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गला बैठ जाने के उपाय !!

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1. शहद में मौजूद एंटीऑक्‍सीडेंट और एंटी-इंफ्लामेटरी गुण गले की सूजन, दर्द और संक्रमण से रक्षा करते हैं। आप अपने गले को स्‍वस्‍थ रखने के लिए नियमित रूप से प्रतिदिन 1 चम्‍मच शहद का सेवन कर सकते हैं। इसके अलावा गला बैठने पर उपचार के लिए 1 गिलास गर्म पानी में 1 चम्‍मच शहद और 1 चुटकी काली मिर्च मिलाकर दिन में 2 से 3 बार सेवन करें। यह उपचार भी आपको गले की समस्‍या को कम कर सकता है।

2. गला बैठने पर काली मिर्च का सेवन करने से गले के दर्द और सूजन को कम करने में मदद मिलती है। यहां तक की इसके औषधीय गुण गले के संक्रमण को भी प्रभावी रूप से दूर कर सकते हैं। बंद गले का उपचार करने के लिए आप 1 बड़े चम्‍मच शहद में 1 छोटा चम्‍मच काली मिर्च पाउडर मिलाएं। इस पूरे मिश्रण को दिन में 2 से 3 बार सेवन करें। इसके अलावा विकल्‍प के रूप में आप 1 गिलास गर्म पानी में 1 चम्‍मच काली मिर्च पाउडर मिलाएं और इस पर आधा नींबू का रस मिलाएं। इस मिश्रण को दिन में 2 बार पीएं। आपको बंद गले से राहत मिलेगी।

3. यदि आप घरेलू उपचार के माध्‍यम से गले की आवाज खोलना चाहते हैं तो इलायची सबसे अच्‍छा घरेलू उपचार हो सकता है। आयुर्वेद में प्राचीन समय से हरी इलायची का उपयोग बंद गले का उपचार करने के लिए किया जा रहा है। इसमें मौजूद औषधीय गुण गले के आंतरिक अंगों की सूजन को कम करने और श्‍लेष्‍म झिल्‍ली को स्‍वस्‍थ रखने में सहायक होते हैं। इसके लिए आप हरी इलायची का सेवन करें। विकल्‍प के रूप में आप हरी इलायची को पीसकर पाउडर बना लें और इसे 1 चम्‍मच शहद के साथ मिला कर सेवन करें। यह आपको बंद गले से छुटकरा दिलाने में सहायक होता है।

4. लहसुन में सूजन और दर्द को कम करने वाले औषधीय गुण होते हैं। जो आपको गले की समस्‍या से त्‍वरित लाभ दिला सकते हैं।
बैठे हुए गले का उपचार करने के लिए आप लहसुन की एक कली लें और इसका छिलका निकाल दें। इसके बाद इसे बीच से काटते हुए 2 टुकड़े कर लें। इसके बाद आप पहले एक टुकड़े को मुंह में लें और गले की जलन को कम करने के लिए इसे धीरे-धीरे चूसे। इसी तरह से कुछ देर के बाद आप लहसुन के दूसरे टुकड़े का भी उपयोग करें। इसके अलावा विकल्‍प के रूप में आप 1 कप गर्म पानी में लहसुन तेल की कुछ बूंदे मिलाएं और इससे दिन में 2 बार गरारे करें।

5. नींबू एक औषधी उत्‍पाद है जिसका उपयोग आप गले की समस्‍याओं को दूर करने के लिए कर सकते हैं। नींबू का उपयोग करने से आप गला बैठने का उपचार कर सकते है। क्‍योंकि यह गले को नमीयुक्‍त बनाए रखने में सहायक होता है। इसके अलावा यह गले की खराश और सूजन से भी राहत दिलाता है। आप जानते हैं कि नींबू में विटामिन सी होता है जो एक महत्‍वपूर्ण एंटीऑक्‍सीडेंट है जो संक्रमण के प्रभाव को कम करने में सहायक होता है।

6. गला बैठने से होने वाली असुविधाओं का इलाज करने के लिए आप सेब के सिरके का उपयोग कर सकते हैं। सेब के सिरका में रोगाणुरोधी गुण होते हैं जो गले के संक्रमण का प्रभावी रूप से इलाज करने में मदद करते हैं। गला बैठने का इलाज करने के लिए आपको 1 गिलास गर्म पानी और 1 चम्‍मच सेब के सिरका की आवश्‍यकता होती है। आप 1 गिलास पानी में 1 चम्‍मच अनफिल्‍टर्ड सेब के सिरका को मिलाएं। इस मिश्रण को नियमित रूप से दिन में 2 बार सेवन करें। यह आपको जल्‍द ही राहत दिलाने में सहायक होता है।

7. अदरक मुख्‍य रूप से वॉयस बॉक्‍स के आसपास के श्‍लेष्‍म झिल्‍ली को आ‍राम दिलाने में सहायक होता है और सूजन को कम करता है। इस तरह से आप ऊपरी श्वसन पथ संक्रमण को रोकने के लिए अदरक का इस्‍तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए निश्चित समय अंतराल में कुछ ताजे कच्‍चे अदरक का सेवन कर सकते हैं। अदरक का स्‍वाद बढ़ाने के लिए आप इसके ऊपर नमक और नींबू के रस का भी इस्‍तेमाल कर सकते हैं। एक अन्‍य विकल्‍प के रूप में आप 1 कप पानी को गर्म करें और इसमें 1 चम्‍मच ताजा अदरक का पेस्‍ट मिलाएं। अच्‍छी तरह से पकने के बाद आप इस मिश्रण को ठंडा करें और इसका सेवन करें। दिन में 3-4 कप अदरक की चाय का सेवन करने से आपको आराम मिल सकता है। अदरक की चाय को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आप इसमें शहद भी मिला सकते हैं।

8. आप किसी बर्तन में पानी को उबलने तक गर्म करें। इस पानी में लैवेंडर तेल, कैमोमाइल तेल आदि तेल की कुछ बूंदें डालें। फिर इस पानी की भाप के ऊपर अपना चेहरा ले जाएं और ऊपर से तौलिया ढक लें। ताकि अधिक से अधिक भाप आपके चेहरे और गले तक पहुंचे। जल्‍दी लाभ प्राप्‍त करने के लिए आप इस‍ विधि को दिन में 2 बार तक उपयोग कर सकते हैं।

9. आप गला बैठ जाने के उपाय के रूप में नमक के पानी का उपयोग कर सकते हैं। अपनी आवाज को सामान्‍य करने के लिए दिन में कई बार आपको गर्म नमक वाले पानी से गरारे करना लाभ दिला सकता है। गले के उपचार के लिए नमक का पानी इसलिए प्रभावी होता है क्‍योंकि यह श्वसन पथ से बलगम को हटाने में मदद करता है। इसके अलावा गर्म पानी का उपयोग करने से गले के आंतरिक भाग की सूजन को कम करने में भी मदद मिलती है। नमक में एंटीसेप्टिक गुण भी होते हैं जिसके कारण गले में मौजूद संक्रमण को भी प्रभावी रूप से दूर किया जा सकता है।

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