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HIGH BP, cholesterol, दिल की बिमारी है तो इसे खाना शुरू कर दो

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हृदय रोग वर्तमान में एक गंभीर समस्या है, लेकिन इससे बचने के लिए तरीकों एवं उपचारों की भी कोई कमी नहीं है। दिल की बीमारी का इलाज समय से कराना चाहिए नहीं तो यह जानलेवा साबित हो सकती है. दिल की बीमारियों का इलाज का खर्च अधिक होता इसलिए आप आयुर्वेद उपाय कर सकते हैं

हृदय को स्वस्थ रखने के लिए जानिए दो ऐसे घरेलू रामबाण उपाय, जो आपके लिए मददगार साबित होंगे –

(1) 250 ग्राम घीया (लौकी) छिल्के सहित धोकर उसे कस लें। कसी हुई लौकी को या तो ग्राइंडर में अथवा सिल-बट्टे पर पीस लें। पिसी हुई लौकी का रस ग्राइंडर से अपने आप बाहर आ जाएगा फिर उसे कपड़े से छान लें।

लौकी को पीसते समय तुलसी की 7 पत्तियां और पुदीने की 6 पत्तियां डालना न भूलें। घीया के रस में उतनी ही मात्रा में पानी मिला लें। पानी में 4 पिसी हुई कालीमिर्च और 1 ग्राम सेंधा नमक डाल लें।

भोजन के आधे घंटे बाद सुबह-शाम और रात को 3 बार इसका सेवन करें। ध्यान रहे कि हर बार रस ताजा ही निकाला जाए। घीया का रस पेट में जो भी पाचन विकार होते हैं, उन्हें दूर कर मलद्वार से बाहर निकाल देता है,

संभव है कि इसके सेवन से प्रारंभ के 3-4 दिन पेट में कुछ खलबली या गड़गड़ाहट-सी महसूस हो, परंतु बाद में सब बंद हो जाएगा।

(2) पान, लहसुन, अदरक का 1-1 चम्मच रस और 1 चम्मच शहद- इन चारों को एकसाथ मिला ले और सीधे पी जाएं। इसमें पानी मिलाने की जरूरत नहीं है। इसे दिन में एक बार सुबह और एक बार शाम को पि‍एं, और तनाव लेना बंद कर दें। दिल में कोई कठिनाई महसूस हो तो जो सामान्य दवा लेता हो, वह लेता रहे।

प्रयत्न करें कि उसे लेना न पड़े। इस प्रयोग से एक हफ्ते में ही सुधार शुरू हो जाएगा और 21 दिन लेना फायदेमंद होगा।

दिल से जुड़ी बीमारियों का रामबाण इलाज है दालचीनी

किचन में मौजूद मुख्य मसालों में से एक दालचीनी का इस्तेमाल जायके के लिए किया जाता है. हालांकि कम ही लोगों को यह जानकारी है कि यह दिल के लिए बहुत ही फायदेमंद है.

दालचीनी के फायदे

किचन में मौजूद मुख्य मसालों में से एक दालचीनी का इस्तेमाल जायके के लिए किया जाता है. हालांकि कम ही लोगों को यह जानकारी है कि यह दिल के लिए बहुत ही फायदेमंद है.

दालचीनी के सेवन से दिल से जुड़ी कई समस्याओं में राहत मिलती है. दरअसल, इसमें फाइबर और कैल्शियम अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं और इनकी मदद से बैड कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम होता है. इस तरह के कोलेस्ट्रॉल के घटने से धमनियों की ब्लॉकेज का खतरा कम हो जाता है.

जानिए दालचीनी के और फायदे:

1. सर्दी में राहत के लिए

अगर आपको सर्दी हो गई है तो दालचीनी का सेवन आपके लिए फायदेमंद रहेगा. शहद के साथ दालचीनी का पाउडर सुबह-शाम लेने से फायदा होगा. अगर आपको सर्दी की वजह से सिर दर्द है तो इसके लेप से फायदा होगा.

2. जोड़ों के दर्द में

जोड़ों के दर्द के लिए दालचीनी बेहद फायदेमंद है. हल्के गर्म पानी में दालचीनी और शहद मिलाकर पीने से आराम मिलता है.इसके तेल से मसाज करना भी फायदेमंद साबित होता है.

3. हार्ट पेशेन्ट्स के लिए

शहद और दालचीनी के पाउडर का पेस्ट बनाकर खाने से धमनियों में कोलेस्ट्रॉल जमा नहीं होता है और दिल का दौरा पड़ने की आशंका कम हो जाती है. जिन लोगों को पहले भी हार्ट अटैक आ चुका है, उन्हें इस उपाय को करने से फायदा मिलेगा और दोबारा अटैक पड़ने की आशंका भी कम हो जाएगी.

4. कोलेस्ट्रॉल कम करने के लिए

अगर आपका कोलेस्ट्रॉल बढ़ा हुआ है और आप उसे कम करने के लिए प्रयास कर रहे हैं तो दालचीनी का इस्तेमाल आपके लिए फायदेमंद रहेगा.

5. पेट की समस्या के लिए

अगर आपको अपच की समस्या है तो दालचीनी का इस्तेमाल का आपके लिए फायदेमंद रहेगा. इसके अलावा उल्टी और दस्त में भी इसका सेवन फायदेमंद रहता है.

आज के दौर में ब्लड प्रेशर के मरीजों की तादाद दिन प्रति दिन बढ़ती जा रही है। दौड़- भाग भरी जिंदगी, फॉस्ट फूड और अनियमित दिनचर्या की वजह से आजकल हर उम्र के लोगों में बीपी की समस्या देखने को मिल रही है। और वैसे तो ब्लड प्रेशर की बीमारी मामूली सी लगती है लेकिन अगर इसपर काबू न पाया गया तो यह समस्या दिल की बीमारी, स्ट्रोक और किडनी की बीमारी का कारण भी बन सकती है।

ब्लड प्रेशर कम हो या ज्यादा दोनों ही ख़तरनाक होते हैं। इसलिए डॉक्टर द्वारा अक्सर यह सलाह दी जाती है की आप नियमित रूप से ब्लड प्रेशर की जांच करवाते रहें।

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यदि आप हाई ब्लड प्रेशर या लो ब्लड प्रेशर की समस्या से परेशान है और इसके समाधान के बारे में सोच रहें है तो आपके लिए दो तरह के विकल्प हैं। इसके दो विकल्प है एक रोज अंग्रेजी दवाएं खाकर राहत ली जाए जिसका साइड इफ़ेक्ट होना भी तय है और दूसरा घरेलू उपचार है जिसे अपनाकर आप ब्लड प्रेशर को प्रबंधन कर पाएंगे, साथ ही शरीर की कई और बीमारियों में लाभ भी पहुंचाएगा और साइड इफ़ेक्ट भी नहीं होगा। तो आइए आज हम जानते हैं

हाई ब्लड प्रेशर को कम करने के घरेलू टिप्स

चोकर युक्त आटा

गेहूं व चने के आटे को बराबर मात्रा में लेकर बनाई गई रोटी खूब चबा-चबाकर खाएं, आटे से चोकर न निकालें। यह ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने में बहुत मददगार होता है।

ब्राउन राइस

ब्राउन चावल का इस्तेमाल करें। इसमें नमक, कोलेस्टरोल और चर्बी नाम मात्र की होती है। यह हाई ब्लड प्रेशर रोगी के लिये बहुत ही लाभदायक भोजन है।

लहसुन

लहसुन में एलिसीन होता है, जो नाइट्रिक ऑक्साइड के उत्पादन को बढ़ाता है और मांसपेशियों को आराम पहुंचाता है। ब्लड प्रेशर के डायलोस्टिक और सिस्टोलिक सिस्टम में भी राहत देता है। यही कारण है कि ब्लड प्रेशर के मरीजों को रोजाना खाली पेट एक लहसुन की कली निगलनी चाहिए।

आंवला

वैसे तो आंवला काफी बीमारियों में मदद करता है पर आज से आप जानलें की आंवला ब्लड प्रेशर के लिए भी बहुत राहत पहुंचाने वाला है। आंवला में विटामिन सी होता है। यह ब्लड सर्कुलेशन को ठीक करता है और कोलेस्ट्रॉल को भी कंट्रोल में रखता है।

मूली

वैसे तो मूली एक साधारण सब्जी है। पर इसे खाने से ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रहता है। इसे पकाकर या कच्चा खाने से बॉडी को मिनरल्स व सही मात्रा में पोटैशियम मिलता है। यह हाइ-सोडियम डाइट के कारण बढ़ने वाले ब्लड प्रेशर पर भी असर डालता है।

तिल और चावल की भूसी

तिल का तेल और चावल की भूसी को एक साथ खाने से ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रहता है। यह हाइपरटेंशन के मरीजों के लिए भी लाभदायक होता है। माना जाता है कि यह ब्लड प्रेशर कम करने वाली अन्य औषधियों से ज्यादा बेहतर होता है।

अलसी

अलसी में एल्फा लिनोनेलिक एसिड काफी मात्रा में पाया जाता है। यह एक प्रकार का महत्वपूर्ण ओमेगा – 3 फैटी एसिड है। कई स्टडीज में भी पता चला है कि जिन लोगों को हाइपरटेंशन की शिकायत होती है, उन्हें अपने भोजन में अलसी का इस्तेमाल शुरू करना चाहिए। इसमें कोलेस्ट्रॉल की मात्रा कम होती है और इसे खाने से ब्लड प्रेशर भी कम हो जाता है

इलायची

जानकारों के मुताबिक इलायची के नियमित सेवन से ब्लड प्रेशर प्रभावी ढंग से कम होता है। इसे खाने से शरीर को एंटीऑक्सीडेंट मिलते हैं। साथ ही, ब्लड सर्कुलेशन भी सही रहता है।

प्याज

नियमित प्याज खाने से कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल में रहता है। इसमें क्योरसेटिन होता है। यह एक ऐसा ऑक्सीडेंट फ्लेवेनॉल है, जो दिल को बीमारियों से बचाता है।

दालचीनी

दालचीनी के सेवन से ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रहता है। दालचीनी में एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है यह ब्लड सर्कुलेशन को सुचारू रखता है।

नमक कम खाएं

नमक ब्लड प्रेशर बढाने वाला प्रमुख कारक है। इसलिए यह बात सबसे महत्वपूर्ण है कि जिनकी बीपी हाई हो उन्हें नामक खाने से बचना चाहिए।

रक्त गाढ़ा ना होने दें

लहसुन ब्लड प्रेशर ठीक करने में बहुत मददगार घरेलू उपाय है। यह रक्त का थक्का नहीं जमने देती है। धमनी की कठोरता में लाभदायक है। रक्त में ज्यादा कोलेस्ट्ररोल होने की स्थिति का समाधान करती है। उच्च रक्तचाप का एक प्रमुख कारण होता है रक्त का गाढा होना। रक्त गाढा होने से उसका प्रवाह धीमा हो जाता है। इससे धमनियों और शिराओं में दवाब बढ जाता है।

आंवले का रस

एक बड़ा चम्मच आंवले का रस उसी मात्रा में हनी मिलाकर सुबह-शाम लेने से हाई ब्लड प्रेशर में राहत मिलती है।

काली मिर्च

जब ब्लड प्रेशर बढ़ा हुआ हो तो आधा ग्लास हल्का गर्म पानी में एक चम्मच काली मिर्च पाउडर घोलकर 2-2 घंटे के डिस्टेंस पर पीते रहें। यह ब्लड प्रेशर सही करने का बढिया उपचार है।

नींबू

हाई हुए ब्लड प्रेशर को जल्दी कंट्रोल करने के लिये आधा गिलास पानी में आधा नींबू का रस 2-2 घंटे के अंतर से पीते रहें। इससे तुरन्त फायदा होगा।

तुलसी

कुछ तुलसी के पत्ते और दो नीम की पत्तियों को पीसकर 20 ग्राम पानी में घोलकर खाली पेट सुबह पिएं। 15 दिन में असर महसूस होने लगेगा।

पपीता

हाई ब्लडप्रेशर के मरीजों के लिए पपीता भी बहुत लाभ करता है, इसे प्रतिदिन खाली पेट चबा-चबाकर खाएं।

शर्बत

सौंफ़, जीरा, शक्कर तीनों बराबर मात्रा में लेकर पाउडर बना लें। एक गिलास पानी में एक चम्मच मिश्रण घोलकर सुबह-शाम पिएं।

अदरक

बुरा कोलेस्ट्रोल धमनियों की दीवारों पर प्लेक यानी कि कैल्शियम युक्त मैल पैदा करता है जिससे रक्त के प्रवाह में अवरोध खड़ा हो जाता है और नतीजा उच्च रक्तचाप के रूप में सामने आता है। अदरक में बहुत हीं ताकतवर एंटीओक्सीडेट्स होते हैं जो कि बुरे कोलेस्ट्रोल को नीचे लाने में काफी असरदार होते हैं।

अदरक से आपके रक्तसंचार में भी सुधार होता है, धमनियों के आसपास की मांसपेशियों को भी आराम मिलता है जिससे कि उच्च रक्तचाप नीचे आ जाता है।

मेथी

तीन ग्राम मेथीदाना पावडर सुबह-शाम पानी के साथ लें। इसे पंद्रह दिनों तक लेने से लाभ जरूर फायदा होगा।

वॉक

नंगे पैर हरी घास पर रोजाना 10-15 मिनट वॉक करें। इसे नियम में लाने से ब्लड प्रेशर नार्मल रहता है।

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This Post Has 2 Comments

  1. Hindi Sign

    उपयोगी जानकारी है , मैं रोज आपक़े लेख पड़ता हु , धन्यवाद

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