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मासिक धर्म (पीरियड्स) के समय होने वाले दर्द का घरेलू इलाज !!

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हीटिंग पैड यानी गर्म पानी का सेंक –

एक हीटिंग पैड या गर्म पानी से भरा हुआ हॉट वॉटर बैग लें। अब इसको अपने पेट के निचले हिस्से पर या फिर कमर पर 10-10 मिनट के लिए रखकर सेक लें। इसके अलावा, आप गर्म पानी में एक साफ कपड़ा भिगोकर, फिर उसे अच्छे से निचोड़कर, उसे भी अपने पेट व कमर पर रख सकते हैं।

अदरक –

अदरक को 10 मिनट के लिए गर्म पानी में भिगोएं। इसे थोड़े देर के लिए ठंडा होने दें और उसके बाद इसमें शहद मिला लें। फिर इसे पिएं। अगर आपको पीरियड्स के दौरान दर्द ज्यादा है, तो आप एक दिन में दो से तीन बार अदरक की चाय पी सकती हैं।

दही –

एक कप दही का सेवन करें। जब भी आपको पीरियड्स हो, तीन से चार बार दही का सेवन कर सकते हैं। कई बार शरीर में जरूरी पोषक तत्व जैसे – कैल्शियम व विटामिन की कमी के कारण भी पीरियड्स के दौरान दर्द की समस्या होती है। ऐसे में मासिक धर्म के वक्त दही का सेवन फायदेमंद साबित हो सकता है। दही में प्रचुर मात्रा में कैल्शियम होता है और विटामिन-डी भी पाया जाता है।

तुलसी –

एक गिलास पानी में तुलसी के पत्तों को डालकर उबाल लें। जब पानी अच्छी तरह से उबाल जाए, तो इसमें शहद डालकर सेवन करें। पीरियड्स के दौरान आप दो से तीन बार तुलसी के पत्तों से बनी यह चाय पी सकते हैं। तुलसी एक नैचुरल पेन किलर की तरह काम करती है। इसलिए, आप पीरियड्स के दर्द के दौरान इसका सेवन कर सकते हैं। इसमें मौजूद कैफीक एसिड एनाल्जेसिक (analgesic) यानी दर्दनाशक की तरह काम करता है।

अचार का जूस (Pickle Juice) – 

अचार के जूस का सेवन करें। जब भी आपको मासिक धर्म के समय दर्द या ऐंठन महसूस हो, तो आप दिन भर में एक बार इसका सेवन कर सकती हैं।अचार के रस में प्रचुर मात्रा में सोडियम होता है, जो न सिर्फ आपको हाइड्रेट रखता है, बल्कि मासिक धर्म के दौरान पैरों में होने वाली ऐंठन और दर्द की समस्या से भी राहत दिलाता है। साथ ही यह व्यायाम के बाद मांसपेशियों में होने वाली ऐंठन से भी राहत दिलाता है।

मेथी –

रात को एक गिलास पानी में दो चम्मच मेथी दाने भिगोकर रख दें। फिर सुबह खाली पेट इसका सेवन करें। पीरियड्स शुरू होने से कुछ दिन पहले से रोज सुबह इस मिश्रण का सेवन करें। मेथी के बीज में लाइसिन (lysine) और ट्रिप्टोफैन (tryptophan) नामक यौगिक पाए जाते हैं। इनमें प्रोटीन की भरपूर मात्रा होती है। इसके अलावा, मेथी अपने एनाल्जेसिक और दर्द निवारक गुणों के लिए काफी लोकप्रिय है, जो पीरियड क्रैम्प को कम करने में मदद कर सकती है।

सेंधा नमक  –

बाथटब को गुनगुने पानी से भरकर उसमें एक से दो कप सेंधा नमक डालें। अब इस पानी में आप 15 से 20 मिनट के लिए खुद को भिगोकर रखें।अगर आपके पास बाथटब नहीं है, तो आप एक बाल्टी गुनगुने पानी में सेंधा नमक मिलाकर उससे नहा सकते हैं। आप पीरियड्स शुरू होने के दो से तीन दिन पहले इस पानी से नहा सकते हैं। सेंधा नमक को मैग्नीशियम सल्फेट के रूप में भी जाना जाता है। इस नमक में मौजूद मैग्नीशियम इसके एंटी-इंफ्लेमेटरी और दर्द निवारक गुणों के लिए जिम्मेदार है।

पपीता –

आप पके हुए पपीते का सेवन कर सकते हैं। इसके अलावा, आप कच्चे पपीते की सब्जी बनाकर भी सेवन कर सकते हैं। आप चाहें तो हर रोज या हर दूसरे दिन पपीते का सेवन कर सकते हैं। कई बार पीरियड्स के दौरान ठीक तरीके से ब्लड फ्लो न होने के कारण भी पेट में दर्द या ऐंठन होने लगती है। ऐसे में पपीते के सेवन से ब्लड फ्लो में सुधार आता है और दर्द से राहत मिलती है।

नींबू का जूस –

एक गिलास गुनगुने पानी में आधे नींबू का रस मिला लें। फिर इसमें स्वादानुसार शहद मिलाएं और इसका सेवन करें। हर रोज सुबह खाली पेट नींबू के रस का सेवन करें। नींबू के एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण मासिक धर्म के समय दर्द और ऐंठन से राहत प्रदान करने में मदद कर सकते हैं। इसमें विटामिन-सी भी होता है, जो आपके शरीर में दूसरे खाद्य पदार्थ से मिलने वाले आयरन को अच्छे से अवशोषित करने में मदद करता है और महिलाओं की प्रजनन प्रणाली के लिए भी अच्छा है।

पैरों की मालिश –

पीरियड्स के दौरान दर्द के लिए कई बार मालिश भी फायदेमंद होती है। पैर में एक प्रेशर पॉइंट होता है, जो पीरियड क्रैम्प से राहत दिलाने में मदद कर सकता है। यह पॉइंट टखने की हड्डी के ऊपर तीन उंगली की चौड़ाई पर स्थित होता है। अगर आप धीरे से अपने अंगूठे और उंगलियों के साथ इस पॉइंट पर मालिश करेंगे, तो पीरियड की ऐंठन और उनके लक्षणों जैसे सूज़न, अनिद्रा व चक्कर आना जैसी समस्याओं से राहत मिल सकती है। इस मालिश को रिफ्लेक्सोलॉजी (reflexology) कहा जाता है। बेहतर होगा कि आप इसे किसी विशेषज्ञ से करवाएं।

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