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होठो का कालापन दूर कैसे करे !!

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ग्लिसरीन

इसे ग्लिसरॉल भी कहा जाता है। प्राकृतिक तेल से बनने वाले इस ग्लिसरीन को सदियों से त्वचा संबंधी चीजों में इस्तेमाल किया जाता रहा है ।रुई के सहारे से ग्लिसरीन को रात को सोने से पहले होंठों पर लगाएं। लगाने के बाद इसे रातभर के लिए ऐसे ही छोड़ दें। फिर अगली सुबह इसे धो दें। इसी तरह रोजाना इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। ग्लिसरीन आपकी त्वचा की नमी को बढ़ाता है। इसलिए, इसका इस्तेमाल कई एंटी-एजिंग क्रीम में भी किया जाता है। अगर आप ग्लिसरीन को नियमित रूप से लगाते हैं, तो यह त्वचा के मॉइस्चर को बनाए रखकर बढ़ती उम्र के प्रभाव को कम कर सकता है। ग्लिसरीन के नियमित रूप से इस्तेमाल करने से त्वचा की रंगत में भी सुधार लाया जा सकता है। यही वजह है कि होंठों में भी इसे लगाने से इनका काला रंग फीका पड़ने लगता है।

शहद और नींबू का मिश्रण

शहद और नींबू दोनों में विटामिन-सी पाया जाता है। विटामिन-सी को एस्कोरबिक एसिड भी कहा जाता है, जो बतौर ब्लीचिंग एजेंट हमारी स्किन पर काम करता है। शायद यही वजह है कि इनका सभी तरह के ब्यूटी उत्पादों में इस्तेमाल किया जाता है। चाहे स्किन क्रीम हो या फिर लिप बाम, सभी में शहद और नींबू के अर्क मौजूद रहते हैं। नींबू के रस में शहद डालकर अच्छे से मिला लें। मिश्रण बनाने के बाद इसे होठों पर लगाए और एक घंटे लगा रहने दें। फिर एक घंटे बाद मुलायम कपड़े या गीले कपड़े से पोंछ लें। ये मिश्रण दिन में जितनी बार चाहे लगा सकते हैं। शहद और नींबू में एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं, जो त्वचा की रक्षा करते हैं। खासकर कच्चे शहद में फ्लेवोनोइड और पॉलीफेनॉल गुण प्रचुर मात्रा में होते हैं, जो एंटीऑक्सीडेंट के रूप में काम करते हैं। शहद होंठों के नए टिशूज के विकास में भी सहायक होता है। शहद पर हुए अध्ययनों से पता चला है कि शहद एंटीमाइक्रोबियल, एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटीएलर्जिक, एंटीटॉक्सिक, हीलिंग, मॉइस्चराइजिंग और खून को साफ करने जैसे गुणों से भरपूर है। शहद स्किन से जुड़े सभी रोगों के लिए फायदेमंद है। इसलिए, शहद और नींबू का यह मिश्रण होंठों के लिए मॉइस्चराइजर व कंडीशनर का काम करता है।

चुकंदर

प्राकृतिक रूप से लाल रंग के चुकंदर का इस्तेमाल होंठों का कालापन दूर करने के लिए भी किया जा सकता है। इसमें बीटालेंस (Betalains) मौजूद होता है, जो इस फल को प्राकृतिक लाल रंगत देता है । चुकंदर के एक टुकड़े को थोड़ी देर के लिए फ्रिज में रखें। उसके ठंडा हो जाने उससे कुछ देर होंठों की मालिश करें। करीब 20 मिनट तक ऐसा करने के बाद होंठों को धो लें। चुकंदर के जूस और स्लाइस दोनों का ही उपयोग काले होंठों को प्राकृतिक रूप से डाई करने के लिए किया जा सकता है। हालांकि इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। लेकिन आपको चुकंदर से एलर्जी नहीं है तो आप इसे होंठों को लाल रंग देने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। चुकंदर में विटामिन-ए होता है, जो चेहरे को स्वस्थ बनाए रखता है। इसलिए, त्वचा के सुधार के लिए इसका काफी इस्तेमाल होता है। वहीं, चुकंदर में विटामिन-बी कॉम्प्लेक्स भी होता है , जो चेहरे की सेहत के लिए काफी जरूरी होता है।

खीरे का जूस

खीरा विटामिन-ए और सी का अच्छा स्रोत है। इसलिए, इसका जूस आपके होंठों का कालापन दूर करने के लिए भी फायदेमंद हो सकता है। स्किन टाइटनिंग टॉनिक के रूप में खास पहचान रखने वाला खीरा होंठों की त्वचा की कसावट को बरकरार रखने के साथ ही होंठों को भरपूर नमी देता है । आधे खीरे का जूस निकालकर उसे फ्रिज में ठंडा होने के लिए रखें। जब रस ठंडा हो जाए, तो रूई से उसे अपने होंठों पर लगाएं। रस को 20 से 30 मिनट तक लगा रहने दें और फिर पानी से धो लें। विटामिन-सी, के, मैग्नीशियम, पोटैशियम व मैंगनीज से भरपूर खीरे में 96 प्रतिशत पानी होता है, इसलिए इसे होंठों पर लगाने से लिप्स नरम होते हैं और उसमें चमक भी आती है। खीरे में क्लिनिंग गुण होते हैं, जो टॉक्सिन पदार्थों को हटाने में मदद करते हैं। साथ ही इसका ताजा रस त्वचा को भरपूर पोषण देता है। इसलिए, इसका पैक चेहरे और होंठों दोनों को साफ करने व स्वस्थ्य बनाए रखने में सहायक होगा। वहीं, खीरा त्वचा की जलन और सूजन को दूर करने में भी काफी लाभकारी होता है। खीरे में सनबर्न के प्रभाव को काफी हद तक ठीक करने की क्षमता होती है।

नारियल का तेल

नारियल का तेल आपके बालों के लिए ही नहीं, बल्कि होंठों के लिए भी काफी फायदेमंद है। इसे इस्तेमाल करना भी काफी आसान है। नारियल तेल में जरूरी फैटी एसिड होते हैं, जो आपके होंठों को स्वस्थ और हाइड्रेटेड रखते हैं । नारियल का तेल आपके रूखे और काले होंठों को नरम करने के साथ ही इसकी रंगत भी निखारता है। इतना ही नहीं, नारियल का तेल आपके होंठों को सूर्य की हानिकारक किरणों से भी बचाता है। यह आपके होंठों को मुलायम और गुलाबी बनाएगा।

गुलाब जल

होंठों को गुलाब की पंखुड़ियों के समान कोमल बनाने के लिए गुलाब जल का इस्तेमाल किया जा सकता है। गुलाब जल होंठों व त्वचा में खून के प्रवाह को बढ़ाकर उन्हें स्वस्थ और सुंदर बना सकता है। गुलाब जल प्राचीन काल से ही सौंदर्य से जुड़ा रहा है। इसमें पाए जाने वाले पोषक तत्वों की वजह से ही इसे सौंदर्य उत्पादों में काफी इस्तेमाल किया जाता है। इसमें भरपूर एंटीसेप्टिक गुण होते हैं, जो होंठों को चमक देते हैं। एक अध्ययन के मुताबिक गुलाब के पाउडर में एंटी-एजिंग गुण होते हैं । इसलिए माना जाता है कि गुलाब जल भी होंठों की त्वचा को जवां बनाए रखने में मदद कर सकता है।

बादाम का तेल

बादाम सिर्फ खाने में ही नहीं, बल्कि इसके तेल के भी कई फायदे हैं। यह दमकती त्वचा देने के साथ-साथ काले होंठों से भी छुटकारा दिलाने में मदद करता है। एक या दो बूंद बादाम तेल अपनी उंगली पर लेकर होंठों पर लगाएं। फिर एक-दो मिनट तक मसाज करके इसे रातभर होठों पर लगा छोड़ दें। आप हर रात सोने से पहले आप बादाम का तेल होंठों का कालापन दूर करने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। विटामिन-ई से भरपूर बादाम का तेल त्वचा में निखार लाता है और कसावट बनाए रखता है। बादाम तेल में भरपूर मात्रा में स्क्लेरोसेंट गुण (sclerosant) होता है, जो त्वचा की रंगत को निखारता है और कसावट प्रदान करता है। यही वजह है कि बादाम के तेल को होंठों का कालापन दूर करने और रूखे होंठों को मुलायम बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

एलोवेरा

एलोवेरा ऐसा जेल है, जिसे प्रकृति ने हमें बतौर वरदान दिया है। इसका इस्तेमाल आप अपने होंठों को नरम बनाने और होंठों का कालेपन दूर करने में प्रयोग कर सकते हैं। एलोवेरा में एलोसिन नाम का फ्लेवोनॉइड होता है, जो पिगमेंटेशन की प्रक्रिया को कम करता है। इसके अलावा, एलोवेरा जेल स्किन को रोगमुक्त करने के साथ ही इसके पोषक तत्वों को बनाए रखने में भी मदद करता है। एलोवेरा में जीवाणुरोधी, एंटीइंफ्लेमेटरी व एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं। ये सभी गुण हमारी त्वचा के लिए काफी लाभकारी हैं। इसके अलावा, एलोवेरा जेल कोशिकाओं को दोबारा बनाने और इसके विकास में मदद करता है।

सेब का सिरका

सेब के सिरके को पानी में मिलाएं। अब रूई की मदद से अपने होंठों पर लगाएं और सूखने दें। इसके बाद 10 से 12 मिनट बाद गुनगुने पानी से होंठों को धो लें। निशानों को हल्का करने का काम कर सकता है। इसके अलावा, चेहरे के मुंहासे भी इससे ठीक हो सकते हैं। वहीं, सेब के सिरके में विटामिन सी भी पाया जाता है, जो होंठों की रंगत निखारने मे मदद कर सकता है ।

बेकिंग सोडा

काले होंठ की वजह कई बार मृत कोशिकाओं को भी माना जाता है। ऐसे में बेकिंग सोडा इन डेड सेल्स को हटाकर होंठों की त्वचा को अच्छे से साफ करने में काफी मददगार साबित होता है। बेकिंग सोडा में थोड़ा पानी मिलाकर पेस्ट तैयार कर लें। अब इस पेस्ट से अपने होंठों पर उंगली के जरिए तीन मिनट तक स्क्रब करें और अच्छे से धो लें। फिर होंठों को सूखाकर लिप बाम या जैतून का तेल व नारियल का तेल लगा लें। आप इस स्क्रब को हर दूसरे दिन लगा सकते हैं। बेकिंग सोडा हल्का एल्कलाइन नेचर का होता है, जो क्लीनिंग कंपाउंड का काम करता है। इस कारण से यह होंठों को साफ करने में सहायक हो सकता है। हालांकि, इसको लेकर अभी और वैज्ञानिक शोध की जरूरत है। अगर आप इसका इस्तेमाल करते हैं, तो ध्यान रखें कि इसका सीधा संपर्क आपको नुकसान भी पहुंचा सकता है। इसलिए, आप बेकिंग सोडा का इस्तेमाल पेस्ट बनाने के बाद ही करें। होंठों के कालापन दूर करने के उपाय जानने के बाद चलिए आपको बताते हैं कुछ अन्य टिप्स, जिनकी मदद से आप होंठों की रंगत को निखार सकते हैं।

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