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सांस फूलने की बीमारी से पाए निजात इन घरेलू उपायों की मदद से !!

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दमा होता है बड़ा कारण

श्वास नलिकाएं फेफड़े से हवा को अंदर व बाहर करती हैं। दमा होने पर इन नलिकाओं के अंदर की दीवार में सूजन हो जाती है। यह सूजन नलिकाओं को बेहद संवेदनशील बना देता है और किसी भी संवेदनशील चीज के स्पर्श से यह तीखी प्रतिक्रिया करता है। जब नलिकाएं प्रतिक्रिया करती हैं, तो उनमें संकुचन होता है और फेफड़े में हवा की कम मात्रा जाती है और सांस फूलने लगती है।

शहद का सेवन

शहद सबसे आम और सबसे बेहतर घरेलू उपचारों में से एक है। इसको उपयोग अस्थमा अर्थात जिन लोगों को साँस की परेशानी होती है उनके लिए भी किया जाता है। अस्थमा का अटैक आने पर शहद वाले पानी की भाप लेनी चाहिए। जिससे जल्द ही राहत मिलती है। इसके अलावा दिन में दो से तीन बार एक गिलास पानी के साथ शहदमिलाकर पीने से भी बहुत आराम मिलता है। शहद का सेवन करने से बलगम ठीक हो जाती है जो अस्थमा या सांस की परेशानी को पैदा करती है।

गर्म जगह में जाएं

यदि आपकी ठंडी जगह पर साँस फुले तो ऐसे में आपको तुरंत ही गर्म जगह पर चले जाना चाहिए। ध्यान रहे वहां ऐसी या कूलर न हो इसके साथ जब भी आपकी साँस फूलने लगे तो भीड़ भाड़ और धुल भरी जगह को तुरंत ही छोड़ देना चाहिए और किसी खुली जगह पर चले जाना चाहिए। इससे आपको अच्छा लगेगा और आप अपने आप को रिलैक्स महसूस करोगे।

कॉफी का सेवन

यदि आपको अस्थमा का अटैक आया है तब ऐसे में आपको तुरंत हो कॉफी का सेवन करना चाहिए। इससे श्वास नलियों में रुकी हुई हवा तुरंत हो खुल जाती है। यदि आप कॉफी का सेवन नहीं कर सकते तो आपको कॉफी की महक सूघने से भी फायदा प्राप्त हो जायेगा।

अदरक

 सदियों से हमारे भोजन का एक अहम हिस्सा अदरक में पाए जाने वाले औषधीय गुणों के कारण कई प्रकार की औषधि बनाने में भी इसका प्रयोग किया जाता रहा है। यह अस्थमा या सांस फूलने की समस्या में काम आ सकता है। अदरक अस्थमा सहित विभिन्न बीमारियों के लिए एक प्रसिद्ध प्राकृतिक उपचार है।

लहसुन

सुबह खाली पेट लहसुन खाने से कई तरह के रोगों से छुटकारा पाया जा सकता है। लहसुन आपके फेफड़ों की समस्या में मदद करता है और एक निश्चित शॉट उपाय है जो अस्थमा के लक्षणों से त्वरित राहत प्रदान करता है। यह वायुमार्ग की सूजन को भी कम करता है। ज्यादातर घरों में लहसुन का प्रयोग सब्जियों में तड़का लगाने के लिए किया जाता है। आप इसे कच्चा भी खा सकते हैं।

एसिड बनाने वाले पदार्थ न लें

सांस फूलने की समस्या होने पर आहार में कार्बोहाइड्रेट चिकनाई एवं प्रोटीन जैसे एसिड बनाने वाले पदार्थ सीमित मात्रा में लें और ताज़े फल, हरी सब्जियां तथा अंकुरित चने जैसे क्षारीय खाद्य पदार्थों का भरपूर मात्रा में सेवन करें।

तुलसी का रस

बेहद गुणकारी तुलसी सांस फूलने की समस्या में भी बेहद लाभदायक होती है। तुलसी का रस और शहद चाटने से अस्‍थमा रोगि यों को व सांस फूलने की समस्या वाले लोगों को आराम मिलता है। इससे सांस की बंद नलियां तुरंत ही खुल जाती हैं।

यूकेलिप्‍टस तेल

यदि सांस फूलने की समस्या है को घर में यूकेलिप्‍टस का तेल जरूर रखें। जब कभी सांस फूले तो यूकेलिप्‍टस का तेल सूंघ लें, इसको सूंघने से आपको तुरंत फायदा होगा और समस्या धीरे-धीरे ठीक होने लगेगी। 

गरम जगह में जाएं

ठंडी जगह में सांस फूले तो गरम जगह पर चले जाएं, जहां पर ऐसी या कूलर न हो। इसके अलावा अगर गरम शॉवर ले सकते हैं तो भी आपको राहत मिलती है। साथ ही जब भी आपकी सांस फूलने लगे तो भींड भाड़ और धूल भरी जगह छोड़ दें और किसी खुली जगह पर चले जाएं।

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