You are currently viewing घरेलू उपायों से करें गोखरू का इलाज !!

घरेलू उपायों से करें गोखरू का इलाज !!

Spread the love

कठोर त्वचा समय के साथ गोखरू का रूप ले लेती है। गोखरू मोटी त्वचा के धब्‍बे की तरह उभरता है और दबाव के माध्‍यम से बढ़ता है। गोखरू अक्‍सर तेज दर्द का कारण बन सकता है। गोखरू का जल्द से जल्द इलाज नहीं किये जाने पर इससे छुटकारा पाना थोड़ा कठिन हो सकता है। चिकित्‍सकीय रूप में गोखरू केवल एक छोटी सी शल्‍य चिकित्‍सा द्वारा हटाया जा सकता है।

मुलेठी

अद्भुत चिकित्‍सा और औषधीय गुणों के कारण आयुर्वेंद में गोखरू के इलाज के लिए मुलेठी की सिफारिश की जाती है। गोखरू के उपचार के लिए एक चम्‍मच मुलेठी में पर्याप्‍त मात्रा में सरसों का तेल मिलाकर गाढ़ा पेस्‍ट बना लें। इस पेस्‍ट को सोने से पहले प्रभावित क्षेत्र पर लगा लें। इसपर पट्टी बांधकर रात भर के लिए छोड़ दें। अगली सुबह पट्टी को हटाकर गुनगुने पानी से उस क्षेत्र को धो लें। ऐसा तब तक करें जबतक गोखरू नर्म और आकार में कम न हो जाये। 

प्‍यूमिक स्‍टोन

सबसे पहले हार्ड त्वचा को नर्म करने के लिए अपने पैरों को गीला करें। फिर हल्‍के दबाव का उपयोग कर, गीले प्‍यूमिक स्‍टोन को कॉर्न के आगे पीछे रगड़ें। मृत त्वचा को धोने के लिए हर कुछ मिनट के लिए रुकें, और गोखरू को थोड़ा नर्म होने तक दोहराये।

टी ट्री ऑयल

टी ट्री आवश्‍यक तेल में मौजूद एंटीफंगल और एंटी-बैक्‍टीरियल गुण इसे गोखरू के इलाज के लिए बेहतर बनाते है। एक साफ कॉटन बॉल लेकर, उसपर आवश्‍यक तेल की पांच बूंदों डालकर गोखरू पर रगडें। फिर गोखरू पर कॉटन को लगा रहने दें। रात भर लगा रहने के बाद सुबह इसे पानी से धो लें। 

पपीता

पैर से गोखरू को दूर करने के लिए एक और बहुत ही आसान और कारगर उपाय है। पपीते में मौजूद कई एंजाइम कठिन और मृत त्वचा को दूर करने में मदद करते हैं। इसके अलावा, पपीता किसी भी दर्द या बेचैनी को कम करने और यहां तक कि गोखरू को सूखने और तेजी से गिरने में मदद करता है। सर्वोत्तम परिणामों के लिए, कच्चे पपीता का उपयोग करें। कच्‍चे पपीते के रस में कॉटन को डूबोकर उसे गोखरू पर लगाये और इसपर पट्टी के साथ सुरक्षित करें। इसे रात भर के लिए छोड़ दें। अगली सुबह धीरे से त्वचा को प्‍यूमिक स्‍टोन से एक्‍सोफोलिएट करें।

लहसुन

लहसुन प्रकृति से एंटीऑक्सीडेंट होने के कारण यह एंटी-बैक्टीरियल और फंगल संक्रमण से लड़ने में उपयोगी होती है। लहसुन के साथ गोखरू के इलाज के लिए लहसुन की तीन कली को अच्‍छे से भूनकर कुचलकर पाउडर बना लें। फिर लहसुन के साथ लौंग पाउडर को मिलाकर इसे गोखरू पर लगाये। इसे पट्टी से कवर करके पूरी रात के लिए छोड़ दें। अगली सुबह पट्टी को खोलकर गुनगुने पानी से पैरों को धो लें। इस उपाय गोखरू के गायब होने तक करें। 

तारपीन का तेल

तारपीन का तेल एक मजबूत एंटीसेप्टिक है, जो गोखरू के इलाज में मदद करता है। तेल त्वचा में जल्‍दी प्रवेश कर जाता है जिससे उपचार तेजी से किया जा सकता है। एक पतले कपड़े में बर्फ लपेटकर प्रभावित क्षेत्र में दो मिनट के लिए मसाज करें। गोखरू वाले हिस्‍से को अच्‍छे सुखाकर उसपर थोड़ा सा तारपीन का तेल लगाये। फिर इस पर पट्टी बॉधकर रात भर के लिए छोड़ दें। रात को सोने से पहले इस उपाय को नियमित रूप से करें।  

नींबू का रस

यह इलाज धीमी गति से काम करता है, लेकिन गोखरू के लिए किसी भी अन्‍य घरेलू उपचार की तरह प्रभावी है। ताजा नींबू का एक चम्‍मच रस लेकर उसमें लौंग के दो टुकड़े मिलाये। 15 मिनट के लिए नींबू के रस में लौंग को छोड़ दें। फिर लौंग को हटाकर, नींबू के रस को गोखरू पर अच्‍छी तरह से रगड़ें। कुछ देर सुखने के बाद पानी से इसे साफ कर लें। 

हल्‍दी

गोखरू को दूर करने के लिए हल्‍दी भी बहुत अच्‍छा उपाय है। एंटी-इफ्लेमेंटरी प्रकृति के कारण, हल्‍दी परेशानी और दर्द को कम करने और उपचार को गति प्रदान करती है। एक चम्‍मच शहद में थोड़ी सी हल्‍दी मिलाकर गाढ़ा पेस्‍ट बना लें। इस पेस्‍ट को गोखरू पर लगाकर इसे सुखने के लिए छोड़ दें। गोखरू के निकलने तक इस उपाय को कम से कम एक सप्‍ताह में दिन में दो या तीन बार दोहराये।

कैमोमाइल चाय

कैमोमाइल चाय में अपने पैरों को भिगोना सुखदायक होता है और यह अस्‍थायी रूप से त्वचा के पीएच को बदल कर पसीने से तर पैर को सूखने में मदद करता है। गुनगुने पानी में सेंधा नमक और कैमोमाइल चाय को मिलाकर उसमें पैर भिगोना, गोखरू को नर्म करने की चिकित्‍सा के लिए फायदेमंद होता है। हालांकि चाय से पैर में दाग हो सकते हैं, लेकिन इसे आसानी से साबुन और पानी से हटाया जा सकता है। 

Leave a Reply