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शरीर की सभी गांठ गलाने का रामबाण इलाज

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अक्सर हमारे शरीर के किसी भी भाग में गांठे बन जाती हैं. जिन्हें सामान्य भाषा में गठान या रसौली कहा जाता हैं. किसी भी गांठ की शुरुआत एक बेहद ही छोटे से दाने से होती हैं. लेकिन जैसे ही ये बड़ी होती जाती हैं. इन गाठों की वजह से ही गंभीर बीमारियां भी हो जाती हैं. ये गांठे टी.वी से लेकर कैंसर की बीमारी की शुरुआत के चिन्ह होती हैं.

अगर किसी व्यक्ति के शरीर के किसी भाग में कोई गाँठ हो गई हैं जिसके कारण उस गाँठ से आंतरिक या बाह्य रक्तस्राव हो रहा हो तो हो सकता हैं कि यह कैंसर की बीमारी के शुरुआती लक्षण हो. लेकिन इससे यह भी सुनिश्चित नहीं हो जाता कि ये कैंसर के रोग को उत्पन्न करने वाली गांठ हैं. कुछ गाँठ साधारण बिमारी उत्पन्न होने के कारण भी हो जाती हैं. किन्तु हमें किसी भी प्रकार की गांठों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए तथा उसका तुरंत ही उपचार करवाना चाहिए.

कुछ स्त्रियाँ या पुरुष नासूर या ऑपरेशन कराने के डर से जल्द गाँठ का इलाज नहीं करवाते. लेकिन ऐसे व्यक्तियों के लिए यह समझना बहुत ही आवश्यक हैं कि इन छोटी सी गांठों को यदि आप लगातार नजरअंदाज करेंगें. तो इन गांठों की ही वजह से ही आपको बाद में अधिक परेशानी का सामना करना पड सकता हैं.

आज हम आपको शरीर के किसी भी भाग में होने वाली गांठ को ठीक करने के लिए कुछ आयुर्वेदिक उपचारों के बारे में बतायेंगें :-

1. कचनार की छाल और गोरखमुंडी

आप ये दो चीज पंसारी या आयुर्वेद दवा की दुकान से ले ले। वैसे यह दोनों जड़ी बूटी बेचने वाले से मिल जाती हैं पर यदि कचनार की छाल ताजी ले तो अधिक लाभदायक है। कचनार (Bauhinia purpurea) का पेड़ हर जगह आसानी से मिल जाता है।

कचनार इसकी सबसे बड़ी पहचान है – सिरे पर से काटा हुआ पत्ता । इसकी शाखा की छाल ले। तने की न ले। उस शाखा (टहनी) की छाल ले जो 1 इंच से 2 इंच तक मोटी हो । बहुत पतली या मोटी टहनी की छाल न ले।

गोरखमुंडी का पौधा आसानी से नहीं मिलता इसलिए इसे जड़ी बूटी बेचने वाले से खरीदे ।

कैसे प्रयोग करे

कचनार की ताजी छाल 25-30 ग्राम (सुखी छाल 15 ग्राम ) को मोटा मोटा कूट ले। 1 गिलास पानी मे उबाले। जब 2 मिनट उबल जाए तब इसमे 1 चम्मच गोरखमुंडी (मोटी कुटी या पीसी हुई ) डाले। इसे 1 मिनट तक उबलने दे। छान ले। हल्का गरम रह जाए तब पी ले। ध्यान दे यह कड़वा है परंतु चमत्कारी है।

गांठ कैसी ही हो, प्रोस्टेट बढ़ी हुई हो, जांघ के पास की गांठ हो, काँख की गांठ हो गले के बाहर की गांठ हो , गर्भाशय की गांठ हो, स्त्री पुरुष के स्तनो मे गांठ हो या टॉन्सिल हो, गले मे थायराइड ग्लैण्ड बढ़ गई हो (Goiter) या LIPOMA (फैट की गांठ ) हो लाभ जरूर करती है। कभी भी असफल नहीं होती। अधिक लाभ के लिए दिन मे 2 बार ले। लंबे समय तक लेने से ही लाभ होगा। 20-25 दिन तक कोई लाभ नहीं होगा निराश होकर बीच मे न छोड़े।

इस पानी का सेवन करने के बाद आपको गलें, जांघ, हाथ, प्रोटेस्ट, काँख, गर्भाशय, टॉन्सिल, स्तन तथा थायराइड के कारण निकली हुई गाँठ से लगातार 20 – 25 दिनों तक सेवन करने से छुटकारा मिल जाएगा।

गाँठ को घोलने में कचनार पेड़ की छाल बहुत अच्छा काम करती है. आयुर्वेद में कांचनार गुग्गुल इसी मक़सद के लिये दी जाती है जबकि ऐलोपैथी में ओप्रेशन के सिवाय कोई और चारा नहीं है।

2. आकडे का दूध (Figures Milk)

आकड़े के दूध में मिट्टी भिगोकर लेप करने से तथा निर्गुण्डी के 20 से 50 मि.ली. काढ़े में 1 से 5 मि.ली अरण्डी का तेल डालकर पीने से लाभ होता है।

3. निर्गुण्डी (Nirgundi)

गेहूँ के आटे में पापड़खार तथा पानी डालकर पुल्टिस बनाकर लगाने से न पकने वाली गाँठ पककर फूट जाती है तथा दर्द कम हो जाता है।

3- गेहूं का आटा-

गेहूं का आटा लें और उसमें पानी डाल लें। अब इस आटे में पापड़खार मिला लें और इसका सेवन करें. आपको लाभ होगा।

4- अरंडी –

अरंडी के बीज और हरड़े समान मात्रा में लेकर पीस लें। इसे नयी गाँठ पर बाँधने से वह बैठ जायेगी और अगर लम्बे समय की पुरानी गाँठ होगी तो पक जायेगी।

गण्डमाला की गाँठें (Goitre)

गले में दूषित हुआ वात, कफ और मेद गले के पीछे की नसों में रहकर क्रम से धीरे-धीरे अपने-अपने लक्षणों से युक्त ऐसी गाँठें उत्पन्न करते हैं जिन्हें गण्डमाला कहा जाता है। मेद और कफ से बगल, कन्धे, गर्दन, गले एवं जाँघों के मूल में छोटे-छोटे बेर जैसी अथवा बड़े बेर जैसी बहुत-सी गाँठें जो बहुत दिनों में धीरे-धीरे पकती हैं उन गाँठों की हारमाला को गंडमाला कहते हैं और ऐसी गाँठें कंठ पर होने से कंठमाला कही जाती है।

क्रौंच के बीज को घिस कर दो तीन बार लेप करने तथा गोरखमुण्डी के पत्तों का आठ-आठ तोला रस रोज पीने से गण्डमाला (कंठमाला) में लाभ होता है। तथा कफवर्धक पदार्थ न खायें।

काँखफोड़ा (बगल मे होने वाला फोड़ा)

कुचले को पानी में बारीक पीसकर थोड़ा गर्म करके उसका लेप करने से या अरण्डी का तेल लगाने से या गुड़, गुग्गल और राई का चूर्ण समान मात्रा में लेकर, पीसकर, थोड़ा पानी मिलाकर, गर्म करके लगाने से काँखफोड़े में लाभ होता है।

चर्बी की गांठ का इलाज – Charbi Ki Gaanth Ka Ilaj!

चर्बी की गाँठ के बनने को यदि हम चिकित्सकीय भाषा में समझें तो इसका अर्थ है मांस के अंदर फैट निर्मित होना. एक रोचक तथ्य यह भी है कि यह देखने में हमारे शरीर की त्वचा के भीतर हुए फोड़े के जैसा ही लगता है. यह हमारे शरीर के किसी भी भाग में हो सकते हैं. हालांकि चर्बी की गाँठ अक्सर गर्दन या बाहों पर ही दिखाई पड़ते हैं. आप इसे एक तरह का ट्यूमर भी कह सकते हैं जो हमारी चमड़ी के निचली परतों में चर्बी की गाँठों के रूप में धीरे-धीरे जमा होता जाता है. यह भी हैरान करने वाला तथ्य है कि चर्बी की गाँठ का मोटापे से कुछ भी लेना-देना नहीं है. इन गाँठों में किसी प्रकार का कोई दर्द नहीं होता है और यह गांठे ज्यादातर गर्दन, हाथ और पैरों पर पायी जाती हैं. कुछ लोग इन गाँठों को देखकर परेशान हो जाते हैं कि कहीं ये कैंसर तो नहीं. लेकिन ऐसा नहीं है, चर्बी की गाँठ और कैंसर की गाँठों में सबसे बड़ा फर्क होता है कि चर्बी की गाँठ की गांठें मुलायम होती हैं और हिलती हैं जबकि कैंसर वाली गाँठ सख्त होती हैं और वह हिलती नहीं हैं. आइए इस लेख के माध्यम से हम चर्बी की गाँठ के इलाज के विभिन्न तरीकों और इसके होने के कारणों के बार में जानें ताकि इस विषय में जागरूकता फैल सके.

चर्बी की गाँठ होने का कारण-

चर्बी की गाँठ की गांठें आपकी त्वचा के अंदरूनी हिस्से में होती हैं जो एक से तीन सेंटीमीटर तक मोटी हो सकती हैं. इन छोटी गाँठों में ना तो कभी दर्द होता है और ना ही ये गांठे कभी कोई नुकसान पहुंचाती हैं.

जब यह गांठें बड़ी हो जाती हैं तब ये थोड़ी बुरी सी दिखने लगती हैं बस यही एक परेशानी सामने आती है. चर्बी की गाँठ या चर्बी की गाँठ बनने का सही कारण आज तक पता नहीं चल पाया है, इसीलिए इन गाँठों का सही कारण बता पाना बेहद कठिन हैं. कुछ लोग बोलते हैं कि मोटापे की वजह से ये गांठे हो जाती हैं लेकिन चर्बी की गाँठ का मोटापे से कोई सम्बन्ध नहीं है.

लिपोमा का इलाज करवाने के लिए लोग पानी की तरह पैसा बहाते हैं, जबकि इसे कुछ आसान नुस्खों से ठीक किया जा सकता है। यहां हम चर्बी के गांठ का इलाज घरेलू तरीके से करने के बारे में बताएंगे, जो इस प्रकार हैं :

1. नींबू पानी

सामग्री: नींबू का रस, पानी, रूई

कैसे करें इस्तेमाल:
नींबू के रस और पानी को बराबर मात्रा में मिलाएं।
इस रस में रूई को भीगोकर गांठ पर लगाएं।
फिर इसे सूखने दें।
आप रोज सुबह एक गिलास गुनगुने पानी में नींबू का रस मिलाकर पी भी सकते हैं।

कितनी बार करें: दिन में 3 से 4 बार उपयोग करें।

कैसे है फायदेमंद: गांठ होने और इसे बढ़ावा देने के लिए शरीर की सूजन जिम्मेदार हो सकती है। वहीं, नींबू में एंटी इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं , जो सूजन को कम करने में मदद कर सकते हैं। इससे चर्बी की गांठ को दूर किया जा सकता है। इसलिए, ऐसा कहा जा सकता है कि नींबू के उपयोग से सूजन को कम कर चर्बी की गांठ की समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है।

2. सेब का सिरका

सामग्री:
सेब का सिरका
पानी
सूती कपड़ा

कैसे करें इस्तेमाल:
एप्पल साइडर विनेगर और पानी को समान मात्रा में मिलाएं।
इस मिश्रण में सूती के कपड़े को भिगोकर प्रभावित क्षेत्र पर 5 मिनट तक रखें।
कपड़े को हटाने के बाद उस जगह को गुनगुने पानी से धो लें।

कितनी बार करें: ऐसा दिन में दो से तीन बार करें।

कैसे है फायदेमंद: लिपोमा का इलाज सेब के सिरके से भी किया जा सकता है। दरअसल, सेब के सिरके का इस्तेमाल करने से शरीर को डिटॉक्सीफाई किया जा सकता है। साथ ही इम्यून सिस्टम बेहतर होता है और रक्त संचार भी ठीक हो सकता है। इससे गांठ से राहत मिल सकती है। यहां हम स्पष्ट कर दें कि इस विषय में सेब के सिरके पर ज्यादा वैज्ञानिक अध्ययन नहीं हुआ है।

3. हल्दी

सामग्री:
एक चम्मच हल्दी पाउडर
पानी आवश्यकतानुसार

कैसे करें इस्तेमाल:
हल्दी पाउडर में पानी मिलाकर पेस्ट बना लें।
इसे प्रभावित जगह पर लगा लें।
करीब 10-15 मिनट तक सूखने दें।
फिर पानी से धो लें।
आप दूध को हल्का गर्म करके उसमें हल्दी पाउडर मिलाकर भी पी सकते हैं।

कितनी बार करें: इसे दिन में दो बार उपयोग कर सकते हैं। साथ ही दिन में 1 गिलास दूध में हल्दी मिलाकर भी पी सकते हैं।

कैसे है फायदेमंद: चर्बी के गांठ का इलाज हल्दी से भी किया जा सकता है। हल्दी में कई तरह के औषधि गुण होते हैं। इनमें से एंटीसेप्टिक, एंटीइंफ्लेमेटरी और एंटीमाइक्रोबियल मुख्य होते हैं। ये गुण सूजन को कम करने और बैक्टीरिया को दूर करने का काम करते हैं। इससे गांठ की समस्या से छुटकारा मिल सकता है।

4. तरबूज

सामग्री: एक गिलास तरबूज का रस

कैसे करें इस्तेमाल: तरबूज के ताजा रस का सेवन करें।

कितनी बार करें: इसे प्रतिदिन सुबह एक गिलास पिएं।

कैसे है फायदेमंद: गांठ को दूर करने के कई घरेलू उपचार हैं। उनमें से एक तरबूज को भी माना जा सकता है। तरबूज में एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं, जो रक्त से विषैले पदार्थ को साफ करने में मददगार साबित हो सकते हैं। इससे गांठ को कम किया जा सकता है ।

5. लहसुन

सामग्री:
दो-तीन लहसुन की कलियां
एक गिलास गुनगुना पानी

कैसे करें इस्तेमाल:
लहसुन को बारीक कुचल लें।
सुबह इसे एक गिलास पानी में डालकर पी लें।
लहसुन को अपने आहार में भी शामिल कर सकते हैं।

कितनी बार करें: प्रतिदिन सुबह इसका सेवन करें ।

कैसे है फायदेमंद: लहसुन हर किसी के घर में आसानी से मिल जाता है। इसे चर्बी की गांठ का इलाज करने में उपयोग किया जा सकता है। लहसुन में एंटीमाइक्रोबियल, एंटीऑक्सीडेंट, एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल गुण पाए जाते हैं। लहसुन के ये सभी गुण चर्बी की गांठ को कम करने के साथ-साथ बैक्टीरिया से बचाए रखने में भी मदद करते हैं ।

6. जायफल

सामग्री:
आधा चम्मच जायफल पाउडर
एक चम्मच शहद
एक कप पानी

कैसे करें इस्तेमाल:
पानी को हल्का गर्म कर लें और फिर उसमें शहद व जायफल पाउडर मिक्स कर दें।
फिर इस मिश्रण को गुनगुना ही पिएं।

कितनी बार करें: दिन में एक बार इसका सेवन करें।

कैसे है फायदेमंद: एक वैज्ञानिक शोध के अनुसार, एंटी इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण चर्बी की गांठ को कम करने में सहायक हो सकते हैं। एंटी इंफ्लेमेटरी गुण सूजन को कम करने का काम कर सकता है और एंटी-ऑक्सीडेंट रक्त प्रवाह को ठीक रखने में मदद कर सकता है । इससे गांठ की समस्या को ठीक करने में मदद मिल सकती है। जायफल में एंटीइंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट दोनों गुण पाए जाते हैं। इसलिए, इसे गांठ के घरेलू उपचार के रूप में उपयोग में लाया जा सकता है ।

7. गर्म पानी

सामग्री:
पानी
तौलिया

कैसे करें इस्तेमाल:
गुनगुने पानी में तौलिये को भिगो लें।
इसे प्रभावित जगह पर 10 से 15 मिनट तक रखें।

कितनी बार करें:

दिन में दो से तीन बार तक इस उपाय को करें।

कैसे है फायदेमंद: लिपोमा का घरेलू इलाज के लिए गर्म पानी से सिकाई का भी सहारा लिया जा सकता है। गर्म पानी से सिकाई करने पर सूजन को कम किया जा सकता है। इससे गांठ की समस्या से निजात पाई जा सकती है ।

8. मालिश

सामग्री: नारियल का तेल

कैसे करें इस्तेमाल: नारियल के तेल की कुछ बूंदें हाथों पर लेकर गांठ वाली जगह पर कुछ मिनट तक मालिश करें।

कितनी बार करें: आप दिन में दो बार मालिश कर सकते हैं।

कैसे है फायदेमंद: मालिश के जरिए भी लिपोमा का इलाज किया जा सकता है। मसाज करने से रक्त प्रवाह में वृद्धि हो सकती है, जिससे चर्बी की गांठ से निजात मिल सकती है। साथ ही नारियल तेल में एंटी इंफ्लेमेटरी गुण भी पाए जाते हैं, जो सूजन को कम करने में मददगार साबित हो सकते हैं ।

9. विटामिन-ई

सामग्री: विटामिन-ई कैप्सूल

कैसे करें इस्तेमाल: विटामिन-ई कैप्सूल को पानी के साथ सेवन करें।

कितनी बार करें: प्रतिदिन एक कैप्सूल लें।

कैसे है फायदेमंद: विटामिन-ई महत्वपूर्ण पोषक तत्व है, जो शरीर के लिए जरूरी होता है। विटामिन-ई का इस्तेमाल करने पर शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को बेहतर करने में सहायता मिलती है। यह शरीर को नुकसान पहुंचाने वाले बैक्टीरिया और वायरस को दूर रखता है। इससे गांठ की समस्या को भी दूर रखा जा सकता है और सूजन को कम करने में भी मदद मिलती है। इसलिए, ऐसा कहा जा सकता है कि विटामिन-ई के उपयोग से चर्बी की गांठ को दूर किया जा सकता है।

10. विटामिन-ए

सामग्री: विटामिन-ए कैप्सूल

कैसे करें इस्तेमाल: पानी के साथ विटामिन-ए कैप्सूल का सेवन किया जा सकता है।

कितनी बार करें: प्रतिदिन एक कैप्सूल लें।

कैसे है फायदेमंद: शरीर में विटामिन-ए की कमी से प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर हो सकती है, जिससे अन्य समस्याएं होने के साथ-साथ चर्बी की गांठ जैसी समस्या भी हो सकती है। वहीं, विटामिन-ए का सेवन करने से शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली बेहतर हो सकती है । इसलिए, कह सकते है कि चर्बी की गांठ की रोकथाम के लिए विटामिन-ए अहम भूमिका निभा सकता है।

11. प्याज

सामग्री: एक या दो प्याज

कैसे करें इस्तेमाल: प्याज का रस निकालकर उसे पी लें। आप अपने आहार में भी प्याज को शामिल कर सकते हैं।

कितनी बार करें: दिन में एक गिलास ताजा प्याज का जूस पी सकते हैं।

कैसे है फायदेमंद: गांठ का मुख्य कारण सूजन हो सकता है। प्याज में फ्लेवोनोइड्स (फाइटोकेमिकल्स के समूह) पाए जाते हैं, जो मोटापे को कम करने का काम कर सकते हैं, ताकि चर्बी की गांठ से निजात मिल सके । इसलिए, चर्बी की गांठ के इलाज में प्याज को उपयोगी माना जा सकता है।

12. चारकोल कंप्रेस

सामग्री:
एक चम्मच चारकोल पाउडर
आधा चम्मच अलसी पाउडर
पानी
मोटा पेपर

कैसे करें इस्तेमाल:
चारकोल और अलसी पाउडर को मिला लें और पेस्ट बनाने के लिए उसमें आवश्यकतानुसार पानी डालकर मिक्स करें।
इस पेस्ट को पेपर पर रखें और प्रभावित जगह पर लगाएं।
फिर 10-15 मिनट के लिए छोड़ दें।
उसके बाद पानी से धो लें।

कितनी बार करें: आप इस प्रक्रिया को दिन में 2 से 3 बार दोहराएं, जब तक कि चर्बी की गांठ ठीक न हो जाए।

कैसे है फायदेमंद: चर्बी की गांठ से निजात पाने के लिए चारकोल का उपयोग किया जा सकता है। ऐसा माना जाता है कि इसके उपयोग से सूजन और दर्द को कम किया जा सकता है। इससे चर्बी कि गांठ को कम किया जा सकता है। फिलहाल, इस बात की पुष्टि के लिए कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इसलिए, आप इस घरेलू उपचार को डॉक्टर की सलाह पर ही करें।

13. कंट्रास्ट बाथ

सामग्री:
गरम पानी
ठंडा पानी

कैसे करें इस्तेमाल:
गांठ वाले हिस्से को तीन से चार मिनट के लिए गर्म पानी में डुबोएं।
फिर कुछ देर बाद उस हिस्से को दो मिनट के लिए ठंडे पानी में डुबोएं।
इसे चार से पांच बार दोहराएं।

कितनी बार करें: दिन में दो बार इस थेरेपी को करें।

कैसे है फायदेमंद: कंट्रास्ट बाथ थेरेपी के जरिए गांठ के लिए गर्म और ठंडे पानी के उपचार का उपयोग किया जा सकता है। ठंडा पानी दर्द को कम करने में मदद कर सकता है, जबकि गर्म पानी रक्त संचार को बेहतर करने में मदद कर सकता है। जिससे सूजन को कम कर चर्बी की गांठ का उपचार किया जा सकता है ।

लेख के अगले भाग में चर्बी की गांठ को कम करने के लिए कुछ अन्य टिप्स बताए जा रहे हैं।

चर्बी की गांठ कम करने के लिए कुछ और टिप्स – Other Tips To Treat Lipoma in Hindi

घरेलू उपचार के अलावा कुछ और तरीकों को अपना कर चर्बी की गांठ को कम किया जा सकता है। यहां हम कुछ टिप्स दे रहे हैं, जिनकी मदद से आप इस समस्या को कुछ हद तक कम कर सकते हैं।

हाइड्रेटेड रहना : कुछ समस्याएं शरीर में तरल पदार्थ और रक्त प्रवाह के असंतुलित होने के कारण होती हैं। इसलिए, शरीर को हाइड्रेटेड रखने के लिए भरपूर मात्रा में पानी पीना जरूरी है। आपके पूरी तरह से हाइड्रेटेड रहने से गांठ को कम करने में मदद मिल सकती है।

कैफीन के सेवन से बचें : कॉफी और चाय में कैफीन भरपूर मात्रा में पाया जाता है, जो गांठ के बढ़ने का कारण बन सकता हैं। इनकी जगह आप फलों के जूस का सेवन कर सकते हैं।

साफ-सफाई : खुद को और अपने आसपास की जगह को साफ-सुथरा रखें। इससे न सिर्फ लिपोमा, बल्कि अन्य बीमारियां भी आपसे दूर रहेंगी।

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चर्बी की गांठ का घरेलू इलाज है सुबह की दौड़-
सबसे पहले तो आप ये जान लीजिये कि ये गांठे चर्बी की होती हैं अर्थात अगर चर्बी पिघलेगी तो यह गांठे भी पिघल जायेंगी. तो सबसे पहले सुबह उठकर दौड़ना शुरू कीजिये जिससे आपके शरीर में जो फालतू चर्बी है तो कम होना शुरू हो जायेगी. एक सप्ताह में ही देखते ही देखते आपकी चर्बी की गाँठ की गांठे छोटी होती चली जायेंगी. अगर 2 महीने तक आपने रोजाना दौड़ लगायी तो ये गांठें बिल्कुल पिघल जायेंगी. इसलिए रोजाना 5 से 10 मिनट दौड़ जरूर लगायें.

1. तला भुना और जंक फूड कम खायें
यूँ तो चर्बी की गाँठ का सही कारण डॉक्टरों को भी नहीं पता होता लेकिन डॉक्टर हमेंशा सलाह देते हैं कि तला भुना खाना और जंक फूड से दूरी ही बनाये रखें. आपको यकीन ना हो तो आप एक सप्ताह रोजाना खूब तला भूना और जंक फूड खाकर देखें. आप देखेंगे कि आपकी गांठे और बड़ी होने लगी हैं. इसलिए बाहर की तली भूनी चीज़ें और जंक फूड खाना तुरंत बंद कर दें.

2. आटा और शहद का लेप
ये बहुत ही आसान घरेलू तरीका है. आटा तो सबके घरों में होता ही है और शहद आप बाजार से ला सकते हैं. एक कटोरी में थोड़ा सा आटा लें और इतनी ही समान मात्रा में इसमें शहद मिला लें. अब दोनों को घोलकर एक लेप तैयार करें और इस लेप को अपनी गाँठों पर लगाएं और ऊपर से किसी नैपकिन से ढक लें ताकि मक्खियाँ ना बैठें. इसे आप 2 से 3 घंटे ऐसे ही छोड़ दें और अगर आप फ्री हैं तो सारा दिन लगा रहने दें. शाम को इसे छुटा लें और अगले दिन फिर से यही प्रक्रिया करनी है. आप देखेंगे कि कुछ सप्ताह में गांठें गायब होने लगेंगी.

3. सर्जरी से गांठे निकलवाना
काफी लोगों की गांठे बड़ी -बड़ी हो जाती हैं तो यह दिखने में बहुत गन्दी लगने लगती हैं इसलिए डॉक्टर सर्जरी का रास्ता अपनाते हैं. सर्जरी की सहायता से गांठ वाली जगह पर छोटा सा चीरा लगाकर गाँठ को बाहर निकाल दिया जाता है. लेकिन सर्जरी के बाद यह गारंटी नहीं होती कि गाँठ फिर से नहीं होंगी क्यूंकि कई केसों में यह देखने में आया है कि सर्जरी के कुछ समय बाद फिर से गांठे बनने लगती हैं.

4. सुईं की सहायता से गांठे निकालना
चर्बी की गाँठ की सर्जरी कराने से शरीर पर निशान बन जाते हैं इसलिए डॉक्टर इन गाँठों का इलाज करने के लिए एक नयी तकनीक अपनाते हैं जिसमें गाँठों में सुईं डालकर इनमें से चर्बी बाहर निकाल दी जाती है. इससे शरीर पर निशान नहीं बनते और काफी लोग इस इलाज को अपनाते भी हैं लेकिन इस इलाज के लिए डाक्टरी परामर्श बेहद जरुरी है.

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This Post Has One Comment

  1. राहुल

    बहुत अच्छी जानकारी

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