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बवासीर का रामबाण इलाज (Piles) का सिर्फ आयुर्वेद मे !!

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बवासीर का रामबाण इलाज

बवासीर का रामबाण इलाज – बवासीर बहुत ही गम्भीर बिमारी है , इससे जल्द से जल्द छुटकारा पाना चाहता है मरीज । कई लोगों को आप्रेशन के बाद भी यह रोग दुबारा हो जाता है । बवासीर जिसे पाइल्स एवं अर्श रोग भी कहा जाता है, बेहद तकलीफदेह होता है। इस समस्या में रोगी को गंभीर कब्ज तो होता ही है, मलद्वार में असहनीय तकलीफ, कांटों सी चुभन, मस्से एवं घाव, जलन आदि गंभीर समस्याएं हैं, जो रोगी को कमजोर बना देती हैं और मल द्वारा रक्त की भी हानि होती है। ऐसे में इसका सही इलाज ही रोगी को इस समस्या में राहत दे सकता है, अन्यथा तकलीफ बढ़ सकती है। इसका ईलाज सिर्फ और सिर्फ आयुर्वेद मे बिना दर्द बिना आप्रेशन हो जाता जड़ से समाप्त आप के लिये आज सफल दवा बता रहा हू लाभ ले

बवासीर का रामबाण इलाज

(1) फिटकरी सफेद की भस्म बिना उबले दूध से लेने से खूनी बवासीर में लाभ होता है । सफल दवा हे

(2) दारूहल्दी ,नागकेशर ,स्वर्ण गेरिक का समभाग बनाया हुआ चूर्ण ताजे जल से लेने से लाभ होगा ।

(3) रसोत 50 ग्राम कहरवा पिष्टी 25 ग्राम मुलहठी 50ग्राम

बाबलीघास के रस में मिलाकर मटर समान गोलीयां बनाकर रख लें । दिन में तीन – चार बार दो से चार गोली तक लें ।

(4) आम की गुठली ,गुलर की छाल ,नागकेशर ,लोघ्र ,फिटकरी सफेद भस्म समान भाग को अर्जुन की छाल के काढ़े में तीन बार घोटकर सुखा लें ,फिर पीपल की छाल के काढ़े में घोटकर सुखा लें फिर जिमिकंद के रस में 7 बार घोटकर सुखा लें । 2-2 ग्राम चूर्ण दिन में चार बार जल या नारियल पानी से लें ।

(5)नारियल की जटा की भस्म 100 ग्राम में 100 ग्राम फिटकरी भस्म 100 ग्राम मिश्री मिला कर रख लें । दिन में तीन बार पानी से या नारियल के जल से ,या कच्चे दूध की लस्सी से लें

(6) नीम की निम्बोली ,बकायन फल की मींगी ,करंज बीज की गिरी ,एरंडी बीज की शुद्ध गिरी सबको जिमिकंद के रस में घोट गोली बना लें । पानी से लें ।

बवासीर दो प्रकार कि होती हैं, १ खूनी बवासीर जिसमें मल द्वार से खून जाता हैं 2 बादी बवासीर जिसमें मल द्वार के आसपास कोम उग जाती हैं । आज हम पहले खूनी बवासीर के बारे मैं बताने जा रहे हैं। जिस व्यक्ति को मल द्वार से खून जाता हो उसने रात्रि भोजन दाल चावल या खिचड़ी जिसमें घी डालकर भोजन करना चाहिए।और सोते समय पेट साफ होने के लिए सारक चूर्ण एक चम्मच गर्मपानी से लें। अब दवाई ध्यान से पढ़ें ।

आयुर्वेद दवाई कि दुकान से बोल बद्ध रस और अभयारिश्ट लाइए ओर सुबह 2 गोली बोल्बद्ध रस कि 2 गोली दोपहर 2 गोली शाम लो तथा अभयारिश्ट को भोजन के उपरांत 4 चार चम्मच दवा चार चम्मच पानी मिलकर लें । इस प्रयोग के नियमित करने से आपकी खूनी बवासीर समाप्त हो जाएगी दवा के सेवन तक मिर्च मसाला भारी भोजन कटहल मांस मछली अंडा चिकन और मसालेदार देर से पचने वाले आहार ना करें । सुपाच्य आहार और छाछ मट्ठा दही मलाईवाला आदि सेवन करें । निश्चित रूप से आपकी बीमारी ठीक हो जाएगी । साथ मैं शीशम कि 8/10पत्ति चबाये तो जल्द ही खून बंद हो जायगा । सफल आजमाया हुवा नुश्खा हैं ।

आयुर्वेद कि सफल चिकित्सा (बवासीर का रामबाण इलाज)
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बोलबद्ध रस गोली
गंधक रसायन गोली
कचनार गुगल गोली
चिंचा भल्लांतक वटी
पंचस्कार चूर्ण
स्वादिष्ट विरेचन चूर्ण
रसांजन वटी
अर्श कुठार रस
अर्शोधनी वटी
अरोग्यावर्धनी वटी ।

आप सभी को वेद्य कि सलाह से ले सकते हे

विशेष:- खट्टी तली चीजें ,बिस्किट ,नमकीन ,गुड़ तैल का परहेज ,मैदा चीनी मिठाईयां का परहेज रखें ।

नोट :- गुदा को नीम के पानी से दिन में दो – तीन बार धोए ।

मस्सों वाले मरीज गुदा पर नीम का तैल , जात्यादि तैल,कासीसादि तैल लगाएं । मीट अंडा आदि का परहेज रखें ।

24 घंटे के भीतर पाइए पाइल्स के दर्द से राहत

पाइल्स यानी की बवासीर. ये काफी तकलीफ देने वाली बीमारी है. पाइल्स में दर्द तो होता है ही लेकिन ये बीमारी असहज भी बना देती है. पाइल्स में स्वेलिंग के साथ ही तेज दर्द भी होता है. एक स्टडी के अनुसार, 50 की उम्र पार करने के बाद 50 फीसदी लोगों को ये शिकायत हो जाती है.

पाइल्स से जुड़ी सबसे बड़ी दिक्कत ये है कि लोग इसके बारे में डॉक्टर से बात करने में झिझकते हैं और इसे छिपाते हैं. छिपाने के चक्कर में अक्सर ये बीमारी बढ़ जाती है और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है. शुरुआत में सिर्फ दर्द और जलन का ही एहसास होता है लेकिन अगर समस्या बढ़ जाए तो खून आने लगता है. पाइल्स में एनल या रेक्टल एरिया की ब्लड वेसल्स बड़ी हो जाती है जिसकी वजह से जलन के साथ दर्द होता है.

पाइल्स होने के कई कारण हो सकते हैं. कई बार कब्ज, पाचन क्रिया के सही नहीं होने पर, बहुत भारी चीजें उठाने पर, गैस की समस्या होने पर, तनाव लेने पर, मोटापा होने पर और एनल सेक्स की वजह से भी ये बीमारी हो जाती है.

पाइल्स का दर्द हर किसी के लिए एक जैसा हो, ये जरूरी नहीं. रेक्टल एरिया में दर्द, खुजली और जलन, सूजन और संक्रमण इसके सामान्य लक्षण हैं. पाइल्स का इलाज संभव है लेकिन लोग झिझक में इलाज से बचते हैं पर आप चाहें तो घरेलू उपायों की मदद से इसे ठीक कर सकते हैं. बवासीर का सफल इलाज

आपको शायद यकीन न हो लेकिन आपके किचन में ही एक ऐसी चीज मौजूद है जिसके इस्तेमाल से आप 24 घंटे के भीतर पाइल्स का इलाज कर सकते हैं. एपल साइडर वेनेगर की मदद से आप पाइल्स का इलाज कर सकते हैं. बवासीर का रामबाण इलाज

कैसे करें इसका इस्तेमाल?

एपल साइडर वेनेगर में इंफेक्शन को नहीं बढ़ने देने का गुण पाया जाता है. इसके इस्तेमाल से रेक्टल एरिया में इंफेक्शन बढ़ने नहीं पाता है और ये दर्द कम करने में भी मदद करता है.

इसके अलावा इसके इस्तेमाल से जलन में भी राहत मिलती है. स्वेलिंग कम होती है और आराम मिलता है. आप चाहें तो इसमें एलोवेरा भी मिला सकते हैं.

इस्तेमाल का तरीका:
1. एक साफ कटोरी में दो चम्मच एपल साइडर वेनेगर ले लें.

2. रूई के एक साफ टुकड़े को उसमें डुबोकर रख दें.

3. इस कॉटन को प्रभावित जगह पर अप्लाई करें.

4. इस प्रोसेस को तब तक करें जब तक आपको राहत न महसूस होने लगे.

बवासीर दो तरह की होती है-खूनी बवासीर और बादी बवासीर। खूनी बवासीर (पाइल्स) में खून आता रहता है, लेकिन दर्द नहीं होता। जबकि बादी बवासीर में पेट में कब्ज बन जाती है और पेट हमेशा ही खराब रहता है। यह बीमारी 45 साल से 65 साल के लोगों में काफी आम है

एलो वेरा
एलो वेरा में कई समस्याओं का इलाज छिपा है। यह सिर्फ स्किन को सॉफ्ट और स्पॉटलेस बनाने के लिए ही इस्तेमाल नहीं किया जाता बल्कि पाइल्स की बीमारी में भी यह काफी आराम देता है। हालांकि पाइल्स के लिए फ्रेश एलो वेरा जैल यानी एलो वेरा की पत्ती से तुरंत निकाला गया जैल यूज करना चाहिए। इस जैल को पाइल्स वाले हिस्से में बाहर की तरफ लगाएं। दिन में कम से 2-3 बार इस जैल को लगाएं।

(ध्यान रखें: कुछ लोगों को एलो वेरा से एलर्जी होती है। ऐसे लोग एलो वेरा का इस्तेमाल डॉक्टर से पूछकर करें। नहीं तो स्किन के किसी हिस्से पर लगाकर देख लें कि कहीं दर्द या झनझनाहट तो नहीं हो रही। अगर ऐसा नहीं होता है तो फिर एलो वेरा को पाइल्स के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।)

आइस पैक

आइस पैक को भी पाइल्स की बीमारी में काफी लाभदायक माना गया है। प्रभावित हिस्से पर आइस पैक से सिकाई करें। चाहे तो बर्फ के टुकड़े लेकर उन्हें एक कपड़े में लपेट लें और फिर प्रभावित हिस्से पर लगाएं। रोजाना 5 से 10 मिनट इस तरह सिकाई करने से पाइल्स की समस्या में आराम मिलेगा।

इन नुस्खों के अलावा अपने रूटीन और लाइफस्टाइल में कुछ बदलाव करके भी पाइल्स की बीमारी से बचा जा सकता है। जैसे कि:

-रोजाना भरपूर मात्रा में पानी और अन्य तरल पदार्थ पिएं।
-फाइबर से भरपूर खाना खाएं। फाइबर हमारे पाचन सिस्टम के लिए बेहद जरूरी होता है और बाउल मूवमेंट में भी मदद करता है। इसके अलावा फाइबर मल को भी सॉफ्ट बनाने में हेल्प करते हैं ताकि वह आसानी से शरीर से बाहर निकल पाए।
-हल्के और ढीले-ढाले कपड़े पहनें और प्राइवेट हिस्से की नियमित तौर पर सफाई करें।

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