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वायरल बुखार के लक्षण होने पर आजमाएं ये प्राकृतिक उपचार !!

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1. वायरल बुखार के लक्षण होने पर प्राकृतिक उपचार के लिए सबसे प्रभावी और व्यापक रूप से इस्तेमाल की जाने वाली औषधि है तुलसी के पत्ते। एक चम्मच लौंग पाउडर को करीब 20 ताजा और साफ तुलसी के पत्तों के साथ एक लीटर पानी में डालकर उबाल लें। इस काढ़े का हर दो घंटे में सेवन करें। बैक्टीरियल विरोधी, कीटाणुनाशक, जैविक विरोधी और कवकनाशी गुण तुलसी को वायरल बुखार के लिए सबसे उत्तम बनाते हैं।

2. वायरल बुखार से पीड़ित लोगों को परेशानी दूर करने के लिए शहद के साथ सूखे अदरक और हल्दी का उपयोग करना चाहिए। अदरक स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी है। इसमें एंटी फ्लेमेबल, एंटीऑक्सिडेंट और वायरल बुखार के लक्षणों को कम करने के गुण होते हैं। पानी में दो मध्यम आकार के सूखे टुकड़े अदरक या सौंठ पाउडर को डालकर उबालें। दूसरे उबाल में अदरक के साथ थोड़ी हल्दी, काली मिर्च, चीनी आदि को उबालें। इसे दिन में चार बार थोड़ा-थोड़ा पिएं। इससे वायरल बुखार में आराम मिलता है।

3. धनिये के बीज शरीर को विटामिन देते हैं और प्रतिरक्षा प्रणाली को भी बढ़ाते हैं। धनिये में मौजूद एंटीबायोटिक यौगिक वायरल संक्रमण से लड़ने की शक्ति देते हैं। इसके लिए पानी में एक बड़ा चम्मच धनिये के बीज डालकर उबाल लें। इसके बाद इसमें थोड़ा दूध और चीनी मिलाएं। इसे पीने से वायरल बुखार में बहुत आराम मिलता है।

4. वायरल बुखार के इलाज के लिए प्राचीन काल से लोकप्रिय घरेलू उपाय है चावल स्टार्च या माढ़। यह पारंपरिक उपाय प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ा देता है। यह विशेष रूप से वायरल बुखार से पीड़ित बच्चों और बड़े लोगों के लिए एक प्राकृतिक पौष्टिक पेय के रूप में कार्य करता है। इसमें स्वादानुसार नमक मिलाकर गर्म-गर्म ही पिएं।

5. रसोई में उपलब्ध मेथी के बीज में डायेसजेनिन, सपोनिन्स और एल्कलॉइड जैसे औषधीय गुण शामिल है। वायरल बुखार के इलाज के लिए नियमित अंतराल पर इस पेय को पिएं। मेथी के बीज, नींबू और शहद का मिश्रण तैयार कर उसका प्रयोग भी किया जा सकता है। मेथी के बीजों का प्रयोग अन्य बहुत सी बीमारियों के इलाज में किया जाता है और यह वायरल बुखार के लिए बेहतर औषधि है।

हल्दी और सौंठ का पाउडर –
सौंठ यानी कि अदरक का पाउडर और अदरक में होते है फीवर को ठीक करने वाले गुण। इसलिए एक चम्मच काली मिर्च के चूर्ण में एक छोटी चम्मच हल्दी, एक चम्मच सौंठ का चूर्ण और थोड़ी सी चीनी मिलाएं। अब इसे एक कप पानी में डालकर गर्म करें, फिर ठंडा करके पिएं। इससे वायरल फीवर खत्म होने में मदद मिलेगी।
 

तुलसी का इस्तेमाल करें –
तुलसी में एंटीबायोटिक गुण होते हैं जिससे शरीर के अंदर के वायरस खत्म होते हैं। इसलिए एक चम्मच लौंग के चूर्ण में 10-15 तुलसी के ताजे पत्तों को मिलाएं। अब इसे 1 लीटर पानी में डालकर इतना उबालें जब तक यह सूखकर आधा न हो जाए। अब इसे छानें और ठंडा करके हर 1 घंटे में पिएं। ऐसा करने से वायरल से जल्द ही आराम मिलेगा।

धनिये की चाय पिएं –
धनिये में कई औषधीय गुण होते हैं। इसकी चाय बनाकर पीने से भी वायरल में जल्द आराम मिलता है। 

मेथी का पानी पिएं –
एक कप मेथी के दानों को रातभर भिगों लें और सुबह इसे छानकर हर एक घंटे में पिएं।

नींबू और शहद –
नींबू का रस और शहद भी वायरल फीवर के असर को कम करते हैं। आप शहद और नींबू का रस का सेवन भी कर सकते हैं।

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