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पित्ताशय की पथरी के लिए घरेलू उपचार !!

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एप्पल साइडर विनेगर

 एप्पल साइडर विनेगर लिवर और पित्ताशय के बेहतर फंक्शन में मदद करता है। एप्पल साइडर विनेगर लिवर के बेहतर फंक्शन में मदद करता है साथ ही इसके एसिडिक गुण लिवर को कोलेस्ट्रॉल बनाने से रोकते हैं जो पथरी का कारण बन सकते हैं। इसके लिए एक गिलास हल्के गर्म पानी में एक चम्मच नींबू का रस और 2 चम्मच एप्पल साइडर विनेगर मिलाकर सेवन करें। इस उपाय को रोजाना कई सप्ताह तक दोहराएं। इससे दर्द कम होगा और पथरी को डिसोल्व करने में मदद मिलेगी।

नींबू का रस

नींबू में फाइबर, विटामिन-बी, विटामिन सी, कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम, फॉस्फोरस, पोटेशियम, और जिंक आदि पाए जाते हैं। नींबू कोलेस्ट्रॉल को घुलने में मदद करता है। रोजाना सुबह एक गिलास हल्के गर्म पानी चार चम्मच नींबू का रस मिलाकर खाली पेट सेवन करें।

कैस्टर ऑयल

कैस्टर ऑयल में हीलिंग प्रोपर्टीज होती हैं साथ ही यह अपने औषधीय गुणों के लिए जाना जाता है। यह पित्ताशय की पथरी को घोलने में मदद करता है। एक कप कैस्टर ऑयल को गर्म करें। इसमें जालीदार कपड़े को भिगोएं और अतिरिक्त तेल को निचोड़ दें। इस कपड़े को अपने पेट के सीधी तरफ रखें और इसे एक प्लास्टिक शीट से कवर कर दें। अब इसके ऊपर 30-60 मिनट के लिए हॉट वॉटर बैग रखें।

नाशपाती

नाशपाती पित्त की पथरी के लिए बहुत फायदेमंद होती है। अमेरिका मेडिकल एसोसिएशन के अनुसार, लगभग 80 प्रतिशत पित्त में पथरी कोलेस्‍ट्रॉल के बनने से होती है।

चुकंदर, खीरा और गाजर का रस

पित्ताशय की थैली को साफ और मजबूत करने और लीवर की सफाई के लिए चुकंदर का रस, ककड़ी का रस और गाजर के रस को बराबर मात्रा में मिलायें। यह संयोजन आपको पेट और खून की सफाई में भी मदद करता है। खीरे में मौजूद उच्च पानी सामग्री और गाजर में विटामिन सी की उच्च मात्रा मूत्राशय से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालती है।

सिंहपर्णी (कुकरौंधा)

सिंहपर्णी (कुकरौंधा) के पत्ते लीवर का समर्थन, मूत्राशय के कामकाज में सहायता, पित्त उत्सर्जन को बढ़ावा, और विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करते हैं। एक कप पानी में एक बड़ा चम्मच सिंहपर्णी के पत्तों को मिलाये। फिर इसे अवशोषित करने के‍ लिये पांच मिनट के लिए रख दें। अब इसमें एक चम्मच शहद मिलायें। मधुमेह रोगियों को इस उपचार से बचना चाहिए।

पुदीना

पुदीने में टेरपेन नामक प्राकृतिक तत्व होता है, जो पित्त से पथरी को घुलाने के लिए जाना जाता है। यह पित्त प्रवाह और अन्य पाचक रस को उत्तेजित करता है, इसलिए यह पाचन में भी सहायक होता है। पित्त की पथरी के लिए घरेलू उपाय के रूप में पुदीने की चाय का इस्तेमाल करें।

इसबगोल

एक उच्च फाइबर आहार, पित्ताशय की थैली की पथरी के इलाज के लिए बहुत आवश्यक है।  इसबगोल घुलनशील फाइबर का अच्छा स्रोत होने के कारण पित्त में कोलेस्ट्रॉल को बांधता है और पथरी के गठन को रोकने में मदद करता है। आप इसे अपने अन्य फाइबर युक्त भोजन के साथ या रात को बिस्तर पर जाने से पहले एक गिलास पानी के साथ ले सकते हैं।

लाल शिमला मिर्च

2013 में हुए एक अध्ययन के अनुसार, शरीर में भरपूर मात्रा में विटामिन सी पथरी की समस्‍या कम करता है। एक लाल शिमला मिर्च में लगभग 95 मिलीग्राम विटामिन सी होता है, यह मात्रा पथरी को रोकने के लिए काफी होती है। इसलिए अपने आहार में शिमला मिर्च को शामिल करें।

साबुत अनाज

पानी में घुलनशील फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों जैसे साबुत अनाज और अन्य अनाज को अपने आहार में भरपूर मात्रा में शामिल करें। फाइबर कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड के स्तर को कम कर स्वाभाविक रूप से पथरी को बनने से रोकने में मदद करते हैं।

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