You are currently viewing महिलाओं में हार्मोन असंतुलन के 5 लक्षण !!

महिलाओं में हार्मोन असंतुलन के 5 लक्षण !!

Spread the love

शरीर में कुछ असामान्यता जैसे सूजन या फिर असहजता महसूस हो, तो यह हार्मोन के असंतुलन के कारण भी हो सकता है। अलग-अलग मानसिक परिस्थि‍तियों से गुजरने पर शरीर के आंतरिक अंगों में संबंधि‍त हार्मोन का सक्रिय होना सामान्य बात है। साथ ही महिलाओं में प्रेग्नेंसी, मासिक धर्म और मेनोपॉज के समय भी हार्मोन का स्त्राव और बदलाव होता है। लेकिन कभी-कभी कुछ दवाओं या स्वास्थ्य समस्याओं के चलते भी हार्मोन्स असंतुलित हो जाते हैं।  शरीर में हार्मोन्स के असंतुलन को समझने के लिए आपको अपने शरीर के प्रति सजग रहने की जरूरत है। अगर आपको यह 12 लक्षण दिखाई दें या महसूस हों तो यह हार्मोन्स का असंतुलन हो सकता है

ये 12 लक्षण शरीर में हार्मोन असंतुलन की ओर संकेत कर सकते हैं

1. हार्मोन और अनियमित माहवारी  महिलाओं में मासिकधर्म की समयावधि‍ में परिवर्तन हार्मोन्स के कारण होता है। सामान्यत: 21 से 35 दिन के अंदर शुरू होने वाला मासिक धर्म, यदि महीनों के अंतराल के बाद हो रहा हो या समय पर नहीं हो रहा हो, तो यह एस्ट्रोजेन और प्रोजेस्टेरॉन हार्मोन्स की अधि‍कता या कमी का नतीजा हो सकता है।इसके अलावा 40 से 50 की उम्र से पहले मेनोपॉज होना और मासिकधर्म का अनियमित होना, पॉलीस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम के लक्षण हो सकते हैं।

आपके हार्मोन माहवारी से पहले और बाद में, गर्भावस्था और रजोनिवृत्ति के दौरान ज़रूर परिवर्तित होते हैं लेकिन यह शारीरिक परिवर्तन होते हैं। कई मेडिकल समस्याओं और दवाइयों के कारण भी हॉर्मोन्स के स्तर में असंतुलन हो सकता है और इन लक्षणों की जानकारी यह समझने में मदद कर सकती है।

2. हार्मोन की वजह से नींद की समस्या  अगर आप पर्याप्त नींद नहीं ले पा रहे हैं या फिर नींद होने के बाद भी आप उससे संतुष्ट नहीं हैं तो आपके हार्मोन्स असंतुलित हो सकते हैं। ओवरी से स्त्रावित होने वाला हार्मोन प्रोजेस्टेरॉन आपको नींद लेने के लिए प्रेरित करता है।यदि इसका स्तर सामान्य से कम होता है, तो आपको नींद न आने की समस्या हो सकती है। इसके अलावा एस्ट्रोजेन की कमी से रात में पसीना आने की समस्या हो सकती है जिससे आपकी नींद प्रभावित होती है।

3. बार–बार मुँहासे होना मासिक धर्म के समय या उससे पहले चेहरे पर मुंहासों का होना और बाद में ठीक हो जाना सामान्य है। लेकिन यदि यह मुंहासे आपके चेहरे से हटने का नाम ही न लें, तो यह हार्मोन्स का असंतुलन हो सकता है।खास तौर से मेल हार्मोन एंड्रोजेन, जो महिलाओं और पुरूषों दोनों में पाया जाता है, आपकी तेल ग्रंथि‍ को अत्यधि‍क सक्रिय कर सकता है, जिससे यह समस्या हो सकती है। इसके अलावा चेहरे पर बाल होना भी इसी का नतीजा हो सकता है।

4. हार्मोन असंतुलन से थकान  यदि आप हर समय थकान महसूस करते हैं, तो यह सामान्य तौर पर हार्मोन्स के असंतुलन का कारण भी हो सकता है। प्रोजेस्टेरॉन की अधि‍कता आपको हर समय नींद और थकान महसूस करने के लिए प्रेरित करता है।वहीं थाइरॉइड ग्रंथि‍ थायरोक्सिन का स्राव बहुत कम मात्रा में करती है, तो आप ऊर्जा में कमी महसूस करते हैं।

5.  हार्मोन की वजह से मूड स्विंग्स अगर आपको अपने स्वभाव में अचानक निराशा, दुख या चिड़चिड़ेपन का अनुभव करते हैं, तो यह एस्ट्रोजेन के स्तर में कमी के कारण भी हो सकता है। यह स्थि‍ति आपको आवश्यकता से अधि‍क खाने के लिए भी प्रेरित करती है। साथ ही आपका वजन भी तेजी बढ़ सकता है। वहीं कुछ स्थि‍तियों में वजन का तेजी से कम होना भी हार्मोन के असंतुलित होने का लक्षण हो सकता है।

6. स्मरणशक्ति की समस्या 

क्या आपको लगता है कि आप कुछ दिनों से भूलने लगी हैं ?

स्टडी के अनुसार, एस्ट्रोजेन और प्रोजेस्टेरोन के कम स्तर आपकी स्मरणशक्ति को कमज़ोर कर सकते हैं जिसका मतलब यह है कि आपको चीज़ें याद रखने में बहुत मुश्किल होती है। स्मरणशक्ति की समस्या माहवारी पूर्णतः बंद होने के थोड़े समय पहले या रजोनिवृत्ति के बाद सामान्य है, लेकिन इसके अलावा ऐसा होना थाइरॉड की बीमारी का संकेत है।

7. हार्मोन से पाचन की समस्या 

क्या आपको पता है कि आपकी गट लाइनिंग के पास एस्ट्रोजेन और प्रोजेस्टेरोन के लिए रेसेप्टर्स होते हैं?

आपके हार्मोनल स्तर में हल्का सा भी बदलाव आपके पाचन तंत्र पर प्रभाव डाल सकता है। इसीलिए आपने ध्यान दिया होगा कि आपकी माहवारी के दौरान आपको अक्सर कब्ज़ और दस्त आदि की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। लेकिन लगातार पाचन सम्बन्धी समस्याएँ होना, साथ में मुँहासे, थकान और नींद की कमी, हार्मोनल समस्या की ओर संकेत करने के लिए काफी हैं।

8. हार्मोन से वज़न का बढ़ना 

एस्ट्रोजेन के स्तर में कमी होने के कारण मूडस्विंग्स हो सकते हैं जो आपको और खाने पर मजबूर कर सकते हैं।हॉर्मोन्स में उतार चढ़ाव के कारण वज़न बढ़ सकता है। फीमेल हॉर्मोन्स एस्ट्रोजेन लेप्टिन हार्मोन से भी जुड़ा हुआ है, जो प्रतिदिन आपकी भोजन क्षमता को नियंत्रित करता है। 

9. हार्मोन असंतुलन  और लगातार सिरदर्द 

हालाँकि सिरदर्द के कई कारण हो सकते हैं, लेकिन एस्ट्रोजेन का कम स्तर भी उन कारणों में से एक हो सकता है। इसीलिए आप माहवारी से पहले और उसके दौरान लगातार सिरदर्द का अनुभव करती हैं। यदि आपको हमेशा सिरदर्द बना रहता है, तो आपको अपने शरीर के इन संकेतों पर ध्यान देने की ज़रूरत है! 

10. योनि का सूखापन 

योनि में सूखापन मौसम और अन्य कारणों के चलते हो सकता है। लेकिन एस्ट्रोजेन का कम स्तर आपकी योनि के टिश्यूज़ को अत्यधिक ड्राई कर सकता है जिसके कारण चिड़चिड़ापन, ख़ासकर सेक्स के दौरान हो सकता है।यदि एस्ट्रोजेन का स्तर हार्मोनल असंतुलन के कारण कम है, तो योनि स्त्राव में कमी हो सकती है जिसके कारण टाइटनेस भी सम्भव है।

11. हार्मोन की वजह से यौन इच्छा की कमी 

क्या एक महिला के शरीर में सिर्फ एस्ट्रोजेन और प्रोजेस्टेरोन ही होते हैं? नहीं, महिला के शरीर में टेस्टोस्टेरोन भी होते हैं जिन्हें मेल हॉर्मोन्स भी कहा जाता है। हालाँकि, यह हार्मोन एक महिला के शरीर में कम मात्रा में होता है। लेकिन महिला के शरीर में सामान्य से कम मात्रा में टेस्टोस्टेरोन का स्तर यौन इच्छा की कमी का कारण बन सकता है।

12. स्तनों में बदलाव 

यदि आपके एस्ट्रोजेन का स्तर कम है, तो आपको अपने स्तन छोटे लग सकते हैं और एस्ट्रोजेन का स्तर अत्यधिक होने से गाँठ आदि की समस्या हो सकती है। यदि आपको पूरे महीने अपने स्तनों में बदलाव महसूस हो रहे हैं, तो आपको अपने डॉक्टर से ज़रूर बात करनी चाहिए।

एक महिला का शरीर विभिन्न प्रकार के हॉर्मोन्स प्रोड्यूस करता है और अक्सर, विभिन्न मात्राओं और कॉम्बिनेशन्स में। शरीर के स्वस्थ रहने के लिए हॉर्मोन्स का संतुलित रहना बहुत ज़रूरी है।

इसीलिए यदि आप उपरोक्त लक्षणों में से दो या दो से अधिक का अनुभव कर रही हैं, तो आपको डॉक्टर से ज़रूर सम्पर्क करना चाहिए।

Please Like and Share Our Facebook Page
Herbal Medicines

Find US On Instagram
Herbal Medicines

Find US On Twitter
Herbal Medicines

50 से ज्यादा बिमारियों का इलाज है हरसिंगार (पारिजात)

गहरी और अच्छी नींद लेने के लिए घरेलू उपाय !!

गेंहू जवारे का रस, 300 रोगों की अकेले करता है छुट्टी

मात्र 16 घंटे में kidney की सारी गंदगी को बाहर निकाले

किसी भी नस में ब्लॉकेज नहीं रहने देगा यह रामबाण उपाय

Babool Fali ke Fayde, बबूल की फली घुटनों के दर्द का तोड़

पुरुषों के लिए वरदान है इलायची वाला दूध

बुढ़ापे तक रहना है जवान तो मेथीदाना खाना शुरू कर दीजिये

खाली पेट गर्म पानी के साथ काली मिर्च खाने से होगा ऐसा असर

कमर दर्द (Back Pain) का कारण और राहत के लिए घरेलू उपाय

तेजपत्ता हैं शरीर के लिए काफी लाभदायक

मांस से भी १०० गुना ज्यादा ताकतवर है ककोरा की सब्जी

विटामिन K की कमी को दूर करने के घरेलू उपाय

सहजन खाने से होती है 300 से ज्यादा बड़ी बीमारिया दूर

धतूरे के फायदे और घरेलू आयुर्वेदिक उपचार

चूना खाने के आश्चर्यजनक फायदे, जो शायद आप न जानते हों

सोते समय सिर किधर रखें और पैर किधर, ध्यान रखें ये बातें

रोज सुबह पिए 1 ग्लास लौंग का पानी, 21 दिनों में १० किलो वजन घटाएं

मुनाफे के 30 बिजनेस जिन्हें आप शुरू कर सकते हैं कम पूँजी में

कोरोना से भी खतरनाक होगा चिकन से फैलने वाला ये वायरस

दिल्ली से बिहार के बीच बड़े भूकंप का खतरा? 8.5 हो सकती है तीव्रता

थायराइड को जड़ से खत्म करेगा इस औषधि का प्रयोग

चुपचाप काले कपड़े में फिटकरी बांधकर यहाँ रख दे

बवासीर का सफल इलाज (Piles) का सिर्फ आयुर्वेद मे !!

अमरबेल का सेवन है प्रजनन शक्ति बढ़ाने में उपयोगी

फैटी लिवर का इलाज 7 दिनों में, अपनायें ये घरेलू नुस्खे

चने की रोटी बड़ी से बड़ी बीमारियों को करती है जड़ से खत्म

नाभि में सरसो तेल लगाने के फायदे जानकर हैरान रह जायेंगे

गठिया का रामबाण इलाज, आर्थराइटिस को जड़ से खत्म करें

लहसुन वाला दूध 1 महीने तक सोने से पहले पी लें, 7 बीमारियां होगी दूर

Leave a Reply