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बबूल (कीकर) घुटनों के दर्द और रिप्लेसमेंट का तोड़.

बबूल (कीकर) घुटनों के दर्द और रिप्लेसमेंट का तोड़.

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बबूल को आपने जरुर देखा होगा. जिसको कीकर भी कहते हैं. यह भारत मे हर जगह बिनां लगाये ही अपने आप खडा हो जातां है, अगर यह बबूल नाम का वृक्ष अमेरिका या तो विदेशाे मे इतनी मात्रा मे होतां तो आज वही लोग इनकी दवाई बना बना कर हमसे हजारो रुपये लूटते. लेकिन भारत के लोगो को जो चीज मुफ्त मे मिलती है उनकी कोइ कदर नही है.

आज हम आपको इस बबूल (कीकर) का एक ऐसा प्रयोग बताने जा रहें हैं जिससे अगर आपके घुटनों में दर्द है या इसको बदलने की भी नौबत आ चुकी है. तो एक बार घुटनों को बदलवाने की बजाये इस प्रयोग को ज़रूर करें.

एक आयु के बाद शरीर के जोड़ों में लुब्रीकेन्टस एवं केल्शियम बनना कम हो जातां है. जिससे कारन जोडो का दर्द, गैप, केल्शियम की कमी, वगैरा प्रोब्लेम्स सामने आती है, जिसके चलते आधुनिक चिकित्सा आपको जोइन्ट रिप्लेस करने की सलाह देते है. तो यह प्रयोग आपको ऐसी नौबत से बचा सकता है.

बबूल से घुटनों की घरेलु दवा तैयार करने की विधि.

बबूल के पेड़ पर जो फली (फल) आती है उसको तोडकर ले आये, अगर आपको ये सिटी मे नही मिल रहे तो किसी भी गांव जाएँ, वहां जितने चाहिये उतने मिल जायेगें, उसको बीज सहित ही सुखाकर पाउडर बना ले. बस दवा तैयार है.


सेवन की विधि. सुबह 1 चम्मच की मात्रा मे गुनगुने पानी से खाने के एक घंटे के बाद, 2-3 महीने लगातार सेवन करने से आपके घुटने का दर्द बिल्कुल सही हो सकता है. और आपको घुटने बदलने की नौबत नहीं आएगी.

पुरानी मान्यताओं के अनुसार इस पेड़ में भगवान विष्णु का निवास माना जाता है।प्राचीन समय में इस पेड की पुजा की जाती थी । इस पेड़ को काटना महापाप माना जाता है। जिस जगह यह पेड होता है वह जगह अत्यंत शुभ मानी जाती है। ऐसा माना जाता है कि जिस घर में यह पेड़ पाया जाता है कि वह घर हमेशा धन धान्य से परिपूर्ण रहता है। इसके अलाबा बबूल का पेड़ आयुर्वेद की दृष्टि से बहुत ही उपयोगी माना जाता है। यह कई तरह की बीमारियों में लाभकारी माना जाता है।

आइये जानते है बबूल के कुछ फायदे।

1.घुटने के दर्द में

बबूल का उपयोग घुटनो के दर्द मिटाने के काम आता है इसका उपयोग करने के लिए आप बबूल की फली को धूप में सुखाकर पाउडर बना लें एवं दिन में 2 से 3 बार घुटनो पर लगाये अतः ऐसा करने पर घुटनो का दर्द स्वतः ही समाप्त हो जायेगां। 

2.बांझपन दूर करना

बबूल के पेड़ के तने से एक फोडा सा निकलता है जिसे बांदा भी कहा जाता है इसे पीसकर और छाया में सुखाकर चूर्ण बना ले एंव इस चूर्ण को तीन ग्राम की मात्रा में माहवारी के खत्म होने के अगले दिन से तीन दिनो तक सेवन करे।


3.मुंह के छालों को दूर करने में

बबूल का उपयोग मुंह में छाले मिटाने के लिए किया जाता है इसके लिए आपको बबूल की छाल को सूखाकर चूर्ण बनाना होगो एवं छाले वाली जगह पर यह चूर्ण लगा ले ऐसा करने पर छाले कुछ ही दिनों में समाप्त हो जाऐगे।


4.सीने में जलन को कम करने में

सीने में जलन को कम करने के लिए आप बबूल की पत्ती का उपयोग कर सकते है इसके लिए आप बबूल की पत्तियो को उबाल कर दिन में 3 से बार पीने से सीने की जलन मिटाने में उपयोग किया जाता है ।


5.लिकोरिया में उपयोग

बबूल की छाल का उपयोग लिकोरिया को ठीक करने के लिए किया जाता है इसका उपयोग करने के लिए आपको बबूल की छाल का काढा बानकर दिन में 2 से 3 बार पीना होगा।

This Post Has 3 Comments

  1. ExoRank

    Awesome post! Keep up the great work! 🙂

    1. Neetiraj Singh

      In the header,it is stated to consume with honey. Later, when explained in detail it’s mentioned to take with warm water! Is it a fake site?

      1. Khushbu

        You can take it with both either Luke warm Water or Honey.

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