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पेचिश (मरोड़ या आंव) के घरेलु नुस्खे !!

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 अनार और पपीता

पेचिश होने पर आधे कप अनार के रस में चार चम्मच पपीते का रस मिलाकर पिएं|

केला

केले की फली को बीच से तोड़कर उसमें एक चम्मच कच्ची खांड़ रखकर खाएं| एक बार में दो केले से अधिक न खाएं|

सूखा पुदीना, अजवायन, सेंधा नमक, इलायची और मट्ठा

10 ग्राम सूखा पुदीना, 10 ग्राम अजवायन, एक चुटकी सेंधा नमक और दो बड़ी इलायची के दाने-इन सबको पीसकर चूर्ण बना लें| सुबह-शाम भोजन के बाद एक-एक चम्मच चूर्ण मट्ठे या ताजे पानी के साथ लें|

कालीमिर्च और गुनगुना पानी

चार-पांच कालीमिर्च मुख में रखकर चूसें| थोड़ी देर बाद आधा गिलास गुनगुना पानी पी लें|

जामुन, मिश्री और गुलाबजल

दो चम्मच जामुन का रस और दो श्म्म्च गुलाबजल – दोनों को मिलाकर उसमें जरा-सी खांड़ या मिश्री डालकर तीन-चार दिन तक पिएं|

सोंठ

पुरानी पेचिश में आधा चम्मच सोंठ का चूर्ण गुनगुने पानी के साथ लें|

नीबू और मेथी

पेचिश रोग में नीबू की शिकंजी या दही के साथ जरा-सी मेथी का चूर्ण बहुत लाभदयक है|

सेब और कालीमिर्च

सेब के छिलके में जरा-सी कालीमिर्च डालकर चटनी पीस लें| इस चटनी को सुबह-शाम भोजन के बाद सेवन करें|

सौंफ

सौंफ का पानी दिनभर में तीन-चार बार पीने से काफी लाभ होता है|

जामुन और शहद

जामुन के पेड़ की छाल 25 ग्राम की मात्र में लेकर सुखा लें| फिर उसका काढ़ा बनाएं| ठंडा होने पर दो चम्मच शहद मिलाकर पी जाएं|

गाजर

पुरानी पेचिश में तीन-चार दिन तक काली गाजर का रस सुबह-शाम भोजन के बाद सेवन करें|

आम, दही और मट्ठा

आम की गुठली को सुखा लें| फिर उसमें से गिरी निकालकर पीसें| दो चम्मच चूर्ण दही या मट्ठे के साथ सेवन करें|

अजवायन, सूखा पूदीना, इलायची और पानी

अजवायन, सूखा पूदीना और बड़ी इलायची 10-10 ग्राम लेकर चूर्ण बना लें| भोजन के बाद आधा चम्मच चूर्ण पानी के साथ सेवन करें|

मट्ठा और जावित्री

खूनी पेचिश में मट्ठे के साथ एक चुटकी जावित्री लेने से भी काफी लाभ होता है|

सौंफ, मिश्री और धनिया

अनारदाता, सौंफ तथा धनिया – इन तीनों को 100-100 ग्राम की मात्र में कूट-पीसकर चूर्ण बना लें| फिर इसमें थोड़ी-सी मिश्री मिलाकर दिनभर में चारनीम की सात-आठ कोंपलें मिश्री के साथ सेवन करें|

सफेद राल और मिश्री

रोज भोजन के बाद 1 ग्राम सफेद राल का चूर्ण मिश्री मिलाकर लें|

सौंफ और चीनी

सौंफ का तेल 5-6 बूंदें एक चम्मच चीनी में रोज दिन में चार बार लें|

गरम पानी और बबूल गोंद

एक कप गरम पानी में 10 ग्राम बबूल का गोंद डाल दें| थोड़ी देर बाद जब बबूल फूल जाए तो पानी में मथकर सेवन करें|

केला, जीरा और कालीमिर्च

कच्चे केले का रस एक चम्मच सुबह और एक चम्मच शाम को जीरा था कालीमिर्च के साथ सेवन करें|

ईसबगोल, सोंठ, जीरा और दूध

एक चम्मच ईसबगोल की भूसी 250 ग्राम दूध में भिगो दें| जब भूसी फूल जाए तो रात जरा-सी सोंठ और जरा-सा जीरा मिलाकर सेवन करें|

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