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गर्दन की नस का इलाज !!

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1. लैवेंडर के तेल की कुछ बूँदें अपनी उँगलियों में लेकर गर्दन पर लगा लें। यदि आपकी त्वचा संवेदनशील है तो आप इसमें नारियल  या जोजोबा का तेल मिला सकते हैं। इससे तब तक मालिश करें जब तक आपकी त्वचा इसे सोख न ले। इससे प्रतिदिन दो-तीन बार मालिश करें। इसकी प्यारी खुशबू आपको अच्छी नींद लेने में सहायता करती है और इसके एंटीइंफ्लेमेटरी गुण दर्द और सूज़न को दूर करते हैं।

2. पुदीने का तेल दर्द के निवारण में और मांसपेशियों को आराम देने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसके यही गुण गर्दन की नस में दर्द से आराम दिलाते हैं। पुदीने के तेल की कुछ बूँदें अपनी उँगलियों में लेकर गर्दन पर लगा लें। इससे तब तक मालिश करें जब तक आपकी त्वचा इसे सोख न ले। यदि आपकी त्वचा संवेदनशील है तो आप इसमें नारियल या जोजोबा का तेल मिला सकते हैं। इससे प्रतिदिन दो बार मालिश करें।

3. योग करने से आपकी गर्दन की मांसपेशियों में खिंचाव आता है जिससे आपको दर्द से आराम मिलता है। यह प्रभावित स्थान पर रक्त संचार भी सुधारता है जिससे दर्द में आराम मिलता है। कोबरा पोज़, विस्तारित साइड एंगल पोज़, फिश पोज़ और डाउनवर्ड डॉग पोज़ में अभ्यास करें। हर पोज़ को 10-15 सेकंड तक करें।

4. अदरक अपनी दर्द निवारक क्षमताओं के लिए काफी मशहूर है।अदरक को गर्म पानी में डाल लें। इसे 5-10 मिनट तक पड़ा रहने दें। इसे छान लें और उसमें थोडा शहद डाल लें। ठंडा होने से पहले पी लें। अदरक की चाय प्रतिदिन 2-3 बार पियें।

5. मालिश करने से कुछ स्थान उत्तेजित हो जाते हैं जिससे मांसपेशियों को आराम मिलता है और रक्त संचार सुधर जाता है। ये दर्द भी कम कर देता है।थोडा सा नारियल या सरसों का तेल लेकर उसे गर्म कर लें। इसे गर्दन पर लगायें और 10-15 मिनट तक मालिश करें। इसे दिन में कम से कम 2 बार प्रयोग करें।

6. ठंडी चीज़ से सेंक लेने से सूजन और दर्द ठीक हो जाता है और गर्म चीज़ से सिकाई करने से कठोर मांसपेशियां नर्म पड़ जाती हैं। ये आपकी गर्दन तक रक्त का संचार भी सुधारता है।कुछ बर्फ के टुकड़े लें और उन्हें सील होने योग्य प्लास्टिक बैग में रख लें।इस प्लास्टिक बैग को एक साफ़ कपडे में रखकर अपनी गर्दन पर लगा लें। इसे 10-15 मिनट के लिए छोड़ दें। इसे दिन में कई बार दोहराएं। आप इसके स्थान पर गर्म सेंक का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। आप इसको हर एक या दो घंटे में प्रयोग करें जब तक आपका दर्द कम न होने लगे।

7. व्यायाम करने से आपकी कठोर मांसपेशियां ढीली पड़ जाती हैं जिससे आपका दर्द ठीक हो जाता है। अपनी गर्दन को दक्षिणावर्त और वामा व्रत दिशा में धीरे धीरे घुमाएं। आप गर्दन को आगे पीछे और दायें से बायें की ओर भी घुमा सकते हैं। इसे 15-20 बार दोहराने से नस चढ़नें में मदद मिलेगी।

8. अरंडी के तेल में रिसिनोलिक एसिड पाया जाता है जो नस दबने के दर्द निवारण में सहायता करता है। ज़रुरत के अनुसार अरंडी का तेल अपने हाथों में लें और गर्दन के आसपास प्रभावित स्थान पर लगायें। अपनी गर्दन पर 5-10 मिनट तक मालिश करें। वार्म कॉम्प्रेस(गर्म सेंक) 10-15 मिनट के लिए उस स्थान पर रख लें।

9. सेंधा नमक में मैग्नीशियम पाया जाता है जो दर्द और सूजन को ठीक करने के लिए उपयोग किया जाता है। पानी में ये डालकर नहाने से आपके गर्दन की नस के दर्द में आराम मिलता है। अपने नहाने के पानी में सेंधा नमक डाल लें। इस पानी में 15-20 मिनट तक बैठे। अच्छे परिणाम पाने के लिए इसे हफ्ते में 2-3 बार प्रयोग करें। हल्दी में कर्कुमिन मौजूद होता है जिसमें एंटीइंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो दर्द को ठीक कर देते हैं। 1 गिलास गर्म दूध में 1 चम्मच हल्दी डालकर अच्छे से मिला लें। इसे थोडा ठंडा होने दें फिर उसमें शहद मिला लें। इसे पी लें। हल्दी प्रतिदिन 1-2 बार पीयें। इसमें शहद और दूध मिलाने से और भी फायदा मिलेगा। इससे नस के दर्द में राहत मिलेगी।

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