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जलोदर के घरेलू उपचार !!

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गाजर

जूसर में गाजर को पीसकर उसका रस निकालें और इस रस को पिएं। आप स्वाद बढ़ाने के लिए इसमें अदरक का रस मिला सकते हैं। बेहतर परिणाम के लिए आप रोजाना गाजर का जूस पिएं ।जलोदर के कारण होने वाली सूजन और दर्द की समस्या से राहत दिलाने में ताजा जूस काफी मदद करता है। गाजर के जूस में मूत्रवर्धक गुण होते हैं और यह पाचन के लिए भी काफी फायदेमंद होता है। यह अतिरिक्त पित्त और वसा के जरिए लिवर को साफ रखने में मदद करता है।

अदरक

अदरक को घिसकर एक कप गर्म पानी में डाल दें। अदरक को पांच-सात मिनट के लिए पानी में ही रहने दें। फिर पानी को छानकर उसमें शहद मिलाएं। जब पानी गुनगुना हो जाए, तो उसे पी लें। रोजाना खाने के बाद दिन में तीन बार इस पानी को पिएं। अदरक में मूत्रवर्धक गुण होते हैं, जो मूत्र के माध्यम से अतिरिक्त पानी को निकालने में मदद करते हैं। यह सूजन (एडिमा) की समस्या दूर करने के लिए एक बेहतरीन घरेलू उपचार है।

लहसुन का रस

लहसुन को बारीक टुकड़ों में काटकर इसका रस निकाल लें। आप चाहें तो उंगली से अच्छी तरह दबाकर लहसुन का रस निकाल सकते हैं। आप खाली पेट एक चम्मच लहसुन का रस पिएं। आप रोजाना सुबह लहसुन का रस पी सकते हैं। लहसुन हर घर में आसानी से मिल जाता है। जलोदर के मरीजों को यह काफी फायदा पहुंचाता है। इसके रोजाना इस्तेमाल से पेट फूलने की समस्या से काफी हद तक राहत पाई जा सकती है। इसके अलावा, लहसुन में कैंसर विरोधी गुण भी मौजूद होते हैं।

मेथी

मेथी के दानों को रातभर पानी में भिगोकर रख दें। अगली सुबह मेथी को पानी में अच्छी तरह मिलाकर बाद में पानी छान लें। अब मेथी के इस पानी को पी लें। मेथी के पानी को आप रोज सुबह पिएं। जब बात आए पेट संबंधी परेशानियों की, तो मेथी एक बेहतर घरेलू उपचार माना जाता है। इसमें हेपटोप्रोटेक्टिव और एंटी-कैंसर तत्व होते हैं। यह सूजन को कम करती है और शरीर के अंदर क्षति पैदा करने वाले मुक्त कणों को खत्म करने में मदद करती है।

सेंधा नमक के पानी से सेक

गर्म पानी में सेंधा नमक डालकर अच्छी तरह मिला लें। अब इस पानी में अपने पैरों को 15-20 मिनट के लिए रखें। आप इस प्रक्रिया को रोज या फिर एक दिन छोड़कर रात के समय करें। सेंधा नमक शरीर को डिटॉक्सीफाई कर जलोदर के दौरान पैरों में आने वाली सूजन से राहत पहुंचाने में मदद करता है। यह सूजन कम कर आपको राहत पहुंचाता है।

मालिश

अरंडी के तेल से पेट और पीठ पर अच्छी तरह मालिश करें। इसके लिए आप पेट और पीठ पर ऊपर की ओर, पॉइंट रबिंग और नीडिंग मोशन में मालिश करें। आप 15-20 मिनट तक मालिश करें। आप अरंडी के तेल की जगह कोई और तेल भी इस्तेमाल कर सकते हैं। आप रोज मालिश कर सकते हैं। मालिश करने से वाकई में काफी आराम मिलता है। पेट और पीठ पर अच्छी तरह से की गई मालिश से लिवर संबंधी समस्याओं में राहत मिलती है और गैस की समस्या से तुरंत राहत मिलती है।

मूली

मूली को जूसर में पीसकर एक गिलास जूस निकाल लें।
जलोदर की समस्या से राहत पाने के लिए मूली का जूस पिएं।दिन में दो से तीन बार आप मूली का जूस पी सकते हैं। मूली लिवर के लिए अच्छी मानी जाती है, क्योंकि यह प्राकृतिक डिटॉक्सीफायर का काम करती है। इसलिए, यह जलोदर के उपचार में काफी खास मानी जाती है। विशेष रूप से लिवर के कारण होने वाली समस्या में। आप चाहें तो इसे सलाद के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं।

करेला

करेले को छीलकर इसके बीज निकाल लें। इसे छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर पेस्ट बना लें। फिर इसका जूस निकाल लें। पानी में तकरीबन 30 मिली करेले का जूस डालकर पी लें। बेहतर परिणाम के लिए जलोदर के रोगी को यह दिन में तीन बार पीना चाहिए। करेले के जूस का नियमित रूप से सेवन करने से जलोदर की समस्या से आपको तुरंत आराम मिलेगा। इसके टॉनिक और एंटीबायोटिक गुणों के कारण यह लिवर संबंधी समस्याओं में काफी फायदा पहुंचाता है।

प्याज

अपने खान-पान में और सलाद में कच्चा प्याज शामिल कर सकते हैं। अपने रोजाना के खान-पान में प्याज का सेवन करें, क्योंकि यह शरीर में बना अतिरिक्त तरल दूर करने में मदद करता है। प्यार शरीर से टॉक्सिन को बाहर निकालता है और मूत्रवर्धक होता है। अगर आप प्याज का नियमित रूप से सेवन करेंगे, तो जलोदर की समस्या से राहत मिलने में मदद होगी।

पुनर्नवा जड़ी बूटी

पुनर्नवा की जड़ को पीसकर महीन चूर्ण बना लें। तीन ग्राम चूर्ण गुनगुने पानी के साथ खा लें। इस चूर्ण को आप दिन में तीन बार लें। इस आयुर्वेदिक औषधि को होगवीड भी कहा जाता है। यह दुनिया भर में लिवर के उपचारों में सबसे प्रसिद्ध है और इसे आमतौर पर जलोदर व ड्रॉप्सी के इलाज के लिए उपयोग किया जाता है। इसमें मूत्रवर्धक और कफ विरोधी गुण भी मौजूद हैं।

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