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मुलेठी के हैं ढेर सारे फायदे- Mulethi Ke Fayde in Hindi:

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मुलेठी (Mulethi, also known as Yashtimadhu or Jeshthamadh) एक गुणकारी जड़ी बूटी है। आमतौर पर लोग इसका इस्तेमाल सर्दी-जुकाम या खांसी में आराम पाने के लिए करते हैं। गले की खराश में इसका उपयोग करना सबसे ज्यादा असरदार होता है। हालांकि मुलेठी के फायदे (mulethi ke fayde)  सिर्फ इतने ही नहीं हैं बल्कि इसका मुख्य इस्तेमाल आयुर्वेदिक दवाइयां बनाने में किया जाता है। इस लेख में हम आपको मुलेठी के फायदे, नुकसान और सेवन के तरीकों के बारे में विस्तार से बता रहे हैं।

मुलेठी शरीर को वायरस, बैक्टीरिया और संक्रमण से मुक्त रखने के लिए एक मजबूत, स्वस्थ प्रतिरक्षा प्रणाली को बनाने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। मुलेठी लिम्फोसाइटों और मैक्रोफेज जैसे रसायनों के उत्पादन में मदद करती है जो आपके शरीर की प्राकृतिक रक्षा प्रणाली में सुधार लाते हैं। इसमें शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट भी हैं जो प्रतिरोधक क्षमता में सुधार लाते हैं। 

लीकोरिस जड़ कब्ज, अम्लता, सीने में जलन, पेट के अल्सर, पेट के अस्तर की सूजन जैसी पाचन समस्याओं के इलाज में सहायक है। इसका हल्का रेचक प्रभाव मल त्याग को क्रम में करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसके सूज़न को कम करने और और जीवाणुरोधी गुण भी पेट में सूजन को कम करने और संक्रमण से पेट की अंदरूनी परत को बचाने में मदद करते हैं। 

मोटापा एक गंभीर स्थिति है। इस जड़ी बूटी में उपस्थित फ्लेवोनाइड्स शरीर में अत्यधिक वसा संचय को कम करने में मदद करता है। मोटापा अनुसंधान और निदान अभ्यास जर्नल में प्रकाशित 2009 के एक अध्ययन में शोधकर्ताओं ने पाया कि मुलेठी का तेल अधिक वजन वाले लोगों में शरीर और आंत के वसा को कम करने में मदद करता है। 

बायोमेडिसिन और जैव प्रौद्योगिकी के जर्नल में प्रकाशित 2010 के एक अध्ययन में शोधकर्ताओं ने पाया कि मुलेठी और भुनी हुई मुलेठी का अर्क गठिया को रोकने और इसके इलाज में फायदेमंद हो सकता है। गठिया के दर्द और सूज़न को कम करने के लिए, मुलेठी की चाय के कुछ कप हर दिन पिएं या अपने चिकित्सक से परामर्श के बाद इसका पूरक लें।

यह जड़ी बूटी मौखिक स्वास्थ्य को अच्छा रखती है। अपने जीवाणुरोधी और रोगाणुरोधी गुण के कारण कैविटी वाले जीवाणु की वृद्धि को रोकती है, पट्टिका को कम करती है, बुरी सांस को रोकती है और आपके दांतों और मसूड़ों को मजबूत और स्वस्थ रखती है। 

मुलेठी की औषधीय गुणों की वजह से लंबे समय से इसका उपयोग आयुर्वेद में होता आ रहा है। पेट की समस्याओं के कारण मुंह में छाले हो सकते हैं, जिसे मुलेठी ठीक करने में मदद करती है। इसका ज़्यादा लाभ पानी या शहद के साथ लेने पर होता है। यह आपके पेट को साफ करने में मदद करती है और अल्सर के लिए जिम्मेदार खतरनाक विषाक्त पदार्थों को शरीर से हटा देती है। यदि आपने अभी तक मुलेठी का उपयोग नहीं किया है, तो मुंह के छाले से छुटकारा पाने के लिए इसका उपयोग ज़रूर करें। मुलेठी सूजन को कम करने और म्यूकोसा चिकित्सा गुणों के कारण नासूर घावों के इलाज में मदद करती है। यह दाद के वायरस से लड़ने में भी मदद करती है।

मुलेठी रजोनिवृत्ति  के साथ जुड़ी कई समस्याओं से निपटने में मदद करती है। इस जड़ी बूटी में फायटोएस्त्रोजैनिक यौगिक शरीर में हार्मोनल असंतुलन को ठीक करने में मदद करते हैं ताकि रात को पसीना, अनिद्रा, अवसाद, योनि सूखापन जैसे लक्षणों को कम किया जा सके। इसके अलावा, मुलेठी में विटामिन बी, एस्ट्रोजन और प्रोजेस्ट्रोन जैसे हार्मोन को कम करते हैं जो इन लक्षणों से लड़ने में मदद करते हैं। 

यह जड़ी बूटी अवसाद के इलाज में भी मदद करती है। मुलेठी अधिवृक्क ग्रंथि  के कामकाज में सुधार लाती है, जो घबराहट और अवसाद से लड़ने में मदद करती है। इसके अलावा, इसमें मैग्नीशियम, कैल्शियमऔर बीटा कैरोटीन जैसे आवश्यक खनिज और फ्लेवोनॉइड्स हैं जो अवसाद को दूर करने में मदद करते हैं।

मुलेठी के फायदे बाल बढ़ाने में

मुलेठी का उपयोग (mulethi ke fayde in hindi) बालों को सही पोषण देने और बढ़ाने में भी किया जाता है। मुलेठी के क्वाथ से बालों को धोने से बालों तेजी से बढ़ते हैं। इसी तरह मुलेठी और तिल को भैंस के दूध में पीसकर सिर पर लेप लगाने से बालों का झड़ना बंद हो जाता है। 

मुलेठी के फायदे: माइग्रेन के दर्द —

माइग्रेन के दर्द से परेशान रहते हैं तो आपको मुलेठी का उपयोग (mulethi ke fayde) करना चाहिये। मुलेठी चूर्ण या मुलेठी पाउडर में शहद मिलाकर इसे नेजल ड्राप की तरह नाक में डालें। इससे माइग्रेन के दर्द से आराम मिलता है। 

मुलेठी के फायदे: बालों के सफ़ेद होने से रोकथाम –

बाल सफ़ेद होना एक आम समस्या है और आज कल ज्यादातर लोग बाल समय से पहले सफ़ेद होने से परेशान रहते हैं। मुलेठी के उपयोग (mulethi ke fayde) से आप बालों को झड़ने और सफ़ेद होने से रोक सकते हैं। इसके लिए 50ग्राम मुलेठी कल्क, 750 मिली आंवला स्वरस और 750 मिली तिल के तेल को मिलाकर पाक बना लें। नियमित रूप से इस तेल पाक की 1-2 बूँद नाक में डालने से असमय बाल सफ़ेद नहीं होते और बालों का झड़ना भी कम होता है। 

मुलेठी के फायदे: आंखों के रोगों में

आंखों में जलन या आंखों से जुड़ा कोई रोग होने पर भी मुलेठी का इस्तेमाल करने से फायदा (mulethi ke fayde) पहुँचता है। इसके लिए मुलेठी के काढ़ा से आंखों को धोएं। इसके अलावा मुलेठी चूर्ण (licorice powder in Hindi) या मुलेठी पाउडर में बराबर मात्रा में सौंफ का चूर्ण मिलाएं । इस चूर्ण को सुबह शाम खाने से आंखों की जलन कम होती है और आंखों की रोशनी बढ़ती है। [Go to: Mulethi ke fayde]

कंजक्टीवाइटिस या आंख आना    

मुलेठी का औषधीय गुण (mulethi ke fayde) आँख आने पर उसके दर्द, जलन जैसे लक्षणों से आराम दिलाने में बहुत सहायता करती है

मुलेठी को पानी में पीसकर, उसमें रूई का फाहा भिगोकर आंखों पर बाँधने से आंखों की लालिमा कम होती है। [Go to: Mulethi ke fayde]

तिमिर या आंखों में सफ़ेद धब्बे की रोकथाम

मुलेठी और आंवले को पीसकर पानी में मिलाकर या उसके काढ़े से नहाने से या आंखों को धोने से पित्त कम होता है और आंखों के सफ़ेद धब्बों में भी मुलेठी से लाभ (mulethi ke fayde in hindi) होता है। [Go to: Mulethi ke fayde]

पित्त से होने वाले कान के रोग

मुलेठी और द्राक्षा से पकाए हुए दूध को कान में डालने से पित्त के कारण होने वाले कान के रोग में लाभ होता है। मुलेठी के औषधीय गुण (mulethi ke fayde in hindi)कान के बीमारियों में बहुत फायदेमंद होते हैं। [Go to: Mulethi ke fayde]

नाक के रोगों से आराम

3-3 ग्राम मुलेठी और शुण्ठी में छह छोटी इलायची और 25 ग्राम मिश्री मिलाकर इसका काढ़ा बनाएं। इस काढ़े की 1-2 बूँद नाक में डालने से नाक के रोग ठीक होते हैं। [Go to: Mulethi ke fayde]

मुंह के छालों से आराम

मुँह के छालों से परेशान रहते हैं तो मुलेठी के औषधीय गुणों का फायदा (mulethi benefits in hindi)क्यों नहीं उठाते हैं। अगर मुंह में छाले हो गए हैं तो मुलेठी के कुछ टुकड़े लें और उसमें शहद मिलाकर चूसें। इससे छाले जल्दी ठीक होते हैं। [Go to: Mulethi ke fayde]

गला बैठने के इलाज में लाभदायक

कभी कभी गले में संक्रमण की वजह से गला बैठ जाता है और ऐसी हालत में आवाज भारी हो जाती है या आवाज नहीं निकलती है। मुलेठी को मुंह में लेकर चूसते रहने से गला बैठने की समस्या में आराम मिलता है। मुलेठी चूसने से गले के कई अन्य रोगों में भी जल्दी फायदा (mulethi benefits in hindi) मिलता है।

मुलेठी के फायदे खांसी या सूखी खांसी में

मुलेठी मुंह में रखकर देर तक चूसते रहने से खांसी से आराम मिलता है। अगर आपको सूखी खांसी है तो एक चम्मच मुलेठी को शहद के साथ मिलाकर दिन में 2-3 बार चाटकर खाएं। इसी तरह मुलेठी का काढ़ा बनाकर 20-25 मिली मात्रा का सुबह और शाम को सेवन करने से मुलेठी का पूरा फायदा मिलता है

हिचकी से आराम दिलाती है मुलेठी

अगर आपको हिचकी आ रही है और बंद होने का नाम नहीं ले रही है। ऐसे में मुलेठी को कुछ देर मुंह में रखकर चूसें। मुलेठी चूसने से थोड़ी ही देर में हिचकी आना बंद हो जाता है। 

मुलेठी के फायदे सांसो से जुड़े रोगों में

मुलेठी का काढ़ा बनाकर 10-15 मिली मात्रा में पीन से सांस से जुड़े रोग ठीक होते हैं। 

दिल से जुड़ी बीमारियों में मुलेठी फायदेमंद

3-5 ग्राम मुलेठी और इतनी ही मात्रा में कुटकी चूर्ण मिलाएं। इस मिश्रण को 15-20 ग्राम मिश्री मिले हुए पानी के साथ रोजाना पियें। इसके सेवन से दिल से जुड़ी बीमारियों में राहत मिलती है।  पित्त दोष से होने वाले ह्रदय रोगों के लिए गंभारी, मुलेठी, शहद, शक्कर और कूट को मिलकार चूर्ण बना लें और इस चूर्ण से उल्टी करवाएं। 

पेट के अल्सर में फायदेमंद है मुलेठी 

पेट का अल्सर एक गंभीर समस्या है और इसका इलाज कराना बहुत ज़रुरी है। मुलेठी को घरेलू उपायों के रुप में इस्तेमाल करके भी आप पेट के अल्सर को ठीक कर सकते हैं। इसके लिए एक चम्मच मुलेठी चूर्ण (licorice powder in Hindi) या मुलेठी पाउडर को एक कप दूध के साथ दिन में 3 बार सेवन करें। पेट में अल्सर होने पर मिर्च मसालों और तीखी चीजों से परहेज करें। [Go to: Mulethi ke fayde]

पेट दर्द से आराम दिलाती है मुलेठी

गलत खानपान या खायी हुई चीज ठीक से ना पचने के कारण पेट में ऐंठन और दर्द होने लगता है। इससे आराम पाने के लिए एक चम्मच मुलेठी चूर्ण या मुलेठी पाउडर में शहद मिलाकर दिन में तीन बार सेवन करें। इससे पेट और आंतों की ऐंठन एवं दर्द से राहत मिलती है। [Go to: Mulethi ke fayde]

मुलेठी के फायदे पेट फूलने की समस्या

पेट फूलना आज कल के लोगों की एक आम समस्या है। खाया हुआ भोजन ठीक से ना पचने के कारण या शारीरिक व्यायाम ना करने की वजह से पेट फूलने की समस्या होती है। इससे आराम पाने के लिए 2-5 ग्राम मुलेठी चूर्ण (licorice powder in Hindi) या मुलेठी पाउडर को पानी और मिश्री के साथ मिलाकर खाएं। [Go to: Mulethi ke fayde]

उल्टी में खून आना रोकती है मुलेठी

अगर उल्टी करते समय उसमें खून निकल रहा है तो मुलेठी का सेवन करें। मुलेठी और रक्त चन्दन चूर्ण दोनों की 1-2 ग्राम मात्रा को दूध में पीसकर, इसमें 50 मिली दूध मिलाएं। इसकी थोड़ी थोड़ी मात्रा पीने से उल्टी में खून आना बंद होने लगता है।

मुलेठी के फायदे खून की कमी में

अगर शरीर में खून की कमी होने पर मुलेठी का सेवन करना बहुत फायदेमंद रहता है। इसके लिए एक चम्मच मुलेठी चूर्ण या मुलेठी पाउडर को शहद के साथ मिलाकर खाएं या 10-20 मिली मुलेठी काढ़े में शहद मिलाकर पियें। 

मुलेठी के फायदे मूत्र में जलन से रोकथाम

अगर आपको पेशाब करते समय जलन हो रही है तो एक चम्मच मुलेठी चूर्ण को एक कप दूध के साथ सेवन करें। इससे पेशाब में होने वाली जलन कम हो जाती है।

यूरिनरी रिटेंशन से बचाव

मुलेठी, दारुहल्दी और एर्वारुबीज के चूर्ण की बराबर मात्रा को मिलाकर दिन में तीन बार तण्डुलोदक के साथ मिलाकर पिएं। इसके सेवन से यूरिनरी रिटेंशन की समस्या में आराम मिलता है। 

मुलेठी के फायदे स्तनों में दूध बढ़ाने में

प्रसव के बाद बच्चों के लिए मां का दूध सबसे ज्यादा फायदेमंद रहता है। कुछ महिलाओं में स्तनपान के दौरान दूध कम बनता है। ऐसी महिलाओं को मुलेठी का सेवन करना चाहिए। मुलेठी स्तनों में दूध बढ़ाने में मदद करती है। इसके लिए 2 चम्मच मुलेठी चूर्ण और 3 चम्मच शतावर चूर्ण को एक कप दूध में उबालें। जब उबलता हुए दूध पककर आधा हो जाए तो इसे आंच से उतार लें। इसमें से आधा सुबह और बाकी आधा शाम को एक कप दूध में मिलाकर पियें। इसके अलावा 100 मिली दूध में 2-4 ग्राम मुलेठी और 5-10 ग्राम मिश्री मिलाकर मां को रोजाना सुबह शाम पिलाने से स्तनों में दूध ज्यादा बनता है। 

माहवारी में होने वाले अधिक रक्तस्राव से आराम:

अगर माहवारी के दिनों में बहुत ज्यादा खून निकल रहा है तो ऐसे में मुलेठी के सेवन से ब्लीडिंग को कम किया जा सकता है। इसके लिए 1-2 ग्राम मुलेठी चूर्ण (Mulethi powder) में 5-10 ग्राम मिश्री मिलाकर चावल के धोवन (तण्डुलोदक) के साथ पीसकर पियें। 

घाव या अल्सर के दर्द से आराम

किसी चीज से चोट लग जाने पर या अल्सर के दर्द से जल्दी राहत पाने के लिए मुलेठी का सेवन करना चाहिए। मुलेठी चूर्ण को घी में मिलाकर थोडा गर्म करके घाव या अल्सर वाली जगह पर लगाने से दर्द से जल्दी आराम मिलता है। इसी तरह फोड़ों पर मुलेठी का लेप लगाने से वे जल्दी पककर फूट जाते हैं। 

मुलेठी के फायदे शरीर की कमजोरी दूर करने में

अगर आप बहुत कमजोरी महसूस कर रहे हैं तो मुलेठी का सेवन करें। एक चम्मच मुलेठी चूर्ण (Mulethi powder) में आधा चम्मच शहद और एक चम्मच घी मिलाकर एक कप दूध के साथ सुबह शाम रोजाना 5-6 हफ़्तों तक सेवन करें। इसका सेवन करने से शरीर में बल बढ़ता है। [Go to: Mulethi ke fayde]

शरीर की दुर्गंध दूर करने में सहायक

अगर आपके शरीर से पसीने की तेज दुर्गंध आती है तो मुलेठी की मदद से आप इस दुर्गंध से छुटकारा पा सकते हैं। इसके लिए मुलेठी को पीसकर शरीर में लगाएं। ऐसा करने से पसीने की बदबू दूर हो जाती है। [Go to: Mulethi ke fayde]

मिरगी रोग में फायदेमंद

मुलेठी के एक चम्मच महीन चूर्ण को घी में मिलाकर दिन में 3 बार सेवन करने से मिरगी में लाभ होता है। इसके अलावा 5 ग्राम मुलेठी को पेठे के रस में महीन पीसकर 3 दिन तक खाने से मिरगी में आराम मिलता है। 

मुलेठी के फायदे सेक्स क्षमता बढ़ाने में

मुलेठी में कामोत्तेजक गुण पाए जाते हैं। जिन लोगों की सेक्स की इच्छा में कमी होती है उन्हें इसका सेवन करना चाहिए। इसके लिए 2-4 ग्राम मुलेठी चूर्ण में घी और शहद मिलाकर दूध के साथ पीने से कामोत्तेजना और सेक्स क्षमता में बढ़ोतरी होती है। 

मुलेठी की खुराक

सामान्य तौर पर 3-5 ग्राम मुलेठी चूर्ण (Mulethi powder) के सेवन की सलाह दी जाती है। अगर आप किसी रोग के इलाज के लिए मुलेठी का सेवन करना चाहते हैं तो आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह के अनुसार ही इसका सेवन करें।

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