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मच्छरों से बचाव के 10 प्राकृतिक उपाय

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प्रकृति के वातावरन में मच्छर वो जीव जन्तु हैं, जिन्हें बड़े से बड़ा पशु-प्रेमी भी अपना पीछा छुटाना चाहता है। वातावरण में मच्छरों की अनेक प्रजातियाँ पाई जाती हैं जो अधिकतर नमी और गरम क्षेत्रों में जन्म लेती हैं और इसी कारण से भारत में सबसे अधिक मच्छर पाये जाते हैं। वैसे तो पूरे वर्ष मच्छरों का प्रकोप रहता है लेकिन बरसात के मौसम में मच्छरों का हमला किसी आतंक से कम नहीं माना जा सकता है। बारिश की पहली बौछार के साथ ही अधिकतर भारतवासी मच्छरों से बचाव का उपाय भी करना शुरू कर देते हैं।

मच्छर अनेक बीमारियों जैसे डेंगू, चिकनगुनिया, पीलिया और जाइका आदि के फैलने में सहायक होते हैं। इसके अलावा मच्छरों के काटने से कुछ लोगों को एलर्जी जैसा भी होने लगता है जो निश्चय ही बहुत कष्टकारी होता है।

अगर आपको स्वयं को मच्छरों के प्रकोप से बचाने का उपाय करना हो तो आप सरलता से किसी भी कैमिस्ट से मच्छर मारने वाली शीशी ला सकतीं हैं, लेकिन क्या आप जानतीं हैं की उसमें हानिकारक तत्वों का समावेश होता है। नवीनतम शोध के अनुसार इस तरल पदार्थ के निर्माण में एक हानिकारक पदार्थ डीट का प्रयोग होता है जो कीटनाशक है और जिसका व्यक्ति और पर्यावरण पर भयावह प्रभाव होता है। इसी कारण पर्यावरणविद इन शीशियों के उपयोग के लिए मना करते हैं। इसके अलावा इन शीशियों का प्रभाव केवल कुछ सीमित समय के लिए ही होता है उसके बाद यह निष्प्रभावी हो जातीं हैं।

इसलिए मच्छरों से बचाव के लिए प्राकर्तिक उपाय ही सर्वश्रेष्ठ होते हैं जो आपसे दूर रहकर कार्य करें और आप बिना किसी दुष्प्रभाव के मच्छरों के प्रकोप से बचे रहें।

मच्छरों से बचाव के 10 प्राकृतिक उपाय

सुगंधित तेल का स्प्रे :

मच्छरों से बचाव का सबसे अच्छा उपाय है की आप घर में गंध वाले तेल से किटाणु नाशक तेल का निर्माण कर लें। यह सुगंधित तेल न केवल घर को महका देते हैं बल्कि मच्छरों को भी आपसे दूर रखते हैं क्यूंकी इनकी तेज गंध मच्छरों को पसंद नहीं आती है। आप एक शीशी में गंध वाले तेल में थोड़ा सा पानी मिलाकर एक स्प्रे की बोतल तैयार कर लें और इसके उपयोग से निश्चय ही आप मच्छरों के आतंक से बच सकतीं हैं। इसके लिए आप निम्न में से किसी भी तेल का उपयोग कर सकतीं हैं:

  • लेमन युकोलिप्टस
  • सीनोमोन
  • लेवेंडर
  • नीम
  • टी ट्री ऑइल

इस प्रकार से बने हुए कीटाणुनाशक तेल का उपयोग आप तीन वर्ष से अधिक के बच्चों पर भी कर सकतीं हैं। लेकिन बच्चों पर प्रयोग करने से पहले उसका एलर्जी टेस्ट करके देख लें। कभी भी बिना पानी मिला तेल शरीर पर सीधे न करें। यदि आपको अभी भी प्रयोग के बारे में संदेह हो तो उसका प्रयोग बच्चों पर सीधे प्रयोग के स्थान पर किसी पर्दे या फर्नीचर पर करके देख लें। सुरक्शित महसूस होने पर ही इसका इस्तेमाल छोटे बच्चों के लिए करें।

सिट्रोनेला केंडल :

सिट्रोनेला के प्रकार की हर्ब है जिसकी गंध मच्छरों को पसंद नहीं आती है, इसलिए सिट्रोनेला केंडल को जलाने से वातावरण को बड़ी सरलता से मच्छर मुक्त किया जा सकता है। यदि आप चाहें तो इंटरनेट से विधि लेकर आप यह केंडल अपने घर में भी बना सकतीं हैं। इसके लिए आपको मोमबत्ती बनाने वाले वैक्स, सिट्रोनेला तेल और मोमबत्ती के लिए एक बत्ती की आवश्यकता होगी। अपने हाथ से बनी इस मोमबत्ती को जलाकर अपने वातावरण को मच्छर मुक्त बहुत सरलता से कर सकतीं हैं।

कपूर:

भारत में रहने वाला हर व्यक्ति कपूर के नाम और इसकीने के लिए एक कटोरे में थोड़ा सा पानी लेकर उसमें कपूर भिगो कर कमरे के कोने में रख दें। थोड़े ही समय में कपूर से उठने वाली गंध और धुआँ मच्छरों को दूर भागा सकता है। आप इसका कई दिनों तक मच्छरों को भगाने के लिए उपयोग कर सकतीं हैं,ऐसा करने के लिए आपको सिर्फ पानी ही बदलना होगा।

हर्ब स्मोक :

कुछ इस प्रकार की हर्ब भी होती हैं जिनका धुआँ मच्छरों को वातावरण से मुक्त करने में सहायक होतीं हैं। ऐसी हर्ब में रोजमेरी, सगे आदि का नाम लिया जा सकता है। इनको जलाने से उठने वाला धुआँ मच्छरों को दूर कर देता है। जब आप कमरे की चारदीवारी से बाहर अपने बाग में बैठीं हों तो इन हर्ब्स को किसी सुरक्शित स्थान पर रखकर जलाने से मच्छरों को काटने से सरलता से रोका जा सकता है। यह प्रयोग करते समय बस इस बात का ध्यान रखें की हर्ब के साथ कोई आग पकड़ने वाली चीज न रखी हो और वह बच्चों की पहुँच से भी दूर होनी चाहिए।

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