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मलेरिया से बचाए, यह घरेलू उपाय !!

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तुलसी

भारतीय संस्कृति में तुलसी को विशेष स्‍थान दिया जाता है। इसे पूजनीय भी माना जाता है। कई बीमारियों के इलाज में तुलसी का उपयोग किया जाता है।  मलेरिया के उपचार के लिए 10 ग्राम तुलसी के पत्ते और 7-8 मिर्च को पानी में पीसकर सुबह और शा‍म लेने से बुखार ठीक हो जाता है। इसमें आप शहद भी मिला सकते हैं। अनेक गुणों के साथ ही तुलसी मच्छरों को भगाने में भी मददगार साबित होती है।

फिटकरी

जब बुखार के लक्षण महसूस होने लगें, तो फिटकरी को तवे पर भूनकर, इसे महीन पीसकर आधा चम्मच की मात्रा में पानी के साथ पी लें।  इसे हर दो घंटे में पिएं। बुखार जल्द ही ठीक हो जाएगा।

अदरक

अदरक का सेवन भोजन का स्वाद बढ़ाने के साथ-साथ मलेरिया के इलाज के लिए भी काफी लाभदायक होता है। थोड़ी सी अदरक लेकर उसमें 2-3 चम्‍मच किशमिश डालकर पानी के साथ उबालें। जब तक पानी आधा नहीं रह जाता इसे उबालते रहें। थोड़ा ठंडा होने पर इसे दिन में दो बार लें। इससे मलेरिया का बुखार कम करने में बहुत मदद मिलती है। इसके अलावा, मलेरिया होने पर हरसिंगार के पत्ते का सेवन अदरक के रस के साथ शक्कर मिलाकर किया जाये तो मलेरिया में लाभ होता है।

नींबू

तीन ग्राम चूने में नींबू निचोड़कर साठ मिली लीटर पानी में मिलाकर, थोड़ी- थोड़ी मात्रा में पीते रहें। मलेरिया ज्वर की संभावना होने पर यह नुस्खा प्रतिदिन अपनाएं।  

नीम

नीम का पेड़ मलेरिया-रोधी के रूप में प्रसिद्ध है। यह वायरस रोधी पेड़ है। मलेरिया मुख्यत: मच्छरों के काटने से होता है। सर्दी, कंपकपाहट, तेज बुखार, बेहोशी, बुखार उतरने पर पसीना छूटना, इसके प्रमुख लक्षण हैं। इस रोग में नीम के तने की छाल का काढ़ा दिन में तीन बार पिलाने से लाभ होता है। इससे बुखार में आराम मिलता है। थोड़े से नीम के हरे पत्ते और चार काली मिर्च एक साथ पीस लें। फिर इसे थोड़े से पानी में मिलाकर उबाल लें। इस पानी को छानकर पीने से लाभ होता है।

गिलोय

गिलोय ऐसी आयुर्वेदिक बेल है, जिसमें सभी प्रकार के बुखार विशेषकर मलेरिया रोगों से लड़ने के गुण होते हैं। गिलोय के काढ़े या रस में शहद मिलाकर 40 से 70 मिलीलीटर की मात्रा में नियमित सेवन करने से मलेरिया में लाभ होता है। इस प्रकार के बुखार के लिए लगभग 40 ग्राम गिलोय को कुचलकर मिट्टी के बर्तन में पानी मिलाकर रात भर ढक कर रख दें। सुबह इसे मसल कर छानकर रोगी को अस्सी ग्राम मात्रा दिन में तीन बार पीने से बुखार दूर हो जाता है।

अमरुद

अमरुद का सेवन मलेरिया में लाभप्रद होता है। यदि किसी को मलेरिया हो जाए तो उसे रोज दिन में तीन बार अमरूद अवश्य खिलाएं। बहुत प्रभावी रहेगा। अमरूद के मुकाबले इसके छिलके में विटामिन ‘सी’ बहुत अधिक होता है। इसलिए अमरूद को छिलका हटाकर कभी न खाएं। मलेरिया के इलाज के लिए ताज़ा फल और ताज़ा फलों का जूस देना बहुत फायदेमंद रहता है। साथ ही तरल पदार्थों को कुछ-कुछ समय के अंतराल में लेते रहना चाहिए। खासकर नींबू पानी। इसके अलावा, इसके इलाज़ में हल्का व्यायाम और टहलना भी अच्छा रहता है।

चिरायता

चिरायता को मलेरिया के लिए एक अच्छा इलाज माना जाता है। इसके उपयोग से शरीर का बढ़ा हुआ तापमान कम होने लगता है। एक पाव गरम पानी में पंद्रह ग्राम चिरायता और कुछ लौंग व दालचीनी मिलाकर कम से कम तीन बार लेने से लाभ होता है। 

हरसिंगार और अदरक

मलेरिया होने पर हरसिंगार के पत्ते, अदरक के रस और शक्कर को मिलाकर खाने से बुखार में लाभ होता है। इसको अदरक और किशमिश को पानी के साथ उबालकर पीने से भी फायदा होता है

धतूरे

धतूरे की कोपल से बनाई गई गोली भी मलेरिया के इलाज में सहायक होती हैं। इसके लिए कोपल और गुड़ को मिलाकर गोली बना लें, और दिन में दो बार सेवन करें।

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