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गंजापन का आयुर्वेदिक व घरेलु इलाज

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भृंगराज – बालो के झड़ने को नियंत्रित करने के लिए यह सबसे अच्छी आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी है क्योंकि इस जड़ी-बूटी में गंजापन का आयुर्वेदिक इलाज करने की शक्ति है, यह एक अच्छा गंजापन का आयुर्वेदिक इलाज हो सकता है। विधि – इसे आंतरिक रूप से लिया जा सकता है, यह भृंगराज तेल के रूप में भी सिर या प्रभावित जगह पर लगाया जा सकता है, इसका पेस्ट बना कर भी, इस पेस्ट को सिर पर लगाया जा सकता है, १० से १५ मिनट के बाद इसको साफ़ पानी से धो लें।

आवला – यह विटामिन सी का एक मुख्य स्रोत्र है। यह बाल मजबूती के लिए जाना जाता है। यह एक अच्छा गंजापन का आयुर्वेदिक इलाज हो सकता है। विधि – दही, मेथी पाउडर और ब्राह्मी पाउडर के साथ एक पेस्ट बनाए और सिर पर लगाए अब १ से २ घंटे बाद इसको धो लें। अब बालो पर आवला तेल और नींबू रस के साथ मालिश कर लें चौकने वाला परिणाम आप के सामने होगा।

ब्राह्मी – यह आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी स्वस्थ बालो को बढ़ावा देने के अलावा, मस्तिक, स्मृति, बुद्धि, एकाग्रता और सतर्कता के लिए भी किया जाता है। यह स्वस्थ त्वचा और बालो को बढ़ावा देती है, यह एक अच्छा गंजापन का आयुर्वेदिक इलाज हो सकता है। विधि – ब्राह्मी तेल की अपने सिर पर मालिश कर सकते है। जिससे सिर में रक्त का धाराप्रवाह बनता है। इसको दही और नींबू रस के साथ पेस्ट बना कर सिर पर लेप कर सकते है।

अश्वगंधा – यदि आप के बाल भावनात्मक, मानसिक और शारीरिक वजह से गिर रहे है तो यह औषधि बहुत ही महत्त्वपूर्ण है। यह प्रतिरक्षा प्रणाली को भी शक्ति देता है। यह एक अच्छा गंजापन का आयुर्वेदिक इलाज हो सकता है। विधि – इस के तैयार चूर्ण को आप सुबह और शाम लें सकते है या फिर इसका लेप तैयार कर के सिर पर भी लगा सकते है, सूखने पर इसको साफ़ पानी से धो लें और नारियल तेल की मालिश करे।

नारियल का दूध – बनाने की विधि – हेयर डाई ब्रश की मदद से नारियल के दूध को अपने सिर पर लगाएं। इसके बाद सिर को तौलिये से ढक दें और करीब २० मिनट के लिए इसे छोड़ दें। अब तौलिये को हटाकर बालों को ठंडे पानी से धो लें। अंत में बालों को शैम्पू से साफ़ कर लें। कब करें इस्तेमाल – इस प्रक्रिया को आप हफ्ते में एक बार कर सकते हैं।

नीम – बनाने की विधि – १०-१२ नीम की पत्तियों को पानी में तब तक उबालें, जब तक की पानी आधा न रह जाए। इसके बाद पानी को ठंडा होने दें। अब बालों को इस पानी से धो लें। कब करें इस्तेमाल – जब भी आप शैम्पू करे इस मिश्रण से बालों को जरूर धोए। अगर यह संभव हो, तो हफ्ते में एक बार कर सकते हैं।

मेथी – बनाने की विधि – दो चम्मच मेथी के बीज को रात भर के लिए पानी में भिगोकर रख दें अगली सुबह, इन बीजों का पेस्ट बना लें। अब इसमें थोड़ा पानी डालकर मिक्स कर लें। बाद में इसमें दही और अंडे का सफ़ेद हिस्सा मिला लें। अब इस पेस्ट को अपने बालों पर लगाएं। करीब आधे घंटे बाद पानी से बालों को धो लें।

मुलेठी – बनाने की विधि – एक चम्मच मुलेठी पाउडर व केसर को दूध में डालकर मिक्स कर लें। रात को सोने से पहले इस मिश्रण को सिर पर उस जगह लगाएं, जहां से बाल उड़ चुके हैं। अगली सुबह, सिर को अच्छी तरह से धो लें। कब करें इस्तेमाल – इसे हफ्ते में दो बार सिर पर लगाएं।

एलोवेरा – बनाने की विधि – एलोवेरा के पत्तों को गर्म पानी में डालकर उबाल लें और फिर उन्हें पीसकर पेस्ट तैयार कर लें। अब बालों को धोकर, पेस्ट को बालों पर अच्छे से लगाएं। इसके बाद, हलके हाथों से सिर की मालिश करें। करीब १५ मिनिट बाद बालों को ठंडे पानी से धो लें। कब करें इस्तेमाल – इसे हफ्ते में तीन दिन लगा सकते हैं। बेहतर होगा की इसे सुबह नहाते समय लगाएं।

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