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सब औजार होने के बावजूद भी हमारे बुजुर्ग प्याज को फोड़ कर ही क्यों खाते थे

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दोस्तों क्या आपने कभी खुद से सवाल किया है कि सारे औजार होने के बावजूद हमारे बुजुर्ग प्याज को फोड़ कर ही क्यों खाते थे, काट कर क्यों नहीं खाते थे तो उसका उत्तर इस प्रकार है:-

यह सल्फर युक्त पदार्थ गंठे (प्याज) की ऊपरी परतों में सबसे ज्यादा होता है तथा बीच में नाम मात्र का होता है। Wageningen विश्वविद्यालय, नीदरलैंड्स की खोज के अनुसार गंठे (प्याज) के बीच में पाये जाने वाला quercetin बहुत ही प्रभावी ऐंटिऑक्सिडेंट है जो कि जवानी को बरकरार रखता है तथा विटामिन ई का मुख्य स्त्रोत है। वैसे तो यह पदार्थ चाय व सेब में भी पाया जाता है लेकिन गंठे (प्याज) के बीच में पाया जाने वाला पदार्थ चाय के पदार्थ से दो गुणा व सेब में पाये जाने वाले इसी पदार्थ से तीन गुणा जल्दी हजम होता है। 100 ग्राम गंठे (प्याज) में यह 22.40 से 51.82 मिलीग्राम तक होता है।

Bern विश्वविद्यालय स्वीट्जरलैंड ने चूहों को प्रति दिन एक ग्राम प्याज खिलाया तो उन की हड्डी 17% तक मजबूत हो गई। प्याज का बीच वाला हिस्सा पेट का अल्सर व सभी प्रकार के हृदय रोगों को ठीक करती है। गंठे (प्याज) व इसके बीच के हिस्से पर एक पूरी किताब लिखी जा सकती है लेकिन आज के लिए बस इतणा ही।

तो दोस्तों प्याज को कभी भी काटकर सलाद बनाकर ना खाएं. उसको मुक्का मारकर, या किसी चीज से फोड़कर खाए इससे आपको काफी हेल्थ बेनिफिट होंगे और आंसू भी नहीं आएंगे. हमारे बुजुर्ग प्याज को फोड़कर ही खाते थे या फिर खेत से डायरेक्ट हरे पत्ते वाला प्याज लेते थे और बिना फोड़े ही डायरेक्ट खाते थे, जैसे आप सेब और अमरूद खाते थे.

प्याज खाने के अन्य फायदे (Pyaj Khane ke Fayade)

डायबिटीज में फायदेमंद

एक प्याज में 27% तक बायोटिन होता है. बायोटिन 2 तरह के डायबिटीज़ को ख़त्म करता है. प्याज में क्रोमियम पाया जाता है. एक रिसर्च के मुताबिक बायोटिन और क्रोमियम रक्त शुगर को नियंत्रण में रखते है और इन्सुलिन प्रतिरोध की मात्रा को कम करता है.

स्वस्थ त्वचा

प्याज में पाया जाने वाले तत्व त्वचा को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है. बायोटिन नाज़ुक नाखूनों को ठीक करने में सहायक है. प्याज़ खाने से बालों का टूटना और सफ़ेद होना काफी हद तक कम हो जाता है.

रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाये

प्याज़ में विटामिन सी और फायटोकेमिकल मौजूद रहते है. फायटोकेमिकल विटामिन सी के प्रभाव को बढ़ता है. विटामिन सी से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढती है. विटामिन सी पाचनतंत्र को मज़बूत बनाने में भी काम आता है.

कैंसर से बचाए

क्वेरसेटिन एक फ्लेवनोइड में सम्मिलित रहता है. क्वेरसेटिन में शक्तिशाली एंटीओक्सिडेंट होते है. ये एंटीओक्सिडेंट कैंसर पैदा करने वाले तत्वों से लड़ता है. क्वेरसेटिन कैंसर से लड़ने के लिए सबसे प्रमुख हथियार है.

थकान से राहत

क्वेरसेटिन दिमाग को शांत करने का काम करता है. इसी के साथ क्वेरसेटिन (Quercetin) शरीर को थकान और तनाव से मुक्त करता है. जब आप तनाव में होते है तो आपका शरीर कोलेस्ट्रोल पैदा करता है. शरीर में कोलेस्ट्रोल बनना कोई बड़ी या हानिकारक बात नहीं है. लेकिन ज़रूरत से ज्यादा कोलेस्ट्रोल बनने से शरीर में प्रोटीन कम हो जाता है और मासपेशियां कमज़ोर हो जाती है.

कोलेस्ट्रोल कम करे

कच्चे प्याज खाने से शरीर का कोलेस्ट्रोल कम होता है. मोटे शरीर को पतला बनाने में प्याज बहुत ही फायदेमंद है. प्याज़ कोलेस्ट्रोल कम करता है और कोलेस्ट्रोल कम होने से मोटापा भी कम होता है.

पाचन क्रिया

प्याज में बहुत अधिक मात्रा में फाइबर होता है फाइबर पाचन तंत्र को मज़बूत करता है. प्याज़ में मौजूद विटामिन सी भी पाचन क्रिया को मज़बूत बनाता है इससे शरीर के अन्दर के हाईड्रोक्लोरिक एसिड में खाना पचाने की क्षमता बढ़ जाती है.

हड्डी का घनत्व

प्याज़ बोलेस्टर उम्रदराज़ महिलाओं के लिए हड्डी घनत्व बढ़ने में काम आता है. एक रिसर्च में पाया गया है कि जो आम महिलाएं होती है उन्हें 20% तक स्वास्थ्य रोग में राहत मिलती है.

This Post Has One Comment

  1. Khushbu

    Nice Post

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