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पेट में कीड़ों का घरेलू उपचार !!

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कद्दू के बीजों का कमाल

कद्दू के बीज में विटामिन, मिनरल, अमीनो एसिड, कार्बोहाइड्रेट और फैटी एसिड मौजूद होते हैं। ये राउंड वर्म और थ्रैड वर्म के लिए प्राकृतिक उपचार के रूप में काम करते हैं। गोल कीड़ों से छुटकारा पाने के लिए अपने पसंद के फ्रूट जूस में कद्दू के बीज के पाउडर को मिलाकर पीये। या आप कीड़ों की समस्‍या को दूर करने के लिए सोया दूध में कद्दू के बीज और प्याज को मिलाकर भी ले सकते हैं।

एंटी-बैक्‍टीरियल गुणों से भरपूर लहसुन

लहसुन राउंड वर्म, हुक वर्म, थ्रैड वर्म और टेप वर्म जैसे पेट के कीड़ों से लड़ने का एक और असरकार उपाय है। कीड़े पेट को संक्रमित कर, पाचन तंत्र के कार्यों को बाधित करते है। लेकिन लहसुन में मौजूद एंटी-बैक्‍टीरियल, एंटी-फंगल और एंटी-सेप्टिक गुणों के कारण आप कीड़ों की समस्या से आसानी से छुटकारा पा सकते हैं। कीड़ों की समस्या होने पर एक सप्ताह नियमित रूप से हर रोज कच्चे लहसुन को खाली पेट खायें या एक कप दूध में लहसुन की दो कली को मिलाकर अच्छे से उबालकर, उसे थोड़ा सा ठंडा करके पियें।

थीमोल तत्व से भरपूर अजावइन

अजवाइन का भी पेट के कीड़ों को दूर करने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। अजवाइन में मौजूद थीमोल नामक तत्व में पेट के अवांछित कीड़ों के विकास को रोकने की क्षमता होती है। आयुर्वेंद में तो पेट के कीड़ों के इलाज के लिए अजवाइन के साथ गुड खाने की सलाह दी जाती हैं। समस्या होने पर खाली पेट सुबह थोड़े सा गुड़ खाकर, आंधे घंटे प्र‍तीक्षा करें। फिर ए‍क गिलास पानी के साथ आधा चम्मच अजवाइन खायें। कीड़े की समस्या पूरी तरह दूर होने तक इस उपाय को दिन में एक बार दो सप्‍ताह तक करें।

उत्कृष्ट प्राकृतिक उपचार हल्दी

हल्दी पेट के कीड़े के लिए एक और उत्कृष्ट प्राकृतिक उपचार है। यह आंतरिक एंटी-सेप्टिक की तरह काम करती है और इसमें मौजूद एंटी-माइक्रोबीयल गुण पेट के कीड़ों को मारने में मदद करते है। इसके अलावा हल्दी सूज़न, अत्यधिक गैस, उल्टी और पेट में दर्द के लक्षण को दूर करने में मदद करती है। कीड़ों की समस्‍या से बचने के लिए कच्चे हल्दी के रस में चुटकी नमक मिलाकर खाली पेट सुबह पीने से लाभ मिलता है।

लौंग का जादू

लौंग अपने एंटी-सेप्टिक, एंटी-बैक्‍टीरियल और एंटी परसिटिक गुणों के कारण जाना जाता है, जो प्रभावी ढंग से शरीर के अंदर कीड़ों को मारने में मदद करता है। कीड़ों की समस्‍या से बचने के लिए एक कप गर्म पानी में लौंग के पाउडर की एक चम्मच मिलाकर, कुछ मिनट के लिए ऐसे ही छोड़ दें। फिर इस मिश्रण पी लें। पेट के कीड़ों से बचने के लिए इस मिश्रण का एक सप्ताह तक सेवन करें।

विषाक्त पदार्थों को दूर करें नीम

नीम पेट के कीड़े के लिए एक और प्रभावी प्राकृतिक उपचार है। इसमें मौजूद एंटी-परासिटिक गुण कीड़े को हटाने के साथ-साथ विषाक्त पदार्थों से छुटकारा पाने में भी मदद करते हैं। नीम की पत्तियों को पीसकर उसका पेस्ट बना लें। और पेट के कीड़ों से छुटकारा पाने के लिए एक आधा चम्मच पेस्ट को पानी के साथ हर सुबह एक सप्ताह तक खाली पेट ले।

बीटा-कैरोटीन से समृद्ध गाजर

गाजर बीटा-कैरोटीन की उच्च मात्रा के कारण जाना जाता है, साथ ही यह विटामिन ए का भी अग्रदूत माना जाता है। इसके अलावा यह पेट के कीड़ों से छुटकारा पाने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। गाजर में विटामिन सी और जिंक की मौजूदगी प्रतिरक्षा प्रणाली को समर्थन देती है। और एक मजबूत प्रतिरक्षा प्रणाली कीड़ों से अधिक कुशलता के साथ लड़ सकती है। पेट की कीड़ों से छुटकारा पाने के लिए आप नियमित रूप से हर सुबह खाली पेट गाजर का जूस लें।  

टमाटर से उपचार

2 बड़े लाल टमाटरों को काटकर, सेंधा नमक और पीसी हुई कालीमिर्च लगाकर खाली पेट शाम 4 बजे के करीब, दिन में एक बार 2-3 सप्ताह तक जरुरत के हिसाब से खिलायें। टमाटर खाने से 2 घंटे पहले और 2 घंटे बाद तक कुछ भी नहीं खाये पिएं। जरुरत लगने पर सिर्फ पानी पि सकते हैं। और फिर 2 घंटे बाद खाना खाया जा सकता हैं। इससे पेट के सभी कीड़े ख़त्म हो जाएंगे, बच्चों और बड़ों का स्वास्थ्य ठीक बनेगा।

अजवाइन

अजवाइन का चूर्ण बनाकर आधा ग्राम लेकर उतने ही गुड़ (Jaggery) में गोलियां बनाकर दिन में 3 बार खिलाने से सभी तरह के पेट के कीड़ें मर जाते हैं। आधा ग्राम अजवाइन के चूर्ण में चुटकी भर काला-नमक मिलाकर रात के समय रोजाना गर्म पानी से देने से बच्चों का कृमि रोग ठीक हो जाता हैं।

बेइडिंग और कमीला

बेइडिंग और कमीला 20-20 ग्राम लेकर उनका चूर्ण बना लें। बच्चों को आधा ग्राम और बड़ों को 2 ग्राम की मात्रा में चूर्ण दही (Curd) या गरम दूध के साथ देने से कृमि (कीड़े) मर कर पेट से बाहर निकल जाते हैं। यह पेट के कीड़े की दवा बहुत उपयोगी है।

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