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मात्र 16 घंटे में kidney की सारी गंदगी को बाहर निकाले

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हमारे शरीर के रीनल सिस्टम में मौजूद राजमा के आकार के दो अंगों को गुर्दा यानी किडनी कहा जाता है। इनके एक मानव शरीर में कई महत्वपूर्ण काम होते हैं। इनका काम खून को दोबारा दिल को भेजने से पहले फिल्टर कर मूत्र के रूप में अवशिष्ट उत्पादों और अतिरिक्त तरल पदार्थों को बाहर निकालना है ताकि शरीर में सॉल्ट्स, पोटेशियम और एसिड कंटेंट पर नियंत्रित रखा जा सके। रक्त को साफ करने का काम करने वाली किडनी आमतौर पर हमारी लापरवाही का शिकार होती हैं। हमारी किडनियां शरीर के बीचो बीच कमर के पास होती हैं। यह अंग मुट्ठी के बराबर होता है। हमारे शरीर में दो किडनियां होती हैं। अगर एक किडनी पूरी तरह से खराब हो जाए तो भी शरीर ठीक चलता रहता है।

किडनी इंसान के शरीर के मुख्य अंगों में से एक होती है। यह शरीर से वेस्ट को बाहर निकालने के अलावा भी बहुत महत्वपूर्ण कार्य करती है। यदि यह खराब होने लगे व ठीक तरह से काम करना बंद कर दे, तो आपको कई तरह की परेशानियों व बीमारियों को सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में जरूरी है कि आप किडनी खराब होने के कोई भी संकेत दिखने पर उन्हें नजरअंदाज न करें और तुरंत डॉक्टर से परामर्श करें।

हमारी किडनी शरीर के बीचो बीच कमर के पास होती है. यह अंग मुट्ठी के बराबर होता है. हमारे शरीर में दो किडनियां होती हैं. अगर एक किडनी पूरी तरह से खराब हो जाए तो भी शरीर ठीक चलता रहता है. हृदय के द्वारा पम्प किए गए रक्त का 20 प्रतिशत किडनी में जाता है, जहां यह रक्त साफ होकर वापस शरीर में चला जाता है. इस तरह से किडनी हमारे रक्त को साफ कर देती है और सारे टॉक्सिन्स पेशाब के जरिए शरीर से बाहर कर देती है.

खराब जीवनशैली और कभी-कभी दवाईयों के कारण किडनी के ऊपर बूरा प्रभाव पड़ता है. किडनी के बीमारी के बारे में सबसे बूरी बात यह है कि इसका पता प्रथम अवस्था में नहीं चलता है. जब ये अंतिम अवस्था में चला जाता है तब इसका पता चलता है, इसलिए इसको साइलन्ट किलर कहते हैं. इसलिए किडनी के बीमारी के प्रथम अवस्था को समझने के लिए उसके लक्षणों के बारे में पता लगाना ज़रूरी होता है. किडनी के खराब होने के दूसरे लक्षण उसके 80% खराब होने के बाद नजर में आते हैं.

किडनी खराब होने के हैं ये 14 लक्षण:

1. पेशाब करने की मात्रा और समय में बदलाव आना:  
किडनी के बीमारी के प्रथम अवस्था में पेशाब की मात्रा और होने के समय में बदलाव आने लगता है. यूरिनरी के कार्य में बदलाव.

2. पेशाब की मात्रा बढ़ जाना या एकदम कम हो जाना:
पेशाब की मात्रा या तो बढ़ जाती है या कम हो जाती है.

3. पेशाब का रंग बदल जाना:
पेशाब का रंग गाढ़ा हो जाना या रंग में बदलाव आना.

4. बार-बार पेशाब आने का अहसास होना:
जब आपको बार-बार पेशाब होने का एहसास होने लगे मगर करने पर नहीं होना कि़डनी में खराबी की तरफ असर करता है.

5. बार-बार पेशाब आना या उसकी मात्रा बढ़ जाना
रात में पेशाब होने की मात्रा या तो बढ़ जाती है या कम हो जाती है. रात को बार-बार उठकर पेशाब करने जाना. किडनी के अस्वस्थ्य होने का सबसे प्रहला और प्रधान लक्षण होता है.

6. पेशाब करते वक्त दर्द महसूस होना:  
जब पेशाब करते वक्त दर्द और दबाव जैसा अनुभव होने लगे तो तब समझ जाना चाहिए कि मूत्र मार्ग (urinary tract ) में कोई संक्रमण हुआ है.

7.  पेशाब करते वक्त जलन महसूस होना:
कभी-कभी ऐसे अवस्था में बुखार या मूत्र मार्ग में जलन जैसा अनुभव होने लगता है. कभी-कभी पीठ का दर्द भी दूसरे लक्षणों में शामिल होता है.

8. पेशाब करते वक्त रक्त का आना :
जब पेशाब में रक्त आने लगता है तब बिना एक मिनट सोचे डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए क्योंकि यह किडनी के खराब होने का निश्चित संकेत होता है.

9. झाग (foam) जैसा पेशाब आना
मूत्र त्याग करने के बाद जब उसमें झाग जैसा पैदा होने लगता है तब यह किडनी के खराब होने के प्रथम लक्षणों के संकेत होते हैं.

10. किडनी में सूजन आना
किडनी का प्रधान कार्य होता है शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालना, लेकिन जब यह कार्य बाधित होने लगता है तब शरीर में अतिरिक्त फ्लूइड जमने लगता है. किडनी खराब होने के कारण शरीर से अतिरिक्त पानी और नमक नहीं निकल पाता है. फलस्वरूप पांव, टखना (ankle), हाथ और चेहरे में सूजन आ जाती है इस अवस्था को इडिमा (oedema) कहते हैं.

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11. अतिरिक्त थकना और कमजोरी आना
किडनी से एथ्रोप्रोटीन (erythropoietin) नाम का प्रोटीन निकलता है, जो लाल रक्त कोशिकाओं को ऑक्सिजन लाने में मदद करता है. जब इस कार्य में बाधा उत्पन्न हो जाती है तब इस हार्मोन का स्तर गिर जाता है. जिसके कारण अनीमीआ का रोग होता है, जो शरीर में कमजोरी और थकान का कारण बन जाता है.

12.चिड़चिड़ापन और एकाग्रता में कमी: 
किडनी के बीमारी के कारण मस्तिष्क में ऑक्सिजन की कमी हो जाती है जिसके कारण चिड़चिड़ापन और एकाग्रता में कमी आ जाती है.

13. हर समय ठंड महसूस होना: 
किडनी के बीमारी के कारण जो अनीमीआ का रोग होता है उससे गर्म परिवेश में भी ठंडक महसूस होती है.

14: त्वचा में रैशेज़ और खुजली: 
वैसे तो यह लक्षण कई तरह से बीमारियों के लक्षण होते हैं लेकिन किडनी के खराब होने पर शरीर में विषाक्त पदार्थों के जम जाने के कारण शरीर के त्वचा के ऊपर रैशेज और खुजली निकलने लगती है.

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4 चुटकी हींग और 2 चुटकी सेंधा नमक को साथ मिलाकर खा लें और ऊपर से एक गिलास गुनगुना पानी पी लें। इस उपाय से किडनी की सफाई होने के साथ ही किडनी में जमा होकर पथरी बनाने वाले तत्व डीटॉक्सीफाई होकर बाहर निकल जाएंगे।

किडनी को साफ रखने के दूसरे घरेलू उपायों के बारे में जानिए

किडनी हमारे खून से नमक और शरीर में बैक्टीरिया को फिल्टर करता है। लेकिन जब किडनी में नमक का संचय हो जाता है तो फिर उपचार की जरूरत होती है। किडनी में विषाक्त पदार्थ जमा हो जाते हैं और पथरी इत्यादि समस्यायें हो सकती हैं इसलिए समय-समय पर इसकी सफाई भी जरूरी है। आप चाहें तो इसके लिए आसान उपाय भी कर सकते हैं।

लाल अंगूर: लाल अंगूर में विटामिन-सी, ए और बी6 काफी मात्रा में होता है। साथ ही इसमें फोलेट, पोटैशियम, आयरन, कैल्शियम भी पाया जाता है। इसे खाने से आपको कब्ज, थकान और पेट से जुड़ी समस्याएं नहीं होती हैं। यह किडनी से सारे विषैले तत्व बाहर निकाल देता है और किडनी को स्वस्थ्य रखता है।

नींबू : विटामिन सी शरीर से विषाक्त पदार्थों को निकालने में सहायक होता है। रोज एक गिलास पानी में एक नींबू का रस निचोड़कर पीने से किडनी संबंधी बीमारियों में लाभ होता है। 

धनिया : धनिया में मैगनीज, आयरन, मैग्निशियम, विटामिन सी, विटामिन के और प्रोटीन भरपूर मात्रा में होता है। इसमें बहुत कम मात्रा में कैल्शियम, फॉस्फोरस, पोटैशियम, थायमिन और कैरोटीन होता है। इसलिए किडनियों की सफाई के लिए धनिया बहुत फायदेमंद है।

अदरक : अदरक में आयरन, कैल्शियम, आयोडीन, क्लो‍रीन व विटामिन सहित कई पोषक तत्व मौजूद होते हैं। जो किडनी से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकाल देते हैं।

अजवायन : भारतीय रसोई की एक खास चीज है अजवायन। खाने का स्वाद बढ़ाने से लेकर कई बीमारियों में इलाज के लिए भी इसका इस्तेमाल किया जाता है। अजवाइन पाचक और पित्तवर्धक होती है। यह पेट से जुड़ी सभी बीमारियों में लाभकारी है। इसके रोज सेवन से किडनी स्वस्थ्य़ रहती हैं।

अजमोद (पार्सले) : इसमें विटामिन ए, विटामिन सी और पोटेशियम होता है जो किडनी के लिए फायदेमंद है। इसमें पाया जाने वाला लूटेओलिन एंटीआक्सीडेंट यूरिक एसिड को किडनी से बाहर निकालता है और रक्त शुद्ध करता है।

करौंदे : करौंदे में विटामिन C प्रचुर मात्रा में होने के साथ-साथ अत्यधिक एंटी-ऑक्सीडेंट पाया जाता है| करौंदा विटामिन E तथा K का भी अच्छा स्त्रोत है| इससे हमें इन विटामिनों के अतिरिक्त आयरन, कैल्शियम, पोटैशियम, जिंक इत्यादि मिनरल्स भी प्राप्त होते हैं। यह किडनी से यूरिक एसिड को बाहर निकालता है। करौंदे के नियमित सेवन से किडनी स्वस्थ्य रहती हैं।

लाल शिमला मिर्च : लाल शिमला मिर्च में विटामिन ए, सी , बी6, फोलिक एसिड और रेशे पाये जाते हैं। इसके अलावा इसमें पोटैशियम की मात्रा भी कम होती है। जो किडनी को साफ रखने में मदद करते हैं।

दही : दही पाचन क्रिया को तो अच्छा करता ही है साथ ही इसमें प्रोबायोटिक बैक्टीरिया होता है जो किडनियों की सफाई भी करता है। इसमें मौजूद गुड बैक्टीरिया इम्यून सिस्टम को भी बेहतर बनाते हैं।

गुडूची : गुडूची एक अच्छा मूत्रवर्धक है। इसके सेवन से पेशाब के साथ किडनी से विषाक्त पदार्थ बाहर निकल जाते हैं। इसके अलावा ये शराब और धूम्रपान करने वालों के लिए भी बहुत लाभदायक है। आप गुडूची के पत्तों का रस पी सकते हैं। बाजार में गुडूची कैप्सूल भी उपलब्ध हैं।

किडनी को साफ करने के घरेलू उपाय 

1- धनिया पत्ता –

एक मुट्ठी भर धनिया के पत्ते को अच्छी तरह धो लें, इसे छोटे छोटे टुकड़ों में काट कर 1 लीटर पानी में डाल दें. उसमें थोड़ी सी अजवाइन भी मिला लें. धनिया के पत्ते, आजवाइन और पानी को धीमी आंच पर 10 मिनट तक पकाएं. इसे ठंडा कर हर रोज खाली पेट एक गिलास लगातार सेवन करने से पेशाब के साथ सारी गंदगी बाहर आने लगती है.

2- ताजी नीम, गिलोय का रस, गेहूं के ज्वार का रस –

यह तीनों 50-50 ग्राम लेकर मिला लें, सुबह-शाम खाली पेट पिएं. इसे पीने के 1 घंटे तक कुछ ना लें. लगातार सेवन से किडनी ठीक हो जाती है.

3- गोछुर, नीम की छाल, पीपल की छाल –

25-25 ग्राम तीनों को मिलाकर, आधा लीटर पानी में उबालें और जब पानी 100 मिलीलीटर बच जाए तो छान कर रख लें, और सुबह-शाम खाली पेट 50-50 ml. लगातार सेवन से किडनी ठीक तरीके से काम करने लगता है.

4- अदरक की चाय-

किडनी को साफ करने के लिए अदरक की चाय बेहद लाभदायक साबित होती है. एक बड़ा चम्मच ऑर्गेनिक शहद लें, एक छोटा चम्मच पिसी हल्दी, छोटा चम्मच पिसा अदरक. एक कप पानी, आधा कप नारियल का दूध. पानी को गर्म करके अदरक और हल्दी को 10 मिनट उबाल लें, और 1 कप में दूध और शहद मिलाकर चाय को डाल लें. चाय को रोज खाली पेट पीना काफी लाभदायक होता है.

ये है किडनी को साफ करने के घरेलू उपाय – ये ऐसे घरेलू उपाय हैं जिसे बनाना और इस्तेमाल करना बेहद आसान है, लेकिन इसके फायदे बहुत हैं. अगर आपको हमारी ये टिप्स अच्छी लगे तो अपनों को शेयर जरुर करें. जिससे हर किसी को इससे फायदा मिल सके.

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This Post Has 37 Comments

  1. Manoj

    Kya ye tips sahi hai?

    1. Khushbu

      Yes all tips are safe

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