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Diabetes डायबिटीज का इलाज, पुरानी शुगर खत्म करेगी ये दवा

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Diabetes डायबिटीज

Diabetes डायबिटीज का इलाज – एक जगह बैठे-बैठे काम करने की वजह से आजकल छोटे-छोटे बच्चे भी Diabetes डायबिटीज की चपेट में आ रहे हैं। अगर आप भी कई सालों से इस बीमारी के शिकंजे में जकड़े हुए हैं तो टेंशन छोड़ इस टेस्टी चटनी का स्वाद लीजिए। चटनी…आपको सुनकर थोड़ी हैरानी हो सकती हैं पर आपको बता दें कि ये कोई आम चटनी नहीं है बल्कि इस जादुई चटनी को खाने से डायबिटीज जड़ से ठीक हो जाती है। आइए जानते हैं क्या है इस चटनी को बनाने का सही तरीका।  

सामग्री 
लहसुन छिला हुआ- 25 ग्राम
फ्रेश अदरक – 50 ग्राम
ताजा पुदीना- 50 ग्राम
खट्टा अनारदाना- 50 ग्राम

इन सभी चाजों को पीसकर उसकी चटनी बनाकर एक बर्तन में रख लें। इस चटनी को रोज तीन टाइम सुबह, शाम और रात को एक चम्मच खाएं। ऐसा करने से आपकी कितनी भी पुरानी शुगर होगी वो जड़ से ठीक हो जाएगी। 

( Diabetes डायबिटीज ) मधुमेह को कंट्रोल करने के लिए हेल्दी लाइफस्टाइल, डाइट और आयुर्वेदिक घरेलू उपचार जरूरी हैं. आयुर्देव में ऐसी कई चीजें हैं जिनसे आपको ब्लड शुगर कंट्रोल करने में मदद मिलगी.

Home Remedies To Control Diabetes डायबिटीज: मधुमेह एक ऐसी बीमारी है जिसे सिर्फ कंट्रोल किया जा सकता है. अभी तक इसे जड़ से खत्म करने का कोई इलाज नहीं है. ऐसे में एक बार डायबिटीज होने पर आपको पूरी जिंदगी सतर्क रहने की जरूरत होती है. डायबिटीज को कंट्रोल करने के लिए आपको अपने खाने-पीने और लाइफस्टाइल का बहुत ध्यान रखने की जरूरत होती है. आपको ज्यादा लंबे समय तक भूखे नहीं रहना होता. खाने में बिना स्टार्ज वाले फूड शामिल करने होते हैं. इसके अलावा मीठा बिल्कुल भी नहीं खाना होता है. अगर आपने जरा सी लापरवाही बरती तो शुगर लेवल बढ़ सकता है. डायबिटीज के मरीज को अपना वजन कंट्रोल करने की भी बहुत जरूरत होती है. हालांकि कई लोगों का शुगर लेवल इन बातों का ध्यान रखने के बाद भी कम नहीं होता है, ऐसे में डायबिटीज को कंट्रोल करने के लिए आप आयुर्वेदिक दवाओं और घरेलू नुस्खों को भी अपना सकते हैं. जानते हैं मधुमेह को कंट्रोल करने वाले घरेलू उपाय क्या हैं?

Diabetes डायबिटीज के लक्षण (Symptoms Of Diabetes)

सबसे पहले आप ये जान लें कि डायबिटीज के लक्षण क्या होते हैं. टाइप-1 डायबिटीज होने पर लक्षण बहुत तेजी से दिखते हैं, वहीं टाइप-2 डायबिटीज में शुरुआत में काफी कम लक्षण नजर आते हैं. ये हैं टाइप-1 और टाइप-2 डायबिटीज के शुरुआती लक्षण हैं.

⦁ चिड़चिड़ापन
⦁ आंखों में धुंधलापन
⦁ घाव का देरी से भरना
⦁ स्किन इंफेक्शन
⦁ बहुत प्यास लगना
⦁ बार-बार टॉयलेट आना
⦁ बहुत भूख लगना
⦁ वजन बढ़ना या कम होना
⦁ थकान
⦁ ओरल इंफेक्शन्स
⦁ वजाइनल इंफेक्शन्स

Diabetes डायबिटीज के आयुर्वेदिक और घरेलू उपाय (Ayurvedic And Home Remedies for Diabetes)

1- जामुन के बीज- डायबिटीज के आयुर्वेदिक इलाज में जामुन के बीजों का इस्तेमाल किया जाता है. इसके लिए जामुन की गुठलियों को सुखाकर पीस लें. इसका चूर्ण बना लें. अब इसे सुबह खाली पेट गुनगुने पानी के साथ लें. इससे डायबिटीज कंट्रोल करने में मदद मिलेगी. 

2- अंजीर के पत्ते- अंजीर के पत्तों को खाली पेट चबाने या पानी में उबाल कर पीने से मधुमेह कंट्रोल रहता है. अंजीर के पत्तों में मधुमेह विरोधी गुण होते हैं, जिससे ब्लड शुगर का लेवल कम करने में मदद मिलती है. 

3- मेथी- मधुमेह के रोगियों के लिए मेथी बहुत फायदेमंद मानी जाती है. मेथी के बीज खाने से ब्लड शुगर कंट्रोल रहता है. इसके लिए आपको एक चम्मच मेथी के बीज को रात भर एक गिलास पानी में भिगोकर रखना है. सुबह खाली पेट बीज समेत पानी को पी लें. आपको इसके आधे घंटे तक कोई दूसरी चीज नहीं खानी है. 

4- जैतून का तेल- जैतून के तेल का उपयोग करने से कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल रहता है. इससे ट्राइग्लिसराइड्स का लेवल को कम करने में मदद मिलती है. जैतून के तेल से ब्लड शुगर भी कंट्रोल रहता है. लंबे समय तक जैतून के तेल का उपयोग करने से हार्ट संबंधी बीमारियों का खतरा भी कम रहता है.

5- लहसुन- लहसुन को आयुर्वेद में काफी इस्तेमाल किया जाता है. सभी के घरों में खाने में लहसुन का इस्तेमाल किया जाता है. लहसुन के सेवन से कोलेस्ट्रॉल कम करने और मधुमेह को कंट्रोल करने में मदद मिलती है. इसके लिए रातभर लहसुन की 2-3 कलियों को पानी में भिगो दें. सुबह खाली पेट इन्हें चबाकर खा लें. 

6- दालचीनी- खड़े मसालों में दालचीनी सभी के घर में इस्तेमाल होती है. दालचीनी से डायबिटीज को कंट्रोल करने में भी मदद मिलती है. इसमें मधुमेह विरोधी गुण पाए जाते हैं. दालचीने के उपयोग से ब्लड शुगर लेवल कम करने में मदद मिलती है. इसके लिए आप रोज आधा चम्मच दालचीनी पाउडर का सेवन करें. 

7- अंगूर के बीज- डायबिटीज को कंट्रोल करने के लिए अंगूर के बीजों का भी इस्तेमाल किया जाता है. इनमें ब्लड शुगर कंट्रोल करने वाले गुण पाए जाते हैं. अंगूर के बीज को पीस कर चूर्ण बनाकर इस्तेमाल कर सकते हैं. अंगूर के बीज में विटामिन ई, फ्लेवोनोइड्स, लिनोलिक एसिड जैसे तत्व पाए जाते हैं. जो डायबिटीज के इलाज में प्रभावी होते हैं. 

8- एलोवेरा- पिछले काफी समय से आयुर्वेद में एलोवेरा का इस्तेमाल किया जा रहा है. मधुमेह को कंट्रोल करने के लिए भी एलोवेरा के जूस का सेवन करना फायदेमंद माना जाता है. एलोवेरा जूस पीने से रक्त शर्करा को नियंत्रित करने में मदद मिलती है. एलोवेरा में हाइड्रोफिलिक फाइबर, ग्लूकोमानन और फाइटोस्टेरॉल जैसे तत्व होते हैं जिससे ब्लड शुगर कम रहता है. 

9- आंवला- आंवला डायबिटीज में भी फायदेमंद है. इसमें भरपूर मात्रा में विटामिन सी से पाया जाता है. आंवला में हाइपोग्लाइसेमिक गुण होते हैं. आंवला खाने के 30 मिनट में ब्लड शुगर लेवल कम किया जा सकता है. आप आंवला पाउडर का इस्तेमाल कर सकते हैं.

10- नीम- नीम के पत्ते चबाने और रस पीने से डायबिटीज को कंट्रोल करने में मदद मिलती है. नीम में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल गुण होते हैं. इसके अलावी नीम में एंटी-डायबिटिक गुण भी पाए जाते हैं. ये सभी तत्व मधुमेह भी कंट्रोल करने में मदद करते हैं.

Disclaimer: इस आर्टिकल में बताई विधि, तरीक़ों व दावों की एबीपी न्यूज़ पुष्टि नहीं करता है. इनको केवल सुझाव के रूप में लें. इस तरह के किसी भी उपचार/दवा/डाइट पर अमल करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.

Diabetes डायबिटीज का जोरदार घरेलू उपचार, diabetes Complications and its Treatment
आयुर्वेद की एक दवा को जिसे आप घर में भी बना सकते हैं, आपकी काफी मदद करती है..

  • दवा की सामग्री.
    1. 100 ग्राम मेथी का दाना।
    2. 100 ग्राम तेजपत्ता।
    3. 150 ग्राम जामुन की बीज।
    4. 250 ग्राम बेल के पत्ते।

दवा बनाने की विधि.
इन सबको धुप मे सुखाने के बाद पत्थर में पीसकर या यूं कहें घिसकर पाउडर बना लें साथ ही इन्हें आपस में मिला भी लें, अब इस औषधि को अपने पास किसी साफ डिब्बे में रख लें.

औषधि सेवन का तरीका : सुबह नाश्ता करने से एक घंटे पहले इस औषधि की एक चम्मच गरम पानी के साथ ले लें, फिर शाम को खाना खाने से एक घंटे पहले ले लें। यानि सुबह शाम एक एक चम्मच पाउडर खाना खाने से पहले गरम पानी के साथ आपको लेना है।
जानकारों का तो यहां तक कहना है कि यदि ऐसे ही आपने डेढ़ से दो माह इस दवा को ले लिया और साथ में प्राणायाम कर लिया तो आपकी डाईबेटिस बिलकुल ठीक हो जाएगी।

इस दवा पर कितना आता है खर्चा…
ये औषधि बनाने मे 20 से 25 रूपया खर्च आएगा और ये औषधि तिन महिना तक चलेगी और उतने दिनों मे आपकी सुगर ठीक हो जाएगी।

ये भी हैं कारण…
जानकारों के अनुसार जिन लोगों को अधिक चिंता, मोह, लालच, तनाव रहते हैं, उन लोगों को मधुमेह की बीमारी अधिक होती है। डायबिटीज में शुरू में तो भूख बहुत लगती है। लेकिन धीरे-धीरे भूख कम हो जाती है। शरीर सुखने लगता है, कब्ज की शिकायत रहने लगती है।

अधिक पेशाब आना और पेशाब में चीनी आना शुरू हो जाती है और रोगी का वजन कम होता जाता है। शरीर में कहीं भी जख्म/घाव होने पर वह जल्दी नहीं भरता। तो ऐसी स्थिति मे हमें क्या करना चाहिए। इस संबंध में डॉ. राजकुमार कहते हैं कि स्थिति में मजबूरन ही इन्सुलिन लें, पर इस पर ज्यादा निर्भर न करें। वहीं कुछ जानकार तो यहां तक कहते हैं कि इन्सुलिन डायबिटीज से भी जादा खतरनाक है, साइड इफेक्ट्स बहुत हैं।

इन बातों का खास ध्यान रखें :
1. शुगर के रोगी ऐसी चीजें ज्यादा खाए जिसमें फाइबर हों यानि रेशे ज्यादा हों, High Fiber Low Fat Diet। वहीं घी,तेल वाली डायेट कम हो। इसके साथ ही वे सब्जियां जिनमें रेशे हैं वो खाएं, दाल जो छिलके वाली हो वो खाए, मोटा अनाज ज्यादा खाएं, फल ऐसे खाएं जिनमें रेशा बहुत हो।

2. चीनी कभी ना खाए, डाबीटिज की बीमारी को ठीक होने मे चीनी सबसे बड़ी रुकावट है, लेकिन आप गुड़ खा सकते है|

3. दूध और दूध से बनी कोई भी चीज नहीं खाएं।

4. प्रेशर कुकर और अलुमिनम के बर्तन में बना खाना न खाएं।

5. रात का खाना सूर्यास्त से पहले कर लें।

यह भी माना जाता है कि जो डाइबिटिस आनुवंशिक होती है, वो कभी पूरी ठीक नहीं होती। यानि उसे सिर्फ कंट्रोल किया जा सकता है, उनको ये दवा पूरी जिन्दगी खानी पड़ेगी पर जिनको आनुवंशिक नहीं है जानकारों के अनुसार उनकी पूरी तरह से ठीक हो जाती है।

जब किसी व्यक्ति को डायबिटीज यानि मधुमेह की बीमारी होती है। तो इसका मतलब है वह व्यक्ति दिन भर में जितनी भी मीठी चीजें खाता है (चीनी, मिठाई, शक्कर, गुड़ आदि) वह ठीक प्रकार से नहीं पचती अर्थात उस व्यक्ति का अग्नाशय उचित मात्रा में उन चीजों से इन्सुलिन नहीं बना पाता, इसलिये वह चीनी तत्व मूत्र के साथ सीधा निकलता है। इसे पेशाब में शुगर आना भी कहते हैं।

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