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Vitamin K की कमी से आपको हो सकते हैं ये गंभीर रोग

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हमारे शरीर को चुस्त व दुरुस्त रखने के लिए अनेक पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है जिनमें से विटामिन्स प्रमुख हैं। विटामिन्स अनेक प्रकार के होते हैं और हर एक विटामिन का अपना एक अलग महत्व होता है। विटामिन के हमारे शरीर के लिए अत्यंत आवश्यक होता है। जैसा कि हम जानते हैं कि विटामिन के रक्त का थक्का बनाने में सहायक होता है। इसके अतिरिक्त भी विटामिन ‘के’ के कई महत्व हैं। इस लेख में हम विटामिन के की कमी से सम्बंधित विषयों पर चर्चा करेंगे। सबसे पहले विटामिन के की कमी के लक्षण और फिर विटामिन के की कमी से होने वाले रोग पर चर्चा करेंगे।

बाकी सारे न्यूट्रीयेंट्स जैसे कि विटामिन A, D,C, कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन आदि की ही तरह विटामिन K भी हमारे शरीर के लिए उतना ही महत्वपूर्ण है। विटामिन K ब्लड क्लोटिंग में अहम रोल निभाता है जिसकी वजह से यह आतंरिक और बाहरी ब्लीडिंग को रोकने के लिए महत्वपूर्ण हो जाता है। ज्यादा ब्लड का प्रवाह आपके शरीर के लिए निर्णायक हो सकता है।

विटामिन K एक प्रोटीन का निर्माण करता है जोकि क्लोटिंग की प्रक्रिया की शुरुआत करता है। विटामिन K को दो भागों में बांटा गया है एक है विटामिन K1 और दूसरा है विटामिन K2 । आपको बता दें कि विटामिन K1 हरी और पत्तेदार सब्जियों जैसे पालक आदि में पाया जाता है जबकि विटामिन K2 मनुष्य की आंतो में पाया जाता है। आजकल विटामिन K की कमी उन लोगों में ज्यादा होती है जी लोग हरी सब्जियों के बजाय जंक और प्रोसेस्ड फूड्स का सेवन करते हैं।

वयस्कों की तुलना में छोटे बच्चों में विटामिन K की कमी ज्यादा देखने को मिलती है जिसे विटामिन K डेफिशियेंसी ब्लीडिंग कहा जाता है। लेकिन जब इसकी कमी वयस्कों में हो जाती है तो यह उनके स्वास्थ्य के लिए बहुत ही खतरनाक हो जाता है।

कितनी होती है विटामिन के की जरूरत

0-6 माह का शिशु- 2 माइक्रोग्राम प्रतिदिन
7 से 12 माह का शिशु- 2.5 माइक्रोग्राम प्रतिदिन
1 से 3 साल के बच्चे- 30 माइक्रोग्राम प्रतिदिन
4 से 8 साल के बच्चे- 55 माइक्रोग्राम प्रतिदिन
9 से 13 साल के बच्चे- 60 माइक्रोग्राम प्रतिदिन
14 से 18 साल के बच्चे- 75 माइक्रोग्राम प्रतिदिन
19 साल से ऊपर के लोग- 90 माइक्रोग्राम प्रतिदिन

दो प्रकार के होते हैं विटामिन K

विटामिन K दो प्रकार के होते हैं, विटामिन K-1 और विटामिन K-2। विटामिन K-1 ऐसा विटामिन है, जो हमें पौधों से प्राप्त होते हैं जैसे – फल, सब्जियों और पत्ती वाले आहार आदि। विटामिन K-2 ऐसा विटामिन है, जो हमें जानवरों से प्राप्त होता है जैसे- दूध और दूध से बने फूड्स आदि। शरीर में विटामिन K की कमी पूरा करने के लिए आपको इन आहारों का सेवन करना चाहिए।

इस आर्टिकल में हम आपको वयस्क लोगों में विटामिन K की कमी से होने वाली बीमारियों के बारे में बताने रहें हैं।

1- हार्ट की समस्या:

मनुष्य की आंतो में पाया जाने वाला विटामिन K2 सीधे आरटेरियल कैल्सीफिकेसन से जुड़ा होता है। इसकी कमी से मैट्रिक्स कार्बोक्सीलेटेड ग्लुटामेट प्रोटीन का निर्माण होता है जो ह्रदय से जुडी समस्याओं के लिए जिम्मेदार होता है। स्टडी में यह पाया गया है कि लगभग 57% लोग जिनमे विटामिन K2 की कमी होती है वो कार्डियक अरेस्ट की वजह से मर जाते हैं। इसलिए आप इसकी कमी को पूरा करने के लिए हरी सब्जियों का सेवन ज्यादा करें ताकि आपको विटामिन K मिल सके।

विटामिन K की कमी होने से कोरोनरी आर्टरी डिजीज और हृदय के फ़ेल होने के चांसेस बढ़ जाते हैं। इतना ही नहीं यदि शरीर में विटामिन K की कमी हो जाए तो हृदय को रक्त को पम्प करने में काफ़ी मुश्किल होती है। विटामिन के रक्त में कैल्शियम की मात्रा बढ़ने से रोकता है। इस तरह कैल्शियम हृदय धमनियों के किनारों पर जमने नहीं पाता है। इस प्रकार हार्टअटैक और हार्ट स्ट्रोक की संभावनाएं कम हो जाती हैं। 

2- कैंसर:

आदमी की मौत तो कभी भी हो सकती है लेकिन आजकल ज्यादातर लोग कैंसर की वजह से मर रहें हैं। विटामिन K में एंटी-कैंसर गुण होता हैं जो आपको इससे बचाते हैं। लेकिन जब इसकी कमी हो जाती है तो आपको कैंसर होने की संभावना बढ़ जाती है और इससे आपके फेफड़े, ब्रेस्ट, कोलोरेक्टल और प्रोस्टेट ग्लैंड प्रभावित होते हैं। अध्ययन में यह पाया गया है कि 35 से 64 साल के लोगों में विटामिन K की ज्यादा कमी होती है और ज्यादातर लोग प्रोस्टेट कैंसर से मर जाते हैं। इसलिए आप अपनी डाइट में विटामिन K युक्त पदार्थ शामिल करना चाहिए।

शोध में इस बात को सिद्ध किया जा चुका है कि शरीर में विटामिन के की प्रचुर मात्रा होने पर कैंसर का खतरा 30 प्रतिशत तक कम हो जाता है। हमें सुनिश्चित कर लेना चाहिए कि हमारे शरीर में विटामिन के की प्रचुर मात्रा हो ताकि हम कैंसर से बच सकें। 

3- ऑस्टियोपोरोसिस:

विटामिन K शरीर के लिए बहुत ही जरुरी न्यूट्रीयेंट्स होता है। यह ना केवल आपके ब्लड क्लोटिंग के लिए जरुरी है बल्कि आपकी हड्डियों के मेटाबोलिज्म के लिए भी जरुरी है। क्लीनिकल रिसर्च के अनुसार विटामिन K की कमी से ऑस्टियो-पोरोसिस की समस्या होने लगती है और खासतौर पर उन लोगों में जिनकी उम्र 40 साल से ज्यादा है, जिससे उनकी हड्डियां कमजोर हो जाती हैं। इसलिए आप पालक, मीट आदि का सेवन करें जिनमें विटामिन K होता है।

विटामिन के की कमी होने से हड्डियों के अंदर मौजूद बोन मैट्रिक्स कम हो जाता है जिससे कि हड्डियॉं अंदर ही अंदर खोखली हो जाती हैं। ऐसे में हड्डियां बेहद कमज़ोर हो जाती हैं और शरीर में ऑस्टियोपोरोसिस की समस्या हो जाती है। इस तरह हम देख सकते हैं कि विटामिन के की कमी होने से हमारे शरीर में अनेक गंभीर समस्या हो जाती हैं। आइए देखते हैं कि शरीर में विटामिन के की कमी को कैसे संतुलित किया जा सकता है।

4- ज्यादा ब्लीडिंग:

विटामिन K आपकी आतंरिक और बाहरी ब्लीडिंग को रोकता है। इसकी कमी से छोटी से छोटी चोट में भी आपकी ब्लीडिंग ज्यादा होने लगती है जिससे आपके स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है। ज्यादा ब्लीडिंग की वजह से आपको कार्डियक अरेस्ट या फिर एनीमिया भी हो सकता है। इसलिए आप ऐसे फूड्स का सेवन करें जिनमें विटामिन K प्रचुर मात्रा में पाया जाता है।

5- आसानी से चोटिल होना:

जीवन में कम से कम एक बार हममें से सभी को कुछ ना कुछ चोट जरुर लगी है। लेकिन अगर किसी आदमी में विटामिन K की कमी होगी तो इस छोटी चोट की वजह से भी उसकी ब्लीडिंग ज्यादा होगी। इसलिए जो लोग ऐसे पदार्थों का सेवन करते हैं जिनमें विटामिन K पाया जाता है तो उनमे ज्यादा ब्लीडिंग होने की संभावना कम होती है।

6- हड्डियों का कमजोर होना:

आदमी की 40 साल के उम्र के बाद उसकी हड्डियां कमजोर होने लगती हैं और उनमें फ्रैक्चर होने की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए ऐसे लोगों को विटामिन K युक्त फूड्स लेना चाहिए जिससे उनकी हड्डियों का मेटाबोलिज्म अच्छा रहता है और उम्र बढ़ने के साथ ही उन्हें मजबूती भी मिलती है। विटामिन K की कमी के कारण शरीर में कैल्शियम का संचय सही ढंग से नहीं हो पाता है। हड्डियों को जितनी मात्रा में कैल्शियम चाहिए होता है उतनी मात्रा में नहीं मिल पाता है। ऐसे में हड्डियों से संबंधित समस्याएं हो जाती हैं। हड्डियां कमज़ोर होकर अपनी वास्तविक संरचना खोने लगती हैं।

7- एजिंग:

अपनी उम्र से ज्यादा बड़ा दिखने का मतलब होता है कि आपके शरीर में विटामिन K की कमी है। विटामिन K आपके त्वचा से दाग धब्बों को निकालने का काम करता है और उसे चमकदार बनाता है। लेकिन अगर आपको विटामिन K की कमी है तो आपको हड्डियों और हार्ट से जुडी कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं जिसकी वजह से आप अपनी उम्र से ज्यादा के लगने लगते हैं। इसलिए नार्मल, एक्टिव और हेल्दी लाइफस्टाइल बनाने के लिए आप को चाहिए कि आप विटामिन K युक्त खाद्य- पदार्थों को अपनी डाइट में शामिल करें।

8- बर्थ डिफेक्ट:

विटामिन K की कमी ज्यादातर बच्चों में देखने को मिलती है। इन परिस्थितियों में उनमे कई तरह की बीमारियाँ होने की संभावना हो जाती है जैसे अविकसित हड्डियां, चेहरा, नाक या उंगलियाँ, याद्दास्त कम होना, बच्चे का विकास ना होना और ह्रदय से जुडु हुई समस्याएं आदि। इसलिए आप अपने बच्चों में विटामिन K के लेवल को हमेशा ही चेक करते रहें। याद रखें कि बाक़ी सभी न्यूट्रीयेंट्स की ही तरह विटामिन K भी शरीर के लिए बहुत जरुरी है इसलिए आप हरी सब्जियां और डाइटरी सप्लीमेंट्स का इस्तेमाल करें जिससे कि आप विटामिन K की कमी को पूरा कर सकें और एक हेल्दी और एक्टिव लाइफ जी सकें।

गर्भवती महिलाओं में विटामिन K की कमी होने से नवजात शिशु या भ्रूण पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। भ्रूण की कोशिकाएँ सही ढंग से विकास नहीं कर पाती हैं जिससे कि बच्चा अपंग पैदा हो सकता है।  विटामिन K की कमी होने से प्रसव के बाद ब्लीडिंग की मात्रा अनियमित हो जाती है जिससे कि कभी कभी महिला की मृत्यु तक हो सकती है। विटामिन K की कमी होने पर नवजात शिशुओं में मुंह, नाक, हाथ, पैर और शरीर के अन्य भागों में डिफेक्ट भी हो सकता है। कभी कभी बच्चा मेंटली रिटार्टेड भी पैदा होता है।

9- झुर्रियों की समस्या 

ऐसा कहा जाता है कि शरीर में विटामिन के की कमी होने से बुढ़ापा जल्दी आता है। यह बात इसलिए कही जाती है क्योंकि विटामिन के की कमी होने से त्वचा पर झुर्रियां पड़ जाती हैं।

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10- मासिक धर्म के दौरान भारी ब्लीडिंग

लड़कियों में विटामिन के की कमी होने पर मासिक धर्म के दौरान भारी ब्लीडिंग होती है। मासिक धर्म के पांचवें या सातवें दिन रक्त का थक्का नहीं जम पाता है जिससे कि मासिक धर्म की अवधि भी बढ़ जाती है। यह समस्या काफ़ी ख़तरनाक हो सकती है अतः शरीर में विटामिन के की प्रचुर मात्रा होना अनिवार्य है।

11- विटामिन के की कमी से होती है सूजन की समस्या 

शरीर में विटामिन K की कमी हो जाने से शरीर के कई भागों में सूजन आने लगती है। यह शरीर के कई भागों को गंभीर रूप से प्रभावित करता है। अत्यधिक मात्रा में सूजन होने पर सूजन वाले भाग की मांसपेशियॉं और कोशिकाएं क्षतिग्रस्त होने लगती हैं। आगे चलकर यह समस्या शरीर में खून की कमी पैदा कर देती है।

शरीर में विटामिन के की कमी को संतुलित करने के उपाय 

  1. शरीर में विटामिन के की मात्रा को संतुलित रखने का सबसे पहला उपाय यही है कि हमें विटामिन के से भरपूर भोजन करना चाहिए।
  2. हमें ऐसे पदार्थों को अपने आहार में शामिल करना चाहिए जिनमें कि विटामिन के की प्रचुर मात्रा हो।
  3. हमें हमारी लाइफ़स्टाइल और ग़लत रुटीन को बदलना चाहिए। ग़लत लाइफ़स्टाइल व रुटीन शरीर में विटामिन के की तेज़ी से कमी कर देता है।
  4. हमें जंक फ़ूड और मसालेदार पदार्थों का अत्यधिक सेवन नहीं करना चाहिए। 
  5. यदि शरीर में किसी भी प्रकार से विटामिन के का स्तर पूरा नहीं हो पा रहा है तो ऐसे में हमें तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
  6. हमें डॉक्टर की सलाह पर अमल करने की कोशिश करनी चाहिए।

इस तरह हम देख सकते हैं कि हमारे शरीर के लिए विटामिन के कितना आवश्यक है।

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