You are currently viewing 24 दरवाजे, 212 पिलर… इतना भव्य होगा अयोध्या का राम मंदिर

24 दरवाजे, 212 पिलर… इतना भव्य होगा अयोध्या का राम मंदिर

Spread the love
24 दरवाजे, 212 पिलर… इतना भव्य होगा अयोध्या का राम मंदिर

अयोध्या में राम मंदिर का पहला मॉडल पेश, 1008 फुट ऊंचा होगा मंदिर का शिखर

देश की जनता अयोध्या में ऐसा मंदिर चाहती है जो विश्व में अद्वितीय हो. मंदिर वास्तुशास्त्र के सिद्धांतों के साथ ही 21वीं सदी के निर्माण मानकों और मन्दिर निर्मित होने पर भारी संख्या में पहुंचने वाले दर्शनार्थियों की आवश्यकता की दृष्टि से सर्वोत्तम हो.

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि यह मॉडल पहला और प्रारम्भिक मॉडल है. इसी तरह के और मॉडल आने पर उन्हें आचार्यों और जनता के समक्ष रखा जायेगा. उनमें से सर्वोत्तम को निर्माण के लिये चुना जायेगा.

मंगलवार को पेश किए गए मॉडल की विशेषता के बारे में उन्होंने बताया कि यह 1008 फुट की ऊंचाई के साथ विश्व के सबसे ऊंचे शिखर वाले मंदिर का मॉडल है, जिसका गर्भगृह 216 वर्गफुट का है. इसमें प्रतिदिन एक लाख आठ हजार लोगों के लिए भोजन प्रसाद की व्यवस्था है.

अयोध्या में राम मंदिर बनाने पर मोदी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को लोकसभा में राम मंदिर ट्रस्ट बनाने का ऐलान किया. इस ट्रस्ट का नाम ‘श्री राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र’ रखा गया है. इसके साथ पीएम मोदी ने अयोध्या में सरकार द्वारा कब्जाई गई 67 एकड़ जमीन भी ट्रस्ट को देने की बात कही है.

दरअसल, 1989 में ही राममंदिर के लिए डिजाइन तैयार की गई थी. राममंदिर का डिजाइन तैयार करने वाले शिल्पकार चंद्रकांत सोमपुरा ने सबसे पहले सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर खुशी जताई है, साथ ही उन्होंने कहा है कि उनका 30 साल पुराना इंतजार खत्म हुआ है.

राम मंदिर के डिजाइन को लेकर भी लोगों में उत्सुकता साफ देखी जा सकी है. सोशल नेटवर्किंग साइट पर बड़ी संख्या में लोग इसे खंगाल रहे हैं. आइए आपको बताते हैं कि आखिर राम मंदिर का डिजाइन कैसा होगा.

अयोध्या में राम मंदिर दो मंजिला होगा. इसकी कुल लंबाई 270 फीट और चौड़ाई 140 फीट होगी. डिजाइन के मुताबिक मंदिर की ऊंचाई को 128 फीट रखा जाएगा.

राम मंदिर के किसी भी हिस्से में स्टील का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा. मंदिर में कुल 212 पिलर और 330 बीम होंगे. इसके अलावा निचली इमारत में कुल 106 खंभे होंगे. इन सभी चीजों से मंदिर ज्यादा मजबूत बनेगा.

मंदिर के कुल 5 प्रवेश द्वार होंगे. इनमें पहला सिंह द्वार, दूसरा नृत्य मंडप, तीसरी रंग मंडप, चौथा कौली और पांचवां गर्भगृह और परिक्रमा द्वार शामिल हैं.

मंदिर में कुल 24 दरवाजे होंगे जिनकी चौखटों को संगमरमर के पत्थर से तराशा जाएगा. मंदिर का मुख्य द्वार मकराना के सफेद संगमरमर से बनेगा.

मंदिर में भगवान राम की प्रतिमा को नीचे वाली मंजिल में रखा जाएगा. जबकि ऊपर वाली मंजिल पर राम दरबार बनाया जाएगा.

मंदिर के दोनों तलों पर एक गर्भगृह बनाया जाएगा जिसमें कौली (पुजारियों के बैठने की जगह) होगी.

अयोध्या : राम मंदिर निर्माण की तारीख का ऐलान 19 फरवरी को संभव

रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की पहली बैठक 19 फरवरी को दिल्ली में होगी। इस बैठक में अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण की तिथि पर फैसला हो सकता है। रविवार को तीर्थ ट्रस्ट के सदस्य विमलेंद्र मोहन मिश्र ने इसकी पुष्टि की। ट्रस्ट से जुड़े सूत्रों के अनुसार इस बैठक में मंदिर निर्माण की प्रक्रिया पर भी फैसला लिया जा सकता है। सूत्रों ने बताया कि ट्रस्ट की पहली बैठक में नामित किए जाने वाले सदस्यों के नाम पर चर्चा हो सकती है।

इससे पूर्व राम जन्म भूमि न्यास समिति ने मंदिर निर्माण शुरू करने के लिए राम नवमी की तिथि का प्रस्ताव रखा है। न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास ने इच्छा जताई है कि दो अप्रैल को राम नवमी के दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंदिर निर्माण की आधार शिला रखें।

रामजन्मभूमि न्यास के वरिष्ठ सदस्य और महंत नृत्य गोपाल दास के उत्तराधिकारी महंत कमल नयन दास का कहना है कि न्यास और विश्व हिन्दू परिषद की ओर से राम मंदिर निर्माण शुरू करने की सभी प्रक्रियाएं पहले से तय हैं। उन्होंने रविवार को यहां कहा कि रामजन्मभूमि आंदोलन के नायक अशोक सिंहल के समय ही राम मंदिर निर्माण का मानचित्र तैयार कर लिया गया था।

महंत नृत्य गोपाल दास ने बताया कि इस मानचित्र के आधार पर मंदिर के निर्माण कार्य का प्रथम चरण अगले दो वर्षों में पूरा हो जाएगा। इसके बाद वहां रामलला की पूजा-अर्चना शुरू कर दी जाएगी। फिलहाल न्यास के इस प्रस्ताव पर अंतिम फैसला सरकार की ओर से नवगठित ट्रस्ट को करना है।

अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए ट्रस्ट का गठन हो गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को संसद में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का ऐलान किया था. अब श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की पहली बैठक 19 फरवरी को दिल्ली में बुलाई गई है. इस बैठक में नए सदस्यों का चुनाव होगा. सूत्रों का दावा है कि इस बैठक में राम मंदिर निर्माण के लिए तारीखों का ऐलान किया जा सकता है.

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को लोकसभा को जानकारी दी कि कैबिनेट ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट गठित करने का प्रस्ताव पास किया है. उन्होंने बताया कि ये ट्रस्ट अयोध्या में भगवान श्रीराम की जन्मस्थली पर भव्य और दिव्य श्रीराम मंदिर के निर्माण और उससे जुड़े विषयों पर निर्णय लेने के लिए पूर्ण रूप से स्वतंत्र होगा. पिछले साल सुप्रीम कोर्ट ने 9 नवंबर को राम मंदिर मसले पर ऐतिहासिक फैसले के दौरान सरकार को ट्रस्ट गठित करने का निर्देश दिया था.

ट्रस्ट में होंगे 15 सदस्य

बता दें कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में 15 सदस्य होंगे. इनमें 9 स्थायी और 6 नामित सदस्य होंगे. गठन के बाद ट्रस्ट को केंद्र सरकार की ओर से 1 रुपये का नकद दान भी मिला. यह ट्रस्ट को मिला पहला दान बताया जा रहा है.

केंद्र से मिला 1 रुपये का चंदा

अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए गठित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र को पहले दान के तौर पर 1 रुपया नकद दिया ताकि ट्रस्ट अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण की दिशा में काम शुरू कर सके.

ये भी पढ़ेंः राम मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष बनेंगे महंत नृत्य गोपाल दास: राम जन्मभूमि न्यास

केंद्र सरकार की ओर से यह दान ट्रस्ट को गृह मंत्रालय में अवर सचिव डी. मुर्मू ने दिया. अधिकारी ने बताया कि ट्रस्ट अचल संपत्ति सहित बिना किसी शर्त के किसी भी व्यक्ति से किसी भी रूप में दान, अनुदान, अंशदान, योगदान ले सकता है.

ये भी पढ़ेंः राम मंदिर ट्रस्ट में एक दलित-8 पंडित, कल्याण सिंह और उमा भारती ने उठाई OBC ट्रस्टी की मांग

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में रामलला विराजमान की पैरवी करने वाले सीनियर एडवोकेट केशवन अय्यंगार परासरण ट्रस्ट में होंगे. ट्रस्ट में जगतगुरु शंकराचार्य, जगतगुरु माधवानंद स्वामी, युगपुरुष परमानंद जी महाराज का नाम भी सदस्यों में होंगे. इसके अलावा पुणे के गोविंद देव गिरि, अयोध्या के डॉक्टर अनिल मिश्रा, कामेश्वर चौपाल और निर्मोही अखाड़ा के धीरेंद्र दास का नाम भी शामिल है.

शुरुआत में तो ट्रस्ट वरिष्ठ अधिवक्ता के. परासरण के आवास से कार्य करेगा, लेकिन बाद में इसका स्थायी कार्यालय खोला जाएगा. इस ट्रस्ट के पास राम मंदिर निर्माण और इससे जुड़े विषयों पर स्वतंत्र रूप से निर्णय करने के अधिकार होंगे. ट्रस्ट का पंजीकृत कार्यालय दिल्ली में होगा.

Leave a Reply