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नशे की लत से 21 दिन में छुटकारा !!

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पहला दिन – रात को सोते समय ‘नक्सवोमिका’ 200 शक्ति की 10-12 गोलियां मुंह साफ करके चूस लेनी चाहिए। दवा लेने से आधा घण्टे पहले से और आधा घण्टे बाद तक कोई चीज खाएं-पिएं नहीं। यह दवा सोने से पहले, पानी से कुल्ले करके मुंह साफ करके लेनी चाहिए और इसके बाद फिर कुछ खाना या पीना नहीं चाहिए।

दूसरा दिन – सुबह खाली पेट, पानी से कुल्ले करने के बाद, ‘सल्फर’ 200 शक्ति की 10-12 गोलियां मुंह में डालकर चूस लें। आधे घण्टे तक कुछ खाएं-पिएं नहीं। आधे घण्टे बाद दन्तमंजन या टूथपेस्ट आदि करें। इस दिन फिर कोई दवा न लें।

तीसरा दिन – ‘सल्फ्यूरिक एसिड’ मदर टिंचर की पांच-छ: बूंदें एक गिलास पानी में घोलकर सुबह पी लें। इसी तरह दूसरी खुराक दोपहर और तीसरी खुराक शाम को पी लें। इस दिन रात को, पहले दिन की तरह, सोने से पहले, ‘नक्सवोमिका’ 200 शक्ति की 10-12 गोलियां मुंह में रखकर चूस लें।

चौथे, पांचवें, छठे और सातवें दिन – दिन में 3 बार, ‘एसिड सल्फ’ मदर टिंचर और रात को सोते समय ‘नक्सवोमिका’ 200 शक्ति में, तीसरे दिन की चिकित्सा की तरह, सेवन करते रहें।

आठवां दिन – सुबह उठकर खाली पेट (दूसरे दिन की चिकित्सा की तरह) ‘सल्फर’ 200 शक्ति की 10-12 गोलियां मुंह में डालकर चूस लें। फिर दिनभर कोई दवा न लें। इसी क्रम को दो बार दोहराएं।

शराब पीने की वजह से यदि शराबी व्यक्ति के पेट में पीड़ा हो या बेचैनी हो, तो ‘सल्फर’ वाले दिन को छोड़कर, शेष दिनों में अन्य दवाएं लेते हुए, एक घण्टे का अन्तर रख कर ‘फॉस्फोरस’ 30 शक्ति की 10-12 गोलियां सुबह और शाम में मुंह में डालकर चूस लेनी चाहिए। लाभ होने पर इस दवा का सेवन बन्द कर देना चाहिए।

यदि शराबी व्यक्ति शारीरिक कमजोरी का अनुभव करता हो, तो उसे ‘एसिड फॉस’ मदर टिंचर की 6-6 बूंद आधा कप पानी में घोलकर सुबह-शाम भोजन करने के आधे घंटे बाद पी लेनी चाहिए। इस दवा से हाथ-पैरों की कमजोरी और पीड़ा दूर होती है, शारीरिक व मानसिक शक्ति बढ़ती है, चिड़चिड़ापन और मानसिक दौर्बल्य दूर होता है। लाभ होने पर दवा बन्द कर दें।

यदि शराबी व्यक्ति को नींद न आती हो, तो ‘एवेना सैटाइवा’ एवं ‘पसाफ्लोरा’ मदर टिंचर की 15 बूंद आधा कप पानी में घोलकर सुबह-शाम पी लें। लाभ होने पर दवा बन्द कर दें।

सिगरेट पीने के आदी लोग, जो सिगरेट छोड़ना तो चाहते हैं पर छोड़ नहीं पाते, उनके लिए ‘टेबेकम’ दवा 200 शक्ति की 10-12 गोलियां सुबह, 10-12 गोलियां शाम को, आदत छूटने तक लेते रहना चाहिए।

तम्बाकू सेवन छोड़ने के लिए ‘कैलेडियम’ दवा की 30 शक्ति की 10-12 गोलियों की एक-एक खुराक दिन में तीन बार चूसनी चाहिए।

तम्बाकू की तीव्र इच्छा होने पर ‘स्टेफिसेग्रिया’ औषधि उच्च शक्ति में लाभ करती है। एक बात शराबी, नशेड़ी व इनके घरवालों को भी ध्यान में रखनी चाहिए कि जब तक ऐसे रोगियों में स्वयं से नशे की बीमारी से छुटकारा पाने की चाहत नहीं होगी तब तक उनका इलाज़ कर पाना मुश्किल कार्य है। दृढ़ इच्छा शक्ति का होना अत्यंत आवश्यक है। याद रखें नशा एक बीमारी है और यह वंशानुगत भी हो सकती है। नशे के रोगियों के लिए अंतर्राष्ट्रीय संस्थाएं ‘एल्कोहलिक एनोनिमस’ व ‘नारकोटिक्स एनोनिमस’ भारतवर्ष में भी बड़े-बड़े शहरों में कार्यरत हैं जो कि ‘सेल्फ हेल्पग्रुप’ के रूप में कार्यकरती हैं। इनमें शराब व नशे के रोगी अपने अनुभव के आधार पर एक-दूसरे की सहायता करते हैं। रोगियों के परिवार वालों के लिए भी इन संस्थाओं की शाखाएं कार्य करती हैं। इनके अच्छे परिणाम सामने आए हैं।

यह बात ध्यान में रखें कि दो दवाओं को सेवन करने के बीच एक घण्टे का फासला रखें और दवा लेने के आधा घण्टा पहले से खाना-पीना बर कर दें और आधा घण्टा बाद तक भी कुछ खायें-पीयें नहीं।

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