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ब्रिटेन-फ्रांस को पीछे छोड़ दुनिया की 5वीं बड़ी इकोनॉमी बना भारत

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Indian Economy भारत और मोदी सरकार के लिए एक अच्छी खबर आई है. एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाला देश बन गया है. भारत ने साल 2019 में इस मामले में ब्रिटेन और फ्रांस को पीछे छोड़ दिया है. फ्रांस और ब्रिटेन को पछाड़कर दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना भारत, 2026 तक जर्मनी भी होगा पीछे : रिपोर्ट

कई नेगेटिव खबरों के बीच मोदी सरकार के लिए एक अच्छी खबर आई है. भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाला देश बन गया है. 2.94 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी के साथ भारत ने साल 2019 में ब्रिटेन और फ्रांस को पीछे छोड़ दिया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अगले पांच साल के भीतर भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनाने का लक्ष्य रखा है.

अमेरिका की शोध संस्थान वर्ल्ड पॉपुलेशन रीव्यू (World Population Review) ने हाल की में एक रिपोर्ट जारी कर इस बात का खुलासा किया है. रिपोर्ट के मुताबिक 2.94 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी के साथ भारत ने साल 2019 में ब्रिटेन और फ्रांस को पीछे छोड़ दिया है. रिपोर्ट में इस बात का भी खुलासा किया गया है कि आत्मनिर्भर बनने की पूर्व की नीति से भारत अब आगे बढ़ते हुए एक खुली बाजार वाली अर्थव्यवस्था के रूप में विकसित हो रहा है.

अमेरिका के शोध संस्थान वर्ल्ड पॉपुलेशन रीव्यू ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि आत्मनिर्भर बनने की पूर्व की नीति से भारत अब आगे बढ़ते हुए एक खुली बाजार वाली अर्थव्यवस्था के रूप में विकसित हो रहा है.

रिपोर्ट में कहा गया है, ‘सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के मामले में भारत 2.94 लाख करोड़ (ट्रिलियन) डॉलर के साथ दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाला देश बन गया है. इस मामले में उसने 2019 में ब्रिटेन तथा फ्रांस को पीछे छोड़ दिया.’

मोदी सरकार के लिए अच्छी खबर

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था का आकार 2.83 ट्रिलियन डॉलर है, जबकि फ्रांस का 2.7 ट्रिलियन डॉलर है. क्रय शक्ति समानता (पीपीपी) के आधार पर भारत का जीडीपी 10.51 ट्रिलियन डॉलर है और यह जापान तथा जर्मनी से आगे है. हालांकि, भारत में अधिक आबादी के कारण प्रति व्यक्ति जीडीपी महज 2170 डॉलर है. अमेरिका में प्रति व्यक्ति जीडीपी 62,794 डॉलर है. रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि भारत की रियल जीडीपी वृद्धि दर लगातार तीसरी तिमाही में कमजोर रह सकती है और 5 फीसदी के आसपास रह सकती है.

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गौरतलब है क‍ि जीडीपी ग्रोथ के मामले में भारतीय अर्थव्यवस्था की स्थ‍िति अच्छी नहीं है. हाल में कई रेटिंग एजेसियों ने भारत की जीडीपी ग्रोथ के अनुमान को घटा दिया है. रेटिंग एजेंसी मूडीज इनवेस्टर्स सर्विस ने वर्ष 2020 के लिए भारत के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) ग्रोथ अनुमान को घटा दिया है. मूडीज ने यह अनुमान 6.6 फीसदी से घटाकर 5.4 फीसदी कर दिया है. इसके साथ ही मूडीज ने 2021 में जीडीपी बढ़त के अनुमान को भी 6.7 फीसदी से घटाकर 5.8 फीसदी कर दिया है.

मूडीज ने कहा कि नोवेल कोरोना वायरस (Covid-19) के प्रकोप की वजह से वैश्विक अर्थव्यवस्था में जो सुस्ती आई है, उसकी वजह से भारत के जीडीपी ग्रोथ में तेजी की रफ्तार कम हो सकती है. उसने कहा कि भारत में अब किसी भी तरह के सुधार को उम्मीद से कम ही माना जाना चाहिए.

भारत सरकार के केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (CSO) और वर्ल्ड बैंक ने तो वित्त वर्ष 2019-20 में सिर्फ 5 फीसदी जीडीपी ग्रोथ रखने का अनुमान जाहिर किया है. वहीं सरकार के आर्थ‍िक सर्वे में वित्त वर्ष 2020-21 में GDP ग्रोथ रेट 6-6.5 फीसदी के बीच रहने का अनुमान लगाया गया है.

अमेरिका की बात करें, तो वहां की प्रति व्यक्ति जीडीपी 62,794 डॉलर है। हालांकि, पिछले कुछ समय में सुस्ती के चलते भारत की वास्तविक GDP ग्रोथ रेट लगातार तीसरी तिमाही में कमजोर रह सकती है। यह 7.5 फीसद से घटकर 5 फीसद पर आ सकती है।

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इंस्टीट्यूट ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि भारत में आर्थिक उदारीकरण की शुरुआत 1990 के दशक में हुई है। इसके बाद कई सुधार लाए गए। इंडस्ट्री को नियंत्रण मुक्त किया गया, विदेशी व्यापार और इन्वेस्टमेंट पर नियंत्रण कम किया व साथ ही पब्लिक सेक्टर की कंपनियों का निजीकरण किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, इन उपायों से भारत को आर्थिक वृद्धि में तेजी लाने में मदद मिली है।

ब्रिटेन स्थित सेंटर फाॅर इकोनॉमिक्स एंड बिजनेस रिसर्च (सीईबीआर) की रिपोर्ट ‘वर्ल्ड इकोनॉमिक लीग टेबल 2020’ के अनुसार, भारत 2019 में ब्रिटेन और फ्रांस दोनों को निर्णायक तौर पर पछाड़कर दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया। अब भारत के 2026 में जर्मनी को पीछे छोड़कर चौथी तथा 2034 में जापान को पछाड़कर तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाने का अनुमान है।

सीईबीआर ने कहा कि जापान, जर्मनी और भारत में अगले 15 साल तक तीसरे स्थान के लिये प्रतिस्पर्धा चलेगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सरकार के भारतीय अर्थव्यवस्था को 2024 तक 5,000 अरब डालर की अर्थव्यवस्था बनाने के सवाल पर रिपोर्ट में कहा गया है कि ”भारत पांच हजार अरब डालर की जीडीपी 2026 में हासिल कर लेगा- सरकार के तय लक्ष्य के मुकाबले दो साल बाद।

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