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पायरिया के घरेलू उपाय और नुस्खे !!

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1. एंटीसेप्टिक गुणों के कारण टी ट्री आयल का उपयोग पायरिया के इलाज में बहुत ही लोकप्रिय है। टी ट्री आयल में उन सूक्ष्‍म जीवों से लड़ने की क्षमता होती है जो दांतों को नुकसान पहुंचाने में सहायक होते हैं। टी ट्री आयल न केवल पायरिया का उपचार कर सकता है बल्कि यह संपूर्ण मौखिक स्‍वास्‍थ्‍य के लिए भी अच्‍छा होता है। पायरिया के लक्षणों को कम करने के लिए आप टी ट्री ऑयल से अपने दांतों की हल्‍की मालिश करें। ऑयल पुलिंग के लिए भी टी ट्री तेल का इस्‍तेमाल किया जा सकता है।

2. आंवला भी औषधीय गुणों से भरपूर होता है। आप भी पायरिया को जड़ से मिटाने के लिए आंवला का उपयोग कर सकते हैं। अध्‍ययनों से पता चलता है कि पायरिया से ग्रसित दांतों पर आंवला पाउडर का उपयोग करने से दांतों को राहत मिल सकती है। इसके अलावा आप विकल्‍प के रूप में आंवला के जूस का भी उपयोग कर सकते हैं। आंवले के रस का मॉउथवॉश के रूप में उपयोग करके पायरिया के लक्षणों को कम किया जा सकता है।

3. पायरिया और दांत संबंधी समस्‍याओं के लिए एलोवेराफायदेमंद होता है। एलोवेरा न केवल फेस मास्‍क का एक हिस्‍सा है बल्कि यह मौखिक स्‍वास्‍थ्‍य के लिए भी लाभकारी होता है। पायरिया के इलाज के लिए टूथपेस्‍ट और माउथवॉश जैसे एलोवेरा आ‍ध‍ारित उत्‍पादों का उपयोग किया जा सकता है। इसके अलावा सूजन वाले मसूड़ों में एलोवेरा जेल लगाने से पायरिया के लक्षणों को कम करने में मदद मिलती है। आप भी अपने दांतों को स्‍वस्‍थ रखने और पायरिया का उपचार करने के लिए एलोवेरा का इस्तेमाल कर सकते हैं।

4. तुलसी का उपयोग औषधीय जड़ी बूटी के रूप में सदियों से किया जा रहा है। मसूड़ों से होने वाले रक्‍तस्राव को रोकने के लिए तुलसी सबसे अच्‍छा उपाय है। तुलसी में जीवाणुरोधी गुण होते हैं जिसके कारण मसूड़ों और दांतों को नुकसान पहुंचाने वाले बैक्‍टीरिया के प्रभाव को कम करने में मदद मिलती है। तुलसी के पत्‍तों का उपयोग करने पर मसूड़ों और दांतों के दर्द, मवाद जैसी दांत संबंधी समस्‍याओं को प्रभावी रूप से दूर किया जा सकता है।

5. मौखिक स्‍वास्‍थ्‍य संबंधी परेशानीयों को दूर करने में लौंग के तेल का उपयोग लंबे समय से किया जा रहा है। पायरिया के लक्षणों को कम करने के लिए आप भी लौंग के तेल का इस्‍तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए आप लौंग का तेल लें और रूई की मदद से प्रभावित दांतों और मसूड़ों में इस तेल से हल्‍की मालिश करें। फिर रूई को वहीं कुछ देर के लिए छोड़ दें। मुंह में अधिक थूक बनने पर कुछ कुछ देर में थूकते रहें। नियमित रूप से इस विधि को दिन में 2 बार करना आपके लिए फायदेमंद होता है।

6. आयुर्वेद के अनुसार काली मिर्च पायरिया की समस्‍या दूर करने में प्रभावी होती है। इसके औषधीय गुण दांतों और मसूड़ों पर पट्टिका और टैटार (plaque and tartar) से छुटकारा दिलाने और बैक्‍टीरिया के प्रभाव को कम करने में सहायक होते हैं। इसके अलावा काली मिर्च का प्रयोग मसूड़ों को स्‍वस्‍थ बनाने में भी सहायक होते हैं। पायरिया का इलाज करने के लिए आप काली मिर्च को पीसकर पाउडर बना लें। इसके बाद नमक और काली मिर्च पाउडर की बराबर मात्रा लें और मंजन की तरह मसूड़ों पर इस पाउडर को लगाएं। इस मिश्रण से दिन में 2 से 3 बार हल्‍की मालिश या मंजन करें। ऐसा करने से आपको पायरिया की समस्या के उपचार में गति मिल सकती है।

7. नीम का उपयोग पायरिया से छुटकारा पाने में सहायक होता है। नीम में जीवाणुरोधी गुण होते हैं जो मसूड़ों को हानिकारक बैक्‍टीरिया के प्रभाव से बचाते हैं। इसके अलावा नियमित रूप से नीम की पत्तियों का उपयोग करने पर मुंह की बदबू जैसी समस्‍याओं से भी बचा जा सकता है। पायरिया का उपचार करने के लिए आप नीम की पत्तियों का रस निकालें और इसे मसूड़ों पर लगाएं। लगभग 5 मिनिट के बाद गुनगुने पानी से कुल्‍ला करें। नियमित रूप से कुछ दिनों तक प्रतिदिन 2 बार नीम के रस का उपयोग करने पर आपको पायरिया से निजात मिल सकती है। इसके अलावा आप अपने दांतों को साफ करने के लिए नीम की दांतुन का भी इस्‍तेमाल कर सकते हैं।

8. अमरूद का उपयोग पायरिया को दूर करने का सबसे अच्‍छा तरीका हो सकता है। अमरूद में विटामिन सी की अच्‍छी मात्रा होती है जिसके कारण यह पीरियोडोंटाइटिस के लिए एक अच्‍छा उपाय माना जाता है। अमरूद एक एंटी-प्‍लाक (anti-plaque) एजेंट के रूप में काम करता है। साथ ही अमरूद में एंटी-इंफ्लामेटरी और एनाल्‍जेसिक गुण भी होते हैं जो मसूड़ों की सूजन और दर्द को कम करने में मदद करते हैं। इसके लिए आप अपने दैनिक आहार में अमरूद को शामिल कर सकते हैं।

9. पायरिया का घरेलू उपचार करने के लिए हल्‍दी का उपयोग किया जा सकता है। हल्‍दी में कक्‍र्यूमिन (curcumin) नामक एक सक्रिय घटक होता है जो कि जीवाणुरोधी और एंटी-इंफ्लामेटरी गुणों से भरपूर होता है। संक्रमित या सूजन वाले मसूड़ों में हल्‍दी का उपयोग करने से बैक्‍टीरिया को आसानी से नष्‍ट किया जा सकता है। इसके अलावा हल्‍दी का उपयोग मसूड़ों की सूजन और दर्द को भी कम करने में सहायक होती है। मसूड़ों में हल्‍दी से मालिश करने के लिए नरम टूथ ब्रश का उपयोग करें। पायरिया के लिए मंजन के रूप में कुछ सप्‍ताह तक नियमित रूप से हल्‍दी का उपयोग करना चाहिए।

10. आयुर्वेद के अनुसार ऑयल पुलिंग करने और मसूड़ों की हल्‍की मालिश करने से मौजूद बैक्‍टीरिया को दूर किया जा सकता है। ये बैक्‍टीरिया पायरिया के लक्षणों को बढ़ाने का काम करते हैं। पेरियोडोंटाइटिस के इलाज के लिए ऑयल पुलिंग के असरदार घरेलू नुस्‍खा है। इसके लिए आप अपने मुंह में कार्बनिक, अपरिष्‍कृत नारियल तेल या तिल के तेलको मुंह में लें और मुंह में चारो ओर घुमाएं। इस तेल को 15 से 20 मिनिट तक मुंह में रखने के बाद थूक दें। इस तेल को थूकने के बाद गर्म पानी से कुल्‍ला करें। अच्‍छे परिणाम प्राप्‍त करने के लिए आप सुबह ब्रश करने से पहले ऑयल पुलिंग का उपयोग करें।

11. पायरिया के इलाज के लिए नमक एक बेहतरीन उपाय है। नमक में एंटीसेप्टिक और एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं जो पेरियोडोंटाइटिस (periodontitis) के संक्रामक बैक्‍टीरिया के प्रभाव को कम कर सकते हैं। इसके अलावा नमक का उपयोग करने पर यह पायरिया के लक्षण जैसे सूजन, दर्द और रक्‍तस्राव आदि को भी रोकने में सहायक होते हैं। पायरिया का उपचार करने के लिए आप 1 गिलास गुनगुने पानी में 2 छोटे चम्‍मच नमक मिलाएं। इस घोल को मुंह में लगभग 1 मिनिट तक रखें और कुल्‍ला करें। ऐसा आप दिन में 2-3 बार करें। ऐसा करने से आपको कुछ ही दिनों में आराम मिल सकता है।

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