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घमरा के फायदे(Tridax procumbens) !!

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1. मधुमेह रोगियों के लिए घमरा के पौधे का अर्क बहुत ही फायदेमंद होता है। घमरा के पौधे में एंटी-डायबिटिक गुण होते हैं। अध्‍ययनों से पता चलता है कि नियमित रूप से 7 दिनों तक घमरा के अर्क का सेवन करने से शरीर में रक्‍त शर्करा के स्‍तर को कम करने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा यह शरीर में इंसुलिन उत्‍पादन को भी सक्रिय करता है जो रक्‍त शर्करा के स्‍तर को बढ़ने से रोकता है। यदि आप भी डायबिटिक रोगी हैं तो घमरा के अर्क का सेवन कर सकते हैं। यह आपके लिए फायदेमंद हो सकता है।

2. औषधीय जड़ी बूटी घमरा में एंटी बैक्‍टीरियल गुण होते हैं जो हमें संक्रमण से बचाने में सहायक होते हैं। नियमित रूप से घमरा के अर्क का उपयोग कर आप जीवाणु संक्रमण के पेचिश, दस्‍त और आंतों संबंधी विकारों को दूर कर सकते हैं। घमरा के पौधे में सक्रिय घटक जैसे टैनिन, फलेवोनाइड्स एथिल एस्‍टर और अन्‍य घटक होते हैं। ये सभी घटक शरीर में मौजूद संक्रमण को रोकने और उन्‍हें फैलने से बचाते हैं। यदि आप भी इसी तरह के किसी संक्रमण का इलाज करना चाहते हैं तो घमरा के पौधे का उपयोग कर सकते हैं।

3. उच्‍च रक्‍तचाप भी एक गंभीर स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍या है। लेकिन घमरा के पौधे का उपयोग कर आप इसके लक्षणों को कम कर सकते हैं। उच्‍च रक्‍तचाप हृदय, कोरोनरी धमनी रोग, मायोकार्डियल रोधगलन और कंजेस्टिव हार्ट फेल जैसी समस्‍याओं का कारण बन सकता है। लेकिन इन समस्याओं से बचने के लिए आप घमरा के अर्क का सेवन कर सकते हैं। यह उच्‍च रक्‍तचाप के लक्षणों को कम करने में सहायक होता है।

4. घमरा की पत्तियों में मौजूद आवश्‍यक तेल की मौजूदगी के कारण घमरा पौधे का जलीय अर्क कैंसर कोशिकाओं को रोकने में सहायक होता है। नियमित रूप से उपयोग करने पर यह फेफड़ों के कैंसर के विकास पर एंटी-मेटास्‍टेटिक (anti-metastatic) गतिविधि दिखाते हैं। जो कि शरीर के वजन, डब्‍ल्‍यूबीसी और हीमोग्‍लोबिन की संख्‍या में वृद्धि करते हैं। इसके अलावा घमरा के पौधे में मौजूद एंटीऑक्‍सीडेंट भी शरीर की कोशिकाओं को कैंसर कोशिकाओं से बचाने में सहायक होते हैं।

5. घमरा की पत्तियों के रस का पारंपरिक रूप से घावों का इलाज करने के लिए उपयोग किया जाता है। घमरा के औषधीय गुण और पोषक तत्‍व रक्‍तस्राव को रोकने और उपचार प्रक्रिया को बढ़ाने में सहायक होते हैं। यदि आप भी घाव या चोट के जख्‍म को ठीक करना चाहते हैं तो घमरा का उपयोग कर सकते हैं। इसके लिए आप घमरा पौधे के रस को सीधे ही घाव पर लगाएं। ऐसा करने से चोट या घाव से रक्‍तस्राव को रोका जा सकता है। साथ ही यह घाव को ठीक करने की प्रक्रिया को तेज करता है। घमरा पौधे के गुण त्‍वचा संक्रमण को भी भी प्रभावी रूप से दूर कर सकते हैं।

6. घमरा का नियमित उपयोग करना आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा सकता है। घमरा के एथनॉलिक अर्क में इम्‍यूनोस्टिमुलेटरी (immunostimulatory) प्रॉपर्टी होती है क्‍योंकि यह फागोसाइट्स (phagocytes) द्वारा पार्टिकुलेट मैटर के अपटेक को बढ़ाता है। घमरा में शरीर में फागोसाइटिक इंडेक्‍स को बढ़ाने के लिए ल्‍यूकोसाइट्स, प्‍लाज्‍मा कोशिकाओं और स्‍प्‍लेनिक ल्‍यूकोसाइट्स की संख्‍या में वृद्धि करके एक कोशिका-मध्‍यस्‍थ प्रतिरक्षा प्रक्रिया को उत्‍तेजित करता है। इस तरह से आप अपनी कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए घमरा के पौधे का उपयोग कर सकते हैं।

7. गठिया एक दर्द और सूजन वाली समस्‍या है जो कि बहुत ही कष्‍टदायक होती है। इस बीमारी के दौरान शरीर के जोड़ों में सूजन और दर्द बना रहता है। लेकिन इस प्रकार की समस्‍या को दूर करने में घमरा का उपयोग किया जा सकता है। अध्‍ययनों से पता चलता है कि नियमित रूप से गठिया के दर्द प्रभावित जगह पर घमरा के तेल से मालिश करने पर यह दर्द और सूजन को दूर कर सकता है। घमरा में ऐसे घटक होते हैं जो सूजन प्रभावित कोशिकाओं को आराम दिलाने और दर्द को कम करने में सहायक होते हैं। आप भी गठिया रोगी के दर्द और सूजन का इलाज करने के लिए घमरा का तेल या घमरा की पत्तियों के पेस्‍ट का उपयोग कर सकते हैं।

8. घमरा एक औषधीय जड़ी बूटी है जो कई प्रकार की शारीरिक समस्‍याओं को दूर कर सकती है। अपने औषधीय गुणों के कारण घमरा का उपयोग सूजन संबंधी समस्‍याओं को दूर करने के लिए किया जा सकता है। इसमें मौजूद सूजन विरोधी गुण चोट की सूजन, कब्‍ज से होने वाले दर्द आदि को कम करने में सहायक होते हैं। आप भी इस प्रकार की समस्‍याओं से बचने के लिए घमरा का उपयोग कर सकते हैं।

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