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रतनजोत के फायदे !!

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1. रतनजोत की जड़ के लाभ दिल को स्‍वस्‍थ रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। रतनजोत के औषधीय गुण शरीर में मौजूद उन विषाक्‍त पदार्थों को दूर करते हैं जो हृदय समस्‍याओं का कारण हो सकते हैं। इसके लिए आप पानी में रतनजोत की जड़ को कुछ देर के लिए भीगने दें और फिर इस पानी का सेवन करें। ऐसा करने से एल्‍केनेट की जड़ शरीर से विषाक्‍तता को बाहर निकालने और रक्‍त को अवशोषित करने के लिए दिल की कार्य क्षमता को बढ़ाने में मदद करती है। जिससे आप अपने हृदय को स्‍वस्‍थ रख सकते हैं।

2. यदि आप अपना वजन कम करना चाहते हैं तो रतनजोत का उपयोग कर सकते हैं। क्‍योंकि रतनजोत जड़ के पाडउर के फायदे वजन को कम करने में मदद कर सकते हैं। इसलिए आपको वजन कम करने के लिए रासायनिक उत्‍पादों का सेवन करने के बजाय रतनजोत की जड़ का उपयोग करना चाहिए। इसके लिए आप नियमित रूप से रतनजोत की जड़ के पाउडर का सेवन करें। ऐसा करने से आपके शरीर में बिना किसी दुष्‍प्रभाव के वजन को कम करने में मदद मिल सकती है।

3. रतनजोत में मौजूद औषधीय गुण रक्‍तचाप को नियंत्रित करने में सहायक होते हैं। उच्‍च रक्तचाप एक गंभीर समस्‍या है जिसका स्‍थाई इलाज संभव नहीं है। लेकिन प्राकृतिक औषधियों का सेवन कर आप इसके लक्षणों को नियंत्रित अवश्‍य कर सकते हैं। रतनजोत की जड़ में हाइपो-टेंस (hypo-tense) प्रभाव होता है जो आपकी हृदय प्रणाली को स्‍वस्‍थ रखने में सहायक होता है। जिससे आप उच्‍च रक्‍तचाप की समस्‍या को नियंत्रित कर सकते हैं। इसके अलावा रतनजोत के गुण रक्‍तवाहिकाओं में अवरोध को रोकने में मदद करते हैं। जिससे हार्ट अटैक की संभावना को कम किया जा सकता है।

4. रतनजोत की जड़ में प्राकृतिक शीतलन गुण उच्‍च मात्रा में होते हैं। जिससे शरीर के तापमान को नियंत्रित करने में मदद मिलती है। यही कारण है कि आयुर्वेद पारंपरिक चिकित्‍सा में बुखार का उपचार करने के लिए रतनजोता का उपयोग किया जाता है। इसके अलावा रतनजोत में पसीने को प्रेरित करने वाले गुण भी होते हैं। जिससे बुखार से ग्रसित व्‍यक्ति की उपचार प्रक्रिया को तेज करने में मदद मिलती है। क्‍योंकि पसीने के माध्‍यम से बैक्‍टीरिया और शरीर के तापमान को बाहर निकालने में मदद मिलती है।

5. गठिया एक बहुत ही कष्‍टदायक समस्‍या है जिसमें आमतौर पर शरीर के जोड़ों और मांसपेशियों में अत्‍याधिक दर्द होता है। लेकिन आपको चिंता करने की आवश्‍यकता नहीं है क्‍योंकि रतनजोत का उपयोग गठिया का इलाज कर सकता है। गठिया के उपचार के लिए रतनजोत के तेल का इस्‍तेमाल किया जा सकता है। दर्द प्रभावित क्षेत्र पर रतनजोत के तेल से मालिश करने पर नसों को आराम मिलता है जिससे दर्द के प्रभाव को कम करने में मदद मिलती है। इसके अलावा आप नियमित रूप से रतनजोत रूट पाउडर का सेवन भी कर सकते हैं। जो आपको भविष्य में गठिया से संबंधित समस्‍याओं से बचा सकता है।

6. रतनजोत में एंटी-इंफ्लामेटरी गुण होते हैं जो शरीर में उचित रक्‍त परिसंचरण को बनाए रखने में सहायक होते हैं। शरीर में उचित रक्‍त प्रवाह न होने के कारण ही शरीर और सिर में दर्दहो सकता है। यदि आप भी सिर दर्द की समस्‍या से परेशान हैं तो रतनजोत की जड़ का उपयोग कर सकते हैं। रतनजोत की जड़ का सेवन करने पर यह सिर दर्द के साथ ही माइग्रेन की समस्‍या को भी दूर कर सकता है।

7. आप अपने चेहरे में मौजूद निशानों और धब्‍बों के लिए कई प्रकार के रासायनिक उत्‍पादों का इस्‍तेमाल करते हैं। जबकि रतनजोत के फायदे स्किन स्‍कार्स को कम करने में सहायक होते हैं। रतनजोत में त्‍वचा को साफ करने की क्षमता होती है। इसलिए इसका उपयोग कई फेस मास्‍क और चेहरे की सफाई करने वाले उत्‍पादों में प्रमुख रूप से किया जाता है। रतनजोत की जड़ त्‍वचा को कई प्रकार के संक्रमण से बचा सकती है। क्‍योंकि इसकी प्रकृति एंटी-इंफ्लामेटरी होती है। जिसके कारण यह विशेष रूप से जले हुए निशानों का इलाज और उपचार कर सकता है। रतनजोत के फायदे सनबर्न जैसी समस्‍याओं को भी दूर करने में प्रभावी होते हैं।

8. नियमित रूप से रतनजोत तेल का उपयोग करना आपकी अनिद्रा जैसी समस्‍याओं को दूर कर सकता है। रतनजोत के तेल में ऐसे घटक मौजूद होते हैं जो नींद कम करने वाले विकारों को प्रभावी रूप से दूर कर सकते हैं। नियमित रूप से रतनजोत के तेल से सिर की मालिश करना नींद को बढ़ावा देता है। क्‍योंकि रतनजोत का तेल मस्तिष्‍क में ऐसे हार्मोन को उत्‍तेजित करता है जो नींद को प्रेरित करते हैं। इसके अलावा रतनजोत के तेल का इस्‍तेमाल तनाव को कम करने में भी सहायक होता है। इसके लिए आप रात में सोने से पहले रतनजोत के तेल से सिर की मालिश करें और अपनी नाक के आस-पास इस तेल को लगाएं। ऐसा करने से आपको शांति का अनुभव होगा जो आपको अच्‍छी नींद लेने में सहायक होता है। इस तरह से आप रतनजोत तेल के फायदे अनिद्रा के उपचार के लिए प्राप्‍त कर सकते हैं।

9. आप अपने बालों को स्‍वस्‍थ रखने के लिए रतनजोत की जड़ का उपयोग कर सकते हैं। रतनजोत की जड़ बालों को मजबूत करने और बालों संबंधी अन्‍य समस्‍याओं को प्रभावी रूप से दूर करने में सहायक होती हैं। ऐसा इसलिए है क्‍योंकि रतनजोत की जड़ में बालों को रंगने वाले प्राकृतिक गुण होते हैं जो बालों के लिए सुरक्षित होते हैं। नियमित रूप से रतनजोत की जड़ के पेस्‍ट और तेल का उपयोग करने पर यह बालों को प्राकृतिक रंग देने के साथ ही इन्‍हें झड़ने से बचाते हैं। यदि आप भी बाल झड़ने की समस्‍या से परेशान हैं तो रतनजोत की जड़ के लाभ ले सकते हैं।

10. एंटी-वायरस और एंटी-बैक्‍टीरियल गुणों की मौजूदगी के कारण रतनजोत के फायदे त्‍वचा सबंधी संक्रमण को दूर करने में सहायक होते हैं। जैसा कि आप जानते हैं कि त्‍वचा हमारे शरीर का एक प्रमुख अंग है जिसका अधिकांश हिस्‍सा हमेशा खुला रहता है। जिसके कारण यह कई प्रकार के संक्रमण और बैक्‍टीरिया से प्रभावित हो सकती है। लेकिन आप अपनी त्‍वचा को स्‍वस्‍थ रखने और संक्रमण से बचाने के लिए रतनजोत की जड़ और तेल का उपयोग कर सकते हैं। नियमित रूप से उपयोग करने पर यह त्‍वचा कोशिकाओं को फ्री रेडिकल्‍स के प्रभाव से बचाता है। ये फ्री रेडिकल्‍स त्‍वचा में झुर्रियों का प्रमुख कारण होते हैं। आप इस प्रकार की त्‍वचा संबंधी समस्‍याओं से बचने के लिए रतनजोत तेल को अपने चेहरे पर लगा सकते हैं। इसके अलावा आप रतनजोत की जड़ के पाउडर का सेवन करना भी त्‍वचा के लिए लाभकारी होता है।

11. बहुत से लोगों नाखून टूटने और बीच से फटने जैसी समस्‍याओं का सामना करना पड़ता है। इस तरह की समस्‍या से बचने के लिए रतनजोत की जड़ फायदेमंद होती है। यदि आप भी इस तरह की नाखून संबंधी समस्‍या से परेशान हैं तो रतनजोत के तेल का उपयोग कर सकते हैं। आप अपने प्रभावित नाखूनों में नियमित रूप से रतनजोत के तेल को लगाएं। ऐसा करने से आपको नाखूनों के आसपास होने वाली सूजन से छुटकारा मिल सकता है। साथ ही यह नाखून में होने वाले संक्रमण को भी दूर कर सकता है।

12. दाद को ठीक करने के लिए भी रतनजोत की जड़ का उपयोग किया जाता है। हरपीज एक ऐसी त्‍वचा समस्‍या है जो त्‍वचा में खुजली और घाव बना सकती है। जिससे रक्‍तस्राव होना आम है। इस प्रकार की समस्‍या बैक्‍टीरिया के प्रभाव के कारण होती है। जिनके प्रभाव को कम करने के लिए आपको एंटी-वायरस प्रभाव की आवश्‍यकता होती है। रतनजोत की जड़ में एंटी-वायरस प्रभव होते हैं जिसके कारण आप हरपीज का इलाज कर सकते हैं। इसके लिए आप रतनजोत जड़ के पाउडर को पानी के साथ पेस्‍ट बनाएं और प्रभावित जगह पर लगाएं। नियमित रूप से कुछ दिनों तक ऐसा करने से आपको हरपीज से छुटकारा मिल सकता है।

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