You are currently viewing सहजन खाने से होती है 300 से ज्यादा बड़ी बीमारिया दूर

सहजन खाने से होती है 300 से ज्यादा बड़ी बीमारिया दूर

Spread the love

सहजन क्या है
सहजन लम्बी फलियों वाली एक सब्जी का पेड़ है, जोकि भारत और दुनिया भर में उगाया जाता है. विज्ञान ने प्रमाणित किया है कि इस पेड़ का हर अंग स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभदायक है. सहजन को अंग्रेजी में Moringa (मोरिंगा) या Drumstick tree कहते हैं. ज्यादातर भारतीय सहजन की फली को सब्जी व अन्य भोजन बनाने में करते हैं | आपको जानकर हैरानी हो सकती है कि भारत मोरिंगा का सबसे बड़ा उत्पादक है, यहां इसका वार्षिक उत्पादन 1.1 से 1.3 मिलियन टन है। सहजन का पेड़ बहुत ही तेजी से बढ़ता है और इसकी फलियों के साथ इसके पत्ते और फूल का भी इस्तेमाल खाने के लिए किया जाता है। सहजन के ये तीनों भाग बहुत गुणकारी होते हैं। लेख के आगे के भाग में हम न सिर्फ स्वास्थ्य के लिए, बल्कि त्वचा के लिए भी सहजन के फायदे की जानकारी देंगे।

सहजन का पेड़ कही भी आसानी से लग जाता है. इसे बहुत पानी की जरुरत नहीं होती और यह तेजी से बढ़ता है. भारतीयों के लिए गर्व की बात है कि यह मूलतः उत्तर भारत से ही दुनिया भर में फैला है. भोजन और उपचार के अतिरिक्त सहजन का प्रयोग पानी साफ़ करने और हाथ धुलने के लिए भी किया जा सकता है|

सहजन के फायदे

1. सहजन की पत्ती – इसकी पत्तियों में प्रोटीन, विटामिन B6, विटामिन C, विटामिन A, विटामिन E, आयरन, मैग्नीशियम, पोटैशियम, जिंक जैसे तत्व पाए जाते हैं. इसकी फली में विटामिन C और सहजन की पत्ती में कैल्शियम प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं. सहजन में एंटीओक्सिडेंट, बायोएक्टिव प्लांट कंपाउंड होते हैं|

2. सहजन की सूखी पत्तियों के 100 ग्राम पाउडर में दूध से 17 गुना अधिक कैल्शियम और पालक से 25 गुना अधिक आयरन होता है. इसमें गाजर से 10 गुना अधिक बीटा-कैरोटीन होता है, जोकि आँखों, स्किन और रोगप्रतिरोधक तंत्र के लिए बहुत लाभदायक है. सहजन में केले से 3 गुना अधिक पोटैशियम और संतरे से 7 गुना अधिक विटामिन C होता है|

यह पत्तियाँ प्रोटीन का भी बेहतरीन स्रोत हैं. एक कप ताजी पत्तियों में 2 ग्राम प्रोटीन होता है. यह प्रोटीन किसी भी प्रकार से मांसाहारी स्रोतों से मिले प्रोटीन से कम नहीं है क्योंकि इसमें सभी आवश्यक एमिनो एसिड्स पाए जाते हैं |

3. सहजन की फली और पत्ती का सूप पीने या दाल में सहजन की पत्ती मिलाकर बनाने से बदलते मौसम के असर से बचाव होता है. यह रोगप्रतिरोधक क्षमता बढाकर ऐसे मौसम में होने वाले सर्दी-जुकाम होने से रोकता है. यहाँ तक कि एड्स के रोगियों को दी जाने वाली Anti-Retroviral therapy के साथ यह हर्बल सप्लीमेंट के रूप में दिया जाता है|

4. सहजन पेट की समस्याओं के लिए कारगर है. सहजन हल्का रेचक है, अतः यह पेट साफ करता है. फाइबर की वजह से यह कब्ज दूर करता है. पेट के कीड़े और जीवाणुओं से भी सहजन मुक्ति दिलाता है. सहजन की जड़ का पाउडर पेट में पाए जाने वाले राउंड वर्म (Helminth worms) को खत्म करता है|

5. वजन घटाने में सहजन लाभकारी है. जानिए कैसे ? सहजन में डाईयूरेटिक गुण होते हैं जोकि शरीर की कोशिकाओं में अनावश्यक जल को कम करता है. इसके एंटी-इन्फ्लेमेटोरी गुण शरीर की सूजन कम करते हैं. फाइबर से भरपूर सहजन शरीर में फैट अवशोषण कम करता है. इन्सुलिन रेजिस्टेंस कम करके यह अनावश्यक फैट जमने को रोकता है|

6. दूध पिलाने वाली माताओं के लिए सहजन बहुत बढ़िया है. सहजन की पत्ती को घी में गर्म करके प्रसूता स्त्री को दिए जाने का पुराना रिवाज है. इससे दूध की कमी नहीं होती और जन्म के बाद की कमजोरियों जैसे थकान आदि का भी निवारण होता है. बच्चे का स्वास्थ्य सही रहता है और वजन भी बढ़ता है. सहजन में पाए जाने वाला पर्याप्त कैल्शियम किसी कैल्शियम सप्लीमेंट से कई गुना अच्छा है |

सहजन क्या है?

सहजन एक प्रकार की हरी सब्जी है, जिसे अंग्रेजी में ड्रमस्टिक (Drumstick) या मोरिंगा (Moringa) कहा जाता है। इसका वानस्पतिक नाम मोरिंगा ओलिफेरा (Moringa Oleifera) है।

सहजन के फायदे – Benefits of Drumstick (moringa) in Hindi

1. मोटापे के लिए सहजन के फायदे

अगर आप मोटापे या बढ़ते वजन की समस्या से परेशान हैं, तो अब आपको काफी हद तक राहत मिल सकती है। अपनी हरी सब्जियों की लिस्ट में सहजन को शामिल कर आप बढ़ते वजन की परेशानी को कुछ हद तक नियंत्रित कर सकते हैं। दरअसल, इसमें क्लोरोजेनिक एसिड (Chlorogenic Acid) मौजूद होता है, जिसमें एंटी-ओबेसिटी गुण मौजूद होते हैं, जिससे मोटापे या वजन की परेशानी से लड़ने में मदद मिल सकती है। आप इसे एक स्वास्थ्यवर्धक खाद्य पदार्थ के रूप में अपने आहार में शामिल कर सकते हैं ।

2. कैंसर के लिए सहजन के लाभ

सहजन में मौजूद औषधीय गुण कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी के जोखिम को कम करने में मदद कर सकते हैं। दरअसल, सहजन और सहजन की पत्तियों में एंटी-कैंसर और एंटी-ट्यूमर गुण मौजूद होते हैं। इसके अलावा, सहजन की पत्तियां पॉलीफेनोल्स (Polyphenols) और पॉलीफ्लोनोइड्स (Polyflavonoids) से समृद्ध होती हैं, जो एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-कैंसर यौगिक होते हैं, जो इस घातक बीमारी के जोखिम को कम करने में मदद कर सकते हैं।

3. मधुमेह के लिए सहजन के लाभ

सहजन में एंटी-डायबिटिक गुण मौजूद होते हैं, जो आपके लिए गुणकारी साबित हो सकते हैं और आपके मधुमेह के स्तर को कम कर सकते हैं। अगर आपको सहजन खाना पसंद न हो, तो आप डॉक्टर की सलाह से सहजन की पत्तियों की टैबलेट भी ले सकते हैं, क्योंकि इसमें भी एंटी-डायबिटिक गुण होते हैं।

4. हड्डियों के लिए सहजन के फायदे

बढ़ती उम्र के साथ हड्डियों की देखभाल और उन्हें स्वस्थ रखना भी जरूरी है। आप अपनी हड्डियों को स्वस्थ रखने के लिए सहजन का सेवन कर सकते हैं। मोरिंगा को कैल्शियम, मैग्नीशियम और फास्फोरस का अच्छा स्रोत माना गया है, जो हड्डियों के लिए जरूरी पोषक तत्व हैं। इन गुणों की मौजूदगी की वजह से सहजन हड्डियों को स्वस्थ रखने में मदद कर सकता है। फिलहाल, अभी इस पर और शोध की जरूरत है। इसके अलावा, इसमें एंटी-ऑस्टियोपोरोटिक (Anti-Osteoporotic) गुण भी होते हैं, जो ऑस्टियोपोरोसिस जैसी हड्डी की बीमारी के जोखिम को कम करने में मदद कर सकते हैं ।

5. हृदय को स्वस्थ रखने के लिए

हृदय शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक है। ऐसे में हृदय को स्वस्थ रखना और उसका ध्यान रखना जरूरी है। अगर आप अपने हृदय को स्वस्थ रखना चाहते हैं, तो अपने आहार में सहजन की पत्तियों को शामिल करें। सहजन की पत्तियों में उच्च मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो शरीर में इंफ्लेमेशन के कारण होने वाली समस्याओं से राहत दिलाने में मदद करते हैं और हृदय संबंधी परेशानी उन्हीं में से एक है। सहजन की पत्तियों में मौजूद बीटा कैरोटीन (β carotene) एंटीऑक्सीडेंट के रूप में कार्य कर हृदय को स्वस्थ रखने में मदद कर सकता है।

दवाईयां भी फेल हैं इस रस के आगे, 350 रोगों की अकेले करता है छुट्टी

कमजोर शरीर को फौलादी बनाये एक हफ्ते मे बन जाओगे बस खाए ये चीज

किसी भी नस में ब्लॉकेज नहीं रहने देगा यह देसी फार्मूला

रोज सुबह पिए 1 ग्लास लौंग का पानी, 21 दिनों में १० किलो वजन घटाएं

6. एनीमिया के लिए

सहजन के गुण की बात करें, तो आप सहजन या इसकी पत्तियों का सेवन एनीमिया यानी लाल रक्त कोशिकाओं की कमी से बचाव के लिए भी कर सकते हैं। सहजन की पत्तियों के एथनोलिक एक्सट्रैक्ट (Ethanolic Extract) में एंटी-एनीमिया गुण मौजूद होते हैं और इसके सेवन से हीमोग्लोबिन के स्तर में सुधार हो सकता है, जिससे लाल रक्त कोशिकाओं के उत्पादन में मदद मिल सकती है ।

7. मस्तिष्क के लिए सहजन के फायदे

सहजन मस्तिष्क को स्वस्थ रखने में भी मदद कर सकता है। बढ़ती उम्र का असर मस्तिष्क पर भी हो सकता है और मस्तिष्क संबंधी बीमारी जैसे – अल्जाइमर (Alzheimer’s Disease- भूलने की बीमारी), पार्किंसंस (Parkinson’s Disease- सेंट्रल नर्वस सिस्टम से जुड़ा विकार ) और ऐसी ही कई अन्य समस्याएं हो सकती है। ऐसे में सहजन का सेवन काफी लाभदायक हो सकता है। यह नोओट्रॉपिक (Nootropics- मस्तिष्क स्वास्थ्य के लिए एक तरह की दवा) की तरह काम कर सकता है, यानी मस्तिष्क संबंधी परेशानियों को दूर करने में मदद कर सकता है। यह अल्जाइमर रोगियों में यानी जिन्हें भूलने की बीमारी हो जाती है, उनमें याददाश्त तेज या सुधार करने में भी सहायक हो सकता है ।

8. लिवर के लिए सहजन

गलत खान-पान और जीवनशैली का लिवर पर काफी गलत प्रभाव पड़ सकता है। ऐसे में जरूरी है वक्त रहते अपने खान-पान को सुधार लें और न सिर्फ सही वक्त पर खाना, बल्कि सही आहार को अपने डाइट में शामिल करें। आप अन्य आहारों के साथ अपने डाइट में सहजन या इसकी पत्तियों को शामिल कर सकते हैं। इसमें क्वारसेटिन (Quercetin) नामक फ्लैवनॉल होते हैं, जो हेपाटोप्रोटेक्टिव (Hepato-Protective) की तरह कार्य करते हैं, यानी लिवर को किसी भी प्रकार की क्षति से बचाकर सुरक्षित रखने में मदद कर सकते हैं। इसलिए, सहजन या सहजन की पत्तियों को अपनी डाइट में शामिल करें और अपने लिवर को घातक बीमारियों के जोखिम से बचाएं ।

9. इम्युनिटी के लिए सहजन का उपयोग

अगर किसी व्यक्ति की रोग-प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है, तो उस व्यक्ति के बीमार होने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में जरूरी है कि अपनी डाइट में उन खाद्य पदार्थों को शामिल किया जाए, जो रोग-प्रतिरोधक क्षमता में सुधार करने में मदद करें। इन्हीं खाद्य पदार्थों में से एक है सहजन। सहजन या इसकी पत्तियों के सेवन से इम्युनिटी में सुधार हो सकता है। इसका संतुलित मात्रा में सेवन रोग-प्रतिरोधक क्षमता में सुधार कर सकता है। ध्यान रहे कि इसे अगर जरूरत से ज्यादा खाया गया, तो इसमें इसोथियोसीयानेट (Isothiocyanate) और ग्लाइकोसाइड सायनाइड (Glycoside Cyanides) नामक विषैले तत्व होते हैं, जो तनाव को बढ़ा सकते हैं और इसके एंटीऑक्सीडेंट असर को कम कर सकते हैं। इसलिए, इसका सेवन संतुलित मात्रा में करें

10. पेट के लिए सहजन के फायदे

सहजन या सहजन की पत्तियों का सेवन कई पेट संबंधी समस्याओं जैसे – पेट दर्द और अल्सर से बचाव कर सकते हैं । इसमें एंटी-अल्सर गुण मौजूद होते हैं, जिस कारण इसके सेवन से अल्सर के जोखिम से बचाव हो सकता है। वहीं, ऊपर हमने पहले ही आपको जानकारी दी है कि यह लिवर की समस्याओं से भी राहत दिला सकता है । इतना ही नहीं इसकी छाल भी पेट के लिए उपयोगी है, यह पाचन क्रिया में सुधार करने में मदद कर सकती है।

11. त्वचा के लिए सहजन के गुण

सिर्फ स्वास्थ्य को ही नहीं, बल्कि त्वचा को भी स्वस्थ रखना आवश्यक है। आपकी त्वचा भी आपके अच्छे और बुरे स्वास्थ्य के बारे में संकेत देती है। अगर त्वचा में चमक न हो तो इसका मतलब यह है कि आपकी त्वचा स्वस्थ नहीं है। ऐसे में सहजन या सहजन की पत्तियों के सेवन से आप अपनी त्वचा को स्वस्थ बना सकते हैं। सहजन में मौजूद एंटीबैक्टीरियल, एंटीवायरल व एंटीफंगल गुण त्वचा के रैशेज, त्वचा संबंधी संक्रमण या अन्य त्वचा संबंधी बीमारियों के जोखिम से बचाव कर सकते हैं

12. एंटी-एजिंग के लिए सहजन के लाभ

बढ़ती उम्र का असर चेहरे पर भी दिखने लगता है, नतीजतन चेहरे की चमक कम होने लगती है और झुर्रियां बढ़ने लगती हैं। ऐसे में आप में से कई लोग एंटी-एजिंग क्रीम का भी सहारा लेते होंगे, जिसका असर कुछ वक्त तक ही रहता है। इस कारण इसका उपयोग बार-बार करने की जरूरत होती है। इस स्थिति में बेहतर है कि आप अपनी डाइट का सही तरीके से चुनाव करें, क्योंकि कहीं न कहीं आपकी डाइट का असर आपकी त्वचा और चेहरे पर पड़ता है। आप अपने डाइट में सहजन को या इसकी पत्तियों को शामिल कर सकते हैं। इसका सेवन आपके चेहरे पर बढ़ती उम्र के प्रभाव को कम करने में मदद कर सकता है। इतना ही नहीं इसके बीज भी कम उम्र में त्वचा पर एजिंग के प्रभाव को कम करने में मदद कर सकते हैं।

Please Like and Share Our Facebook Page
Herbal Medicines

Find US On Instagram
Herbal Medicines

Find US On Twitter
Herbal Medicines

This Post Has 46 Comments

Leave a Reply