैं।

चौथाई चम्मच फिटकरी, आधा चम्मच नमक लेकर दोनों को एक गिलास पानी में मिलाकर कुल्ले करने से छाले ठीक हो जाते हैं।

सफेद फिटकरी और नीला थोथा बराबर मात्रा में लेकर पाउडर बना लें, फिर रूई का फोये में एक ग्राम पाउडर डालकर मुंह के छाले पर एक मिनट लगाएं रखें। लार थूकते रहें, निगलें नहीं। किसी भी अवस्था में यह पेट में नहीं जाना चाहिए यह मिश्रण विषमकारी होता है। अत: पेट में नहीं जाएं इसकी सावधानी रखनी चाहिए। इसके अलावा दो ग्राम पाउडर एक गिलास पानी में घोलकर कुल्ले भी कर सकते हैं। अंत में साफ पानी से कुल्ला कर लेते हैं। इससे छालों में तुरन्त ही लाभ मिलता है।

सर्पदंश: सर्पदंश रोगी को फिटकरी पानी में घोलकर पिलाना लाभकारी होता है।

घट्टा या आटण: पैरों में कही-कहीं पर पत्थर की तरह सख्त कठोर गांठ सी हो जाती हैं, चलने में दर्द होता है। फिटकरी, हल्दी और सुहागा तीनों बराबर मात्रा में पीसकर रख लेते हैं। इसका थोड़ा पाउडर लेकर पानी में गाढ़ा-गाढ़ा मिलाकर घट्टे (गांठ) पर प्रतिदिन लगाना चाहिए। इससे कुछ ही दिनों में आटण ठीक हो जाएगा। नींबू के रस से आटण को तर (गीलर) रखने से भी आटण ठीक हो जाता है। यह सफल प्रयोग है।

शरीर के अंग-अंग में दर्द: कच्ची फिटकरी और सोडा बाई कार्ब दोनों समान मात्रा मिलाकर पीस लेते हैं। इसकी आधी चम्मच मात्रा गर्म पानी से फंकी लेने से लाभ मिलता है।

शारीरिक दुर्बलता में फिटकरी के रामबाण उपाय : एक किलो फिटकरी अपने शयनकक्ष में रखें इससे मानसिक तनाव दूर होता है तथा दुर्बलता (कमजोरी) दूर होती है।

सेव लोशन: 1 चम्मच फिटकरी को 1 चम्मच पानी में मिला लें। दाढ़ी बनाने के बाद इसे लगाएं। यह सबसे अच्छा सेव लोशन सिद्ध होगा।

हकलाना, तुतलाना में फिटकरी के रामबाण उपाय :

फिटकरी को भूनकर उसका 2 ग्राम चूर्ण रोज रात को सोते समय जीभ पर रखें और 4-5 मिनट बाद कुल्ला कर लें। कुछ महीनों तक इसका प्रयोग करना लाभकारी होता है।

सोते समय मूंग की दाल के बराबर फिटकरी का टुकड़ा मुंह में रखकर सोंये। ऐसा प्रतिदिन करने से तुतलाना ठीक हो जाता है।

चूहे: सफेद फिटकरी कूटकर चूहों के बिल, जहां चूहे रहते हैं, वहां डालने से चूहे भाग जाते हैं।

गले की खराश में फिटकरी के रामबाण उपाय : खाने का सोडा और खाने का नमक बराबर मात्रा में लेकर उसमें थोड़ी सी फिटकरी को मिलाकर शीशी में भरकर रख लेते हैं। इस मिश्रण की एक चम्मच मात्रा एक गिलास गर्म पानी में घोल लें। इस पानी से सुबह उठते और रात को सोते समय अच्छी तरह गरारे करना चाहिए। इससे गले की खराश, टॉंसिल की सूजन, मसूढ़ों की खराबी और गले में जमा कफ नष्ट होने से गले के रोग और खांसी नहीं होती है।

कांच निकलना (गुदाभ्रंश):

कच्ची फिटकरी आधा ग्राम को पीसकर 100 मिलीलीटर पानी में घोलकर गुदा को धोने से गुदाभ्रंश ठीक होता है।

लगभग 1 ग्राम फिटकरी को 30 मिलीलीटर जल में घोल लें। शौच के बाद मलद्वार को साफ करके फिटकरी वाले जल को रूई से गुदा पर लगाएं। इससे गुदाभ्रंश ठीक होता है।

उर:क्षत (सीने में घाव): गुलाबी फिटकरी को महीन पीसकर शहद में मिलाकर चाटने से उर:क्षत (सीने में घाव) मिट जाता है।

जीभ की प्रदाह और सूजन: 350 ग्राम फिटकरी को 1 लीटर पानी में घोलकर गरारे करें। इससे प्रतिदिन सुबह-शाम गरारे करने से लाभ मिलता है।

जुएं का पड़ना: 10 ग्राम फिटकरी के चूर्ण के साथ 1 लीटर पानी मिला लें। इस तैयार घोल से रोजाना बालों को धोने से जुएं मर जाएंगे।

खून में पीव आना (प्याएमिया): लगभग 240 से 480 मिलीग्राम फिटकरी मिश्री या शर्बत के साथ मिलाकर सेवन करने से यह खून में पीव की मात्रा को कम करके खून को साफ करता है।

कैन्सर कर्कट रोग: फिटकरी एक अच्छा रक्तशोधक माना गया है। इसलिए फिटकरी की 480 मिलीग्राम भस्म (राख) सुबह-शाम मिश्री के साथ या मिश्री मिले शर्बत के साथ रोग का सन्देह होते ही देना प्रारम्भ कर दें। सम्भवत: कुछ लाभ हो सकता है।

खून की उल्टी में फिटकरी के रामबाण उपाय : भुनी हुई फिटकरी को सुबह और शाम 1-1 ग्राम पानी से लेने से खून की उल्टी बंद हो जाती है।

योनि रोग में फिटकरी के रामबाण उपाय : फिटकरी अथवा त्रिफला को पानी में डालकर उबाल लें। फिर उसे छानकर गुप्तांग (योनि) में पिचकारी देने से योनि रोग मिट जाते हैं।

बहरापन में फिटकरी के रामबाण उपाय : 5 ग्राम फिटकरी, 3 ग्राम नौसादर और 100 ग्राम कलमीशोरा को 100 मिलीलीटर सरसों के तेल में डालकर पका लें। फिर इसे छानकर किसी शीशी में भरकर शीशी का मुंह बंद करके रख लें। इस तेल की 2-3 बूंदें कान में डालने से बहरापन ठीक हो जाता है।

कान का दर्द: रूई की एक लम्बी सी बत्ती बनाकर उसके आगे के सिरे में शहद लगा दें और उसमें लाल फिटकरी को पीसकर उसका चूर्ण लपेट दें। इस बत्ती को कान में डालकर एक दूसरे रूई के फाये से कान को बंद कर दें। ऐसा करने से कान का जख्म, कान का दर्द और कान से मवाद बहना जैसे सभी रोग ठीक हो जाते हैं।

कान का कीड़ा: पानी में फिटकरी को मिलाकर कान में डालने से कान में घुसा हुआ कीड़ा बाहर आ जाता है।

कान का बहना में फिटकरी के रामबाण उपाय :

भुनी हुई फिटकरी को 2 ग्राम पिसी हुई हल्दी में मिलाकर कान को साफ करके उसके अन्दर डालने से कान से मवाद बहना दूर हो जाता है।

फिटकरी के पानी से कान को धोने से कान में से मवाद बहना ठीक हो जाता है।

10 ग्राम फिटकरी और 1 ग्राम हल्दी को पीसकर बारीक चूर्ण बना लें। इस चूर्ण को थोड़ा-सा कान में डालने से कान में से मवाद बहना बंद हो जाता है।

गुर्दे के रोग: गुर्दे की सूजन में भूनी हुई फिटकरी एक ग्राम दिन में कम से कम तीन बार जरूर लें।

मुंह के छाले एवं रोग:

आधा चम्मच फिटकरी का चूर्ण और आधा चम्मच इलायची का चूर्ण लेकर दर्द होने पर थोड़ी-थोड़ी देर बाद छालों पर बुरकने से मुंह के सभी रोग नष्ट हो जाते हैं।

फिटकरी को फूलाकर नीलाथोथा के साथ मिलाकर कूटकर चूर्ण बना लें। इसके चूर्ण को छालों पर लगाकर लार को नीचे टपकने दें। यह मुंह की गंदगी खत्म कर छालों को नष्ट करता है।

मुंह में छाले, दाने व घाव होने पर 1 ग्राम कच्ची फिटकरी पीसकर इसमें शहद मिलाकर मुंह में लगाने से लाभ मिलता है।

भुनी फिटकरी 800 मिलीग्राम, कत्था पापरी 640 मिलीग्राम, इलायची के दाने 640 मिलीग्राम और शीतल चीनी 640 मिलीग्राम इन सब को बारीक पीसकर चूर्ण बनाकर रखें। इसके चूर्ण को छालों पर लगाने से छाले व जलन दूर होती हैं।

फिटकरी को पानी में घोलकर इसके पानी से दिन में 3 से 4 बार कुल्ला करें। इससे मुंह के छाले व घाव नष्ट होते हैं।

मसूढ़ों के रोग:

नौसादर, फिटकरी एवं संग जराहत बराबर मात्रा में पीसकर चूर्ण बना लें। इस चूर्ण को कपड़े से छानकर मसूढ़ों पर धीरे-धीरे मलने से फोड़े सूख जाते हैं।

गर्म पानी में फिटकरी को घोलकर दिन में 3 से 4 बार कुल्ला करने से मसूढ़ों के फोड़े ठीक होते हैं।

मसूढ़ों में फोड़ा होने पर सेलखड़ी 30 ग्राम, फिटकरी 10 ग्राम एवं नमक 5 ग्राम को मिलाकर बारीक पाउडर बनाकर रखें। इस पाउडर 2 से 3 बार मसूढ़ों पर मलने से लाभ होता है।

फिटकरी और माजूफल 25-25 ग्राम मोटा-मोटा कूट लें। इसे 100 मिलीलीटर पानी में डालकर उबालें। जब 50 मिलीलीटर पानी बचे तो गर्म पानी से कुल्ला करें। इससे मसूढ़ों से खून आना बंद हो जाता है।

फिटकरी लगभग 10 ग्राम, सेलखड़ी 30 ग्राम तथा नमक 5 ग्राम को बारीक पीसकर पाउडर (मंजन) बना लें। इस पाउडर से मसूढ़ों की मालिश करने से मसूढ़ों के छाले दूर हो जाते हैं।

भूनी फिटकरी, सेंधानमक, कालीमिर्च और हरड़ का छिलका 10-10 ग्राम कूट छानकर मंजन बना लें। रोजाना सुबह-शाम इस मंजन से मसूढ़ों को मलने से मसूढ़ों का ढीलापन, सूजन एवं दर्द दूर होता है।

फिटकरी, संग जराहत और सुपारी बराबर मात्रा में लेकर इन सब को बारीक पीसकर मंजन बना लें। प्रतिदिन इससे मंजन करने से मसूढ़े मजबूत होते हैं तथा मसूढ़ों से खून का आना बंद हो जाता है।

यकृत: एक बताशे में 1 चुटकी पिसी हुई फिटकरी डालकर सुबह-दोपहर और शाम को 1-1 बताशे 5 दिनों तक खाने से यकृत (जिगर) के रोग में लाभ मिलता है।

अण्डकोष की सूजन:

लगभग 1-4 ग्राम की मात्रा में फिटकरी और माजूफल को लेकर पानी के साथ बारीक पीस लें, फिर इस तैयार मिश्रण का लेप अण्डकोष पर करने से कुछ ही दिनों में अण्डकोष की सूजन दूर होती है।

भुनी फिटकरी 1-1 ग्राम सुबह-शाम पानी के साथ सेवन करने से अण्डकोष के सूजन और बढे़ हिस्से सही हो जाते हैं।

फिटकरी को पानी में पीसकर अण्डकोष पर लेप करने से लाभ होता है।

दंत मंजन:

बादाम का छिलका जलाकर उसमें चौथाई हिस्सा फिटकरी मिलाकर बारीक पीस लें। इसका प्रतिदिन मंजन करना चाहिए। इससे दांतों के सभी रोग दूर हो जाते हैं तथा दांत निरोग रहता है।

5 ग्राम सेंकी हुई फिटकरी, 60 ग्राम त्रिफला चूर्ण, 15 लौंग, 8 ग्राम सेंधानमक, 10 ग्राम माजूफल को एक साथ पीसकर मैदा की छलनी से छान लेते हैं। इसे प्रतिदिन भोजन करने के बाद सुबह-शाम दांतों की जड़ों व मसूढ़ों पर लेप करें और 15 मिनट तक लगा रहने दें और लार को टपकाते रहें। इससे दांतों का दर्द दूर हो जाता है तथा दांत मजबूत हो जाते हैं।

लगभग 125 ग्राम लाल फिटकरी को सेंककर राख बनाकर इसमें 25-25 दाने कालीमिर्च, लौंग तथा 30 ग्राम सेंधानमक को बहुत बारीक पीसकर सुबह-शाम 2 बार रोजाना मंजन करें। मंजन दांतों के बाहर भीतर दोनों ओर करें तथा 10 मिनट बाद कुल्ला करें। इससे पायरिया, रक्तस्राव तथा दांत दर्द में लाभ मिलता है। इस मंजन को एक सप्ताह तक लगातार करने से बहुत लाभ मिलता है।

100 ग्राम भुनी हुई फिटकरी, 20 ग्राम पिसी हुई लौंग, 100 ग्राम पिसी हुई हल्दी, 100 ग्राम पिसा हुआ सेंधानमक, 100 ग्राम नीम के पिसे हुए पत्ते या छाल या बबूल की छाल इन सभी को मिलाकर बारीक पीसकर पाउडर बना लें। इससे प्रतिदिन मंजन करने से दांतों के सभी रोग नष्ट हो जाते हैं।

फिटकरी 8 ग्राम तथा सेंधानमक 4 ग्राम को बारीक पीसकर मंजन बना लें। इस मंजन को प्रतिदिन दांतों पर मलने से दांतों के दर्द में आराम मिलता है तथा दांत मजबूत होते हैं।

दांत घिसना या किटकिटाना: फिटकरी, सेंधानमक और नौसादर बराबर मात्रा में लें। इन सबको बारीक पीसकर पाउडर (मंजन) बना लें। इससे रोजाना 2 बार दांतों व मसूढ़ों को मलें। इससे दांतों में लगे कीड़े नष्ट हो जाते हैं और दांत का किट-किटाना बंद हो जाता है।

दांत मजबूत करना: भुनी फिटकरी 20-ग्राम तथा नमक 10-ग्राम को बारीक पीसकर पॉउडर (मंजन) बना लें। इसे रोजाना दांत एवं मसूढ़ों पर मलने से दांत मजबूत होते हैं।

दांतों में कीड़े लगना: रोजाना दोनों समय फिटकरी को गर्म पानी में घोलकर कुल्ला करें। फिटकरी के पानी से कुल्ला करने से दांतों के कीड़े तथा बदबू खत्म हो जाती है।

पायरिया में फिटकरी के रामबाण उपाय : 1 ग्राम नमक और 2 ग्राम फिटकरी बारीक पीसकर मसूढ़ों व दांतों पर मलें तथा 1 गिलास गर्म पानी में 5 ग्राम फिटकरी मिलाकर कुल्ला करें। इससे पायरिया, मसूढ़ों में दर्द, सूजन और खून का आना बंद होता है।

पसीना: फिटकरी को पानी में घोलकर शरीर को धोने से पसीना आना कम हो जाता है।

पित्ती, जलन और खुजली: पिसी हुई फिटकरी को आधा कप गर्म पानी में घोलकर पित्ती निकली हुई जगह पर लगाने और धोने से पित्ती के रोग में लाभ मिलता है। इससे खुजली, जलन तथा चकत्ते दूर हो जाते हैं।

सन्निपात ज्वर: 1 ग्राम भूनी फिटकरी को 2 ग्राम चीनी में मिलाकर सुबह और शाम पानी के साथ पीने से बुखार ठीक हो जाता है।

मोच, चोट:

मोच आ जाने पर, कचूर को फिटकरी के साथ पीसकर लेप करने से लाभ होता है।

फिटकरी के 3 ग्राम चूर्ण को आधा किलो दूध के साथ लेने से मोच और भीतरी चोट ठीक होती है।

फिटकरी भूनी आधा ग्राम गर्म दूध से सुबह-शाम लें। यह गुम चोट में बहुत लाभकारी होता है।

चोट से खून जमना:

10 ग्राम फिटकरी को 40 ग्राम घी में भूनकर रख लें। जब घी जम जाये, तब घी में चीनी और मैदा मिलाकर हलुवा बना लें। फिर इसमें फिटकरी मिलाकर 3 दिनों तक खाने से खून की गांठें बिखर जाती हैं।

डेढ़ ग्राम फिटकरी फांककर ऊपर से दूध सुबह-शाम पीने से चोट लगने के कारण खून जमने और इससे होने वाले दर्द दूर होते हैं।

कनफेड: फिटकरी, माजूफल, पलाश, पापड़ी और मुर्दासंग को एक साथ लेकर खिरनी के पेड़ के रस में मिलाकर कनफेड पर लगाने से आराम आता है।

एड्स: फिटकरी का भस्म बनाकर, 20 ग्राम भस्म में 1 ग्राम मिश्री मिलाकर इसमे से 3 3 ग्राम पानी के साथ सुबह दोपहर शाम

भगन्दर: भुनी फिटकरी 1-1 ग्राम की मात्रा में प्रतिदिन सुबह-शाम पानी के साथ पीयें तथा कच्ची फिटकरी को पानी में पीसकर इसे रूई की बत्ती में लगाकर भगन्दर के छेद में भर दें। इससे भगन्दर में अधिक लाभ होता है।

श्वेतप्रदर व रक्त प्रदर: चौथाई चम्मच पिसी हुई फिटकरी को पानी से रोजाना 3 बार फंकी लेने से दोनों प्रदर ठीक हो जाते हैं। इसके साथ ही फिटकरी पानी में मिलाकर योनि को गहराई तक सुबह-शाम धोएं और पिचकारी दें।

रक्तप्रदर: लगभग 240-480 मिलीग्राम फिटकरी को कूट-पीसकर बनाई गई भस्म (राख) मिश्री या मिश्री के शर्बत के साथ सुबह-शाम सेवन करने से रक्तप्रदर मिट जाता है।

प्रदर रोग:

1-1 चुटकी पिसी हुई फिटकरी सुबह-दोपहर-शाम को पानी के साथ सेवन करने से प्रदर में लाभ मिलता है।

फिटकरी के पानी से नियमित रूप से योनि को अच्छी तरह से धोयें। अगर पिचकारी से योनि के अन्दर धोने की सुविधा हो तो धोयें। इसके बाद 2 चुटकी फिटकरी, 1 चम्मच पिसी हुई हल्दी और 2 चम्मच चीनी मिलाकर सुबह-शाम पानी के साथ करीब 20 दिनों तक इसका सेवन करने से ‘वेत प्रदर मिट जाता है।

फिटकरी के पानी से गुप्तांग (योनि) को धोने, सफाई करने और पिचकारी देने से प्रदर में लाभ होता है।

गुम चोट (अन्दरूनी चोट) में फिटकरी के रामबाण उपाय :

गुम चोट लगने पर 4 ग्राम फिटकरी को पीसकर आधा गिलास दूध में मिलकार पीने से लाभ होता है।

किसी भी तरह की अन्दरूनी चोट हो, कारण कुछ भी हो एक गिलास गर्म दूध में आधा चम्मच फिटकरी घोलकर पी लें इससे खून का अन्दर ही अन्दर थक्का नहीं बनेगा और दर्द भी कम हो जायेगा।

भूनी फिटकरी आधा ग्राम गर्म दूध से सुबह-शाम लें। गुम चोट में लाभदायक है।

पथरी में फिटकरी के रामबाण उपाय : फिटकरी का फूला 4 ग्राम प्रतिदिन सुबह-शाम छाछ के साथ पीने से पथरी ठीक होती है।

गर्भाशय से रक्तस्राव: फिटकरी का चूर्ण आधा चम्मच लेकर 1 लीटर पानी में घोल बना लें। इस घोल में रूई की फूरेरी भिगोकर गर्भाशय के मुख पर रखने से रक्तस्राव बंद हो जाता है।

पित्ती निकलना: पिसी हुई फिटकरी आधा चम्मच, आधे कप गर्म पानी में घोलकर पित्ती निकलने वाली जगह पर लगायें और धोयें।

शीतपित्त में फिटकरी के रामबाण उपाय : फिटकरी को तवे पर भूनकर कूटकर चूर्ण बना लें। इस चूर्ण की लगभग 480 मिलीग्राम मात्रा को मक्खन मिलाकर खाने से जल्द लाभ मिलता है।

संतति निरोध (गर्भनिरोध):

फिटकरी और नौसादर को बराबर मात्रा में अच्छी तरह पीसकर पानी में रूई के साथ डालकर रख दें, फिर इसी रूई को सहवास करने से पहले स्त्री की योनि में रखते हैं। थोड़ी देर बाद रूई हटाकर सहवास (संभोग) करने से गर्भाधान यानी गर्भधारण नहीं होता है।

फिटकरी, नौसादर और सुहागे को पीसकर चूर्ण बनाकर बैसलीन में मिलाकर लेप बनाकर योनि के भीतर रखकर निकाल दें, इसके थोड़ी देर बाद सहवास (संभोग) करने से गर्भ नहीं ठहरता है।

रक्तपित्त (पित्त के कारण रक्तविकार) में फिटकरी के रामबाण उपाय :

लाल फिटकरी पीसकर इसका बारीक चूर्ण 10 ग्राम शीशी में रख लें। यह स्फटिक चूर्ण बहुत से रोगों में फायदा करता है। एक ग्राम चूर्ण 3 ग्राम शक्कर में मिलाकर फांक लें और तुरन्त दूध पी लें। यह रक्तपित्त में खून चाहे कहीं से भी गिर रहा हो तो बंद कर देगा।

लगभग 120 मिलीग्राम फिटकरी को एक चम्मच चीनी में मिलाकर या दोनों को एक साथ पानी में घोलकर रोज दो तीन बार पिलाने से रक्तपित्त की शिकायतें दूर हो जाती हैं।

पेट के सभी प्रकार के रोग में फिटकरी के रामबाण उपाय : भुनी हुई फिटकरी 10 ग्राम, भूना सुहागा 10 ग्राम, नौसादर ठीकरी 10 ग्राम, काला नमक 10 ग्राम, भूनी हींग 5 ग्राम को अच्छी तरह पीसकर चूर्ण बना लें, फिर इसी चूर्ण में से 2-2 ग्राम की मात्रा में सुबह और शाम भोजन के साथ प्रयोग करने से लाभ होता है।

नाक के कीड़े : लगभग 240 मिलीग्राम फिटकरी के चूर्ण को 100 मिलीलीटर पानी में डालकर रख लें। इस पानी की 3-4 बूंदें रोजाना 3 से 4 बार सिर को पीछे की ओर झुकाकर नाक के नथुनों (छेदों) में डालने से नाक के कीड़े समाप्त हो जाते हैं।

प्लेग रोग में फिटकरी के रामबाण उपाय :

फिटकरी की भस्म 360 मिलीग्राम और मिश्री 1 ग्राम मिलाकर प्रतिदिन 2 बार लेने से प्लेग की बीमारी दूर हो जाती है।

2 ग्राम फिटकरी भून लें। 2-2 ग्राम फिटकरी का चूर्ण गर्म पानी से दिन में 4 बार लें। इससे प्लेग के बीमारी के कारण आने वाली खून की उल्टी बंद हो जाती है।

वीर्य रोग में फिटकरी के रामबाण उपाय: फिटकरी भूनी 30-ग्राम खांड 60-ग्राम मिला लें। 3-3 ग्राम सुबह-शाम पानी से लें।

पेट में दर्द: पिसी हुई फिटकरी को चूर्ण के रूप में खाने के बाद ऊपर से दही को पीयें।

स्त्री को सन्तुष्ट करना: फिटकरी को पुरुश अपनी कमर पर बांधकर सहवास (संभोग) करें तो वीर्य जल्दी नहीं निकलता है।

पेशाब में खून आना: 1 ग्राम भुनी हुई फिटकरी को सुबह और शाम पानी के साथ लेने से पेशाब में खून आना बंद हो जाता है।

अपरस: भूनी फिटकरी, आमलासार, गंधक, भुना हुआ सुहागा और शक्कर को बराबर मात्रा में लेकर अच्छी तरह से पीसकर चूर्ण बना लें। इस चूर्ण को सफेद वैसलीन में मिलाकर रोजाना 2-3 बार त्वचा पर लगाने से लाभ होता है।

गठिया रोग: 5 ग्राम फिटकिरी, 15 ग्राम मीठी सुरंजन, 5 ग्राम बबूल की गोंद और 10 पीस कालीमिर्च सबको सूखाकर भूनकर एक साथ पीसकर चूर्ण बना लें। उसमें से 2 चुटकी चूर्ण रोजाना दो बार लेने से गठिया रोग जल्द ठीक होता है।

खाज-खुजली: गर्म पानी में फिटकरी मिलाकर उससे जननेन्द्रिय को धोने से जननेन्द्रिय की खुजली दूर हो जाती है।

हाथ-पैरों की ऐंठन: 10 ग्राम भुनी हुई सफेद फिटकरी, 30 ग्राम सुरज्जन मीठी और 2 ग्राम कीकर के गोंद को पीसकर थोड़ा पानी मिलाकर गोलियां बना लें। एक-एक गोली दिन में तीन बार लेने से हाथ-पैरों की ऐंठन दूर हो जाती है। यह दवा खूनी बवासीर के लिए भी लाभकारी है।

हाथ-पैरों की जलन: पानी में फिटकरी घोलकर हथेली और तलुवे धोने से अधिक पसीना आना बंद हो जाता है और जलन भी दूर हो जाती है।

पीलिया रोग में फिटकरी के रामबाण उपाय :

सफेद फिटकरी को भूनकर पीस लें। पहले दिन आधा ग्राम दवा दही में मिलाकर खाएं, दूसरे दिन एक ग्राम और तीसरे दिन डेढ़ ग्राम……..इसी प्रकार बढ़ाते हुए सातवें दिन साढे़ तीन ग्राम दवा दही में डालकर खायें। इससे एक सप्ताह में पीलिया रोग मिट जाता है।

फिटकरी 18 ग्राम को बारीक पीसकर 21 पुड़िया बना लें। प्रात:काल बिना कुछ खाए एक पुड़िया गाय के 20 ग्राम मक्खन में मिलाकर खाने से पाण्डु (पीलिया) रोग में लाभ होता है।

फूली हुई फिटकिरी एक चुटकी, मिश्री में मिलाकर दिन में तीन बार पानी से सेवन करें।

200 ग्राम दही में चुटकी भर फिटकरी घोल कर पिलायें। बच्चों के अनुपान में मात्रा कम लें। दिन भर केवल दही ही सेवन करें। इससे पीलिया शीघ्र ठीक होगा। यदि उल्टी हो तो घबरायें नहीं।

मिर्गी (अपस्मार) में फिटकरी के रामबाण उपाय : लगभग 1-1 ग्राम भुनी हुई फिटकरी को सुबह और शाम गर्म दूध के साथ लेने से मिर्गी के दौरे बंद हो जाते हैं।

मानसिक उन्माद (पागलपन):

लगभग 1-1 ग्राम भुनी हुई फिटकरी को दूध के साथ सुबह और शाम को देने से पागलपन या उन्माद खत्म हो जाता है।

3 ग्राम फिटकरी में 250 ग्राम मक्खन मिलाकर रोगी को खिलाने से उन्माद या पागलपन खत्म हो जाता है। ऐसा लगातार एक हफ्ते तक करना चाहिए

सिर का दर्द में फिटकरी के रामबाण उपाय : कपूर और फिटकरी को बारीक पीसकर सिर दर्द के रोगी को सुंघाने से रक्तचाप के कारण होने वाला सिर दर्द खत्म हो जाता है। नकसीर के लिए भी इसका प्रयोग कर सकते हैं।

फिटकरी के रामबाण उपाय

  • लगभग 3-3 ग्राम फिटकरी, सेंधानमक और मिश्री को उबाले हुए पानी में मिलाकर शीशी में भर लें। इस रस को गर्मी की वजह से आई हुई आंख में डालने से बहुत लाभ होता है। यह रस आंखों की लाली भी दूर कर देता है।
  • भुनी हुई फिटकरी, पापरी कत्था, इलायची के दानों को एक साथ पीसकर मुंह के छालों में लगाने से मुंह के छाले दूर हो जाते हैं।
  • लगभग 240 मिलीग्राम लाल फिटकरी को प्याज के रस में गर्म करके कान में डालने से कान का दर्द बंद हो जाता है।
  • गर्मी से आने वाली खांसी में कफ पककर सूख जाता है, कफ बाहर नहीं निकलता। ऐसी हालत में 120 मिलीग्राम भुनी हुई फिटकरी, 120 मिलीग्राम भुना सुहागा, शहद से चटायें या दूध के साथ पिलायें, इससे कफ ढीला होकर खांसी दूर हो जाएगी।
  • अगर कान में मवाद आये तो फिटकरी और माजूफल को पीसकर शहद में मिलाकर बत्ती बना लें। इस बत्ती को कान में रखने से आराम आता है।
  • 1 ग्राम फिटकरी और 2 ग्राम कलसी (पृष्ठपर्णी) बिना पिसी हुई पोटली में बांध कर, पानी में भिगोकर आंखों पर लगाने से आंखों का लाल होना दूर होता है।
  • 1 ग्राम लोध्र, 1 ग्राम भुनी हुई फिटकरी, आधा ग्राम अफीम और 4 ग्राम इमली की पत्तियों को लेकर और सबको पीसकर पोटली बना लें और पानी में भिगो-भिगो कर आंखों पर फेरे। इससे आंखों का दर्द कम हो जाता है। 2-2 ग्राम इमली की पत्तियां, हल्दी और फिटकरी को लेकर बारीक पीसकर, पोटली बनाकर और पानी में भिगोकर आंखों पर लगाने से और थोड़ा सा आंखों में डालने से आंखों का दर्द ठीक हो जाता है।
  • लगभग 2-2 ग्राम भुनी हुई फिटकरी को 1-1 कप गर्म दूध से सुबह और शाम लें। इससे गले की गांठे दूर हो जाती हैं।
  • 10 ग्राम फिटकरी को तवे पर भूनकर और पीसकर चूर्ण बना लें। इसमें से 2 ग्राम फिटकरी सुबह के समय चाय या गर्म पानी के साथ लें। यह प्रयोग दिन में चार बार करें। इससे गले की सूजन दूर हो जाती है।
  • गले के दर्द में भुनी हुई फिटकरी को ग्लिसरीन में मिलाकर गले में डालकर फुरैरी (कुल्ला) करें। इससे गले का दर्द ठीक हो जाता है।
  • गर्म पानी में नमक या फिटकरी मिलाकर उस पानी को मुंह के अन्दर डालकर और सिर ऊंचा करके गरारे करने से गले की कुटकुटाहट, टान्सिल (गले में गांठ), कौआ बढ़ना, आदि रोगों में लाभ होता है।
  • 5 ग्राम फिटकरी और 5 ग्राम नीलेथोथे को अच्छी तरह से पकाकर इसके अन्दर 25 ग्राम ग्लिसरीन मिलाकर रख लें। फिर साफ रूई और फुहेरी बनाकर इसे गले के अन्दर लगाने और लार टपकाने से टांसिलों की सूजन समाप्त हो जाती है।

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