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गठिया रोग के लक्षण -कारण और उपचार !!

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Gathiya(गठिया) रोग जिसे हम बाय, जोड़ों का दर्द या फिर arthritis भी कहते है | यह शरीर के किसी भी हिस्से को अपना शिकार बना सकता है | जैसे हाथ-पैरों के जोड़ो में कलाई के जोड़ों में या फिर उँगलियों के जोड़ों में | मुख्य रूप से यह शरीर से हड्डियों के जोड़ों को अपना शिकार बनाता है | जोड़ों में यूरिक एसिड के अधिक जमा होने से यह बीमारी उत्पन्न होती है | इस रोग में रोगी को शरीर के किसी भी हिस्से के जोड़ों में दर्द का अनुभव होता है | यह दर्द इतना अधिक होता है कि शरीर के उस हिस्से को स्पर्श मात्र से भी दर्द का अनुभव होने लगता है(Gathiya Rog Upchar) | इस रोग में रोगी को एक या कई जोड़ों में दर्द – सूजन या अकडन का अनुभव होता है |

गठिया रोग के लक्षण : –

  • उँगलियों में दर्द, सूजन या अकडन का अनुभव होना |
  • कलाई में दर्द, सूजन या अकडन का अनुभव होना |
  • कंधो में दर्द होना
  • घुटनों में भयंकर दर्द का अनुभव या फिर उठने-बैठने में दिक्कत होना |
  • पैरों के पंजों में दर्द या सूजन |
  • शरीर के अन्य किसी भी हिस्सों के जोड़ों में दर्द का अनुभव आदि |

गठिया रोग होने का कारण : –

गठिया रोग मुख्य रूप से 50 से अधिक उम्र के लोगों में होता है | किन्तु आज के समय में गलत खान-पान होने के कारण यह रोग तेजी से फ़ैल रहा है और इसकी चपेट में युवा और बच्चे तक भी हो रहे है | आइये जानते है शरीर में गठिया रोग होने के मुख्य कारण क्या होता है : –

यूरिक एसिड जिसे एक विषैला पदार्थ माना जाता है | यह कई प्रकार के भोजन से हमें प्राप्त होता है | जब किडनी ठीक प्रकार से कार्य करती है तो वह यूरिक एसिड को मूत्र के माध्यम से शरीर से बाहर निकाल देती है | किन्तु जब किडनी की कार्यक्षमता में कमी आ जाती है तो शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ने लगती है | यही यूरिक एसिड हड्डियों के जोड़ों में जमा होने लगता है और गठिया रोग का मुख्य कारण बनता है |

गठिया रोग अनुवांशिक भी हो सकता है यानि यदि आपके परिवार में किसी सदस्य को यह बीमारी है तो संभवतः आपको भी गठिया होने की समस्या हो सकती है | शारीरिक श्रम न करने वाले व्यक्ति या गलत खान-पान की आदत वाले व्यक्ति भी गठिया के शिकार हो सकते है|

गठिया रोग के घरेलु उपचार : –

  • अजवाइन यूरिक एसिड को कम करने के लिए एक प्रभावी तरीका है क्‍योंकि इसके सेवन से शरीर में यूरिन ज्यादा बनता है। यह रक्त में क्षार के स्‍तर को नियंत्रित कर सूजन को कम करने में मदद करता है। अगर आप मोटापे से ग्रस्त हैं, तो यूरिक एसिड के स्तर में वृद्धि को रोकने के लिए अपने वजन को नियंत्रित करना होगा।

  • अदरक का प्रयोग अधिक से अधिक करें | दिन में एक बार सूखी अदरक को पानी में उबालकर उस जल का सेवन करें |
  • शरीर में जिस स्थान पर आपको दर्द रहता है उस स्थान पर तेल द्वारा मालिस अवश्य करें|

  • गठिया रोग में रोगी को अधिक से अधिक पानी पीना चाहिए | अधिक पानी पीने से शरीर से यूरिक एसिड मूत्र द्वारा बाहर निकल जाता है | इससे रोगी को बहुत आराम मिलता है | इसलिए गठिया रोग होने पर जरुरी है कि अधिक से अधिक पानी का सेवन किया जाये |

  • खाना खाने से पहले टमाटर का शूप या फिर हरी सब्जियों का सूप का सेवन करना चाहिए | उसके बाद पौष्टिक आहार खाना चाहिए |
  • सुपाच्य भोजन करने से भी गठिया की समस्या कम होती है | इसलिए अधिक तैलीय भोजन या फिर भारी भोजन न करें, जंक फ़ूड आदि न खाए |
  • प्रतिदिन सुबह-शाम खाली पेट बथुआ के पत्तों का रस पीये | इस रस के पीने के एक घंटे बाद तक कुछ न खाए |
  • अश्वगंधा + शतावरी + आमलकी को मिलाकर चूर्ण बना ले | सुबह-सुबह खाली पेट 1 चम्मच इस चूर्ण को गुनगुने पानी के साथ सेवन करें | इस प्रयोग को नियमित रूप से करने से जोड़ों के दर्द में आराम मिलता है | गठिया की समस्या दूर होती है |
  • मेथी को पीसकर चूर्ण बना ले | इस चूर्ण का सेवन सुबह-सुबह खाली पेट करें | जल्द ही आपको गठिया के दर्द से राहत मिलने लगेगी |
  • सुबह खाली पेट निम्बू मिला गुनगुना पानी पीने से भी गठिया रोग में राहत मिलती है |
  • Exercise करना भी गठिया रोग में राहत पाने का अच्छा विकल्प हो सकता है| आपको शरीर के जिस भी हिस्से में दर्द हो उस स्थान पर प्रतिदिन exercise करना चाहिए | इसके अतिरिक्त पीड़ित जगह पर किसी अच्छे तेल द्वारा मालिस करनी चाहिए |

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